कठोर कानून: नारकोटिक्स केस में फास्ट-ट्रैक कोर्ट और संपत्ति जब्ती को स्थायी बनाएं।
सामाजिक भागीदारी: गांव-शहर स्तर पर मुखबिर नेटवर्क और नशा मुक्ति शिक्षा:_जनचौपाल36/चौपाल से चौपाटी तक
महासमुंद, 21 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और कोमाखान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 9 क्विंटल 50 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 75 लाख रुपये है। तस्करी में प्रयुक्त आयशर ट्रक (15 लाख रुपये) समेत कुल 4 करोड़ 90 लाख की संपत्ति जब्त की गई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ओडिशा से महाराष्ट्र के जालना ले जा रहे ट्रक को रोका। तलाशी में बोरियों में छिपा 950 किलोग्राम गांजा मिला। आरोपियों के पास मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद हुई, जो बड़े नेटवर्क का संकेत दे रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह छत्तीसगढ़ को ड्रग ट्रांजिट पॉइंट बनाने की साजिश थी।
यह मामला जनहित का है क्योंकि नशीले पदार्थ युवाओं को नष्ट कर रहे हैं। सरकार को बॉर्डर पर चेकपोस्ट बढ़ानी चाहिए, फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने चाहिए और जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। स्थायी एंटी-ड्रग टास्क फोर्स गठित कर तस्करी के पूरे चेन को ध्वस्त किया जाए, ताकि जनता की चुनी हुई सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाए।
सरकार, पुलिस और तस्करों के बीच यह चक्र चलता रहता है, लेकिन जनहित में व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत है। तस्करी रुकने का नाम नहीं लेती, क्योंकि सरहदी इलाकों में निगरानी कमजोर है।


