थोड़ा विरोध, लेकिन बड़ा बदलाव
कुछ श्रम संगठन हायर-एंड-फायर वाले प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि इससे रोजगार बाजार अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगा।
नई दिल्ली/9 दिसंबर 2025
केंद्र सरकार ने देशभर में चार नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं, जिनकी जगह पहले 23 से अधिक पुराने श्रम कानून लागू थे। सरकार का दावा है कि नए नियम आधुनिक वर्क कल्चर के अनुरूप हैं और इससे श्रमिकों का भविष्य अधिक सुरक्षित होगा। हालांकि शुरुआती असर कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी पर पड़ने वाला है।
टेक-होम सैलरी घट सकती है, PF और ग्रेच्युटी बढ़ेगी
नए नियम के तहत किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी उसके कुल पैकेज (CTC) की कम से कम 50% होनी चाहिए।
अगर अभी आपकी बेसिक सैलरी 35% है और आपकी मासिक आय 1 लाख रुपये है, तो नए नियम के बाद यह बढ़कर 50,000 रुपये हो जाएगी।पहले आपका PF 4,200 रुपये कटता था, लेकिन अब यह बढ़कर 6,000 रुपये हो जाएगा।
यानी—
आज इन-हैंड सैलरी कम मिलेगी, लेकिन PF और ग्रेच्युटी के रूप में भविष्य की बचत बढ़ेगी।
सभी कामगारों को न्यूनतम वेतन की गारंटी
अब संगठित और असंगठित—दोनों सेक्टरों में हर कामगार को मिनिमम वेज मिलेगा। इससे लाखों मजदूरों को सीधा फायदा होगा।
सैलरी समय पर देना अनिवार्य
दिहाड़ी मजदूर: शिफ्ट खत्म होने पर भुगतान
मासिक वेतनभोगी: महीने खत्म होने के 2–3 दिनों के भीतर सैलरी
काम के घंटे और ओवरटाइम की नई व्यवस्था
एक दिन में 8 से 12 घंटे तक काम किया जा सकता है, लेकिन सप्ताह में कुल 48 घंटे से अधिक नहीं।
12 घंटे की शिफ्ट होने पर सप्ताह में केवल 4 दिन काम होगा।
ओवरटाइम केवल कर्मचारी की सहमति से होगा और इसके बदले डबल पेमेंट मिलेगी।
महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण बदलाव
महिलाएं अब सभी क्षेत्रों में नाइट शिफ्ट कर सकेंगी, बशर्ते—
लिखित सहमति हो
सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट और निगरानी की पुख्ता व्यवस्था हो_थोड़ा विरोध, लेकिन बड़ा बदलाव


