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Tuesday, October 27, 2026
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SIR के मुद्दे पर दिल्ली में सियासी संग्राम तेज, INDIA ब्लॉक के सांसदों का मार्च रोका तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी धरने पर बैठे

 नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के मुद्दे को लेकर दिल्ली में विपक्षी INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। 140 से ज्यादा विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष समेत कई विपक्षी नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

चुनाव आयोग तक मार्च के दौरान पुलिस ने लगाया बैरिकेड

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, NCP-SP सांसद सुप्रिया सुले और INDIA ब्लॉक के कई अन्य सांसद चुनाव आयोग की ओर विरोध मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाए।

रास्ता रोके जाने के बाद कुछ सांसद बैरिकेड पर चढ़ गए। इससे मौके पर स्थिति और गरमा गई। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने वहीं बैठकर विरोध जताना शुरू कर दिया।

राहुल गांधी और प्रियंका समेत कई नेता धरने पर बैठे

पुलिस की ओर से मार्च को आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ INDIA ब्लॉक के कई सांसद मौजूद हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुलिस ने किसी भी नेता को हिरासत में नहीं लिया है।

विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहे हैं और इसे लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता जरूरी है।

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने भी प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग चुनावों में आयोग की भूमिका को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

अखिलेश यादव ने 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों का जिक्र करते हुए आयोग पर बेईमानी के आरोप लगाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने चंडीगढ़ मेयर चुनाव से जुड़े विवाद का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा।

SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बढ़ी टकराव की स्थिति

दिल्ली में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद SIR का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की बैरिकेडिंग ने राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि INDIA ब्लॉक के इस विरोध प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग और सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

Harmanpreet Kaur ने लिया बड़ा फैसला, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हटकर अब इस भूमिका में आएंगी नजर

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Harmanpreet Kaur:  भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपनी कप्तानी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में भारतीय महिला टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया है। हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने इस फैसले की जानकारी दी।

हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट ने कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। हाल ही में उनकी कप्तानी में टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। ऐसे में उनका कप्तानी से हटने का फैसला भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

भावुक अंदाज में हरमनप्रीत ने बताई कप्तानी छोड़ने की वजह

कप्तानी छोड़ने की जानकारी देते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि यह फैसला उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। उनके मुताबिक इस सफर में कई वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे अनुभव जुड़े हैं, जिन्हें वह जिंदगी भर अपने साथ रखेंगी।

उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए उन्होंने अपना पूरा समर्पण दिया। कई मौकों पर उन्होंने व्यक्तिगत प्रदर्शन, करियर से जुड़ी प्राथमिकताओं और अपनी महत्वाकांक्षाओं से ऊपर टीम के हित को रखा।

टीम के भविष्य को लेकर हरमनप्रीत ने जताया भरोसा

हरमनप्रीत ने अपने संदेश में कहा कि वह भावनात्मक जरूर हैं, लेकिन कप्तानी छोड़ने के फैसले को लेकर उनके मन में शांति है। उन्हें भरोसा है कि भारतीय टीम इस समय सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने टीम में मौजूद प्रतिभा, मजबूत चरित्र और आपसी विश्वास का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाला समय भारतीय महिला क्रिकेट के लिए काफी उत्साहजनक है। वह टीम के भविष्य को देखने और उसका हिस्सा बने रहने को लेकर भी उत्साहित हैं।

हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने रचा इतिहास

हरमनप्रीत कौर के कप्तानी कार्यकाल में भारतीय महिला टीम ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उनकी अगुवाई में टीम ने पहली बार ODI वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। इसके अलावा एशिया कप में भी भारतीय टीम ने ट्रॉफी जीती।

एशियन गेम्स में भी हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इन उपलब्धियों ने भारतीय महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत की कप्तानी की भूमिका को खास बना दिया।

अब किसे मिलेगी भारतीय टीम की कमान, स्मृति मंधाना का नाम चर्चा में

हरमनप्रीत के कप्तानी पद से हटने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारतीय महिला टीम की अगली कप्तान कौन होगी। कई रिपोर्ट्स में स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना का नाम संभावित कप्तान के तौर पर सामने आ रहा है।

हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से अभी तक नए कप्तान को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में अंतिम फैसला सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हरमनप्रीत के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कमान किस खिलाड़ी को सौंपी जाती है।

Bank KYC Alert: 30 अक्टूबर के बाद इन खातों पर लग सकता है ब्रेक, SBI-PNB समेत बड़े बैंकों के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर

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 Bank KYC Last Date:  अगर आपका खाता SBI, PNB, Bank of Baroda या किसी अन्य बैंक में है और आपने लंबे समय से KYC अपडेट नहीं कराया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बैंकिंग व्यवस्था में खाताधारकों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य है। ऐसे में जिन ग्राहकों के खाते में लंबे समय से कोई लेन-देन नहीं हुआ है और KYC प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है, उन्हें बैंक की ओर से अलर्ट भेजे जा रहे हैं।

30 अक्टूबर तक KYC अपडेट करने का मौका

बैंकों ने ऐसे खाताधारकों को KYC प्रक्रिया पूरी करने के लिए 30 अक्टूबर तक का समय दिया है। बैंक शाखाओं में भी इस संबंध में सूचना जारी की गई है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपनी KYC प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि खाते के संचालन में किसी तरह की परेशानी न आए।

लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुए खातों पर खास नजर

बैंक अधिकारियों के मुताबिक, कई ऐसे खाते हैं जिनमें एक से पांच साल तक कोई सक्रिय लेन-देन नहीं हुआ है। ऐसे खाताधारकों को SMS के जरिए KYC अपडेट करने की जानकारी दी जा रही है। खासतौर पर लंबे समय से निष्क्रिय पड़े खातों को लेकर बैंक स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया तेज की जा रही है।

KYC पूरी नहीं हुई तो रुक सकते हैं लेन-देन

समय सीमा के भीतर KYC अपडेट नहीं करने पर खाते के संचालन पर रोक लग सकती है। इसका सीधा असर खाते से होने वाले लेन-देन पर पड़ेगा। यानी ग्राहक खाते से पैसे निकालने, ट्रांसफर करने या अन्य बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी का सामना कर सकते हैं।

रायपुर में करीब एक लाख खाताधारक बताए जा रहे प्रभावित

बैंक शाखाओं से मिली जानकारी के अनुसार राजधानी रायपुर में करीब एक लाख खाताधारकों का KYC वेरिफिकेशन अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे खातों को लेकर बैंक ग्राहकों को लगातार सूचना दे रहे हैं। अगर तय समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो संबंधित खातों पर कार्रवाई की जा सकती है।

खाता फ्रीज हो जाए तो ऐसे करा सकते हैं दोबारा शुरू

अगर KYC पूरी नहीं होने के कारण खाता ब्लॉक या फ्रीज हो जाता है, तो ग्राहक बाद में भी इसे दोबारा सक्रिय करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटो कॉपी के साथ पासपोर्ट साइज फोटो जमा करनी होगी। बैंक अधिकारियों के अनुसार, जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद करीब 24 घंटे के भीतर खाते को दोबारा चालू किया जा सकता है।

अंतिम तारीख का इंतजार करना पड़ सकता है भारी

बैंक खाताधारकों के लिए बेहतर यही है कि 30 अक्टूबर से पहले अपनी KYC स्थिति की जांच कर लें। अगर बैंक की ओर से KYC अपडेट कराने का संदेश मिला है तो उसे नजरअंदाज न करें। समय रहते प्रक्रिया पूरी करने से खाते के फ्रीज होने और बाद में बैंक शाखा के चक्कर लगाने जैसी परेशानी से बचा जा सकता है।

RTE सीटों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर हाईकोर्ट नाराज, 18 नवंबर तक सही डेटा नहीं आया तो शिक्षा सचिव पर होगी कार्रवाई

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार अधिनियम यानी RTE के तहत निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों और बच्चों से जुड़ा सही रिकॉर्ड पेश नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने शासन को सभी स्कूलों का सत्यापित और पूरा रिकॉर्ड पेश करने का एक और मौका दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा में सही जानकारी नहीं दी गई तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

RTE आरक्षित सीटों के आंकड़ों पर उठे गंभीर सवाल

मामला भगवंत की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता देवर्षि ठाकुर ने अदालत को बताया कि सरकार द्वारा पेश किए गए रिकॉर्ड में कई प्रमुख निजी स्कूलों में RTE के तहत आरक्षित सीटों की संख्या शून्य या बेहद कम दिखाई गई है।

याचिकाकर्ता पक्ष ने इन आंकड़ों की वास्तविकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि शासन की ओर से अदालत में प्रस्तुत जानकारी जमीनी स्थिति से मेल नहीं खाती। इसी को लेकर हाईकोर्ट ने सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर गंभीर नाराजगी जाहिर की।

हाईकोर्ट ने कहा, अदालत के सामने अधूरा रिकॉर्ड पेश करना स्वीकार नहीं

चीफ जस्टिस के. आर. महापात्रा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की स्पेशल डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए सरकारी रिकॉर्ड पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायालय के समक्ष इस तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

बेंच ने यह भी ध्यान दिलाया कि वर्ष 2016 में दिए गए निर्देशों के बावजूद उनका प्रभावी तरीके से पालन नहीं हुआ है। इससे कोर्ट ने शासन की ओर से मामले को लेकर की जा रही कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।

सभी स्कूलों का सत्यापित रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई में सभी स्कूलों से संबंधित RTE सीटों और प्रवेश से जुड़ा सही, पूरा और सत्यापित डेटा पेश किया जाए। अदालत अब यह देखना चाहती है कि आरक्षित सीटों की वास्तविक संख्या क्या है और इन सीटों पर कितने बच्चों को प्रवेश मिला है।

18 नवंबर की तारीख बेहद अहम, चूके तो शिक्षा सचिव पर कार्रवाई

अदालत ने राज्य शासन को रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए 18 नवंबर तक का समय दिया है। हाईकोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि अगर इस तारीख तक सभी स्कूलों का सही डेटा अदालत के सामने पेश नहीं किया गया, तो शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह के खिलाफ धारा 311 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

इस आदेश के बाद अब शिक्षा विभाग के सामने सभी स्कूलों का रिकॉर्ड दोबारा जांचकर उसे पूरी तरह सत्यापित रूप में अदालत के सामने रखने की चुनौती है। RTE के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों से जुड़ा यह मामला अब हाईकोर्ट की सख्त निगरानी में पहुंच गया है।

नगर निगम का फैसला तत्काल वापस हो, वरना कांग्रेस सड़कों पर उतरकर करेगी विरोध

रायपुर, 06 अक्टूबर 2026 —

नगर निगम द्वारा मंदिरों एवं सामुदायिक भवनों की निःशुल्क बिजली व्यवस्था पर रोक लगाने तथा पानी के लिए लगे पंपों को काटने के निर्णय पर पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने तीखा हमला बोला है।

उपाध्याय ने कहा कि यह निर्णय धार्मिक भावनाओं और जनहित के खिलाफ है। यदि नगर निगम इस फैसले को तत्काल वापस नहीं लेता, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेगी।

नगर निगम द्वारा मंदिरों एवं सामुदायिक भवनों की निःशुल्क बिजली व्यवस्था पर रोक लगाने तथा पानी के लिए लगे पंपों को काटने के निर्णय पर पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने तीखा हमला बोला है।

विकास उपाध्याय ने कहा कि जिस सरकार और नगर निगम को जनता की बुनियादी सुविधाएं बढ़ानी चाहिए, वह मंदिरों की बिजली काटने और सामुदायिक भवनों के पानी के पंप बंद करने में लगी हुई है। यह फैसला पूरी तरह जनविरोधी और संवेदनहीन है।

उन्होंने कहा कि मंदिरों में बिजली और पानी कोई विलासिता नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता है।

वहीं सामुदायिक भवनों का उपयोग समाज के हर वर्ग के लोग अपने सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए करते हैं। ऐसे स्थानों की सुविधाएं बंद करना सीधे-सीधे आम जनता की परेशानी बढ़ाना है।

विकास उपाध्याय ने सवाल उठाया कि चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार अब जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसाने क्यों लगी है? उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम आर्थिक संकट में है तो अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाए, लेकिन मंदिरों और सामुदायिक भवनों की बिजली-पानी व्यवस्था बंद कर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर बोझ डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को सुविधा देने के बजाय भाजपा सरकार और नगर निगम जनता की सुविधाएं छीनने की नीति पर चल रहे हैं। यह फैसला उनकी जनविरोधी सोच को उजागर करता है।

विकास उपाध्याय ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि मंदिरों की बिजली और सामुदायिक भवनों के पानी के लाइन अगर काटी गई तो कांग्रेस इसका पुर जोर विरोध करेगी ।

बेरला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 80 पौवा अवैध शराब जब्त, एक गिरफ्तार

06 अक्टूबर 2026
बेमेतरा, छत्तीसगढ़

पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देश पर साइबर सेल और थाना बेरला की संयुक्त टीम ने कुसमी सोरला मोड पर नाकाबंदी कर आरोपी को पकड़ा। शराब और मोटरसाइकिल सहित 23,120 रुपये का माल जब्त।

पुलिस अधीक्षक (SP) त्रिलोक बंसल (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव, एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का, एसडीओपी बेरला श्रीमती रूचि वर्मा के मार्गदर्शन में बेमेतरा पुलिस द्वारा अवैध शराब, गांजा, नशीले पदार्थ, जुआ-सट्टा सहित आपराधिक गतिविधियों पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में 04 अक्टूबर 2026 को थाना बेरला पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति अपने मोटरसाइकल में पीले रंग की बोरी में अवैध शराब रखकर कुसमी सोरला मोड की ओर जा रहा है।

सूचना के आधार पर थाना बेरला पुलिस टीम ने सोरला मोड, ग्राम कुसमी चौक पर नाकाबंदी कर आरोपी राजेन्द्र देवांगन (35 वर्ष), पिता झगरू देवांगन, निवासी कुसमी, थाना बेरला, जिला बेमेतरा को अवैध शराब परिवहन करते पकड़ा।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्न सामान जब्त किया:
80 पौवा देशी मसाला/अंग्रेजी शराब (14,400 ml) — कीमती लगभग 8,120 रुपये,मोटरसाइकल क्रमांक CG 04 CS 4369 — कीमती लगभग 15,000 रुपये।कुल जुमला कीमती: लगभग 23,120 रुपये आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम

इस संपूर्ण कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी बेरला उप निरीक्षक राजकुमार साहू, प्रशिक्षु उप निरीक्षक गीतांजली, प्रधान आरक्षक नरेन्द्र मनहर, साइबर सेल से आरक्षक संजय पाटिल, नुरेश वर्मा, जयकिशन साहू, संतोष धीवर, थाना बेरला से आरक्षक तुकाराम निषाद, रामेश्वर पटेल सहित समस्त पुलिस स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

25 करोड़ की रंगदारी मामले में फरार शोएब ढेबर पर 5 हजार का इनाम, पुलिस ने बढ़ाई तलाश, दूसरे राज्य में छिपे होने की आशंका

 रायपुर: कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में फरार चल रहे आरोपी शोएब ढेबर को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा है।

पुलिस ने आदेश जारी कर कहा है कि शोएब ढेबर की गिरफ्तारी कराने या उसकी गिरफ्तारी में मददगार साबित होने वाली विश्वसनीय सूचना देने वाले व्यक्ति को 5 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।

विदेशी नंबर से आया था धमकी भरा संदेश

मामला 14 सितंबर से जुड़ा है। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को WhatsApp के जरिए विदेशी नंबर से धमकी दी गई थी। आरोप है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल करते हुए उनसे 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस के सामने शोएब ढेबर की भूमिका सामने आई। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।

जमानत के बाद फिर गिरफ्तारी की तैयारी, लेकिन फरार हो गया आरोपी

शोएब ढेबर की गिरफ्तारी के बाद उसे जमानत मिल गई थी और वह जेल से बाहर आ गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई के लिए कोर्ट से दोबारा उसकी गिरफ्तारी की अनुमति ली।कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन तब तक शोएब फरार हो चुका था। पुलिस का कहना है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है।

पुलिसकर्मी पर भी गिरी गाज, गोपनीय जानकारी लीक होने की जांच

आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस विभाग के स्तर पर भी कार्रवाई की खबर सामने आई है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट में तैनात आरक्षक शिवम द्विवेदी को लाइन अटैच किया गया है।उस पर पुलिस की दबिश से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने के मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है। विभाग इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है कि पुलिस की कार्रवाई से संबंधित जानकारी बाहर कैसे पहुंची।

दूसरे राज्य में छिपे होने की आशंका, कई ठिकानों पर नजर

शोएब ढेबर के दूसरे राज्य में चले जाने की आशंका को देखते हुए रायपुर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस की टीमें उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।संभावित स्थानों पर दबिश देने के साथ दूसरे राज्यों में भी उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का फोकस आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ने के साथ उसके फरार होने में मदद करने वाले लोगों की भूमिका का पता लगाने पर भी है।

25 करोड़ की रंगदारी केस में आगे क्या होगा

कोर्ट से दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मिलने के बाद पुलिस शोएब ढेबर की तलाश में जुटी हुई है। अब 5 हजार रुपये के इनाम की घोषणा के बाद पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी के ठिकाने से जुड़ी अहम जानकारी सामने आ सकती है।फिलहाल पुलिस की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर काम कर रही हैं और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्य और नवाचार से ही आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होता है : राज्यपाल डेका

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका आज रोल- बोल सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित ‘रोल बोल यूथ कॉन्क्लेव-2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्यों, नवाचार और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग को जीवन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया। मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल डेका ने कहा कि जीवन में सकारात्मकता बहुत आवश्यक है। हमें हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। नकारात्मक सोच के साथ सफलता प्राप्त करना कठिन है।

उन्होंने कहा कि ‘रोल-बोल-रेस्ट ऑफ लाइफ, बेस्ट ऑफ लाइफ’ जीवन को सकारात्मक दृष्टि से देखने और अपने साथ-साथ दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने की सोच का संदेश देता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो हो गया, उसे पीछे छोड़कर और भविष्य की अनावश्यक चिंता किए बिना वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमारे जीवन की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि इस बात से भी जुड़ी है कि हमने कितने अच्छे संबंध बनाए हैं और परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों तथा पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध कैसे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि हार को भी स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि हार हमें कठिन परिश्रम करने और अगली बार बेहतर प्रदर्शन कर जीत हासिल करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट और तकनीक ने पूरी दुनिया को हमारी पहुंच में ला दिया है। गूगल के माध्यम से बहुत-सी जानकारियां आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं, लेकिन युवाओं में मौलिक सोच, मानसिक अभ्यास और स्वयं खोज करने की क्षमता विकसित होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई खोज, नवाचार और नई संभावनाओं को तलाशने की क्षमता मानव जीवन की विशेषता है। विज्ञान और तकनीक ने जीवनशैली में व्यापक परिवर्तन किए हैं और इसका प्रमुख आधार निरंतर नवाचार है। शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि मानव जीवन को बेहतर बनाना भी है। तकनीक का विकास निरंतर जारी रहेगा, लेकिन उसका उपयोग समाज और मानवता के हित में होना चाहिए।

राज्यपाल डेका ने युवाओं से कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ करें। सोशल मीडिया पर फेक न्यूज, भ्रामक सामग्री और डीपफेक जैसी चुनौतियों से स्वयं को और समाज को सुरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मशीन बुद्धिमान हो सकती है, लेकिन मानवता मनुष्य के भीतर ही रहती है। तकनीक कितनी भी विकसित हो जाए, वह मानवीय संवेदनाओं और मूल्यों का स्थान नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि जीवन में चरित्र का बहुत महत्व है। हमें अपने संबंधों को सहेजकर रखना चाहिए और सफलता मिलने पर भी विनम्र बने रहना चाहिए। ज्ञान लीजिए, ज्ञान दीजिए और इसका दान करिए यही सच्ची मानवीय परंपरा है।

राज्यपाल ने कहा कि मानव का बौद्धिक गुण सर्वाेपरि है। तकनीक का उपयोग रचनात्मक कार्यों और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि विनाश के लिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवा एक सकारात्मक संदेश लेकर जाएंगे। कार्यक्रम में कौशल उन्नयन, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहिब, बॉलीवुड संगीतकार मोंटी शर्मा, रोल-बोल संस्था के पदाधिकारी तथा राजनीति, मीडिया, उद्योग और सिनेमा से जुड़े विशिष्टजन उपस्थित थे।

CM साय ने किया सिंगापुर के Mandai Wildlife Reserve दौरा, देखी वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म की व्यवस्था

रायपुर/सिंगापुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों और वन्यजीव संपदा को वैश्विक पर्यटन से जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिंगापुर के Mandai Wildlife Reserve का दौरा किया। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक आवास के प्रबंधन और पर्यटक सुविधाओं की आधुनिक व्यवस्था का अवलोकन किया। साय ने कहा कि सिंगापुर के अनुभवों से सीख लेकर छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप इको-टूरिज्म का ऐसा मॉडल विकसित किया जा सकता है, जिसमें संरक्षण के साथ पर्यटन और रोजगार को भी गति मिले।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मंडाई वाइल्डलाइफ रिजर्व का दौरा कर वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म की व्यवस्थाएं देखीं। साय भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन पर सिंगापुर में आयोजित प्रथम सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम 2026 में भाग लेने पहुंचे हैं।

छत्तीसगढ़ की करीब 44 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र है। बस्तर से सरगुजा तक फैले जंगल, समृद्ध जैव-विविधता और राष्ट्रीय उद्यान-अभयारण्य राज्य को इको-टूरिज्म के लिए विशिष्ट आधार देते हैं। सरकार अब इन प्राकृतिक संसाधनों को बेहतर पर्यटक सुविधाओं और स्थानीय भागीदारी से जोड़कर पर्यटन की नई संभावनाएं तलाश रही है।

Mandai Wildlife Reserve में मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक परिवेश में वन्यजीव संरक्षण, पर्यटकों के अनुभव, प्रबंधन व्यवस्था और जागरूकता गतिविधियों का अध्ययन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छत्तीसगढ़ में विकास का मॉडल उसकी अपनी भौगोलिक और जैव-विविधता संबंधी विशेषताओं के अनुरूप होना चाहिए।

साय ने कहा कि सिंगापुर की व्यवस्थाओं को हूबहू अपनाने के बजाय वहां के सफल अनुभवों को छत्तीसगढ़ की जरूरतों के अनुसार उपयोग में लाया जाएगा। लक्ष्य ऐसा इको-टूरिज्म मॉडल तैयार करना है, जिसमें जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहें तथा स्थानीय समुदायों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आय के नए अवसर बनें।

बस्तर, कांगेर घाटी, अचानकमार, इंद्रावती और उदंती-सीतानदी जैसे क्षेत्र छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पर्यटन क्षमता को दर्शाते हैं। इन क्षेत्रों में संरक्षण, स्थानीय भागीदारी और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का बेहतर समन्वय राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय इको-टूरिज्म मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

रायपुर के इंडोर स्टेडियम में राज्यस्तरीय रोजगार मेला, 8 हजार से अधिक पदों पर होंगी भर्तियां

 7-8 अक्टूबर को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजन, सीएम साय रहेंगे मौजूद

रायपुर। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा 7 एवं 8 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में और कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की अध्यक्षता में आयोजित इस रोजगार मेले में तकनीकी एवं गैर-तकनीकी क्षेत्रों के 8 हजार से अधिक रिक्त पदों पर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

सचिव कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग ड. बसवराजू एस. ने बताया कि द्वारा रोजगार मेले में प्रदेश के वृहद उद्योगों एवं निजी प्रतिष्ठानों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रिक्त पदों के लिए युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। इच्छुक युवा erojgar.cg.gov.in (ई-रोजगार पोर्टल) पर उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी प्राप्त करने के साथ रोजगार मेले के लिए अपना पंजीयन भी करा सकते हैं। राज्य एवं जिला स्तरीय रोजगार मेलों में चयनित आवेदकों को कार्यक्रम के दौरान ऑफर लेटर प्रदान किए जाने की भी तैयारी की गई है। इसके साथ ही रोजगार मेले में आने वाले युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं उद्योगों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त करने और अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा।

रोजगार मेले में अधिकाधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों सहित विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। संबंधित विभागों एवं जिलों को भी युवाओं तक रोजगार मेले की जानकारी पहुंचाने और उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य शासन द्वारा आयोजित यह रोजगार मेला प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित संस्थानों एवं उद्योगों से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। शासन ने आयोजन को सफल बनाने तथा अधिकाधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।