विकास उपाध्याय बोले- सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल की जगह रोजगार और महंगाई पर रोडमैप बनता तो ज्यादा सार्थक होता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर लाखों दीये जलाने के प्रस्तावित अभियान को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के कार्यक्रम में सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके मुताबिक मितानिनों, शिक्षकों और नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों तक को इस आयोजन में लगाया जा रहा है।
विकास उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और उनका जन्मदिन मनाया जाना स्वाभाविक है, लेकिन यदि इस अवसर को देश के विकास, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए कोई ठोस रोडमैप सामने रखा जाता तो इसका व्यापक प्रभाव होता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर यदि बेरोजगारी कम करने, युवाओं को रोजगार देने और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस संकल्प लिया जाता तो यह प्रदेश और देश की जनता के लिए ज्यादा सार्थक होता। उनके अनुसार केवल दीये जलाने से जनता की समस्याएं दूर नहीं होंगी, बल्कि रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर ठोस काम करने से लोगों को राहत मिलेगी।
पूर्व विधायक ने सरकारी अमले को आयोजन में लगाए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने इसे सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग का मामला बताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन में सरकारी कर्मचारियों और संसाधनों के इस्तेमाल पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
विकास उपाध्याय ने लाखों दीये जलाने के लिए बड़ी मात्रा में तेल के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तेल की बचत को देश सेवा और देशभक्ति से जोड़कर संदेश दिए जाते रहे हैं। ऐसे में अब लाखों दीयों के लिए हजारों लीटर तेल के संभावित इस्तेमाल पर भी विचार होना चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतने बड़े आयोजन के लिए तेल की खरीदी या व्यवस्था किस प्रक्रिया के तहत की जा रही है। उन्होंने पूछा कि क्या इसके लिए कोई टेंडर जारी किया गया है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है या नहीं।
विकास उपाध्याय ने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम लोगों पर महंगाई का दबाव है और ऐसे समय में सरकार को उत्सव और प्रचार से ज्यादा जनता की मूल समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि लाखों दीये जलाने के अभियान में होने वाले खर्च तथा तेल की व्यवस्था की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि जनता के सामने पारदर्शिता बनी रहे।