रायपुर, 25 अगस्त 2025( छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)
छत्तीसगढ़ सरकार ने आज शिक्षा, ग्रामीण आजीविका, आबकारी प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी चार अहम पहलें और कार्रवाइयाँ सामने रखीं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी टीम के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासन की प्राथमिकता एक साथ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना है।
1. ‘दीदी के गोठ’ : महिलाओं की आवाज़ अब रेडियो पर
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन–बिहान के अंतर्गत ‘‘दीदी के गोठ’’ नामक रेडियो कार्यक्रम का शुभारंभ 31 अगस्त से होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा बिहान की दीदियों से सीधे संवाद करेंगे।
इसमें स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणा_दायी कहानिया साझा होंगी। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
2. शिक्षा विभाग की समीक्षा : गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सर्वोच्च प्राथमिकता
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने मंत्रालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि
“शिक्षा से ही प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होगा”
और इसके लिए नियमित निरीक्षण, शिक्षकीय प्रशिक्षण और विभागीय समन्वय को मजबूत करना आवश्यक है।
3. शराब दुकानों में कैश_लेस व्यवस्था लागू होगी
आबकारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने घोषणा की कि प्रदेश की सभी शराब दुकानों में जल्द कैश_लेस भुगतान व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने विभागीय बैठक में निर्देश दिए कि
“शत-प्रतिशत लेन-देन अब ऑनलाइन होना चाहिए”।
इसके साथ ही मदिरा दुकानों में सीसीटीवी निगरानी, अवैध शराब पर कार्रवाई और अंतर्राज्यीय सीमाओं पर सख्ती की भी बात कही।
4. अवैध शिकार पर कार्रवाई : बलौदाबाजार में शिकारी गिरफ्तार
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने बलौदाबाजार वनमंडल में अवैध शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
टीम ने 23 किलो से अधिक चीतल मांस के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी फरार है। अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
निष्कर्ष
एक ही दिन में सामने आई ये चार पहलें छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करती हैं—महिलाओं को सशक्त बनाना, शिक्षा को मजबूती देना, प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना।


