प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में महाअभिषेक, सनातन चेतना का भव्य उत्सव
सोमनाथ मंदिर/गुजरात_10/01/2026
गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ धाम में 8 से 11 जनवरी तक स्वाभिमान पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि सोमनाथ मंदिर के ध्वंस और पुनर्निर्माण की हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक गाथा का प्रतीक भी है। इस अवसर की विशेषता यह है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सोमनाथ धाम पहुंचे हैं, जिससे भक्तों का उत्साह और भी चरम पर है।
11 जनवरी की सुबह सोमनाथ महादेव का भव्य महाअभिषेक किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री भी सहभागी बनेंगे। इसके बाद मंदिर परिसर में महाआरती का आयोजन होगा। स्वाभिमान पर्व महमूद गजनवी के आक्रमण से लेकर मंदिर के बार-बार ध्वस्त होने और हर बार पुनः खड़े होने की कथा को जीवंत करता है। यह आयोजन हिन्दू आस्था की दृढ़ता, सनातन संस्कृति की निरंतरता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का संदेश देता है।
सोमनाथ मंदिर से जुड़ी प्रमुख विशेषताएं
सोमनाथ मंदिर का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। मान्यता है कि इसे लगभग 17 बार लूटा और तोड़ा गया, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। यह मंदिर चालुक्य स्थापत्य शैली में पीले बलुआ पत्थर से निर्मित है। इसका शिखर लगभग 155 फीट ऊंचा है, जिस पर सोने का कलश विराजमान है।
शास्त्रों में वर्णित 12 ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ को पहला ज्योतिर्लिंग माना गया है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, इसका मूल निर्माण चंद्रदेव ने सोने से कराया था, जिसे बाद में सूर्यदेव, भगवान श्रीकृष्ण और सोलंकी शासकों ने क्रमशः विकसित किया।
मंदिर परिसर में स्थित बाणस्तंभ भी विशेष महत्व रखता है, जिस पर अंकित शिलालेख यह दर्शाता है कि सोमनाथ से दक्षिण ध्रुव तक प्रकाश मार्ग निर्बाध है। स्वाभिमान पर्व इसी गौरवशाली विरासत और अटूट आस्था का उत्सव है।


