PM मोदी के जन्मदिन पर प्रशासनिक मशीनरी हाईजैक, यह जनसेवा नहीं चापलूसी की पराकाष्ठा: डॉ. शिवकुमार डहरिया
‘सेवा संकल्प’ के नाम पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप, भाजपा की इवेंटबाजी पर पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल
रायपुर 17 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘आशीर्वाद का दीया’ जैसे आयोजनों को लेकर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन आयोजनों के नाम पर सरकारी मशीनरी का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है और जनता की समस्याओं से ध्यान भटकाया जा रहा है।
डॉ. डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और पंचायतों सहित विभिन्न विभागों को जनसेवा के बजाय भाजपा के राजनीतिक आयोजनों में लगाया जा रहा है। उनके अनुसार जिस प्रशासनिक अमले को जर्जर सड़कों, पेयजल, सफाई और बुनियादी सुविधाओं जैसी समस्याओं पर काम करना चाहिए, उसे ‘आशीर्वाद का दीया’ जैसे आयोजनों और कार्यक्रमों की तैयारियों में लगाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “टैक्सपेयर्स के पैसों से चलने वाले निकायों को सत्ताधारी दल के प्रचार तंत्र की तरह इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सीधा हनन है।”
ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
पूर्व मंत्री ने देश और प्रदेश की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विज्ञापनों और आयोजनों की चमक-दमक के पीछे बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं को नहीं छिपाया जा सकता।
डॉ. डहरिया के मुताबिक युवा उच्च शिक्षा और डिग्री हासिल करने के बाद रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। उन्होंने रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आम नागरिक और मध्यम वर्ग पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसान खाद, बीज और फसलों के उचित मूल्य जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार बड़े आयोजनों, कटआउट और होर्डिंग्स के जरिए अपनी ब्रांडिंग में व्यस्त है।
“इवेंट से देश नहीं चलता, जन-सरोकार से चलता है”
डॉ. डहरिया ने कहा कि 17 सितंबर से शुरू होने वाले आयोजनों को केवल उत्सव तक सीमित रखने के बजाय सरकार को जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘सेवा’ के नाम पर सरकारी तंत्र का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता बेरोजगारी, महंगाई, किसान, सड़क, पानी और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब चाहती है। “इवेंट से देश नहीं चलता, जन-सरोकार से चलता है,” डॉ. डहरिया ने कहा।
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि जनता सरकार के इस रवैये को समझ रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
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