दिल्ली लौटने से पहले शाह ने पार्टी के चारों पिलरों (महिला, युवा, OBC, SC/ST) को मजबूत किया और एकजुटता का संदेश दिया। बंगाल चुनाव से पहले यह दौरा रणनीतिक माना जा रहा है।
कोलकाता, 01 जनवरी 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता के तीन दिवसीय प्रवास के दौरान बीजेपी फॉर बंगाल की कोर कमेटी, प्रवासी सदस्यों, सांसदों, विधायकों और कोलकाता जोन के कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं। उन्होंने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने पर जोर दिया।
TMC पर भ्रष्टाचार-हिंसा के आरोप
शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में TMC के भ्रष्टाचार, हिंसा, तुष्टीकरण और कुशासन के खिलाफ प्रचंड जनाक्रोश है, जो सत्ता परिवर्तन का बड़ा संकेत है।” कोलकाता जोन के चार जिलों के कार्यकर्ताओं ने ‘घुसपैठिया मुक्त बंगाल’ और ममता सरकार को हटाने का संकल्प दोहराया। शाह ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि अगले तीन महीनों में हर बूथ पर कमल खिलाकर मजबूत भाजपा सरकार बनाई जाए।
घुसपैठियों पर सख्त रुख
गृह मंत्री ने जोर देकर कहा, “मां, माटी, मानुष—तीनों असुरक्षित हैं। घुसपैठिए बंगाल के अर्थतंत्र, सुरक्षा और संस्कृति पर बोझ हैं। भाजपा सरकार बनते ही इन्हें चुन-चुनकर निकाला जाएगा।” उन्होंने घुसपैठ को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बताते हुए TMC की तुष्टीकरण राजनीति की आलोचना की। शाह ने कहा कि भर्ती घोटालों और कल्याण योजनाओं में भ्रष्टाचार से गरीबों-युवाओं में आक्रोश है।
‘सोनार बांग्ला’ का सपना”
शाह ने याद दिलाया कि 2016-25 के बीच 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिया। “कार्यकर्ताओं का जनसंपर्क ही प्रचंड जीत का आधार बनेगा। ममता दीदी कितना भी कहर बरपाएं, उनका सूपड़ा साफ होगा।” उन्होंने कम्युनिस्ट-TMC शासनों को बंगाल को पीछे धकेलने वाला बताते हुए ‘सोनार बांग्ला’ निर्माण का लक्ष्य रखा। केंद्र में भाजपा के 25 सालों तक अटल रहने का दावा भी किया।


