बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के 11 वर्ष: पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित
प्रधानमंत्री बोले- एक कन्या दस पुत्रों के बराबर। जनचौपाल36। चौपाल से चौपाटी तक
नई दिल्ली, 22 जनवरी 2026 (वार्ता)
केंद्र सरकार के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने गुरुवार को 11 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुत्रियों की महत्ता रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया और कहा कि भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “कन्या को लक्ष्मी मानने वाले हमारे देश में 11 साल पहले आज ही के दिन ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत हुई थी। यह बड़े गर्व की बात है कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नित-नए रिकॉर्ड बना रही हैं।” उन्होंने संस्कृत सुभाषित—“दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्। यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया॥”—साझा कर कहा कि एक कन्या दस पुत्रों के समान फलदायी है।
2015 में हरियाणा से शुरू हुआ अभियान
22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य लिंगानुपात सुधारना, बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना व उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना है। केंद्र प्रायोजित यह योजना सभी जिलों में लागू है।
नारी शक्ति का स्वर्णिम अध्याय
अभियान के फलस्वरूप बेटियां स्टार्टअप, रक्षा, खेल व सहकारिता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। पीएम ने इसे नारी शक्ति के स्वर्णिम संकल्प का प्रतीक बताया।
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