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Saturday, August 29, 2026

खेलो इंडिया: युवा प्रतिभाओं को निखारने का जन-आन्दोलन_पीएम मोदी

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न्यूज डेस्क – 29 अगस्त 2026

खेलो इंडिया कार्यक्रम अब केवल एक योजना नहीं रहा — यह भारतीय खेल प्रतिभा को देशभर में निखारने का महत्वपूर्ण मंच बन गया है। हाल के दिनों में इस पहल ने युवा खिलाड़ियों को न केवल प्रतिस्पर्धा का अवसर दिया है बल्कि उन्हें अपने सपनों को वास्तविकता में बदलने का समर्थन भी उपलब्ध कराया है। सरकार की सक्रिय भागीदारी और व्यापक नीति दखल ने इसे सिर्फ खिलाड़ी विकास तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि यह राष्ट्रीय युवा शक्ति और खेलशक्ति को जोड़ने का एक अभियान बन गया है।

प्रधानमंत्री ने सत्र के दौरान कहा कि खेलों की सार्थकता केवल पदक तक सीमित नहीं; यह चरित्र निर्माण, लचीलापन और राष्ट्र निर्माण में योगदान का माध्यम है। उन्होंने स्क्रीन और आभासी खेलों की तुलना में मैदान और खेल केंद्रों की बढ़ती अहमियत पर विशेष जोर दिया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, प्लेस्टेशन से ज्यादा मैदानों की जरूरत है — यही वह स्थल है जहाँ युवा उठना, गिरना और फिर से खड़ा होना सीखते हैं।

नयी रणनीति यह भी सुझाती है कि हम उन खेलों में भी महारत हासिल करें जिनमें अभी तक हमारी भागीदारी सीमित है — अन्य देश ऐसे खेलों में मेडल जीतते हैं जिनमें हम हिस्सा ही नहीं लेते। यही वैश्विक परिप्रेक्ष्य भारत को बहु-विविध खेलों में प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

एक ऐतिहासिक संदर्भ जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना की हॉकी टीम के शताब्दी पूर्व न्यूजीलैंड दौरे और मेजर ध्यानचंद की द्विपक्षीय खेल कूटनीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ध्यानचंद द्वारा स्थापित संबंधों को आगे बढ़ाना आज भी हमारी प्राथमिकता है और हाल की न्यूजीलैंड यात्रा ने इसी प्रतिबद्धता को पुष्ट किया।

खेलो इंडिया संवाद को प्रधानमंत्री ने महज बातचीत नहीं, बल्कि राष्ट्र के खेल दृष्टिकोण को आकार देने वाला मंच बताया, जहाँ युवाओं की आवाज़ नीति और प्रतिभा विकास को सीधे प्रभावित करेगी। यह पहल केवल खेल नहीं, विकसित भारत के निर्माण का एक सक्रिय हिस्सा बन चुकी है।

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