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Saturday, March 7, 2026

“81 करोड़ थालियाँ, एक लक्ष्य – मिशन खाद्य और पोषण सुरक्षा”

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खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली: “खुशहाल थाली, सुरक्षित भारत

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर —2025(पीआईबी)

केंद्र सरकार ने सभी नागरिकों के लिए सुलभ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने की दिशा में अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि अक्टूबर 2025 तक 78.90 करोड़ लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के अंतर्गत मुफ्त खाद्यान्न प्रदान किया जा रहा है। एनएफएसए के तहत ग्रामीण आबादी के 75 प्रतिशत और शहरी आबादी के 50 प्रतिशत लोगों को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के माध्यम से नि:शुल्क राशन मिल रहा है।

एनएफएसए के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से कार्य कर रही हैं। केंद्र सरकार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के माध्यम से खरीद, आवंटन और परिवहन का प्रबंधन करती है, जबकि राज्य सरकारें पात्र लाभार्थियों की पहचान, राशन कार्ड वितरण और उचित मूल्य दुकानों के संचालन की जिम्मेदारी निभाती हैं। डिजिटल रूपांतरण को गति देने के लिए ‘मेरा राशन 2.0’ और ‘अन्न मित्र’ मोबाइल ऐप जैसी पहलें की गई हैं ताकि पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जा सके।

उत्पादन क्षेत्र में, सरकार का राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पोषण मिशन (एनएफएसएनएम) किसानों को तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण प्रदान कर कृषि उत्पादकता और मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने पर केंद्रित है। इस मिशन के तहत चावल, गेहूं, दाल और मोटे अनाज की उत्पादकता में निरंतर वृद्धि हुई है, जो खाद्य आपूर्ति की स्थिरता को मजबूत करती है।

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों को समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और पीएम-पोषण योजना के माध्यम से आवश्यक पोषण उपलब्ध हो। महिलाओं को पोषण पूरकता और मजदूरी हानि की आंशिक पूर्ति हेतु 6,000 रुपये का नकद मातृत्व लाभ भी दिया जाता है। यह बहुआयामी प्रयास भारत को खाद्य और पोषण सुरक्षा में आत्मनिर्भर व समानता-आधारित समाज की ओर अग्रसर कर रहा है।

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