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Friday, June 5, 2026

शुभेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री — ब्रिगेड परेड ग्राउंड में इतिहास लिखने की तैयारी

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पीएम मोदी और 20 राज्यों के CM होंगे साक्षी, शनिवार सुबह 10 बजे शपथ समारोह।

डेस्क खबर – 7 मई 2026

पश्चिम बंगाल की राजनीति में वह पल आने वाला है जिसका इंतजार भाजपा तीन दशकों से कर रही थी। शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड — जो कभी वामपंथी रैलियों और ममता बनर्जी की विजय सभाओं का गवाह रहा है — अब शुभेंदु अधिकारी के शपथ समारोह की भव्य पृष्ठभूमि बनेगा।

कल शाम तय होगा नाम, कल सुबह मिलेगा ताज
शुक्रवार शाम चार बजे केंद्रीय पर्यवेक्षक और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी — जहां औपचारिक रूप से नेता का चयन किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार शुभेंदु अधिकारी का नाम लगभग तय है। लगातार दो चुनावों में ममता बनर्जी को चुनौती देने वाले, नंदीग्राम से उन्हें हराने वाले और भाजपा के ‘बंगाल चेहरे’ के रूप में स्थापित हो चुके शुभेंदु के लिए यह सीएम की कुर्सी उनके राजनीतिक संघर्ष का स्वाभाविक पुरस्कार मानी जा रही है।

खबर अनुसार शनिवार सुबह 10 बजे शुभेंदु समेत 30 मंत्री एकसाथ शपथ लेंगे।

समारोह में दिखेगी NDA की पूरी ताकत
यह शपथ समारोह केवल एक राज्य की सरकार बनाने का कार्यक्रम नहीं — यह भाजपा का राष्ट्रीय शक्ति प्रदर्शन के साथ बंगाल विजय अभियान का हिस्सा होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर होंगे
NDA शासित सभी 20 राज्यों** के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहयोगी दलों के अध्यक्ष और वरिष्ठ मंत्री
ब्रिगेड परेड ग्राउंड का चुनाव भी प्रतीकात्मक है — यह मैदान बंगाल की जनता के लिए सत्ता परिवर्तन का सबसे बड़ा दृश्य संदेश होगा।

मंत्रिमंडल में समाजिक संतुलन की कोशिश
भाजपा ने मंत्रिमंडल गठन में तीन स्पष्ट प्राथमिकताएं तय की हैं:
एक तिहाई सीटें महिलाओं को — यह बंगाल की राजनीति में अभूतपूर्व होगा, जहां ममता बनर्जी के शासन में भी महिला प्रतिनिधित्व इस अनुपात तक नहीं पहुंचा था।

आदिवासी और दलित प्रतिनिधित्व पर विशेष ध्यान — बंगाल के जंगलमहल और उत्तरी जिलों में भाजपा की जीत में इन्हीं समुदायों की निर्णायक भूमिका रही है।

यह सामाजिक इंजीनियरिंग भाजपा के उस दीर्घकालिक बंगाल प्रयोग का हिस्सा है जो 2019 के लोकसभा चुनाव से शुरू हुआ था।

शुभेंदु का सफर — विपक्ष के नेता से मुख्यमंत्री तक
शुभेंदु अधिकारी की कहानी बंगाल की राजनीति की सबसे नाटकीय यात्राओं में से एक है। TMC छोड़कर भाजपा में आना, 2021 में नंदीग्राम से ममता को हराना, फिर विपक्ष के नेता के रूप में पांच साल तक आक्रामक संघर्ष — और अब मुख्यमंत्री की कुर्सी।

लेकिन असली परीक्षा शपथ के बाद शुरू होगी।
बंगाल में प्रशासनिक ढांचा, पुलिस तंत्र और स्थानीय निकाय लंबे समय तक TMC के प्रभाव में रहे हैं। इन्हें बदलना और राज्य में कानून-व्यवस्था स्थापित करना शुभेंदु सरकार की पहली और सबसे बड़ी चुनौती होगी।

निष्कर्ष: ब्रिगेड में इतिहास, लेकिन बंगाल बदलना बाकी
शनिवार का समारोह निस्संदेह ऐतिहासिक होगा — भाजपा के लिए, बंगाल के लिए और भारतीय राजनीति के लिए। लेकिन जिस बंगाल को जीतने में दशकों लगे, उस बंगाल को बदलने में उससे भी कठिन राजनीतिक इच्छाशक्ति लगेगी।शुभेंदु अधिकारी के कंधों पर सिर्फ एक राज्य नहीं — भाजपा के पूर्वी भारत के पूरे राजनीतिक भूमि की जिम्मेदारी है।

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