कुंवारपुर वन विभाग ने पकड़ा नीलगिरी से भरा ट्रक
मनेंद्रगढ़/जनकपुर/छत्तीसगढ़
कुंवारपुर वन परिक्षेत्र की टीम ने लाखों रुपये की नीलगिरी की लकड़ी जब्त कर बड़ी कार्रवाई की है। वन अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए ट्रक में बिना वैध अनुज्ञा पत्र के लकड़ी लोड की गई थी, जिसे मध्यप्रदेश भेजने की तैयारी थी। जब्त लकड़ी का बाजार मूल्य लगभग 3 लाख रुपये आंका गया है।
चांटी बैरियर पर पकड़ा गया ट्रक
वन विभाग की संयुक्त टीम ने वन बैरियर चांटी में संदिग्ध वाहन एमपी20 जीए 2927 को रोका। तलाशी में ट्रक के अंदर बड़ी मात्रा में नीलगिरी की लकड़ी मिली। वाहन चालक ने पंचायत स्तर का एक परिवहन पत्र पेश किया, जिसमें दावा किया गया कि लकड़ी निजी पट्टे की भूमि से काटी गई है। लेकिन जांच में पाया गया कि यह दस्तावेज न तो विभागीय सत्यापन से प्रमाणित था और न ही वैध माना जा सकता था।
खरीदार निकला मध्यप्रदेश का निवासी
तफ्तीश में सामने आया कि लकड़ी का खरीदार अनिल कुमार द्विवेदी, ग्राम सनोहरी, जिला सीधी (मध्यप्रदेश) है। अधिकारियों ने बताया कि यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम 2001 का उल्लंघन है।
जनकपुर विश्रामगृह में सुरक्षित रखा गया माल
वन विभाग ने ट्रक और लकड़ी दोनों को जब्त कर जनकपुर वन विश्रामगृह में खड़ा कराया है। पूरे मामले को लेकर पीओआर क्रमांक 15820/23 दर्ज किया गया है। फिलहाल विस्तृत जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।
वन विभाग की सतर्कता से उजागर हुआ मामला
कार्रवाई का नेतृत्व कुंवारपुर परिक्षेत्र अधिकारी भूपेंद्र कुमार यादव ने किया। उनके साथ वनरक्षक और गश्ती दल भी मौजूद थे। अधिकारियों का कहना है कि इलाके में अवैध लकड़ी परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके चलते निगरानी तेज की गई और यह बड़ी सफलता हाथ लगी।
गिरोह पर कसा जाएगा शिकंजा
वन विभाग का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम करता है और फर्जी दस्तावेजों के सहारे लकड़ी की तस्करी करता है। वन मंडल अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अवैध कटाई और परिवहन पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।


