राष्ट्रीय समाचार/पहलगाम आतंकी घटना/30/10/2025
राष्ट्रीय जांच एजेंसी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने अंतिम तैयारी में है। जांच में यह सामने आया है कि 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में हुए हमले में पाकिस्तान के तीन आतंकवादियों—सुलेमान शाह, हमजा अफगानी उर्फ अफगान और जिब्रान—के अलावा आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसकी प्रॉक्सी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) का हाथ था। इन तीनों आतंकवादियों ने मिलकर 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। जम्मू की अदालत ने 18 सितंबर को NIA को जांच पूरी करने के लिए 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया था, जो इस सप्ताह समाप्त हो रहा है।
आरोपियों में बाशिर अहमद जोथार और परवेज अहमद जोथार शामिल हैं,यह तीन पाकिस्तानी आतंकियों को पनाह देने में शामिल थे। NIA ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि रिमांड बढ़ाने की मांग की जाएगी या नहीं, लेकिन जांच के दौरान इन दोनों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपपत्र तैयार करने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। दोनों आरोपियों से जम्मू की जेल में 18 अक्तूबर को महत्वपूर्ण पूछताछ की गई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 जुलाई को सुरक्षाबलों ने दाचीगम जंगल क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान इन तीनों पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद में पुष्टि की थी कि हमले में लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान के आतंकी शामिल थे।
हमले के बाद भारतीय सेना ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू कर नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तानी इलाके में आतंकियों के कई ठिकानों को नष्ट किया।चार दिन के ऑपरेशन में ऑपरेशन पाकिस्तान के अनुरोध पर संघर्ष विराम लागू किया गया। सरकार ने इस कार्रवाई को आतंकी हमलों के खिलाफ ‘सटीक और प्रभावी प्रतिक्रिया’ बताया है।


