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Sunday, October 25, 2026
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रेवेंद्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के तहत वृक्षारोपण

बेमेतरा/ढोलिया 06 जून 2025:- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रेवेंद्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, ढोलिया बेमेतरा में “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में अधिष्ठाता ने छात्रों को पर्यावरणीय असंतुलन, ग्लोबल वार्मिंग तथा ग्रीन हाउस गैसों के प्रभावों की जानकारी दी और पौधरोपण को जीवन शैली में अपनाने की अपील की। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को प्रकृति के संरक्षण के लिए अधिकाधिक वृक्ष लगाने हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना जागृत करने हेतु रंगोली, पोस्टर प्रदर्शनी, भाषण, एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में डॉ. टी.डी. साहू, डॉ. साक्षी बजाज (कार्यक्रम समन्वयक, एनएसएस), श्रीमती कुंती बंजारे, डॉ. हेमलता निराला, श्रीमती प्रतिभा सिंह, डॉ. भारती बघेल, डॉ. प्रीति पैंकरा, डॉ. नूतन सिंग, डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. महानंद, डॉ. रामेश्वर तथा डॉ. संजीव गुर्जर सहित महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण सहभागिता रही।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता की भावना विकसित करना एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयासों को प्रेरित करना रहा। महाविद्यालय प्रबंधन ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि आने वाले वर्षों में भी इसी तरह पर्यावरणीय गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।

नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता: 1 करोड़ का ईनामी नक्सली ढेर, CM साय का बड़ा बयान

(मीडिया सूत्र)छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये का ईनामी नक्सली मारा गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। मारा गया नक्सली सेंट्रल कमेटी का सदस्य और नक्सलियों का शिक्षा प्रमुख था, जिसकी पहचान नरसिम्हाचलम उर्फ गौतम उर्फ सुधाकर के रूप में हुई है। वह आंध्र प्रदेश के चिंतापालुदी क्षेत्र का निवासी था और वर्षों से बस्तर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों का संचालन कर रहा था।
21 मई 2025 को नारायणपुर में माओवादियों के राष्ट्रीय महासचिव बसवराजू के अंत के बाद, यह नक्ससलियों के लिए एक और बड़ा झटका है ।वर्ष 2024-25 में ही अब तक बस्तर रेंज में 400 से अधिक नक्सलियों को न्यूट्रलाइज किया जा चुका है। यह उपलब्धि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की लौ जलाने का संकल्प है। मुठभेड़ बीजापुर जिले के इंद्रावती टाइगर रिजर्व के भीतर स्थित नेशनल पार्क के जंगलों में हुई। सुरक्षाबलों ने माड़ के भीतरी जंगलों में नक्सलियों को घेरने की रणनीति बनाई थी। मुठभेड़ में जिला रिजर्व गार्ड (DRG), एसटीएफ और कोबरा बलों की संयुक्त टीम शामिल थी।

छत्तीसगढ़ सरकार सीएम विष्णु देव साय की प्रतिक्रिया:_
छत्तीसगढ़ में अब नक्सलवाद खात्मे की ओर है।सीएम साय ने कहा कि सुरक्षाबल के वीर जवान कठिन चुनौतियों और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद नक्सलवाद के खात्मे के अभियान को ऐतिहासिक सफलता की ओर ले जा रहे हैं। यह हमारे सुरक्षा बल जवानों का अदम्य साहस का ही परिणाम है कि उन्होंने
यह सफलता हासिल की है,आगे कहा कि मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद मुक्त बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से पूरा होगा ।

युक्तियुक्तकरण से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए कलेक्टर श्री शर्मा ने की प्रेस कांफ्रेंस

कलेक्टर रणवीर शर्मा ने युक्तियुक्तकरण को लेकर प्रेस कांफ्रेंस में विस्तार से जानकारी दी और इसके फायदों को साझा किया।कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी अच्छी शिक्षा का अवसर मिलेगा। शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकेंगे। विद्यालयों में शैक्षिक गतिविधियां और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा।बेमेतरा जिले में 345 शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया पूर्ण। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा।

बेमेतरा, 5 जून 2025/ कलेक्टर रणबीर शर्मा ने आज शाम कलेक्ट्रेट के दिशा सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत बेमेतरा जिले में अतिशेष शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। जिले के सभी शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षक विद्यालयों — जिनमें प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालय शामिल हैं ,में काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षकों का पदांकन सुनिश्चित किया गया है।
कलेक्टर श्री शर्मा ने बताया कि जिलें में कुल 1299 शाला संचालित है जिसमें से 360 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया है।इस प्रक्रिया के तहत प्रधान पाठक (प्राथमिक शाला) 2, प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक शाला) 1, सहायक शिक्षक 249, शिक्षक 56 और व्याख्याता 37 सहित कुल 345 शिक्षकों की पदस्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण से विद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त उपस्थिति सुनिश्चित होगी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस प्रक्रिया से छात्रों को समान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल एवं सुविधाएं मिलेंगी।
कलेक्टर श्री शर्मा ने युक्तियुक्तकरण के और फायदे बताते हुए कहा कि इससे शिक्षकों की दक्षता और अनुभव का प्रभावी उपयोग संभव होगा।सीमित संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा|बच्चों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सहयोग मिल सकेगा।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकार के सवाल पर कलेक्टर श्री शर्मा ने बताया कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि आंध्रप्रदेश, राजस्थान, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों में लागू की जा रही है। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी टेकचंद्र अग्रवाल, अपर कलेक्टर अनिल बाजपेयी, जिला शिक्षा अधिकारी कमल कपूर बंजारे, सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार उपस्थित थे।

वन मंत्री ने संगोष्ठी एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में जल संकट से निपटने दिए अहम सुझाव

वन मंत्री ने जल संरक्षण के महत्व और आवश्यकता पर बल दिया।वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डाला अधिकाधिक वृक्ष लगाने की आवश्यकता पर जोर देकर जल संकट से निपटने विभिन्न उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा बेमेतरा जिले को हरा_भरा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।

बेमेतरा, 5 जून 2025/:_छग वन मंत्री केदार कश्यप विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला पंचायत के सभागार में जल-वन-जन संगोष्ठी एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजन में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संगोष्ठी का आयोजन वन_मंडल दुर्ग द्वारा किया गया ।
कलेक्टर रणबीर शर्मा ने जल संकट और पर्यावरण के महत्व पर पावर प्रेजेंटेशन के ज़रिए तथ्यों और आँकड़ों को साझा किया। जल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देकर जल संचयन के महत्व पर जोर दिया।प्रगतिशील किसानों ने कम पानी वाली फसलों के बारे में जानकारी दी और अपने गांवों को जल संकट से बचाने के उपाय बताए।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बेमेतरा जिला वन विहीन है, और इसे हरा_भरा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन अपने स्तर पर काम कर रहा है, पर स्थानीय लोगों को भी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने ट्यूबवेल, पंप बोरिंग, उद्योग आदि के बारे में जानकारी ली | उन्होंने सरकारी कार्यालयों, ग्राम पंचायत भवनों और भवन निर्माण स्थलों पर रेन_वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाने पर बल दिया ।
उन्होंने किसानों से कम पानी की फसलों, जैसे कोदो-कुटकी, अरहर, मक्का, दलहन, तिलहन जैसी फसलों को अपनाने पर जोर दिया। वन मंत्री ने जल संकट से निपटने के लिए “जल मित्र ग्राम” की अवधारणा पर भी चर्चा की, जिसमें हर गाँव को अपना जल बजट तैयार करने और वर्षा जल संग्रहण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि जल संरक्षण सिर्फ सरकार या प्रशासन का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि खाद्य उत्पादन की दिशा में भी हमें फसलों के चयन में विवेक रखना होगा और किसानों को कम पानी वाली फसलों के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी लोग अपने घरों में भी वर्षा जल संचयन की व्यवस्था बनाएं।
अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि हमें वर्षा जल संचयन को आदत में शामिल करना होगा, उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों और कॉलेजों में जल जागरूकता अभियान चलाकर नई पीढ़ी को इस अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से “एक घर-एक पौधा” अभियान के रूप में लिया जाए , जिससे हर घर में कम से कम एक पौधा लगाया जाए और उसकी देखभाल सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्री शर्मा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न में पौधा भेंट किया ।
इस अवसर पर बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, साजा विधायक ईश्वर साहू,पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, वनमंडलाधिकारी दुर्ग दीपेश कपिल, एसडीओ वन एच,वी दुबे,रेंजर माधुरी तिवारी,पूर्व विधायक
अवधेश चंदेल,अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ रजककार बोर्ड
प्रह्लाद रजक, नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, अध्यक्ष जनपद श्रीमती हेमा दिवाकर, अजय साहू,
राजेन्द्र साहू, सहित जनप्रतिनिधि किसान गणमान्य नागरिक सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे ।

जिले में युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर, शिक्षा गुणवत्ता में नया आयाम

बेमेतरा :_ जिले में युक्तियुक्तकरण के बाद विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर हो गई है, जिससे शिक्षा गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। इस पहल से छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी और विद्यालयों में शैक्षिक माहौल में सुधार होगा। जिले में अतिशेष शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। जिले के सभी शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षक विद्यालयों, जिनमें प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालय शामिल हैं।
परामर्श के माध्यम से शिक्षकों का पदस्थापन किया गया। यह परामर्श प्रक्रिया प्रातः 9 बजे से स्वामी आत्मानंद शासकीय शिवलाल राठी उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बेमेतरा में संपन्न हुई। जिले के कन्या आश्रम शाला मारो को छोड़ कोई भी विद्यालय अब शिक्षक विहीन या एकल शिक्षक नहीं है। इस विद्यालय में छात्र संख्या 66 है। आश्रम शाला के प्रधान पाठक एवं सहायक शिक्षकों के स्वीकृत पद टी- संवर्ग के अंतर्गत हैं, जबकि जिले में टी- संवर्ग के सहायक शिक्षक उपलब्ध न होने के कारण यह विद्यालय अभी शिक्षक विहीन बना हुआ है।
इस युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत प्रधान पाठक (प्राथमिक शाला) 2, प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक शाला) 1, सहायक शिक्षक 249, शिक्षक 56 तथा व्याख्याता 37 सहित कुल 345 शिक्षकों की पदस्थापना की गई।

अतिशेष शिक्षको की काउंसलिंग द्वारा प्रथम पदस्थापना आदेश प्रदान करते मुख्य कार्य पालन अधिकारी जिला पंचायत श्री टेकचंद अग्रवाल मुख्य एसडीएम प्रकाश भारद्वाज , संयुक्त संचालक शिक्षा, आर एल ठाकुर संयुक्त संचालक शिक्षा, जिला शिक्षा अधिकारी डा कमल कपूर बंजारे द्वारा प्रदान किया गया।

✔️ सभी विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक: इस प्रक्रिया से जिले के सभी विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित हो गई है, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
✔️ शिक्षकों का प्रभावी उपयोग: अतिशेष शिक्षकों का पुनर्विनियोजन कर उनके अनुभव व योग्यताओं का सही उपयोग संभव हो सका है।
✔️ गुणवत्ता में सुधार: विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति से शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा तथा बच्चों को अधिक मार्गदर्शन और ध्यान मिलेगा।
✔️ समान अवसर: सभी छात्रों को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

चिन्नास्वामी स्टेडियम:_ लाखों की भीड़ हज़ारों की जगह बाहर मची भगदड़ 11 की मौत

चिन्नास्वामी स्टेडियम में अंदर जीत का जश्न चल रहा था बाहर बेकाबू हुई भीड़ में भगदड़ मचने से 11 की मौतें हो गई।कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

बैंगलोर/क्रिकेट जश्न:_(by news source)

यह दुखांत घटना तब हुई जब भारी भीड़ स्टेडियम में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी, जबकि अंदर नेता खिलाड़ियों के साथ फोटो खिंचवा रहे थे।बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हालिया आरसीबी की आईपीएल जीत के जश्न के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और वहीं, 50 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है।भगदड़ की स्थिति अभी साफ नहीं है इसे लेकर अब पुलिस की जांच चल रही है।

कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है और घायलों के मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया है।भगदड़ उस समय मची जब आरसीबी की टीम स्टेडियम के अंदर मौजूद थी और आईपीएल में खिताब जीतने का जश्न मना रही थी। इस भगदड़ के बाद अब जो तस्वीरें सामने आ रही हैं वो बेहद हैरान करने वाली हैं। 

घटना के कारण पर नजर डालें तो इस प्रकार है कि स्टेडियम की क्षमता से अधिक लोग जमा हो गए,
स्टेडियम में केवल 35,000 लोगों की क्षमता है, लेकिन लगभग 2 से 3 लाख लोग जमा हो गए थे, जिससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई।भगदड़ चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई, जहां लाखों प्रशंसक आरसीबी की जीत का जश्न मनाने के लिए जमा हुए थे।

मृतकों के परिवारों की प्रतिक्रिया भी देखने में आ रही है देखिए क्या कहा परिजनों ने”
मृतकों के परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और न्याय की मांग की है।
एक पिता ने अपने जवान बेटे को खोने के बाद दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि आगे से ऐसा किसी के साथ नहीं होना चाहिए।

सरकार और बीसीसीआई की प्रतिक्रिया:
कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और घायलों के इलाज की व्यवस्था का भरोसा दिलाया है।
बीसीसीआई ने कहा है कि वह मृतकों और घायलों के परिवारों की हर संभव मदद करेगा।

डेयरी टेक्नोलॉजी डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश शुरू! गणित या जीव विज्ञान से 12वीं पास छात्रों के लिए सुनहरा अवसर.. 

बेमेतरा/चोरभट्ठी:_, 04 जून 2025: छत्तीसगढ़ शासन एवं दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनू विश्वविद्यालय द्वारा ग्राम चोरभट्टी में संचालित शासकीय डेयरी पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में कक्षा 12वीं में गणित एवं बायोलॉजी विषयों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को मेरिट सूची के आधार पर प्रवेश की अनुमति दी गई है।
यह निर्णय जिले एवं प्रदेश के उन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिन्हें 12वीं कक्षा में गणित अथवा बायोलॉजी विषय के साथ उत्तीर्ण होने के बाद तकनीकी शिक्षा के उचित अवसरों की कमी का सामना करना पड़ता था।

गौरतलब है कि चोरभट्टी स्थित इस डेयरी पॉलीटेक्निक महाविद्यालय का द्विवर्षीय (चार सेमेस्टर) पाठ्यक्रम, डेयरी उद्योग की तेजी से बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को व्यावसायिक एवं तकनीकी दक्षता प्रदान करता है। इस कोर्स को पूरा करने वाले छात्रों को न केवल रोजगार एवं स्वरोजगार के बहुआयामी अवसर प्राप्त होते हैं, बल्कि प्रदेश के शासकीय, अर्धशासकीय एवं निजी डेयरी संस्थानों को भी स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होते हैं, जिससे बाहरी राज्यों पर निर्भरता कम होती है।

वर्तमान में इस महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ है। कक्षा 12वीं में गणित एवं बायोलॉजी विषयों से उत्तीर्ण विद्यार्थी इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाकर डेयरी सेक्टर में अपना उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।

विधायक निवास के लिए घरों को तोड़े जाएंगे,किस्सा है नकटी गांव का

प्रशासन कह रही है कि यहां के लोग सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर घर तैयार किए हैं। ग्रामीणों का कहना है हमने मकान बनाने के लिए कर्जा लिया उधार लिया और मकान बनाए।यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी घर तैयार किए गए हैं।

(चर्चा janchoupal36):_रायपुर जिले में नकटी ग्राम पंचायत और धरसीवा ब्लॉक पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता है ।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से महज 20 किमी दूर नकटी गांव में करीब 300 लोगों के पचासों घरों पर बुलडोजर चलेगा इनमें 15 घर ऐसे हैं जो 2018 से अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हैं जहां नल है, जल की टंकी है और बिजली है।
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के नकटी गांव के ग्रामीणों का दावा है कि वे पिछले 40-50 वर्षों से इस जमीन पर रह रहे हैं और यह जमीन उनके पूर्वजों की है।
नगर प्रशासन का नोटिस
इधर नगर निगम प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया गया है कि यहां विधायक निवास तैयार किया जाना है दो दिन के अंदर घर खाली कर दो क्योंकि प्रशासन का कहना है कि यह जमीन शासकीय है और लोग अवैध रूप से कब्जा कर रह रहे हैं।यहां सरकार विधायक कॉलोनी बनाने की तैयारी में है ।
बुलडोजर चढ़ा दो जमीन नहीं देंगे
मामले पर नकटी गांव के लोगों का कहना है कि यह जमीन हमारे पुरखों की है हमारे और बच्चों के सीने पर बुलडोजर चढ़ा दो फिर भी जमीन नहीं देंगे यहां सरकारी नल है पानी की टंकी है बिजली के खंबे हैं लेकिन सरकार की नजर में यह गांव अचानक अवैध कैसे हो गया।
ग्रामीण कहां जाएंगे
ग्रामीणों की परेशानी का सबब है ग्रामीणों को उनके घरों के बदले कोई मुआवजा या जमीन नहीं दी जा रही है।ग्रामीण कह रहे हैं कि वे कहां जाएंगे और कैसे रहेंगे, इसकी कोई जिम्मेदारी सरकार ने नहीं ली है।

कांग्रेस का मिला समर्थन
ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है और कांग्रेस पार्टी भी उनके साथ है।
पूर्व विधायक अनिता शर्मा ने कहा है कि वे ग्रामीणों के साथ हैं और ग्रामीणों के घर उजाड़कर विधायक कॉलोनी बनाने का पुरजोर विरोध करेंगे।वे सवाल उठा रही हैं कि जिन कारणों से गरीबों की बस्ती और घर तोड़े जाते हैं,उनमें से कोई कारण नकटी गांव में नहीं है।
लोगों का दावा
निवासरत लोगों का कहना है ग्रामीण दावा कर रहे है कि वे पिछले 40 से 50 सालों से रह रहे हैं। ये जमीन उनके पूर्वजों द्वारा दी गई है और लोग आपस में भाईचारा दिखाते हुए थोड़े-थोड़े हिस्सों में घर बनाकर गुजारा कर रहे थे। घर टूटने की खबर से लोगों की मानो पैर के नीचे से जमीन खिसक गई हो। इसी का विरोध करते हुए वहां के ग्रामीण पिछले एक सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं।

बिन मानसून सब सुन, 4 दिनों से बारिश लापता दिखी तो रैड सिस्टम में

मानसून से छत्तीसगढ़ की मौजूदा स्थिति संतोष जनक नहीं है। नौतपा 25 में से शुरू होकर 2 जून तक चलता है फिर 5 दिन पंचक का रहता है फिर एक सप्ताह बाद 13 ,14 तारीख से छत्तीसगढ़ में मानसून की बारिश होने की संभावना बनती है।मौसम पर सटीक कह पाना मुश्किल होता है , गतिविधियों को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है।

(चर्चा janchoupal36)प्राचीन समय से कहा गया है कि नौतपा में बारिश होना अशुभ है,इस समय बारिश से मौसम अनुकूल नहीं होता और मानसून कमजोर हो जाता है। मानसून को देखकर तो यही लगा था कि अब मानसून समय से पूर्व आ गया है।तय समय से 15 दिन पहले ही मानसून बस्तर पहुंच गया।इसी के चलते प्रदेशभर में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर चल रहा था।

नदियां सुखी तालाब सूखे भूमिगत जल स्तर नीचे चला गया अब मानसून चार दिनों से बस्तर में ही अटका हुआ है। छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री 27 मई को हो गई थी!?

मानसून बस्तर तथा गरियाबंद के कुछ इलाकों तक पहुंच कर रुक गया। इसके बाद यह पिछले चार दिनों से अपनी जगह पर ठहरा हुआ है। रायपुर में मानसून की एंट्री नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में मानसून की बारिश शुरू नहीं हो पाई।छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार धीमी हो गई है। यह पिछले कुछ दिनों से अपनी जगह पर स्थिर है, खासकर दंतेवाड़ा से आगे नहीं बढ़ रहा है।
मानसून की घोषणा 27 मई को बस्तर में हुई थी, लेकिन इसके बाद से इसमें ज्यादा प्रगति नहीं हुई है।
अब मानसून की गतिविधियों पर नजर डालें तो
पिछले 6 दिन में बारिश की रफ्तार में उतार चढ़ाव होती रही है। जहां बीते बुधवार को 74 इलाकों में बारिश हुई है। गुरुवार को सिर्फ 27 इलाकों में बारिश हुई है। शुक्रवार को 25, शनिवार को 20, रविवार को 33 जगहों पर बारिश हुई। लेकिन सोमवार को सिर्फ तीन जगहों और मंगलवार को केवल 1 ही जगह पर न्यूनतम 10 मिमी बारिश हुई।

मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है। इस दौरान अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। रायपुर में मानसून की एंट्री को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह 2-3 दिनों में पहुंच सकता है।

मानसून की प्रगति वाली रफ्तार धीमी
मानसून की प्रगति बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम पर निर्भर करती है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है, तो मानसून आगे बढ़ सकता है। फिलहाल, मानसून की रफ्तार धीमी होने से प्रदेश में ज्यादा बारिश नहीं हो रही है, लेकिन मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश का अनुमान लगाया है ।

कुम्हारी टोल प्लाजा की वसूली मियाद खतम फिर भी वसूली जारी.!?!?

रायपुर के बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने टोल नाका बंद करने परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखे थे।

कुम्हारी टोल प्लाजा की वसूली मियाद समाप्त हो चुकी है, फिर भी वहां अवैध रूप से टोल वसूली की जा रही है।अब यह टोल नाका वसूली नाका बन कर रह गया है।यह टोल प्लाजा 20 से 25 वर्षों से टोल नाका के रूप से संचालित हो रहा है,अब अवैध वसूली से स्थानीय निवासियों और यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन चलाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली तक विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया है कि कुम्हारी टोल प्लाजा को जल्द बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के अन्य टोल प्लाजा की भी जानकारी मांगी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वसूली मियाद समाप्त होने पर भी कुम्हारी टोल प्लाजा द्वारा अभी भी अवैध रूप से वसूली की जा रही है।
अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए कांग्रेस का कहना है कि ठेका खत्म होने के बाद भी एनएचएआई कुम्हारी के टोल प्लाजा में अवैध वसूली की जा रही है।बंद करने की मांग जोर शोर से उच्च स्तर पर की गई है। कांग्रेस ने एनएचएआई को ज्ञापन सौंपकर टोल प्लाजा बंद करने की मांग की है।
टोल नाका का विरोध:_ इस मामले को लेकर पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने नागपुर पहुंचकर केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। उन्होंने मंत्री को बताया कि कुम्हारी टोल प्लाजा का टेंडर खत्म हो चुका है, बावजूद इसके वहां अवैध रूप से वसूली की जा रही है। उन्होंने गडकरी को एक ज्ञापन भी सौंपा। उपाध्याय ने मंत्री से चर्चा के दौरान यह भी कहा कि नियमों के अनुसार 60 किलोमीटर की परिधि में दो टोल प्लाजा संचालित नहीं हो सकते, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस नियम की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि न सिर्फ कुम्हारी, बल्कि प्रदेश में कई ऐसे टोल प्लाजा हैं जो इस नियम का उल्लंघन कर रहे हैं।
समाधान:_केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही कुम्हारी टोल प्लाजा को बंद करने की कार्रवाई का आश्वासन दिया।