“नशे के सौदागरों का मायाजाल: केवल गिरफ्तारी समाधान नहीं, सामाजिक बहिष्कार ही असली प्रहार।”जन चौपाल 36 चौपाल से चौपाटी तक
महासमुंद/छत्तीसगढ़ _ 01 फरवरी 2026
महासमुंद पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत भारी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अंतर्राज्यीय तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 520 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने केवल तस्करी करने वालों को ही नहीं, बल्कि मुख्य सरगना और थोक खरीदारों समेत कुल 9 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है।
पुणे का बड़ा तस्कर और नेटवर्क गिरफ्तार
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने कोमाखान थाने में दर्ज पुराने मामले की जांच करते हुए पुणे (महाराष्ट्र) के प्रमुख खरीददार रामदास चंदू सोनवाने को गिरफ्तार किया है। रामदास का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पुणे में तड़ीपार भी रह चुका है। जांच में खुलासा हुआ कि उसके बेटे भी महाराष्ट्र में गांजा वितरण के बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। पुलिस ने नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचकर परिवहन करने वाले और खुदरा विक्रेताओं को भी दबोचा है।
कल की बर्बादी का व्यापार: नशे के प्रति बढ़ता आकर्षण, एक सशक्त समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती।”
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गिरोह की लगभग 5.5 करोड़ रुपये की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को चिन्हांकित कर लिया गया है। इसमें अकेले मुख्य आरोपी रामदास की 4 करोड़ की संपत्ति शामिल है। इन संपत्तियों पर अब SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के तहत कुर्की की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम नशे के कारोबार की कमर तोड़ने के लिए उठाया गया है।
कानून का संदेश: अपराधियों की अब न केवल गिरफ्तारी होगी, बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को भी राजसात किया जाएगा।


