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Sunday, October 25, 2026
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सेवा संकल्प अभियान: ‘निदान-03’ शिविर से दिव्यांगजनों की जिंदगी में आ रहा सकारात्मक बदलाव

रायपुर- सेवा संकल्प अभियान के तहत धमतरी जिले में आयोजित तीन दिवसीय ‘निदान-03’ विशेष शिविर दिव्यांगजनों के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है। जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी दैनिक गतिविधियों को सुगम करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। नगरी और धमतरी में आयोजित इन शिविरों के शुरुआती दो दिनों में कुल 632 दिव्यांगजनों ने हिस्सा लिया, जिन्हें एक ही छत के नीचे कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और शासकीय योजनाओं का पूरा संबल प्रदान किया गया।

एक ही छत के नीचे मिलीं तमाम शासकीय सुविधाएं
शिविर के पहले दिन 8 अक्टूबर को नगरी विकासखंड के श्रृंगी ऋषि हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय शिविर में 172 दिव्यांगजन शामिल हुए। यहाँ पात्र हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक और वॉकर वितरित किए गए। साथ ही, नौ दिव्यांगजनों के कृत्रिम हाथ-पैर तैयार करने के लिए आवश्यक माप और प्रक्रिया पूरी की गई, जबकि 18 दिव्यांगता प्रमाण पत्र और 44 यूडीआईडी कार्ड भी प्रदान किए गए।

श्रृखला के दूसरे दिन 10 अक्टूबर को धमतरी के इंडोर स्टेडियम में भव्य शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ 460 दिव्यांगजन पहुँचे और इनमें से 359 हितग्राहियों को विभिन्न उपकरणों व सुविधाओं से लाभान्वित किया गया।

छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावडि़या और महापौर रामू रोहरा की उपस्थिति में संपन्न इस कार्यक्रम में कृत्रिम पैर, कृत्रिम हाथ, कैलिपर्स, श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, स्मार्ट केन और वॉकर जैसी आधुनिक सामग्रियां बड़े पैमाने पर बांटी गईं। इसके अलावा, शिविर में दिव्यांगजनों के बस पास, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और एम. आधार कार्ड जैसी आवश्यक सुविधाएँ भी तुरंत उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े।

जनसंपर्क प्रदर्शनी और जनमन पत्रिका का आकर्षण
इस आयोजन की एक और खास बात यह रही कि यहाँ विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। जनसंपर्क विभाग की ओर से विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई और मासिक पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ जनमन’ का निःशुल्क वितरण किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने बेहद सराहा। धमतरी कलेक्टर ने इस दौरान सभी स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण व शासकीय योजनाओं का लाभ देकर उन्हें सशक्त और स्वावलंबी बनाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
       इस तीन दिवसीय विशेष अभियान के अंतिम दिन आज भी पंजीयन, परीक्षण और कृत्रिम अंगों के मापन की सुविधा जारी रहेगी, ताकि कोई भी जरूरतमंद इस कल्याणकारी पहल से वंचित न रह जाए।

12 अक्टूबर का पंचांग: नवरात्रि का दूसरा दिन, जानें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा मुहूर्त और राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है. 12 अक्टूबर, 2026 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रात 10:13 बजे तक रहेगी. इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी. सोमवार को सुबह 6:26 बजे सूर्योदय और शाम 6:00 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 7:43 बजे चंद्रोदय और शाम 6:56 बजे चंद्रास्त होगा.

नवरात्रि का दूसरा दिन

12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है. इस दिन मां ब्रह्मचारिणी (दुर्गा जी के दूसरे स्वरूप) की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है. इसके साथ ही यह दिन सोमवार होने के कारण भगवान शिव और चंद्र दर्शन (आश्विन शुक्ल द्वितीया) के लिए भी शुभ है.

आज का पंचांग

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में रहेंगे. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं या इस नक्षत्र में स्थित होते हैं, तो इसके विशेष और गहरे प्रभाव देखने को मिलते हैं. चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं, जिन्हें सूर्य का मित्र माना जाता है. सूर्य और मंगल के इस मेल से व्यक्ति के भीतर गजब का आत्मविश्वास, साहस, पराक्रम और ऊर्जा बढ़ती है. नौकरीपेशा लोगों के काम की उच्च अधिकारियों द्वारा सराहना होती है. प्रशासन, उच्च पदों या प्रबंधन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ, नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकते हैं.

विष्कुम्भ योग

सोमवार को रात 8:31 बजे तक विष्कुम्भ योग रहेगा. वैदिक ज्योतिष में विष्कुम्भ योग पंचांग के 27 नित्य योगों में से पहला योग है. जब आकाश मंडल में सूर्य और चंद्रमा की कुल दूरियों की गणना 0 डिग्री से 13 डिग्री 20 मिनट के बीच होती है, तब यह योग बनता है. इस योग के देवता या अधिष्ठाता भगवान यमराज माने जाते हैं. इस योग को सामान्य रूप से एक अशुभ या बाधा-युक्त योग माना गया है. इसकी पहली 5 घटियों (लगभग 2 घंटे) में कोई भी नया कार्य, विवाह, यात्रा, या गृह प्रवेश शुरू करने से बचा जाता है.

अभिजीत मुहूर्त

इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है. आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवां मुहूर्त) होता है. माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं. जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर रहते हैं, तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है.

अमृतकाल

सोमवार को दोपहर 2:33 से शाम 4:14 बजे तक अमृतकाल रहेगा. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है. इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है. यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ माना गया है.

राहुकाल का समय

इस दिन राहुकाल सुबह 7:53 बजे से 9:19 बजे तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है, जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. राहुकाल को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर निकाला जाता है, जो हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है. स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है. इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है.

गुलिक काल

सोमवार को गुलिक काल दोपहर 1:40 से 3:06 बजे तक रहेगा. गुलिक काल को ‘विषैला समय’ भी कहा जाता है. यह एक उपग्रह है, जिसे अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं. इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है, जो काम बार-बार करने हों, वे इस काल में किए जा सकते हैं. बैंक में पैसे जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में अच्छा माना जाता है.

यमगंड काल

इस दिन यमगंड काल सुबह 10:46 से दोपहर 12:13 बजे तक रहेगा. यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है. इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु, या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए. इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए.

Aaj Ka Rashifal: मेष, सिंह और मीन राशि वाले जान लें आज का हाल, किसे मिलेगा फायदा और किसे रहना होगा सतर्क?

Aaj Ka Rashifal 12 October 2026: आज मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए सोमवार कैसा रहेगा.आइए जानें किसे मिलेगा लाभ और किसे सावधानी बरतनी होगी. जानें शुभ रंग, भाग्य अंक और दान.

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए सोमवार का दिन नए काम शुरू करने और सामाजिक संपर्क बढ़ाने के लिहाज से अच्छा माना जा रहा है. मेहनत के दम पर सम्मान बढ़ सकता है और घर-परिवार में चहल-पहल बनी रह सकती है. किसी कानूनी विवाद में नया मोड़ आने की संभावना है, इसलिए सोच-समझकर कदम उठाएं. नए संबंधों से लाभ मिलने के संकेत हैं.

भाग्य अंक: 5

शुभ रंग: लाल

दान: अनार

वृष राशि

वृष राशि के जातकों को कारोबार और साझेदारी से जुड़े फैसले लेते समय परिस्थितियों को समझने की सलाह है. व्यापार में पूंजी निवेश फायदेमंद हो सकता है, लेकिन जल्दबाजी में स्थान परिवर्तन करने से बचें. मकान या दुकान से जुड़ा कोई काम आगे बढ़ सकता है. किसी योजना को पूरा करने में मित्रों का सहयोग मिल सकताा है. किसी परिचित की बातों से परेशान होने के बजाय धैर्य बनाए रखें.

भाग्य अंक: 4

शुभ रंग: नीला

दान: पक्षियों को दाना डालें.

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के अधूरे काम पूरे होने की उम्मीद है. नए मित्रों से संपर्क बन सकता है और सामाजिक दायरा बढ़ सकता है. किसी पुरानी इच्छा को पूरा करने के लिए खरीदारी की योजना भी बन सकती है. हालांकि, बातचीत में संयम रखना जरूरी होगा. छोटी-सी बात पर विवाद करने से बचें. पुराने मित्र से मुलाकात होने की संभावना भी जताई गई है.

भाग्य अंक: 4

शुभ रंग: हरा

दान: दूध

कर्क राशि

कर्क राशि वालों को दिन में कुछ उलझनों का सामना करना पड़ सकता है. किसी काम में लाभ मिलने की संभावना है, लेकिन उसमें देरी भी हो सकती है. दूर स्थान से कोई समाचार मिल सकता है या यात्रा की योजना बन सकती है. कारोबार में फायदाा होने और घर के लिए कोई उपयोगी सामान खरीदने के संकेत हैं. ऐसे में समय का सही इस्तेमाल करें और फैसले लेते समय मन को शांत रखें.

भाग्य अंक: 4

शुभ रंग: सफेद

दान: नमक

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए दिन नई शुरुआत करने और लंबित काम आगे बढ़ाने का अवसर दे सकता है. विरोधियों की वजह से आ रही परेशानियों में कमी आने की उम्मीद है. धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में मन लग सकता है. घर-परिवार की समस्याओं को बातचीत से सुलझाने का प्रयास करें. छोटी यात्रा मनोरंजक रह सकती है और किसी मांगलिक काम की योजना भी आगे बढ़ सकती है.

भाग्य अंक: 7

शुभ रंग: संतरी

दान: सेब

कन्या राशि

कन्या राशि वालों को ऐसे लोगों से सावधान रहने की सलाह है जो बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन उनका साथ नहीं निभाते. मेहनत से अधूरे काम पूरे हो सकते हैं. जमीन या वाहन खरीदने की योजना आगे बढ़ सकती है. हालांकि, खानपान और दिनचर्या का ध्याान रखना जरूरी है. सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा समय बिताने के बजाय अपने जरूरी कामों पर ध्यान दें.

भाग्य अंक: 6

शुभ रंग: बैंगनी

दान: पुराने कपड़ों का दान करें.

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए आर्थिक लाभ और प्रतियोगिता से जुड़े मामलों में सकारात्मक संकेत बताए गए हैं. अचानक धन लाभ की संभावना बन सकती है, लेकिन कानूनी या मानसिक तनाव से जुड़ी स्थितियों में सावधानी बरतें. किसी भरोसेमंद व्यक्ति पर भी आंख मूंदकर विश्वास करने से बचें. संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा हो सकता है. विदेश जाने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी दिन उम्मीद जगाने वाला हो सकता है.

भाग्य अंक: 2

शुभ रंग: सिल्वर

दान: मछलियों को आटे की छोटी गोलियां दें, जहां ऐसा करना सुरक्षित और उचित हो.

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए रुका हुआ धन मिलने और नौकरी में तरक्की के संकेत हैं. किसी पुराने परिचित से मुलाकात फायदेमंद हो सकती है. सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने से मन प्रसन्न रहेगा. लंबी यात्रा की योजना भी बन सकती है. हालांकि, किसी के साथ बेवजह बहस या गलतफहमी से बचें. समय का सही इस्तेमााल करने से काम पूरे करने में मदद मिल सकती है.

भाग्य अंक: 9

शुभ रंग: क्रीम

दान: सरसों का तेल

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को कामकाज में सुस्ती से बचने और नए अवसरों का लाभ उठाने की सलाह है. बातचीत में संयम रखें, क्योंकि कठोर शब्द पारिवारिक या व्यावसायिक विवाद बढ़ा सकते हैं. कोई सुखद समाचार मिल सकता है. अधूरे काम पूरे करने में दूसरों का सहयोग मिलने की संभावना है. समय के अनुसार अपनी कार्ययोजना में बदलाव करना फायदेमंद हो सकता है.

भाग्य अंक: 3

शुभ रंग: केसरिया

दान: चने की दाल

मकर राशि

मकर राशि वालों की घर और दफ्तर में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. अपने अनुभव और समझदारी से आप काम संभाल सकते हैं. पड़ोसियों या परिचितों के साथ किसी बात पर मतभेद होने की आशंका है, इसलिए बातचीत में सावधानी रखें. अनजान लोगों पर जल्दी भरोसाा न करें. सहयोगियों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिल सकता है और प्रेम संबंधों में भी व्यस्तता रह सकती है.

भाग्य अंक: 3

शुभ रंग: काला

दान: गुड़

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को तरक्की के नए अवसर मिल सकते हैं. कारोबार से जुड़े लोग नया काम शुरू करने पर विचार कर सकते हैं और जरूरत के समय आर्थिक मदद भी मिल सकती है. परिवार के साथ घूमने-फिरने या मनोरंजन का अवसर बन सकता है. हालांकि, जल्दबाजी में किसी से दोस्ती करने से बचें. खर्च बढ़ने की संभावना को देखते हुए बजट पर ध्यान देना बेहतर रहेगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी की पूजा कर सकते हैं.

भाग्य अंक: 7

शुभ रंग: काला

दान: हरा चारा

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए धार्मिक गतिविधियों में मन लगाने और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के संकेत हैं. नौकरी में पदोन्नति या जिम्मेदारी बढ़ने से खुशी मिल सकती है. हालांकि, किसी के साथ बेवजह विवाद होने की आशंका है इसलिए बहस से दूर रहें. आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लें. स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और जरूरत महसूस होने पर आरााम करें या चिकित्सकीय सलाह लें.

भाग्य अंक: 7

शुभ रंग: नारंगी

दान: केला

शिक्षिका और 18 वर्षीय बेटे की हत्या से सनसनी, घर के बाथरूम में मिला मां का शव, जांच में जुटी पुलिस

 सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मां-बेटे की हत्या का मामला सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। जयनगर थाना क्षेत्र के विश्रामपुर इलाके में एक शिक्षिका और उसके बेटे के शव अलग-अलग स्थानों पर मिले। बेटे का शव महावीरपुर गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से लगे कच्चे रास्ते पर मिला, जबकि मां का शव उनके किराए के मकान के बाथरूम में बरामद किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हत्या के पीछे की वजह और आरोपियों की पहचान अभी स्पष्ट नही हुई है।

सड़क किनारे मिला 12वीं के छात्र का शव

घटना का खुलासा शनिवार सुबह हुआ, जब महावीरपुर गांव के पास मुख्य मार्ग से लगे कच्चे रास्ते पर एक युवक का शव पड़ा मिला। सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। शुरुआत में पहचान नही होने के कारण पुलिस ने शव को विश्रामपुर की मॉर्च्युरी में रखवाया।

बाद में जांच के दौरान मृतक की पहचान विश्रामपुर के कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र सुजल बरेट (18) के रूप में हुई। पहचान सामने आने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों और घर से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू की।

पेट्रोल पंप के पास मिली स्कूटी, घर पहुंची पुलिस

जांच के दौरान सुजल की स्कूटी उसके घर से करीब आधा किलोमीटर दूर एक पेट्रोल पंप के पास खड़ी मिली। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल तेज कर दी।

पुलिस टीम देर रात सुजल के किराए के मकान पर पहुंची। घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा था और उसकी मां रजनी बरेट का भी कोई पता नही चल रहा था। अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस ने पड़ोसियों और परिचितों की मौजूदगी में ताला खुलवाया। घर के अंदर बाथरूम में रजनी बरेट (40) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला।

तीन साल पहले पति से हुआ था तलाक

रजनी बरेट बेलटिकरी के शासकीय स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। जानकारी के अनुसार, करीब तीन साल पहले पति से तलाक होने के बाद वह अपने इकलौते बेटे सुजल के साथ किराए के मकान में रह रही थीं। मां और बेटे के शव मिलने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया।

फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड कर रहे जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर दिया। रविवार सुबह वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके की बारीकी से जांच की। साक्ष्य जुटाने के लिए डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया है।

पुलिस के शुरुआती अनुमान के अनुसार, मां की हत्या घर के भीतर और बेटे की हत्या किसी दूसरी जगह किए जाने की आशंका है। वारदात में धारदार हथियार के इस्तेमाल की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दोनों की हत्या कहां हुई और शवों को अलग-अलग स्थानों पर कैसे पहुंचाया गया।

विधायक और मंत्री प्रतिनिधि ने की जल्द गिरफ्तारी की मांग

दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलने पर प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी और मंत्री प्रतिनिधि भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन के अनुसार, मृतक मां-बेटे मूल रूप से बालाघाट के निवासी थे। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है। फिलहाल हत्या के कारणों और इसमें शामिल लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट नही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।

साय कैबिनेट के बड़े फैसले: आदिम जाति विभाग का नाम बदला, अग्निवीरों की होगी भर्ती

Sai Cabinet Baithak: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में साय कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है. बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे. बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया को जानकारी दी.

अग्निवीरों के 36 रिक्त पदों पर भर्ती

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कैबिनेट में पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 रिक्त पदों पर भर्ती का निर्णय लिया गया है. साथ ही आदिम जाति विभाग का नाम बदलकर जनजाति कार्य विभाग करने का फैसला भी लिया गया है.

सीएम साय ने क्या कहा ?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की तरफ से हम पीएम मोदी का अभिनंदन करते हैं. उन्होंने कहा कि उनके दीर्घायु की कामना करते हैं, वो स्वस्थ रहें और लंबे समय तक देश की सेवा करें. ऐसा हमने मंत्री परिषद में प्रस्ताव पारित किया है. सीएम साय ने कहा कि 13 वर्षों तक पीएम मोदी गुजरात के सीएम रहे, गुजरात मॉडल वहां प्रसिद्ध हुआ और गुजरात मॉडल को पूरे देश ने सराहा है.

खाने में चाहिए खट्टा-चटपटा स्वाद? घर पर बनाएं आंवला दाल, जानें आसान रेसिपी

 Amla Dal Recipe: रोजाना एक जैसी दाल खाकर अगर आप बोर हो गए हैं, तो इस बार खाने में कुछ नया बनाकर देखिए. आंवला दाल आपके रोज के खाने का स्वाद बदल सकती है. आंवले की खटास और मसालों का चटपटा स्वाद इस दाल को खास बनाती है. इसे बनाने के लिए ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं होती. घर में मौजूद सामान्य सामग्री से आप इसी आसानी से तैयार कर सकते हैं. गरमा-गरम चावल या रोटी के साथ इसका स्वाद लाजवाब लगता है. आइए जानते हैं आंवला दाल बनाने का आसान तरीका.

आंवला दाल बनाने के लिए सामग्री

  • ¾ कप अरहर की दाल
  • 5 आंवले
  • 1 बारीक कटा प्याज
  • 3 हरी मिर्च
  • 1 छोटी चम्मच हल्दी
  • 2 कप पानी
  • स्वादानुसार नमक

तड़के के लिए सामग्री

  • 2 बारीक कटे आंवले
  • 1 छोटी चम्मच राई
  • 1 छोटी चम्मच जीरा
  • 1 बड़ा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • 2 लहसुन की कलियां
  • 2 सूखी लाल मिर्च
  • ¼ छोटी चम्मच हींग
  • 6-7 करी पत्ते
  • जरूरत के अनुसार तेल
  • आंवला दाल बनाने का तरीका
  • सबसे पहले अरहर की दाल को अच्छी तरह धो लें और 30 मिनट से 1 घंटे तक पानी में भिगोकर रखें. अब कुकर में दाल, 5 आंवले, प्याज, हरी मिर्च, हल्दी, पानी और नमक डालें. कुकर बंद करके 3 सीटी आने तक पकाएं. इसके बाद गैस बंद कर दें और प्र शर अपने आप निकलने दें.
  • कुकर खोलकर आंवले निकालें और ठंडा होने पर उनके बीज हटा दें. गूदे को अलग रखें। दाल को अच्छी तरह मैश करें और उसमें आंवले की गूदा मिला दें. जरूरत हो तो थोड़ा पानी डालकर दाल की गाढ़ापन ठीक कर लें.
  • अब कड़ाही में तेल गर्म करें. इसमें राई चटकाएं, फिर जीरा, हींग, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता और कटा लहसुन डालें. 30 सेकंड भूनने के बाद कटे आंवले और लाल मिर्च पाउडर डालकर कुछ सेकंड पकाएं.

तैयार तड़के को दाल में डालकर अच्छी तरह मिलाएं. आपकी खट्टी-चटपटी आंवला दाल तैयार है. इसे गरमा-गरम चावल या रोटी के साथ परोसें.

मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए जाने से पहले जान लें ट्रैफिक प्लान, भारी वाहनों की एंट्री बंद, 10 जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था

डोंगरगढ़ : छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में शारदीय नवरात्रि के दौरान मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों की भीड़ को देखते हुए राजनांदगांव जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। मेले के दौरान शहर के भीतर भारी और मध्यम वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पदयात्रियों की सुरक्षा के लिए अलग रास्ता निर्धारित किया गया है, जबकि श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए 10 प्रमुख स्थल चिह्नित किए गए हैं।

भारी वाहनों के लिए निर्धारित किए गए वैकल्पिक रूट

नवरात्रि मेले के दौरान सड़कों पर जाम की स्थिति से बचने के लिए अलग-अलग शहरों से आने वाले भारी वाहनों के मार्गों में बदलाव किया गया है।

  • दुर्ग, बालोद और धमतरी से आने वाले वाहन: गुंडरदेही, अर्जुन्दा, सुरगी और हल्दी मार्ग से राजनांदगांव बायपास पहुंचेंगे।
  • बालोद से आने वाले वाहन: मोहारा बायपास का इस्तेमाल करेंगे।
  • खैरागढ़ से आने वाले भारी वाहन: गठुला मार्ग से गुजरेंगे।
  • रायपुर से खैरागढ़ जाने वाले वाहन: रसमड़ा, गनियारी और नगपुरा मार्ग से आवागमन कर सकेंगे।

राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर वाहनों का दबाव बढ़ने की स्थिति में खुटेरी, भर्रेगांव, मोखला, सुरगी और हल्दी मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। वहीं, चिचोला से लालबहादुर नगर होते हुए डोंगरगढ़ की ओर भारी वाहनों के जाने पर प्रतिबंध रहेगा।

पदयात्रियों के लिए अलग रास्ता, एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू

मंदिर तक पैदल पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंजोरा से रामदरबार तक राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। नागपुर से रायपुर की ओर जाने वाली सड़क का दायां हिस्सा पदयात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा। इस हिस्से में एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू होगी।शहर के अंदर से होकर डोंगरगढ़ जाने वाले श्रद्धालु रामदरबार, अग्रवाल ट्रांसपोर्ट, टांकापारा, वेसलियन स्कूल, पुराना रेस्ट हाउस रोड, बलदेव बाग, बीएनसी मिल, संगम चौक, मोतीपुर रेलवे अंडरब्रिज, नवागांव, लिटिया, सुकुल दैहान, मुसरा, बेलगांव और अछोली होते हुए आगे बढ़ सकेंगे।पदयात्रियों को निर्धारित मार्ग का पालन करने और यातायात पुलिस के निर्देशों के अनुसार चलने की सलाह दी गई है।

डोंगरगढ़ में कहां पार्क करें अपनी गाड़ी?

मेले के दौरान वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग दिशाओं से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।

राजनांदगांव की ओर से आने वाले वाहन

राजनांदगांव से आने वाले वाहनों को तुमड़ीबोड़, मुरमुंदा और बधियाटोला होते हुए क्षीरपानी और गुरुद्वारा पार्किंग तक पहुंचाया जाएगा। वापसी के लिए मुरमुंदा और उरईडबरी मार्ग निर्धारित किया गया है।

नागपुर की ओर से आने वाले वाहन

नागपुर की तरफ से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन पुराने नेहरू कॉलेज मैदान और गौशाला पार्किंग में खड़े कर सकेंगे।

खैरागढ़ से आने वाले वाहन

खैरागढ़ की ओर से आने वाले वाहनों के लिए हाई स्कूल और नेहरू कॉलेज के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

बोरतलाव की ओर से आने वाले वाहन

बोरतलाव की दिशा से आने वाली कारों को नेहरू कॉलेज या गौशाला पार्किंग में खड़ा किया जा सकेगा। दोपहिया वाहनों के लिए नगर पालिका पार्किंग निर्धारित की गई है।श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें, ताकि सड़क पर जाम न लगे और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो।

श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे पानी, बिजली और सफाई की व्यवस्था

नवरात्रि मेले में आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए प्रशासन सेवा पंडालों और प्रमुख मार्गों पर चौबीसों घंटे पेयजल, बिजली, रोशनी और साफ-सफाई की व्यवस्था करेगा। इन इंतजामों की निगरानी की जिम्मेदारी कार्यपालन अभियंता प्रणय मेश्राम को सौंपी गई है।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराने के साथ मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखना है।

दर्शन के लिए निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • यात्रा शुरू करने से पहले निर्धारित मार्ग और पार्किंग स्थल की जानकारी ले लें।
  • प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर जाने से बचें।
  • पदयात्रा के दौरान केवल निर्धारित सुरक्षित रास्ते का इस्तेमाल करें।
  • सड़क किनारे वाहन खड़े न करें।
  • यातायात पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण यातायात का दबाव अधिक रह सकता है। ऐसे में पहले से यात्रा की योजना बनाना और निर्धारित रूट का पालन करना दर्शन यात्रा को सुविधाजनक बनाने में मददगार होगा।

शारदीय नवरात्र के प्रथम दिवस श्री दूधाधारी मठ में हुई विधिवत पूजा-अर्चना

रायपुर ,11 अक्टूबर 2026

शारदीय नवरात्र के प्रथम दिवस श्री दूधाधारी मठ में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर परंपरानुसार श्री रामचरितमानस की विधिवत पूजा अर्चना के साथ नौ दिवसीय नवान्हपरायण का शुभारंभ हुआ, महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामनाएं की।

नवरात्र के प्रथम दिन मठ में भक्तिमय वातावरण रहा। श्रद्धालुओं ने श्री स्वामी बालाजी भगवान, श्रीरामपंचायत एवं श्री संकट मोचन हनुमान जी महाराज का सपरिवार पूजा अर्चना करके समाज की सुख-शांति एवं मंगलमय जीवन के लिए प्रार्थना की। नवरात्र का यह पावन पर्व शक्ति की उपासना, आस्था और भक्ति का पवित्र संगम है।

श्री दूधाधारी मठ एवं श्री शिवरीनारायण मठ पीठाधीश्वर राजेश्री महन्त जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि – शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हुआ है भारतीय सनातन परंपरा में चार नवरात्रि मनाते हैं, जिसमें से दो प्रत्यक्ष एवं दो अप्रत्यक्ष रूप से मनाने की परंपरा है।

शारदीय नवरात्रि में यहां प्रतिवर्ष श्री रामचरितमानस का नवान्ह परायण किया जाता है। जिसका निर्वाह हम सभी कर रहे हैं। श्री दूधाधारी मठ में नवरात्र पर्व श्रद्धा एवं धार्मिक परंपराओं के अनुरूप मनाया जा रहा है।

पूजा अर्चना के अवसर पर राम अवतार दास, राम मनोहर दास, राम शिरोमणि दास, रामप्रिय दास, निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे, प्रवेश नारायण शुक्ला, ओम प्रकाश यादव सहित अनेक प्रतिष्ठित नागरिक गण सम्मिलित हुए।

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि में कैसे करें कलश स्थापना? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और घटस्थापना की पूरी विधि

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 Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना और शक्ति उपासना के लिए विशेष महत्व रखता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में भक्त माता रानी के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना के साथ पूजा का शुभारंभ किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश को सुख-समृद्धि, पवित्रता और शुभ ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चलेगी। इस बार अष्टमी और नवमी का पर्व 19 अक्टूबर को तथा दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, आवश्यक सामग्री और पूजा की आसान विधि।

कलश स्थापना 2026: शुभ मुहूर्त और तिथि

पंचांग में दिए गए विवरण के अनुसार, शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के लिए निम्न मुहूर्त बताए गए हैं।

  • नवरात्रि प्रारंभ: 11 अक्टूबर 2026
  • घटस्थापना का शुभ समय: सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
  • प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 10 अक्टूबर 2026, रात 9:19 बजे
  • प्रतिपदा तिथि समाप्त: 11 अक्टूबर 2026, रात 9:30 बजे

धार्मिक परंपरा के अनुसार, घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा जाता है। पूजा शुरू करने से पहले स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

कलश स्थापना के लिए किन चीजों की होगी जरूरत?

घटस्थापना की तैयारी करते समय पूजा की आवश्यक सामग्री पहले से जुटा लेना सुविधाजनक रहता है। इसके लिए साफ मिट्टी, जौ, पूजा का कलश, जल, गंगाजल, सिक्का, आम या अशोक के पत्ते, कलावा, मिट्टी का कटोरा, चावल और लाल कपड़े में लिपटा जटा वाला नारियल रख लें।

कलश स्थापना की सरल विधि

1. पूजा स्थल की सफाई करें

सबसे पहले घर में पूजा के लिए स्वच्छ स्थान चुनें। उस जगह की अच्छी तरह सफाई करें और धार्मिक परंपरा के अनुसार गंगाजल छिड़ककर स्थान को पवित्र करें।

2. मिट्टी और जौ तैयार करें

चुने गए स्थान पर साफ मिट्टी की एक परत बिछाएं। इसके ऊपर जौ के बीज डालें और फिर थोड़ी मिट्टी डालकर उन्हें ढक दें। इसके बाद हल्का जल छिड़कें। नवरात्रि के दौरान जौ के अंकुरित होने को शुभ माना जाता है।

3. कलश में जल भरें

अब पूजा के कलश में स्वच्छ जल और थोड़ा गंगाजल डालें। इसके साथ एक सिक्का रखें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कलश में जल भरना शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

4. कलश पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं

जल से भरे कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते रखें। इसके बाद कलश के बाहरी हिस्से पर कलावा बांधें।

5. नारियल स्थापित करें

कलश के ऊपर मिट्टी का कटोरा रखें और उसमें जौ या चावल भर दें। अब लाल कपड़े या चुनरी में लिपटे जटा वाले नारियल को कलश के ऊपर श्रद्धापूर्वक स्थापित करें।

6. मां दुर्गा का आह्वान करें

कलश स्थापना पूरी होने के बाद मां दुर्गा का ध्यान करें और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें। अपनी श्रद्धा के अनुसार दीपक जलाएं, पुष्प अर्पित करें और माता रानी से परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना करें।

नवरात्रि के नौ दिनों तक कलश की पूजा क्यों है जरूरी?

धार्मिक मान्यताओं में घटस्थापना को नवरात्रि पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। मान्यता है कि कलश में देवी-देवताओं और पवित्र नदियों का प्रतीकात्मक वास होता है। इसलिए नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना के साथ कलश की पूजा भी की जाती है।नवरात्रि की समाप्ति पर परंपरा और कुलाचार के अनुसार कलश से जुड़ी पूजा संपन्न की जाती है। जौ, नारियल और कलश के विसर्जन या समापन की विधि अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकती है। इसलिए अपने परिवार की परंपरा या स्थानीय पुरोहित के मार्गदर्शन का पालन करना उचित है।

छत्तीसगढ़ के 4 शहरों में चलेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, 1 नवंबर से बिलासपुर और भिलाई में शुरुआत का लक्ष्य, हर बस में होंगे 6 कैमरे

 छत्तीसगढ़ :  शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए चार प्रमुख शहरों में 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और कोरबा में इन बसों का संचालन किया जाएगा। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री अरुण साव की मौजूदगी में चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के साथ कंसेशन एग्रीमेंट किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रविवार को दोपहर 3 बजे यह समझौता होगा। इसमें आठ नगरीय निकायों के महापौर और आयुक्त भी शामिल होंगे।

रायपुर को मिलेंगी सबसे अधिक 100 इलेक्ट्रिक बसें

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के अनुसार, योजना के पहले चरण में चार नगर निगम क्षेत्रों के लिए कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों का प्रावधान किया गया है। शहरवार बसों का वितरण इस प्रकार निर्धारित है।

  • रायपुर: 100 बसें
  • बिलासपुर: 50 बसें
  • भिलाई: 50 बसें
  • कोरबा: 40 बसें

बसों के संचालन से संबंधित तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विभाग ने बिलासपुर और भिलाई में 1 नवंबर 2026 तक शुरुआती तौर पर 20-20 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा है।

क्यूआर कोड से टिकट और किराए का भुगतान

नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। यात्री क्यूआर कोड स्कैन करके टिकट प्राप्त कर सकेंगे और किराए का भुगतान भी कर पाएंगे। इसके अलावा ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी मिलेगी। इन व्यवस्थाओं से टिकट लेने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जाएगा।

सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में लगेंगे 6 कैमरे

यात्रियों की सुरक्षा और बसों की निगरानी के लिए हर इलेक्ट्रिक बस में छह कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मोबाइल एप के माध्यम से यात्री बसों के निर्धारित रूट की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। आधुनिक तकनीक से लैस इन बसों में सुविधाजनक यात्रा के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा।

प्रदूषण घटाने और सार्वजनिक परिवहन सुधारने पर जोर

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का प्रमुख उद्देश्य शहरों में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इन बसों के इस्तेमाल से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और वायु प्रदूषण तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिल सकती है।चारों शहरों में ई-बस सेवा शुरू होने से नागरिकों को आवागमन का एक नया विकल्प मिलेगा। साथ ही शहरी परिवहन व्यवस्था को तकनीक आधारित और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी काम आगे बढ़ेगा।