रायपुर | 05 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ में अवैध गतिविधियों पर शून्य सहनशीलता की नीति के तहत राज्य सरकार और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई लगातार तेज हो गई है। दो अलग-अलग अभियानों में वन विभाग और प्रशासनिक टीमों ने बड़े स्तर पर अवैध परिवहन और अवैध भंडारण पर शिकंजा कसते हुए महत्वपूर्ण जब्ती की है।
पहली कार्रवाई में, दुर्ग जिले के धमधा और पाटन वनमंडल में 4 दिसंबर की रात गश्त के दौरान वन विभाग ने प्रतिबंधित काष्ठों का अवैध परिवहन कर रहे 5 वाहनों को पकड़ा।
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में चार वाहनों—सीजी 04 जेसी 8048, सीजी 06 एम 0463, सीजी 07 सीए 1055 और सीजी 07 सी 7985—को पाटन डिपो में तथा एक वाहन सीजी 04 जेडी 7725 को कुम्हारी डिपो में सुरक्षित रखा गया है। सभी वाहनों पर विभिन्न वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिए गए हैं।
डीएफओ दीपेश कपिल के अनुसार आरोपियों से नियमानुसार मुआवजा वसूला जाएगा और प्रतिबंधित काष्ठ राजसात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण के लिए सघन गश्त, अवैध व्यापार पर सख्ती और जनभागीदारी को और मजबूत किया जा रहा है।
दूसरी बड़ी कार्रवाई सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में हुई, जहां प्रशासन ने 2476 क्विंटल अवैध धान, जिसकी बाजार कीमत 76.75 लाख रुपये है, जब्त किया। राजस्व विभाग, खाद्य विभाग, कृषि उपज मंडी और सहकारिता विभाग की संयुक्त टीमों ने 3 दिसंबर तक लगातार जांच अभियान चलाया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल पात्र किसानों को ही समर्थन मूल्य का वास्तविक लाभ दिलाना है और कोचियों द्वारा किए जा रहे अवैध धान के भंडारण तथा खरीदी-बिक्री पर कड़ी रोक जारी रहेगी।
इन दोनों अभियानों ने यह साफ कर दिया कि राज्य सरकार अवैध गतिविधियों पर किसी भी स्तर पर नरमी बरतने को तैयार नहीं है।


