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Friday, October 23, 2026
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“पशु बलि रोको” धर्म के नाम पर चल रहे पशु बलि रोकने संत पंथ समाज आम जनता उतरे सड़क पर

आज के विरोध प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मंदिर में धर्म के नाम पर हो रहे बलि को रोकना।

23 तारीख को बेमेतरा के पुराना बस स्टैंड में कई मुद्दों को लेकर बैठक रखी गई है।
“बेमेतरा”
आज के विरोध प्रदर्शन का अगुवाई कर रहे दंडी स्वामी जी ने क्या कहा पढ़िए,,,,
आज के विरोध प्रदर्शन पर स्वामी ज्योतिर्मयानंद ने शासन प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यहां धर्म के नाम से अधर्म हो रहा है ।शासन प्रशासन मूक_बधिर बना बैठा है ।क्या उनको पता नहीं हजारों बकरे रोज काटे जा रहे हैं,और शराब का भरपूर सेवन किया जा रहा है।मंदिर क्या शराब पीने की जगह है, सनातन धर्म में हमारी आस्था है,भगवती के मंदिर में कोई निरीह प्राणी मारा जाए और भगवती प्रसन्न हो जाए,ऐसा नहीं होता।हजारों की संख्या में बलि दी जाती है, उनका रक्त नदी के पानी में बहाया जाता है,उसे धोया जाता है,यही पानी पीने के भी काम आता है।अब प्रशासन को चेत जाना चाहिए कहीं धर्म के नाम पर बवाल बढ़ा तो जनाक्रोश को रोकना शासन के लिए मुश्किल होगा।आसपास के क्षेत्र और अन्यत्र जगहों में धर्म के नाम पर जो कांड हुआ है,उसकी पुनरावृत्ति यहां न हो यह ध्यान रखना प्रशासन का काम है।

“”समिति ने बलि प्रथा रोकने सहयोग करने लिखित में दिया है।आगामी दिनों में इसमें बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।पुलिस प्रशासन को यह जिम्मेदारी दी गई है यहां बलि देने वाले की गाड़ी रोके जाए,यहां बलि देते पाया गया तो उसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी “”

आपको बता दें ग्राम सण्डी में सिद्धी माता का मंदिर है, जो स्वप्न में दिखने के बाद यहां मंदिर बनाया जाता है,फिर वहां बकरे की बलि दी जाती है।यहां होली के बाद तेरस तक अनगिनत बकरे की बलि दी जा चुकी है।बलि के बहाने खूब मांस का भक्षण किया जाता है,शराब का दौर चलता है।

बेमेतरा जिला के ग्राम सण्डी में फागुन महीने में हजारों की संख्या पर प्रदेश भर के लोग मन्नत पूरी होने पर जानवरों की बलि देते हैं। मंदिर में बेजुबान निरीह पशु की बड़ी तादाद में बलि दी जाती है।इसी बलि प्रथा का लगातार विरोध होता आ रहा है।पहले भी बलि प्रथा विरोध के बाद बंद की गई थी।लेकिन कुछ दिन बाद फिर से शुरु कर दी गई।

मंदिर समिति के अध्यक्ष छगन राम के मुताबिक बलि जहां दी जाती है,उस स्थान में ताला बंदी की गई है। मंदिर समिति बलि का विरोध करती है, तो लोग कही भी जाकर बलि दे रहे हैं। वहीं मौके पर पहुंचे बेमेतरा तहसीलदार जयंत पाटले ने कहा कि मंदिर समिति और समाजसेवी संगठनों में सहमति बनी है।

बेमेतरा के SDOP मनोज कुमार तिर्की और तहसीलदार जयंत पाटले सहित बेमेतरा और दुर्ग से पुलिस फोर्स धरना स्थल में मौजूद थे।

जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी की अध्यक्षता में जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक

बेमेतरा जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक

जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए सभी सदस्यों और अधिकारियों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से अनुरोध किया कि बैठक में लिए गए निर्णयों को समयबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए और नियमित अंतराल पर प्रगति की समीक्षा की जाए।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष खुशबू गोविंद वर्मा ने भी सभी सदस्यों को आश्वस्त किया कि जिला पंचायत विकास योजनाओं को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग देगी।

जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी की अध्यक्षता में जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक जिला पंचायत के सभागार में बुलाई गई थी।बैठक  में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती खुशबू गोविंद वर्मा, जिला पंचायत सीईओं श्री टेकचंद अग्रवाल सहित जिला पंचायत के सभी सदस्य एवं जिला अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के विकास कार्यों की समीक्षा और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत में वर्ष 2025-26 के लिए डीपीडीपी (वार्षिक कार्ययोजना) निर्माण पर विस्तार पूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
सदस्यों ने विकास योजनाओं की प्राथमिकताओं और वित्तीय प्रबंधन के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
पंचायत सम्मिलन में हुए व्यय की कार्याेत्तर स्वीकृति तथा जिला पंचायत सदस्यों के प्रथम सम्मिलन में हुए व्यय की स्वीकृति के प्रस्ताव पारित किए गए। इन स्वीकृतियों से पंचायत स्तरीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
आसन्न जल संकट पर जरूरतमंद क्षेत्रों पानी टैंकर शहरी क्षेत्रों में वाटर हार्वेस्टिंग और गांवों में जल संरक्षण के अभियान पर जोर दिया गया।

जिले में पानी की समस्या को दूर करने के लिए विभिन्न उपायों पर गहन चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय हुआ कि जरूरतमंद क्षेत्रों में पानी की तत्काल आपूर्ति के लिए पानी टैंकर भेजे जाएंगे। साथ ही समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी दिनों में ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को वर्षा जल संरक्षण के तरीकों से अवगत कराया जाएगा।

कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

अमलडीहा क्षेत्र में निर्माण कार्य समय पर पूर्ण नहीं होने पर सदस्यों ने असंतोष व्यक्त किया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, ताकि भविष्य में विकास कार्यों में देरी न हो। संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए कि वे जल्द से जल्द इन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक में सदस्यों ने कहा मरम्मत योग्य आंगनबाड़ियों की मरम्मत  कराया जाय । आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण स्थान हैं, अतः उनकी स्थिति सुधारने के लिए तात्कालिक कदम उठाने चाहिए।

अधिकारियों ने बताया कि कुछ आंगनबाड़ियों में मरम्मत हो रही है। जिन आंगनबाड़ियों में मरम्मत की आवश्यकता है, निरीक्षण करा कर जल्द  कराया जाएगा।

बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों एवं अधिकारियों ने अपने-अपने सुझाव रखे और भविष्य की रणनीतियों पर सामूहिक रूप से सहमति व्यक्त की।अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जिले के विकास व आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए सभी को मिलकर बेहतर प्रयास करने होंगे।

छत्तीसगढ़ में बाघों की घटती संख्या पर बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर ने लोकसभा में उठाया प्रश्न

टाइगर रिजर्व विस्तार की मांग

रायपुर।
बाघ सहित वन्य जीवों के सरंक्षण को लेकर रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में महत्वपूर्ण सवाल उठाए


रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या में लगातार गिरावट पर चिंता व्यक्त की है। वर्ष 2014 में जहां राज्यमें 46 बाघ थे, वहीं 2018में यह संख्या घटकर 19 रहगई और 2022 में यह केवल 17 रह गई। इसके विपरीत,देशभर में बाघों की संख्या 2014 में 2226 से बढ़कर
2022 में 3682 हो गई। यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में बाघ संरक्षण को लेकर विशेषध्यान देने की आवश्यकता है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ समेत
देशभर में बाघ और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर महत्वपूर्णसवाल उठाए। उन्होंने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री से देश में बाघ अभयारण्यों की संख्या,बाघों की जनसंख्या में हो रही वृद्धि या कमी, अवैध शिकार की घटनाओं और वन्य जीवों के सरंक्षण के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी। सांसद के सवालों के जवाब में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि देश में वर्तमान में 58 टाइगर रिजर्व हैं और सरकार बाघ संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। इसके तहत टाइगर रिजर्व का विस्तार, आधुनिक तकनीक से निगरानी, मानव-पशु संघर्ष को कम करने के उपाय, और अवैध शिकार पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।

छत्तीसगढ़ को वन्यजीव संरक्षण के लिए केंद्र से मिली सहायता राशि

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को बाघ और हाथी परियोजनाओं के तहत विभिन्न वित्तीय वर्ष 2021-22 में 355.85 लाख, 2022-23 में 165.75 लाख, 2023-24 में 292.86 लाख और 2024-25 में 181.58 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। सरकार द्वारा बाप और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सीएसएस-आईडीडब्ल्यूएच योजना के तहत सहायता दी जा रही है, जिसमें वन्यजीव पर्यावासों काविकास, मानव-पशु संघर्ष की रोकथाम, और टाइगर रिजर्व में आवश्यक संरचनात्मक सुधार किए जा रहे हैं।

बाघों के अवैध शिकार पर सख्त नजर

बाघों के अवैध शिकार पर सांसद अग्रवाल द्वारा पूछे गए सवाल पर सरकार ने स्पष्ट किया कि पिछले तीन वर्षों में देशभर में बाघों के अवैध शिकार की घटनाओं की निगरानी की गई है और इस संबंध में राज्यवार आंकड़े संकलित किए गए हैं। हालांकि, अन्य वन्यजीवों से जुड़ी जानकारी केंद्र सरकार के स्तर पर नहीं रखी जाती।

सरकार की तीन स्तरीय रणनीति-

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय संरक्षण प्राधिकरण के माध्यम से सरकार ने मानव-पशु संघर्ष से निपटने के लिए तीन स्तरीय रणनीति बनाई है ।
1. संसाधनों और बुनियादी ढांचे सुधार – टाइगर रिजर्व में
आवश्यक सुविधाओं का विस्तार और संरक्षण योजनाओं को सुदृढ़ करना।
2. पर्यावास प्रबंधन बाघों के प्राकृतिक आवास को मजबूत
बनाना और उनके विस्थापन को नियंत्रित करना।
3. मानक संचालन प्रक्रिया मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने
के लिए तीन एसओपी जारी की गई हैं, जिनमें आपातकालीन स्थितियों में बाघों को सुरक्षित बचाने, मवेशियों पर हमले की घटनाओं को नियंत्रित करने, और वन्यजीवों के पुनर्वास की योजना शामिल है।

छत्तीसगढ़ में बाघ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता

सांसद अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में बाघों की घटती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की और केंद्र सरकार से इस दिशा में और अधिक ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाघों के संरक्षण के लिए विशेष रणनीति बनाई जानी चाहिए ताकि राज्य में बाघों की संख्या को बढ़ाया जा सके और वन्यजीवों का प्राकृतिक संतुलन बना रहे। उन्होंने सरकार से मांग की कि छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व का विस्तार किया जाए, अवैध शिकार पर सख्ती बढ़ाई जाए और बाघों की सुरक्षा के लिए आधुनिक निगरानी तकनीकों को अपनाया जाए। बता दे सांसद बृजमोहन अग्रवाल पहले ही भोरमदेव अभ्यारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने की मांग कर चुके है,जिसपर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार को आवश्यक निर्देश भी जारी कर चुके हैं।

पुलिस और नक्सली मुठभेड़ में 22 नक्सली ढेर,बीजापुर में 20, कांकेर में 4 का एनकाउंटर; शव-हथियार बरामद, फायरिंग जारी

20मार्च25

भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद
छत्तीसगढ़ के बस्तर में दो अलग-अलग जिलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुल 22 नक्सली मारे गए हैं।सभी के शव भी जवानों ने बरामद कर लिए हैं।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर जिले में मुठभेड़ हुई। बीजापुर में 18 और कांकेर में 4 नक्सलियों को सुरक्षा बलों के जवानों ने ढेर कर दिया है। 18 नक्सलियों के शव और इलाके से भारी मात्रा में सामान हथियार भी जवानों ने बरामद किए हैं। मुठभेड़ अभी भी जारी है और क्षेत्र में सर्चिंग आपरेशन तेज कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़
नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी सुरक्षाकर्मियों की टीम।
गंगालूर इलाके में मुठभेड़ में नक्सलियों को बड़े नुकसान की सूचना।

18 नक्सलियों के साथ-साथ हथियार और गोला-बारूद बरामद।
एजेंसी, बीजापुर
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर स्थित जंगल में उस समय शुरू हुई जब सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम गंगालूर इलाके (बीजापुर) में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी।
अधिकारी ने बताया कि दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी हुई है। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ अभी भी जारी है और क्षेत्र में सर्चिंग आपरेशन तेज कर दिया गया है। बताया जा रहा इस मुठभेड़ में अब 18 नक्सली मारे गए हैं, बीजापुर जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के एक जवान ने अपनी जान दे दी। 

पुलिस का सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है, 18 नक्सलियों के साथ-साथ हथियार और गोला-बारूद बरामद कर लिया गया है। 
नक्सलियों के खिलाफ एक्शन में दो जवान भी हुए थे घायल
इससे पहले बीजापुर और नारायणपुर से लगी महाराष्ट्र की सीमा पर सुरक्षाबल और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई थी। इसमें 31 नक्सलियों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है। साथ ही मुठभेड़ की जगह से ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल लगातार नक्सलियों के खिलाफ एक्शन ले रहे हैं। बीजापुर के फरसेगढ़ थाना नेशनल पार्क क्षेत्र में महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा पर सुबह से मुठभेड़ जारी है। वहीं इस मुठभेड़ में दो जवान भी घायल हुए हैं।

विधानसभा में उठने लगी मांग लोगों को दो बोतल शराब प्रति सप्ताह फ्री में क्यों नहीं देते,,,जानें किस विधानसभा में उठी ये मांग

कर्नाटक के विधानसभा में लोगों को सप्ताह में दो बोतल शराब देने की मांग उठी!!

शराब को लेकर अब कैसी मांग उठ रही जहां राज्य को आर्थिक और सामाजिक रूप से संबल प्रदान करने की बात उठानी चाहिए,वहां अब लोगों को शराब देने की बातें उठ रही है।क्या बात है !!शराब,शासन और समाज आज तीनों का अद्भुत संगम हो रहा है।जहां बच्चे,बूढ़े,नवजवान अब तो महिलाएं भी इसमें डुबकियां लगा रहे है।
जहां शराब बंदी होनी चाहिए वहां शराब से सरकार अपनी आमदनी बढ़ाना चाहती है!!

अब प्रश्न उठता है पुर्वी सभ्यता में क्या? संस्कार का सूर्य अस्त हो गया है,सूरज अब पश्चिम से निकल रहा है।देश के कर्णधार देश को किस दिशा में खेंच ले जा रहे हैं।कई राज्यों में शराब बंद है तो छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में खुद शासन दुकानें चला रही है।यहां विवाद का पूरा मुद्दा ही शराब है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री जैसे पर आरोप चढ़ा है, जिसकी जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही है।
अभी 1 अप्रैल से छग में नई शराब नीति के तहत 67 नई शराब दुकानें खोली जाएगी।क्या? अब सरकार के पास राजस्व की आय के लिए शराब उद्योग ही है।

अब
हालिया बयान देखिए कर्नाटक विधानसभा में शराब को लेकर क्या बातें हो रही है””””
कर्नाटक विधानसभा में जेडीएस विधायक ने एक मांग उठाई है,वो मांग क्या है ??
दरअसल यह अजीब मांग उठाई गई है कि दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक में। बुधवार को कर्नाटक विधानसभा में JDS के वरिष्ठ विधायक MT कृष्णप्पा ने सरकार से हर सप्ताह लोगों को दो बोतल शराब देने की मांग की। JDS विधायक MT कृष्णप्पा चाहते है कि सिद्धरमैया सरकार अपनी 5 गारंटी में शराब की दो बोतल भी पुरुषों को दे।
उन्होंने कहा, अध्यक्ष महोदय, मुझे गलत मत समझिए, लेकिन जब आप 2000 रुपये मुफ्त देते हैं, जब आप बिजली मुफ्त देते हैं – तो यह हमारा पैसा है, है न? तो उनसे कहिए कि वे शराब पीने वालों को भी प्रति सप्ताह दो बोतल मुफ्त दें. इसके अलावा उन्होंने कहा कि पुरुषों को हर महीने पैसा देना संभव नहीं है न? यह हमारा पैसा है जो शक्ति योजना. मुफ्त बस और करंट के लिए दिया जा रहै है, है न? ऐसे में पुरुषों को सप्ताह में दो बोतल देने में क्या बुराई है? इसे करवाइए। कॉपरेटिव सोसाइटी के जरिए ऐसा करने दीजिए।
जॉर्ज को यह करने दीजिए. समाज की ओर से यह दीजिए।
कांग्रेस ने कहा- आप चुनाव जीतिए, सरकार बनाइए और इसे लागू कीजिए।

जेडीएस विधायक की इस मांग पर कांग्रेस के केजे जॉर्ज ने कहा, आप चुनाव जीतिए, सरकार बनाइए और यह कीजिए। इस पर एमटी कृष्णप्पा ने आगे कहा कि आपने अब गारंटी दे दी है, है न? फिर केजे जॉर्ज ने कहा हम शराब पीने को यथासंभव कम करने का प्रयास कर रहे हैं।

असेम्बली स्पीकर बोले- शराब मुफ्त देने लगे तो सोचिए क्या स्थिति होगी।विधायक की इस मांग पर विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने कहा कि दो बोतल मुफ्त देने के आपके सुझाव से पहले ही हम मुश्किल स्थिति में हैं।कल्पना कीजिए कि अगर हम दो बोतल मुफ्त देने लगें तो स्थिति कैसी होगी।
इस पर एमटी कृष्णप्पा ने कहा अगर आप इसे मुफ़्त में देंगे तो स्थिति अपने आप ठीक हो जाएगी।
फिर अध्यक्ष ने पूछ ही लिया यहाँ 224 लोगों में कितने लोग हैं जो शराब नहीं पीते,,,??!!

नागपुर हिंसा का मास्टरमाइंड (माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी) “MDP” शहर प्रमुख फहीम गिरफ्तार: दंगाइ भाषण देकर हिंसा को बढ़ावा दिया

महाराष्ट्र के नागपुर में भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार फहीम खान नाम के स्थानीय नेता ने लोगों को भड़काया था। इसी के बाद नागपुर के महाल इलाके में दंगा हुआ था। उपद्रवियों ने वाहनों में तोड़फोड़ और फिर आगजनी की थी,जिसमें कई लोग घायल भी हुए।

महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा को लेकर (FIR)में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिक की (FIR) में फहीम शमीम खान को हिंसा का मास्टर माइंड बताया गया है।FIR में दर्ज आरोपों के अनुसार, 500 से 600 हथियारबंद लोगों ने पुलिस पर हमला किया और पेट्रोल बम तक फेंके गए।पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर के मुताबिक, आरोपी ने महिला पुलिसकर्मी को अनुचित तरीके से छुआ, अश्लील इशारे किए और अन्य महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया। यह घटना 17 मार्च को शाम 4 बजे शुरू हुई और रात 11:30 बजे तक जारी रही।


पुलिस की जांच में सामने आया है कि माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के शहर प्रमुख फहीम शमीम खान ने हिंसा की स्क्रिप्ट लिखी थी। उसी द्वारा फैलाई गई अफवाह पर ही नागपुर में हिंसा और दंगा हुआ। पुलिस ने दावा किया है कि नागपुर में हिंसा को भड़काने वाला मास्टरमाइंड फहीम खान है। पुलिस ने दावा किया है कि फहीम खान ने लोगों को भड़काया था। पुलिस ने फहीम खान को नाम दंगे की एफआईआर में जोड़ा है।


(MDP) पार्टी से गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ा


फहीम खान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में नागपुर सीट से (माइनॉरिटीडेमोक्रेटिक पार्टी _MDP) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से 6.5 लाख से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हार गया था।

आकाश से धरती पर लौटी “sky travelers” सुनीता विलियम्स_9 महीने बाद हुई घर वापसी,,प्रधानमंत्री मोदी ने कहा धरती पर आपका स्वागत है””

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर अन्य दो अंतरिक्ष यात्रियों के साथ स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के ज़रिए पृथ्वी पर लौट आए हैं।समंदर के सतह पर आने के बाद कंट्रोल सेंटर की ओर से अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा गया, “निक, एलेक, बुच, सुनी…स्पेसएक्स की ओर से घर वापस आने का स्वागत है.”

बीते साल जून में महज़ आठ दिनों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर गए ये दोनों एस्ट्रोनॉट नौ महीनों बाद लौट पाए हैं.
बोइंग का जो स्टारलाइनर यान उन्हें वापस धरती पर लाने वाला था वो ख़राब हो गया था इसलिए उन्हें इतना लंबा इंतज़ार करना पड़ा.

अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस स्टेशन से धरती पर पहुँचने में 17 घंटों का लंबा वक्त लगा।

आख़िरकार एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल फ्लोरिडा के तट पर सुरक्षित रूप से उतारा.
समुद्र में गिरने के बाद कैप्सूल के चारों ओर जिज्ञासु डॉल्फिनों का एक समूह चक्कर लगा रहा था.

“कैप्सूल में सभी के चेहरे पर मुस्कुराहटों से भरा है.”
जिस पल का दुनिया को बेसब्री से इंतजार था वह पल आज आ ही गया। सुनीता विलियम्स अन्य तीन अंतरिक्ष यात्रियों के साथ स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल पर बैठकर सकुशल धरती पर वापस लौट आईं। उनकी सफल ‘घर वापसी’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि धरती को उनकी याद आई।
पीएम मोदी ने – सुनीता विलियम्स को एक पथ प्रदर्शक और एक आइकन कहा
धरती ने आपको मिस किया। यह धैर्य, साहस और असीम मानवीय भावना की परीक्षा रही है। सुनीता विलियम्स और क्रू-9 अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बार फिर हमें दिखाया है कि दृढ़ता का वास्तव में क्या मतलब है।
सुनीता विलियम्स की धरती में वापसी पर छत्तीसगढ़ CM विष्णुदेव साय ने कहा, धैर्य, साहस और आत्मविश्वास की अद्भुत मिसाल
भारतीय मूल की साहसी नारी सुनीता विलियम्स जी को अंतरिक्ष में 9 महीने के कठिन सफर के बाद सकुशल पृथ्वी पर लौटने पर हार्दिक बधाई। उनका यह ऐतिहासिक मिशन विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण की दुनिया में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कठिनाइयों के बावजूद डटे रहना ही सफलता की पहचान है।

“छत्तीसगढ़ विधानसभा का रजत जयंती वर्ष ” _______________ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 24 मार्च को आएंगी छत्तीसगढ़ , विधानसभा में प्रबोधन कार्यक्रम को करेंगी संबोधित:_

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का छत्तीसगढ़ आगमन 24 मार्च, हो रहा है।जिसमें विधानसभा में आयोजित प्रदेश की रजत जयंती कार्यक्रम में विधायकों से चर्चा और सदन को करेंगी संबोधित ।


छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर शहर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 24 मार्च को आ रही हैं। 24 मार्च को उनका छत्तीसगढ़ का दौरा कार्यक्रम है। महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्तमान वर्ष विधानसभा का रजत जयंती वर्ष है।इसके लिए राष्ट्रपति को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था। विधानसभा में होने जा रहे खास कार्यक्रम में वो शामिल होंगी।यह कार्यक्रम प्रदेश की स्थापना के रजत जयंती वर्ष को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। आपको बता दें कि प्रबोधन कार्यक्रम नामक आयोजन में राष्ट्रपति मुर्मू विधायकों से चर्चा करेंगी। वो विधानसभा सदन को संबोधित करेंगी। विधायकों की जिम्मेदारी, लोकतंत्र में विधानसभा की भूमिका, छत्तीसगढ़ की प्रगति और राज्य के विकास को लेकर अपने विचार साझा करेंगी। इस कार्यक्रम में विधायकों को सदन में काम करने को लेकर राष्ट्रपति अपनी ओर से टिप्स देंगी।
कब से प्रारंभ हुआ था छग विधानसभा का प्रथम सत्र

छग राज्य मध्यप्रदेश से अलग होकर 1 नवंबर 2000 को एक स्वतंत्र राज्य बना, जिसमें 90 विधानसभा शामिल हैं।
दिनांक 14 दिसम्बर, 2000 को छत्तीसगढ़ विधान सभा का प्रथम ऐतिहासिक सत्र राजधानी रायपुर स्थित राजकुमार कॉलेज के ”जशपुर हॉल” में संपन्न हुआ तथा द्वितीय सत्र 27 फरवरी, 2001 से नवनिर्मित विधान सभा भवन में प्रारंभ हुआ ।

रायपुर में राष्ट्रपति मुर्मू को भारतीय वायुसेना का विशेष विमान लेकर आएगा। इस प्लेन को कोई सामान्य पायलट नहीं बल्कि एयरफोर्स के सीनियर पायलट उड़ाते हैं। दिखने में आम विमान की तरह नजर आने वाला विमान अंदर से कई तरह की अत्याधुनिक संचार माध्यम से लैस होता है। इस प्लेन का एक हिस्सा राष्ट्रपति के दफ्तर की सुविधाओं से सेटअप होता है। विमान रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड होगा।
कार्यक्रम की तैयारी को लेकर मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने उच्च स्तरीय बैठक की। छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय महानदी भवन में उच्च स्तरीय बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

छग सरकार की नई आबकारी नीति 1 अप्रैल से:_शराब बंद नहीं ,67 नई दुकान और खोलेंगे..”


छत्तीसगढ़ सरकार ने 2025-26 की नई आबकारी नीति को को मंजूरी दी है। राज्य में शराब दुकानों की संख्या बढ़ाएंगे जो 674 शराब दुकानें पहले की तरह संचालित हैं, उसमें दस प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 67 और नई शराब दुकान खोलेंगे।जिले स्तर में शराब की प्रीमियम शॉप होगी तो एक जिले से दूसरे जिले दुकान स्थानांतरित भी कर सकेंगे।
विदेशी शराब पर 9.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क समाप्त कर दिया गया है, जबकि देशी शराब की आपूर्ति के लिए मौजूदा दरें लागू रहेंगी।

शराब के शौकिनों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने नई शराब दुकान खोलने की अनुमति दे दी है। साय कैबिनेट में नई शराब नीति पर मुहर लगने के बाद प्रदेश में 10 प्रतिशत और दुकानें खोलने पर मंजूरी मिली है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव सरकार 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति 2025—26 लागू करने जा रही है।

छत्तीसगढ़ में एक अप्रैल 2025 से 67 नई शराब दुकानें खोली जा रही हैं।नई आबकारी नीति में नई दुकान खोलने का निर्णय लिया गया है। साथ ही प्रीमियम शॉप के संचालन की भी अनुमति दी गई है।नई 67 दुकानें खुलने से दुकानों की संख्या बढ़कर 741 हो जाएगी. यह दुकानें सीमावर्ती इलाके और 30 किमी के दायरे के बीच दुकान नहीं होने की स्थिति में खोलने का निर्णय लिया गया है.

दुकान खुलने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व में 12 हजार 500 करोड़ क अनुमानित होगा इजाफा

शराब दुकान का भी जिले से दूसरे जिले में हो सकता है स्थानांतरण
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि राज्य के किसी भी जिले की शराब दुकान को जरूरत पड़ने पर दूसरे जिले में स्थानांतरित किया जा सकता है। इस कदम का उद्देश्य उन क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री को रोकना है, जहां अब तक लाइसेंसी दुकानें नहीं थीं।

शराब दुकानों के स्थानांतरण के मामले में जिला कलेक्टर के प्रस्ताव के आधार पर आबकारी आयुक्त की सिफारिश के बाद सरकार की मंजूरी से प्रक्रिया पूरी होगी। साथ ही, जरूरत के अनुसार दुकानों के स्वरूप में भी बदलाव किया जा सकेगा।

बेमेतरा नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने किया बस स्टैंड और गार्डन का दौरा भारी अव्यवस्था पर जताया कड़ा ऐतराज “”


बेमेतरा 18 मार्च 2025

विजय सिन्हा अपने टीम नगर पालिका अधिकारी और पार्षदों के साथ शहर के बीचोबीच स्थित निर्माणाधीन बस स्टैंड पहुंचा।वहां की व्यवस्था देख कर कहा ये बस स्टैंड है कि कोई बाजार,इसमें कोई सिस्टम नहीं चारों तरफ अव्यवस्था का आलम पसरा है।कहीं पर भी ठेला खड़ा कर दुकान चला रहे है,लोगों को चलने फिरने में दिक्कत हो रही है,बस स्टैंड है कि मुसाफिर खाना ।कवर्धा रोड तरफ दुकानें बना कर आने जाने का रास्ता ही बंद किया गया है,ये दुकानें नहीं चलेगी इसे यहां से हटाया जाएगा और एक रास्ता तैयार किया जाएगा।बस स्टैंड को चारों तरफ से घेर रखे हैं,ये बस स्टैंड है कि शॉपिंग कांप्लेक्स।

उन्होंने दुकान को तुड़वाने की बात कही।जब तक दुकानें नहीं हटेगी तब तक आवागमन का सुचारू व्यवस्था नहीं दे सकते।

बस स्टैंड का मतलब यात्री वाहनों की आवाजाही से है, यात्रियों को सुविधा देने से है।

विजय सिन्हा ने सख्त लहजे में कहा पूर्व कांग्रेस सरकार की नगर पालिका में रही है। व्यवस्था को छोड़ विवाद ही की है । यह कैसी व्यवस्था है जिसमें चारों तरफ जाम किया हुआ है।बाते तो बड़ी बड़ी किए थे बस स्टैंड हाईटेक सिस्टम में होगा एक व्यवस्थित बस स्टैंड बनाएंगे,?कहां गई सब बातें और घोषणाएं।

सब की जांच कराई जाएगी क्या सही है क्या गलत है यह देखा जाएगा कौन कहेगा कि यह जो बस स्टैंड है जिला का है जिलामुख्यालय का है ।जिलास्तरीय बस स्टैंड है जहां से रायपुर दुर्ग बिलासपुर और जबलपुर की बसें गुजरती है।यह बस स्टैंड बेमतरा का जिला मुख्यालय पर होकर भी अव्यवस्थित है।

राज्य को राज्य से जोड़ने वाली राजकीय राजमार्ग पर स्थित है।बस स्टैंड देखने के बाद लगता है इसे एक शॉपिंग कांप्लेक्स की तरह इस्तेमाल करना चाह रहे थे,जहां केवल व्यापार हो मगर व्यवस्था ना हो ।लगता है बस स्टैंड के आड़े दुकान दारी चलाई जा रही है।

सिन्हा ने कहा अब यह सब नहीं चलेगा इस पर बात उठाई जाएगी,नगर पालिका की प्रथम बैठक में ही इस बात को रखा जायेगा कि जो फंड लेकर काम कराया गया है क्या वह उचित है ,जांच कराई जाए की नहीं।

पालिका अध्यक्ष ने दुकान वालो से कहा यह आपका शहर है आपका नगर है आपको पालिका का साथ देकर नगर की व्यवस्था में सहयोग करनी चाहिए।

उन्होंने नगर पालिका टीम के साथ गार्डन का भी निरीक्षण किया और उसे खुलवाया गया जो विगत पांच वर्षों से बंद पड़ा है,ताला जड़ा हुआ था कहा ये वही गार्डन है जो कांग्रेस शासन काल में बहुत जोर शोर से बड़े प्रचार प्रसार कर बनवाया गया ।अब रखरखाव की उम्मीद देख रहा है। गार्डन की उचित व्यवस्था के तरफ ध्यान दिया जाएगा।