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Saturday, March 7, 2026

छत्तीसगढ़ के प्रयाग में जल्द गूंजेगी ट्रेन की सीटी!

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15 अगस्त को राजिम में पहली मेमू ट्रेन की संभावित शुरुआत, दशकों का सपना साकार होने की कगार पर

राजिम/रायपुर, छत्तीसगढ़ | जनचौपाल 36
छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर बसा त्रिवेणी संगम राजिम – जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है – अब रेल सेवा से सीधे जुड़ने जा रहा है। 15 अगस्त 2025, स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक दिन पर, राजिम रेलवे स्टेशन पर पहली मेमू ट्रेन के पहुंचने की पूरी तैयारी हो चुकी है। यह क्षण न केवल स्थानीय जनता के लिए गर्व का विषय है, बल्कि प्रदेश के परिवहन इतिहास में भी मील का पत्थर साबित होगा।
दशकों का सपना अब होगा साकार
लंबे समय से राजिम वासियों का सपना था कि ट्रेन सेवा पुनः प्रारंभ हो। कभी इस क्षेत्र में ट्रेनें चला करती थीं, लेकिन वर्षों से सेवा बंद पड़ी थी। अब, रेलवे विभाग और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से यह सपना हकीकत बनने जा रहा है। अब तक बसों और निजी वाहनों से सफर करने वाले श्रद्धालुओं, व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को एक नया और सुगम विकल्प मिलने जा रहा है।

धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण
राजिम को धार्मिक नगरी के रूप में राष्ट्रीय पहचान प्राप्त है। यहाँ की पवित्र पैरी, सोंढूर और महानदी के त्रिवेणी संगम पर प्रत्येक वर्ष लगने वाला राजिम कुंभ लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यहाँ राजा हरिहर, कुलेश्वरनाथ, श्रीरामचंद्र और विष्णुमंदिर जैसे प्राचीन मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व है।
इतना ही नहीं, राजनीतिक इतिहास में भी राजिम एक निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। कभी अविभाजित मध्यप्रदेश की राजनीति इसी भूमि से नियंत्रित की जाती थी। अब यह ऐतिहासिक स्थान पुनः देश की रेल मानचित्र पर लौट रहा है।

ब्रॉड गेज ट्रैक पर दौड़ेगी मेमू ट्रेन
रेलवे विभाग के अनुसार, अभनपुर से राजिम के बीच मीटर गेज को ब्रॉड गेज में बदलने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 30 जून को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण सिन्हा ने ट्रैक का निरीक्षण किया, और अब अंतिम स्वीकृति के लिए रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) की हरी झंडी का इंतजार है। अनुमति मिलते ही ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस पर नई आज़ादी का अनुभव
इस ऐतिहासिक ट्रेन सेवा की शुरुआत स्वतंत्रता दिवस पर होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है। राजिम रेलवे स्टेशन को सजाया-संवारा जा रहा है, और स्थानीय लोग स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। यह दिन उन बुजुर्गों के लिए भावुक कर देने वाला होगा, जिन्होंने वर्षों पहले स्टेशन पर स्टीम इंजन की सीटी सुनी थी।
जनजीवन पर पड़ेगा सकारात्मक असर
राजिम तक ट्रेन सेवा से क्षेत्रीय व्यापार को बल मिलेगा। रायपुर से राजिम का सफर अब सस्ता, आरामदायक और समय बचाने वाला हो जाएगा। छात्र, नौकरीपेशा लोग, तीर्थयात्री और व्यापारी – सभी वर्ग लाभान्वित होंगे।
जनचौपाल 36 की विशेष टिप्पणी:
“रेल सिर्फ एक साधन नहीं होती, वह विकास और विश्वास की पटरियों पर दौड़ती है। राजिम में ट्रेन की वापसी, अतीत के गौरव को वर्तमान के विकास से जोड़ने का प्रतीक है। यह इतिहास का एक नया अध्याय है – जो सीटी की गूंज के साथ शुरू होगा।”

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