जनचौपाल36/ रायपुर/05/11/2025
रायपुर-विशाखापट्टनम के भारतमाला परियोजना में 32 करोड़ रुपये के मुआवजा घोटाले का खुलासा, तीन पटवारियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच में सामने आया कि आरोपी पटवारियों ने किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर मुआवजा हड़पने की साजिश रची।
जांच में खुलासा हुआ कि नायकबांधा, भेलवाडीह और टोकरो गांव की जमीनों में रिकॉर्ड की तारीख पीछे कर फर्जी बंटवारे और नामांतरण कराए गए, जिससे सरकारी मुआवजा राशि से कई गुना अधिक रकम ली गई। किसानों को धमकाकर उनके नाम बैंक खाते खुलवाए गए और रकम निजी खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
हरमीत खनूजा नामक प्रॉपर्टी डीलर के नेतृत्व में दलालों और कुछ राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से यह बड़ा घोटाला हुआ, जिससे सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा। छापेमारी से पस्त आरोपी अभी भी फरार हैं और जांच आगे जारी है।
यह मामला छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। आम जनता और किसानों के हक की रक्षा के लिए अधिकारियों से कड़ी कार्रवाई और प्रशासनिक सुधार की मांग तेज हो रही है।


