रायपुर:_भारत एक युवा देश है और यदि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण मिले, तो हम ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तेजी से हासिल कर सकते हैं।राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों के लिए कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसरों को विस्तार देने विषय पर आधारित कार्यशाला का शुभारंभ अवसर पर कहा।उन्होंने कहा यह कार्यशाला आज के बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप बेहद प्रासंगिक है।
छत्तीसगढ़ के कौशल विकास मंत्री केदार कश्यप ने बयान जारी करते हुए कहा कि छग की विष्णुदेव साय सरकार युवाओं को रोजगार प्रदान करने की दृष्टी से हर संभव प्रयास कर रही है। मंत्री कश्यप ने कहा कि हमारा प्रदेश नव युवा राज्य है। यहाँ रोजगार और स्वावलम्बन के अपार सम्भावनाएं हैं। ऐसे में हमारी साय सरकार ने यहाँ के युवाओं को कौशल युक्त करने जो पहल की है वह भविष्य के विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के सपना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।
छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये एमओयू राज्य के युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं।
इन समझौतों के तहत निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे: नन्दी फाउंडेशन के साथ समझौता: सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित युवाओं की रोजगार योग्यताओं को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ समझौता: दंतेवाड़ा, बलरामपुर और कोंडागांव जिलों में स्थित लाइवलीहुड कॉलेजों में ट्रैक्टर मैकेनिक पाठ्यक्रम में अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। नैसकॉम के साथ समझौता: कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। नन्दी फाउंडेशन हैदराबाद के साथ समझौता: महाविद्यालयों के छात्रों को रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कुशल और आत्मनिर्भर युवा के रूप में तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इन समझौतों से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण मिलेगा और उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जा सकेगा ।सरकार का उद्देश्य एमओयू के माध्यम से युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।


