भारत-एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबानी करेगा एमईआईटीवाई
नई दिल्ली:_24/10/2025
भारत भविष्य में समावेशी और परिवर्तनकारी विकास की गति के लिए (एआई) को सामाजिक हित में एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में विकसित कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सचिव श्री एस. कृष्णन ने 23 अक्टूबर 2025 को एक कार्यक्रम में कहा, “यदि हम एक विकसित राष्ट्र बनना चाहते हैं, तो हमें तकनीक की लहर पर सवार होना होगा, और एआई यही तकनीक है जो इस बदलाव को गति दे सकती है। हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक तक एआई की पहुंच सुनिश्चित की जाए और इसका लाभ सभी तक पहुंचे।”
मंत्रालय 4 नवंबर को उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी) 2025 में ‘सामाजिक प्रभाव के लिए एआई’ विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित करेगा, जिसमें भारत के लिए जिम्मेदार, समावेशी और जन-केंद्रित एआई इको-सिस्टम के निर्माण पर चर्चा होगी। इस सत्र में सरकार, शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान जगत के प्रमुख विशेषज्ञ एक मंच पर आयेंगे।
आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर डॉ. गणेश रामकृष्णन ने कहा, “भारत का डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और उसकी विविधता देश को वैश्विक स्तर पर एआई समाधानों के विकास के लिए खास प्राथमिकता देते हैं। आधार, यूपीआई, भाषिणी और अन्य सार्वजनिक प्लेटफॉर्म इस दिशा में क्रांति ला रहे हैं। साथ ही भारतजेन और राष्ट्रीय संप्रभु एआई पहलें यह सुनिश्चित करेंगी कि एआई की पहुंच समाज के अंतिम छोर तक पहुंच सके।”
ईएसटीआईसी 2025 सम्मेलन 3-5 नवंबर को नई दिल्ली में होगा, जहां विशेषज्ञ एआई की भविष्य रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसी दिशा में, फरवरी 2026 में भारत-एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा, जो देश में एआई आधारित नवाचार और विकास को नया आयाम देगा.


