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Saturday, March 7, 2026

राष्ट्र सम्मान का समय बढ़ाया गया:वंदे मातरम् पर नया नियम:

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नई दिल्ली_ 11/02/2026

राष्ट्रगीत किसी भी राष्ट्र के लिए सम्मान होता है।राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और सरकारी नियमों में बड़े बदलाव अब सरकारी आयोजनों में ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान और उसका समय पहले से कहीं अधिक बढ़ जाएगा।

अब 2 छंद नहीं, पूरा गीत गूंजेगा।
अभी तक सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो छंद (Stanzas) गाए जाते थे, जिसमें करीब 1 मिनट लगता था। लेकिन अब गृह मंत्रालय ने इसके पूरे 6 छंद अनिवार्य कर दिए हैं। अब इसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी।

कब-कब बजाना जरूरी होगा?
जब तिरंगा (झंडा) फहराया जाएगा।राष्ट्रपति, राज्यपाल या उपराज्यपाल के आने और जाने के समय।राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से ठीक पहले और ठीक बाद में।

3 मिनट 10 सेकंड की होगी राष्ट्र वंदना
वंदे मातरम् हमारी आजादी की लड़ाई का मंत्र था। सरकार का यह कदम उस पूरे गीत को सम्मान देने जैसा है। अब 3 मिनट 10 सेकंड तक राष्ट्र की वंदना गूंजेगी और हर भारतीय को इसके सम्मान में खड़ा होना होगा।

अनुशासन ही राष्ट्र की पहचान है।
अगर किसी प्रोग्राम में दोनों गीत होने हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ (राष्ट्रीय गीत) गाया जाएगा और उसके बाद ‘जन गण मन’ (राष्ट्रगान) होगा।वहां मौजूद हर व्यक्ति को ‘सावधान’ की मुद्रा में खड़ा होना होगा। यह सम्मान का प्रतीक है। अगर आप सिनेमा हॉल में कोई फिल्म या डॉक्यूमेंट्री देख रहे हैं और उसमें वंदे मातरम् बजता है, तो वहां खड़े होने की जरूरत नहीं है, ताकि हॉल में अफरातफरी न मचे।

निजी कंपनियों के लिए इसे बजाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन अगर वे बजाती हैं, तो उन्हें मंत्रालय द्वारा जारी ‘आधिकारिक संस्करण’ (3 मिनट 10 सेकंड) और खड़े होने के नियम का पालन करना होगा।

स्कूलों के लिए विशेष निर्देश।
निजी हो या सरकारी, सभी स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे अपने दिन की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से करें। कई राज्यों ( उत्तर प्रदेश) ने इसे पहले ही सभी शिक्षण संस्थानों के लिए अनिवार्य करने की घोषणा की है।

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