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Friday, October 30, 2026
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बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों के खिलाफ भैंसा मंडल कांग्रेस का प्रदर्शन

भैंसा/आरंग- 14 अगस्त 2026

बढ़े हुए बिजली बिल वापस लेने और स्मार्ट मीटर की निष्पक्ष जांच की मांग, विद्युत विभाग को सौंपा ज्ञापन।

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आम उपभोक्ताओं को तत्काल राहत देने और बिजली संबंधी समस्याओं का पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण करने की मांग की।

सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखने की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता के नाम पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ते बिजली बिलों और स्मार्ट मीटरों से जुड़ी शिकायतों के खिलाफ पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के मार्गदर्शन में भैंसा मंडल कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया।

जोन अध्यक्ष प्रकाश मारकंडेय के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि डॉ. शिवकुमार डहरिया की मंशा के अनुरूप कांग्रेस हमेशा जनहित के मुद्दों पर आम जनता के साथ खड़ी है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता बढ़े हुए बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर परेशान हैं।

इसका सबसे अधिक असर किसानों, मजदूरों, गरीबों, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है।

स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों की जांच की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल और खपत में असामान्य वृद्धि की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने मीटर रीडिंग और बिलिंग में कथित विसंगतियों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा कर अनुचित वसूली की राशि वापस करने, स्मार्ट मीटरों से संबंधित शिकायतों की पारदर्शी जांच कराने, दोषपूर्ण मीटरों को तत्काल बदलने तथा बिलिंग और मीटर रीडिंग से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का निराकरण करने की मांग की गई। कांग्रेस ने बिजली संबंधी शिकायतों के लिए समयबद्ध व्यवस्था लागू करने की भी मांग रखी।

उन्होंने चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं को उचित राहत और न्याय मिलने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। डॉ. शिवकुमार डहरिया के दिशा-निर्देशों पर पार्टी कार्यकर्ता जनहित के इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाते रहेंगे।

प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, ब्लॉक अध्यक्ष कोमल साहू, सेक्टर अध्यक्ष दिलीप सिंह कोठारी, मंडल प्रभारी दयाल दास मांडले, भगवती धुरंधर, खुबी डहरिया, दुर्गा राय, राजेश धुरंधर, रोहित साहू, डुगेश साहू, सुरेखा राय, प्रकाश साहू, जितेंद्र नारंग, आनंद टंडन, गुरुचरण मिरी, लूकेश टंडन, अनिल माण्डले, कमलदेव साहू, धरम यादव, शत्रुहन रात्रे, थमलेश साहू, बिसाहू, रोहित सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


पगडंडी से पक्की सड़क तक पहुंचा अबुझमाड़, पीएम जनमन से बदली झारावाही-हत्लानार की राह

रायपुर, 13 अगस्त 2026

पीएम जनमन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से झारावाही-हत्लानार मार्ग अबुझमाड़ में विकास, संपर्क और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।

कभी दुर्गम पहाड़ियों, घने जंगलों और नक्सल चुनौती के कारण मुख्यधारा से कटे अबुझमाड़ क्षेत्र में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत नारायणपुर जिले के झारावाही से हत्लानार तक पक्की सड़क का निर्माण पूरा होने से ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिली है।

छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृत इस परियोजना पर 299.60 लाख रुपये की लागत आई है। इसके तहत 3.20 किलोमीटर लंबी सर्वकालिक सड़क बनाई गई है। सड़क बनने से क्षेत्र के अंदरूनी गांवों को मुख्य मार्ग से सुरक्षित और सुगम संपर्क मिला है।

पहले ग्रामीणों को संकरी पगडंडियों के सहारे आवागमन करना पड़ता था। बारिश के मौसम में रास्ते अवरुद्ध हो जाने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब एंबुलेंस और शासकीय वाहन सीधे गांवों तक पहुंच पा रहे हैं, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिलना संभव हुआ है।

सड़क निर्माण से विद्यार्थियों और शिक्षकों की स्कूलों में नियमित उपस्थिति को भी बढ़ावा मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण सामग्री पहुंचाने, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं के विस्तार में भी तेजी आई है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले बरसात में बच्चों को स्कूल भेजना और मरीजों को उपचार के लिए ले जाना बेहद कठिन था, लेकिन अब गांव तक वाहन पहुंचने लगे हैं।

यह सड़क स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। किसान अपनी कृषि उपज को आसानी से मुख्य बाजारों और मंडियों तक पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ी है।




खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में ‘आदि अमितान’ अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच

रायपुर, 13 अगस्त 2026

अभियान का उद्देश्य दूरस्थ बैगा बस्तियों में घर-घर स्वास्थ्य जांच, उपचार, रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता सुनिश्चित करना है। छुईखदान विकासखंड में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन और विकासखंड नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम विभिन्न बैगा बसाहटों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के लिए संचालित ‘आदि अमितान’ यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान के तहत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। अभियान 15 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक संचालित किया जा रहा है।

इसी क्रम में 9 अगस्त को ग्राम पंचायत सरईपतेरा के छूईहा (बैगाटोला) में निवासरत 39 बैगा परिवारों को मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानियां वितरित की गईं। ग्रामीणों को मच्छरदानी के नियमित एवं सही उपयोग, घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने की जानकारी दी गई।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को मलेरिया के लक्षणों के बारे में भी जागरूक किया। बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, शरीर में दर्द या कमजोरी होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी गई।

‘आदि अमितान’ अभियान के अंतर्गत मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, सिकल सेल, एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, नेत्र रोग तथा महिलाओं में स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की स्क्रीनिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार उपचार और उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की व्यवस्था भी की जा रही है।

कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश वर्मा, पर्यवेक्षक अमीलाल, एलटी प्रवीण गायकवाड़, एएनएम कविता सोनवानी सहित स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने और मलेरिया के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील की।

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत दंत चिकित्सा महाविद्यालय में शपथ ग्रहण कार्यक्रम

रायपुर-13 अगस्त 2026

शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित।

शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ और ‘मिशन स्पंदन’ के संयुक्त तत्वावधान में ‘10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान’ के अंतर्गत जागरूकता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यह अभियान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मेडिकल विंग द्वारा संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, चिकित्सकों और कर्मचारियों ने हाथ आगे बढ़ाकर जीवनभर नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने की शपथ ली।

कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रतिनिधियों ने महाविद्यालय प्रशासन को अभियान में सक्रिय सहभागिता और सहयोग के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। विद्यार्थियों और उपस्थित अतिथियों ने ‘10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा’ से संबंधित पोस्टर एवं पम्फलेट प्रदर्शित कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

संस्था के प्रतिनिधियों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का नशामुक्त रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने, अपने परिवार और आसपास के लोगों को जागरूक करने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डालती है। सामूहिक जागरूकता, संकल्प और निरंतर प्रयासों से ही नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, दोनों सदनों से 12 विधेयक पारित

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नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026

संसद का मानसूत्र सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित।संसद के दोनों सदनों से पारित प्रमुख विधेयकों में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026, जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक, 2026, बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संशोधन विधेयक, 2026 तथा अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 शामिल हैं।

संसद का मानसून सत्र 2026 गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। 20 जुलाई से शुरू हुए इस सत्र में 25 दिनों के दौरान दोनों सदनों की कुल 19 बैठकें हुईं। सत्र के दौरान लोकसभा में 11 और राज्यसभा में 2 विधेयक पेश किए गए, जबकि दोनों सदनों ने कुल 12 विधेयक पारित किए।

लोक परीक्षा संशोधन विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी और अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक लगाना तथा जांच और सुनवाई की प्रक्रिया को तेज करना है। इसके तहत दो महीने में जांच और तीन महीने में ट्रायल पूरा करने, विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों और विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति तथा अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति ने इस विधेयक को मंजूरी भी दे दी है।

जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक में विलंबित पंजीकरण के लिए सत्यापन प्रक्रिया को सख्त बनाया गया है। वहीं MSME संशोधन विधेयक के माध्यम से छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए निशुल्क डिजिटल पंजीकरण, वित्त तक बेहतर पहुंच और विलंबित भुगतान संबंधी विवादों के त्वरित समाधान का प्रावधान किया गया है।

बैंककार बही साक्ष्य विधेयक में भौतिक, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, वर्चुअल और क्लाउड आधारित बैंक रिकॉर्ड को कानूनी दायरे में शामिल किया गया है। इसके अलावा केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को मजबूत करने, अधिकरणों में सुधार तथा खनिज क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता से जुड़े विधेयक भी पारित हुए।

विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक को जांच और रिपोर्ट के लिए दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेजा गया। सत्र के दौरान लोकसभा की उत्पादकता 19 प्रतिशत और राज्यसभा की लगभग 39 प्रतिशत रही।

ग्रीन हाईवे परियोजनाओं के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों पर सर्वाधिक पौधारोपण करने वाला राज्य बना मध्य प्रदेश

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भोपाल _ 13 अगस्त 2026

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सर्वाधिक पौधारोपण करने वाला राज्य बना मध्य प्रदेश हरित एवं टिकाऊ राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास की दिशा में मध्य प्रदेश ने देशभर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। ग्रीन हाईवे नीति-2015 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 39.26 लाख पौधों का रोपण कर मध्य प्रदेश देश में सर्वाधिक पौधारोपण करने वाला राज्य बना है।

राज्य में वर्ष 2021-22 में 6.31 लाख, 2022-23 में 10.46 लाख, 2023-24 में 7.81 लाख, 2024-25 में 8.88 लाख तथा 2025-26 में 5.80 लाख पौधे लगाए गए। वर्ष 2022-23 में 10.46 लाख पौधों का रोपण इस अवधि का सर्वाधिक वार्षिक आंकड़ा रहा। इसी अवधि में देशभर के लगभग 1.32 लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों पर 3.61 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए, जिनमें लगभग 11 प्रतिशत योगदान मध्य प्रदेश का रहा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा राज्य में भोपाल-ब्यावरा, गुना-ब्यावरा और ओबेदुल्लागंज-इटारसी फोरलेन परियोजनाओं के अंतर्गत मियावाकी प्लांटेशन विकसित किए गए हैं। वहीं उज्जैन-गरोठ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत व्यापक एवेन्यू प्लांटेशन किया गया है।
पौधारोपण की गुणवत्ता और उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के लिए NHAI ड्रोन आधारित निगरानी, क्षतिपूरक वृक्षारोपण और वृक्ष प्रत्यारोपण जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहा है। इसके अलावा फ्लाई ऐश, पॉन्ड ऐश, रिक्लेम्ड एस्फाल्ट पेवमेंट, प्लास्टिक अपशिष्ट, जूट एवं नारियल जटा आधारित प्राकृतिक भू-वस्त्र, स्लैग, बायो-बिटुमेन, क्रम्ब रबर और उपचारित जल जैसी पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
NHAI आगामी चरणों में बी कॉरिडोर और आरोग्य वन जैसी पहलों को भी प्रोत्साहित करेगा। इनका उद्देश्य जैव विविधता बढ़ाना और परागण करने वाले जीवों के लिए अनुकूल आवास विकसित करना है। मध्य प्रदेश में पौधारोपण और हरित परियोजनाएं आधुनिक सड़क अवसंरचना के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति NHAI की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

राज्य कर्मचारी संघ की दुर्ग जिला कार्यकारिणी गठित

दुर्ग- 13 अगस्त 2026

राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ की दुर्ग जिला इकाई की कार्यकारिणी का गठन प्रांतीय पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। प्रांतीय महामंत्री बोधीराम निषाद ने जिला एवं विकासखंड कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के नामों की विधिवत घोषणा की।

घोषित कार्यकारिणी में डॉ. शशिभूषण शर्मा को जिला अध्यक्ष, वीरेंद्र कुमार यदु को जिला सचिव, दिनेश वर्मा को जिला कोषाध्यक्ष तथा किशोर तिवारी एवं नीलमचंद ताम्रकार को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया। महिला प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पद पर श्रीमती सुनीता ठाकुर का चयन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विकासखंड स्तर की कार्यकारिणी के लिए भी नाम प्रस्तावित किए गए।

पूजा-अर्चना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, भगवान विश्वकर्मा, मां सरस्वती और भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना से हुआ। इसके बाद श्री किशोर तिवारी ने ‘संगठन गढ़े चलो’ गीत प्रस्तुत किया।

कर्मचारी हितों के लिए संघर्ष जारी

अपने संबोधन में प्रांतीय महामंत्री बोधीराम निषाद ने कहा कि राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारियों की मांगों के समयबद्ध निराकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में कर्मचारी-अधिकारी लगातार संघ से जुड़ रहे हैं और सदस्यता में वृद्धि कर्मचारियों के विश्वास को दर्शाती है।

उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगों में महंगाई भत्ता एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा राज्य कर्मचारी संघ के अधिवेशन में की गई थी। महंगाई भत्ता देय तिथि से एरियर्स सहित अन्य मांगों को लेकर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट की है। इस दौरान मांगों पर शीघ्र घोषणा कर लागू करने का आश्वासन दिया गया।

श्री निषाद ने कहा कि राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ भारतीय मजदूर संघ का सहयोगी संगठन तथा राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ से संबद्ध है। संघ कर्मचारी हितों के साथ-साथ राष्ट्रहित में भी निरंतर कार्य कर रहा है।

अतिथियों ने दिलाया राष्ट्रहित का संकल्प

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दुर्ग जिला सहकार्यवाह दुष्यंत साहू, भारतीय मजदूर संघ दुर्ग जिला अध्यक्ष श्रीमती मिथलेश विश्वकर्मा, जिला मंत्री हरिशंकर चतुर्वेदी तथा राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रमुख श्री वीरेंद्र देवांगन उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में राष्ट्रहित और कर्मचारी हितों को सर्वोपरि बताते हुए संघ के लिए निःस्वार्थ भाव से कार्य करने का संकल्प दिलाया।

इस अवसर पर अशोक वर्मा, विवेकानंद ताम्रकार, अभिषेक ताम्रकार, शेषनारायण ठाकुर, सिद्धार्थ भुवाल, डोमार वर्मा, सुनील बंछोर, राजेश्वर देशमुख एवं तोमेश साहू सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

विकासखंड कार्यकारिणी के प्रस्तावित सदस्य

पाटन विकासखंड: पुरुषोत्तम सपहा, घनश्याम साहू, वीरेंद्र साहू एवं ललित बिजोरा।

दुर्ग विकासखंड:श्रीमती हर्षा हरिहरन, संतोष लहरे, ऋषि शुक्ला, गिरधर देवांगन, मणिकांत मरकाम।

धमधा विकासखंड: राजेश कुमार, उत्तम पोटाई, शेषनारायण ठाकुर, अभिषेक सिंह राजपूत, गिरधर साहू, रूपेंद्र ठाकुर, अनिल माली, अजय तिग्गा एवं मुकेश कहार।

विश्व हाथी दिवस: हाथियों को बचाना, प्रकृति का संतुलन बचाना

रायपुर – 12 अगस्त 2026

हाथी केवल जंगलों की शान नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने वाले महत्वपूर्ण जीव हैं। पेड़ों के बीजों के प्रसार से लेकर जंगलों में रास्ते और जलस्रोतों के निर्माण तक, उनकी गतिविधियां पर्यावरण को प्रभावित करती हैं। इसी जागरूकता और संरक्षण के उद्देश्य से हर साल 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस मनाया जाता है।

दुनिया के सबसे बड़े स्थलीय जीव हाथियों के सामने आज जंगलों का सिकुड़ना, प्राकृतिक आवासों का विखंडन, अवैध शिकार, रेल और सड़क हादसे तथा मानव बस्तियों का विस्तार जैसी गंभीर चुनौतियां हैं। खासकर एशियाई हाथियों के लिए प्राकृतिक गलियारों का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। हाथी भोजन, पानी और सुरक्षित आवास की तलाश में लंबी दूरी तय करते हैं। सड़क, रेल लाइन, खनन और निर्माण गतिविधियों से इनके पारंपरिक रास्ते बाधित होने पर मानव-हाथी संघर्ष बढ़ता है।

भारत एशियाई हाथियों के संरक्षण के लिहाज से दुनिया के महत्वपूर्ण देशों में शामिल है। देश में हाथियों और उनके आवासों की सुरक्षा के लिए 1991-92 में प्रोजेक्ट एलीफेंट शुरू किया गया था। हाथी भारत का राष्ट्रीय धरोहर पशु है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत संरक्षित है।

हाथियों का संरक्षण केवल जंगल के भीतर उनकी सुरक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके प्राकृतिक आवास, एलिफेंट कॉरिडोर, भोजन-पानी के स्रोत और आसपास रहने वाले समुदायों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। कैमरा ट्रैप, रेडियो कॉलर, ड्रोन और सेंसर जैसी तकनीक निगरानी में मदद कर सकती है, वहीं स्थानीय समुदायों की भागीदारी संरक्षण को मजबूत बनाती है।

विश्व हाथी दिवस हमें याद दिलाता है कि हाथियों को बचाना केवल एक प्रजाति को बचाना नहीं, बल्कि जंगल, जैव विविधता और प्रकृति के उस संतुलन को बचाना है, जिस पर मानव जीवन भी निर्भर करता है।

राशन के लिए घंटों इंतजार नहीं, अब कुछ मिनटों में मिल रहा अनाज

रायपुर 12 अगस्त 2026

राशन लेने के लिए अब हितग्राहियों को घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकंडा में शुरू की गई ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ व्यवस्था से राशन वितरण की प्रक्रिया आसान और तेज हो गई है। तकनीक आधारित इस व्यवस्था के जरिए हितग्राही कुछ ही मिनटों में अपना राशन प्राप्त कर रहे हैं।

    चिंगराजपारा निवासी हितग्राही प्रीति मानिकपुरी के लिए राशन लेने का अनुभव अब पहले से अलग है। वह बताती हैं कि अब लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ता। मशीन के माध्यम से राशन मिलने से प्रक्रिया आसान हो गई है और तौल को लेकर भी किसी तरह की चिंता नहीं रहती।

इसी तरह हितग्राही दुर्गेश कुमार यादव बताते हैं कि ग्रेन एटीएम में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद स्क्रीन पर उनकी पात्रता के अनुसार मिलने वाले राशन की मात्रा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। पुष्टि करने के बाद डिस्पेंसर के नीचे थैला रखते ही निर्धारित मात्रा में चावल सीधे थैले में भर जाता है। उनके लिए यह अनुभव न केवल आसान है, बल्कि राशन की मात्रा को लेकर भरोसा भी बढ़ाता है।

 ग्रेन एटीएम की संचालिका रिंकू सिंह ठाकुर बताती हैं कि नई व्यवस्था से राशन वितरण का काम अधिक व्यवस्थित हो रहा है। मशीन आधारित प्रक्रिया के कारण भीड़ को नियंत्रित करने, समय बचाने और निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने में सुविधा मिल रही है।
तकनीक के साथ बढ़ रहा भरोसा

  ”अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम” सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के उपयोग की दिशा में एक नई पहल है। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से लेकर स्क्रीन पर पात्रता की जानकारी और निर्धारित मात्रा में राशन के स्वचालित वितरण तक पूरी प्रक्रिया हितग्राही के सामने होती है। इससे वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलती है।

अभी इस नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है, लेकिन शुरुआती अनुभवों में ही इसका सबसे महत्वपूर्ण असर दिखाई देने लंगा है। राशन लेने में लगने वाला समय कम हुआ है और हितग्राहियों का भरोसा बढ़ा है।

आने वाले समय में यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

  छत्तीसगढ़ शासन की यह अभिनव पहल तकनीक को जनसुविधा से जोड़ते हुए यह संदेश देती है कि शासन की योजनाओं का लाभ केवल उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उसे सम्मानजनक, सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

13 अगस्त को सुकमा के दुर्गम इलाकों से गुजरेगी तिरंगा यात्रा

रायपुर -12 अगस्त 2026

बस्तर तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ निकाली जाएगी। 13 अगस्त को यह यात्रा सुकमा जिले के दुर्गम इलाकों से होकर गुजरेगी। यात्रा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप भी शामिल होंगे।

राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है

    मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित यह यात्रा बस्तर के उन गांवों और क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित थे और अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।

सुकमा के दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा

    13 अगस्त को तिरंगा यात्रा चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम होते हुए आवापल्ली और बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम किया जाएगा।

बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है

    यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने लाना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना और नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों एवं नागरिकों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही तिरंगे और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश भी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।

महिला बाइकर्स भी होंगी शामिल

        बस्तर तिरंगा यात्रा में महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे। महिला बाइकर्स तिरंगा लेकर यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी भाग लेंगे।

‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत होगा पौधरोपण

    यात्रा के दौरान प्रत्येक शहीद स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत जितने लोग शहीद हुए हैं, उतने ही पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।