जनचौपाल _36/चौपाल से चौपाटी तक (अश्लील डांस है या कला)फोटो सांकेतिक
गरियाबंद/रायपुर, 19 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम के नाम पर अश्लीलता की हद क्यों पार कर दी गई—यह सवाल अब पूरे समाज में गूंज रहा है। 9-10 जनवरी को उरमाल में युवा समिति के 6 दिवसीय आयोजन में डांसर ने मंच पर निजी अंग दिखाए, जिसका वीडियो वायरल हो गया। ओडिशा पुलिस ने आरोपी डांसर को गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम को हटाया गया, 3 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। आखिर सांस्कृतिक कार्यक्रम में ऐसी अश्लीलता क्यों घुस आई?
स्थानीय विधायक व मंत्री रामविचार नेताम ने बचाव में कहा, “डांस कला ही तो है। कला सिर्फ ‘सीताराम-सीताराम’ जाप तक सीमित नहीं, बल्कि विविध रूपों में होती है।” सूरजपुर रेस्ट हाउस में भी इसी तरह का विवादास्पद डांस होने की चर्चा है। विपक्ष ने बयान को ‘अश्लीलता का बचाव’ बताते हुए निशाना साधा।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस समर्थित इन्फ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ रामानुजगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि उन्होंने मंत्री पर अभद्र टिप्पणियां कीं, जो समाज में अश्लीलता फैला रही हैं। कार्यकर्ताओं ने थाने पर नारेबाजी की और गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस ने डांसर के खिलाफ आईपीसी धाराओं में केस दर्ज किया। प्रशासन ने अश्लीलता पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान किया। मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है—क्या यह सांस्कृतिक स्वतंत्रता है या नैतिक पतन?
जनचौपाल _36/चौपाल से चौपाटी तक


