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🔴 नक्सली हिंसा में शहीद जवानों के परिवारों के लिए बड़ी राहत — अब अन्य विभागों में भी मिलेगी अनुकम्पा नियुक्ति

Janchoupal 36 रायपुर/बेमेतरा, 01 जुलाई 2025।

शहीद परिजनों को विभाग चुनने का अधिकार, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का सराहनीय निर्णय

छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस कर्मियों के परिजनों के हित में एक ऐतिहासिक एवं संवेदनशील निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने “एकजाई पुनरीक्षित अनुकम्पा नियुक्ति निर्देश-2013” की कंडिका 13(3) में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की है, जिसके तहत अब शहीदों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति केवल पुलिस विभाग तक सीमित न होकर राज्य शासन के अन्य विभागों में भी प्राप्त हो सकेगी।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने निर्णय की जानकारी देते हुए कहा,

“शहीद हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। उनके परिवारों को केवल एक विभाग में नियुक्ति तक सीमित रखना न्यायसंगत नहीं था। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जो शहीदों के सम्मान और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।“

इस संशोधन के अंतर्गत, अब शहीद के परिजनों को राज्य शासन के किसी भी विभाग, जिले अथवा संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त करने का अधिकार प्राप्त होगा। पूर्व में यह प्रावधान था कि अनुकम्पा नियुक्ति केवल उसी विभाग में दी जाए, जिसमें दिवंगत कर्मचारी कार्यरत था। लेकिन शहीद परिजनों की वर्षों पुरानी मांग को दृष्टिगत रखते हुए यह परिवर्तन किया गया है।
यह प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया था। शहीद परिवारों और उनके संगठनों से लगातार प्राप्त हो रही इस मांग को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री ने इसे मंत्रिपरिषद में प्रस्तुत किया, जहां सर्वसम्मति से इसे पारित किया गया।
श्री शर्मा ने आगे कहा,

“यह निर्णय न केवल शहीदों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति हमारी सरकार की संवेदनशीलता और दायित्वबोध का भी प्रतीक है। अब शहीद परिजनों को रोजगार के बेहतर और सुविधाजनक विकल्प प्राप्त होंगे, जो उनके आत्मसम्मान को भी सशक्त करेगा।”

📌जनचौपाल 36 विशेष बिंदु:
अब अनुकम्पा नियुक्ति केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगी
परिजनों को विभाग, जिला और संभाग चुनने की मिलेगी स्वतंत्रता
वर्षों से लंबित मांग को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिलाया न्याय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद का सराहनीय निर्णय ।


राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे पर लीनेस क्लब ‘प्रेरणा मेन’ ने जताया आभार


जिला अस्पताल बेमेतरा के समस्त डॉक्टर्स का सम्मान, स्मृति चिन्ह और पौधा भेंट कर दी शुभकामनाएं

बेमेतरा, 1 जुलाई:
राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर लीनेस क्लब बेमेतरा “प्रेरणा मेन” द्वारा जिला चिकित्सालय बेमेतरा में पदस्थ समस्त डॉक्टर्स का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉक्टरों को स्मृति चिन्ह और एक-एक पौधा भेंट कर उनके सेवा भाव को नमन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता क्लब की अध्यक्ष लीनेस शशि तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर केवल एक पेशेवर नहीं, बल्कि मानवता के सच्चे सेवक होते हैं, जो अपने कर्तव्य के प्रति पूर्ण समर्पण और करुणा के साथ कार्य करते हैं। वे रोगी के अंतिम क्षण तक उसके जीवन को बचाने का प्रयास करते हैं।

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू को विशेष रूप से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बुद्धेश्वर वर्मा, डॉ. एस.पी. कोसरिया, डॉ. साहू (एनेस्थीसिया), डॉ. के.डी. साहू (मेडिसिन), डॉ. विभा वर्मन, डॉ. स्वाति यदु, डॉ. खुशबू देवांगन सहित जिला अस्पताल के सभी डॉक्टर्स की गरिमामयी उपस्थिति रही।

क्लब की अन्य सदस्यों में लीनेस वर्षा गौतम, लीनेस ललिता साहू, लीनेस आरती साहू, लीनेस नेहा वर्मा एवं लीनेस पिंकी नेमा भी उपस्थित रहीं। इस भावपूर्ण आयोजन में मेट्रन, नर्सिंग ऑफिसर और समस्त चिकित्सकीय स्टाफ ने भी सहभागिता दी।


🌳 “एक पेड़ मां के नाम” : विधायक दीपेश साहू ने अमरूद का पौधा लगाकर दिया हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश 🌿

👉Janchoupal36 / विशेष रिपोर्ट / बेमेतरा

बेमेतरा, 01 जुलाई:
ग्राम पंचायत कंतेली में आज “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत एक भावनात्मक और पर्यावरणीय दृष्टि से प्रेरणादायक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेमेतरा विधानसभा के विधायक दीपेश साहू ने अमरूद का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

🗣️विधायक साहू ने अपने उद्बोधन में कहा,

“मां जीवन देती है और पेड़ जीवन को सुरक्षित करते हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ केवल एक पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, यह प्रकृति और मातृत्व के बीच के गहरे संबंध को सम्मान देने की एक पहल है।”

उन्होंने कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और इस मुहिम को जन आंदोलन का रूप देने की अपील की।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच महावीर वर्मा, रेवा राम निषाद, उप-सरपंच नीलू का, चम्पेश्वर वर्मा, परस वैष्णव, सोसायटी अध्यक्ष भागीरथी साहू, टोप सिंह वर्मा, ओम नारायण वर्मा, देवेन्द्र वर्मा, दुर्गेश चौहान, अर्जुन साहू, रत्नु सेन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणजनों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम ने ग्रामवासियों में पर्यावरणीय चेतना का संचार किया और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को नई ऊर्जा दी।


गौ_धन के लिए अब जल में आंदोलन,गौ माता राष्ट्रमाता के लिए गौ पुत्र उतरे जल में

👉Janchoupal36

बिलासपुर, 1 जुलाई।
गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कराने तथा गौवंश की रक्षा और संरक्षण के लिए अब आंदोलनकारी जल में उतर चुके हैं। बिलासपुर में गौ रक्षक समिति के तत्वावधान में चल रहा “गौ माता राष्ट्रमाता आंदोलन” अब जन आंदोलन का रूप लेने लगा है।
गौ रक्षक समिति के ओम बिशेन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा,
“गौ प्रणाम — जल में आंदोलन! अब गौ धन के लिए गौ पुत्र जल में उतर आए हैं। हमारा लक्ष्य है — गौ माता को राजमाता और राष्ट्रमाता घोषित कराना।“
उन्होंने यह भी मांग की कि:
गौ धाम बिलासपुर को कम से कम 5 एकड़ भूमि प्रदान की जाए।
गौ तस्करी में संलिप्त बिलासपुर के नामी तस्करों को तत्काल जेल भेजा जाए।
गौ द्रोही डॉक्टर के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
बिशेन ने कहा कि गौ पुत्र चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती।
सरकार से सख्त कदम की मांग
गौ रक्षक समिति ने छत्तीसगढ़ सरकार से आग्रह किया है कि वे गौ रक्षा के लिए कठोर कानून, प्रभावी कार्यवाही और स्थायी समाधान प्रस्तुत करें।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा “गो अभयारण्य” को “गौधाम” कहने की घोषणा का स्वागत करते हुए समिति ने कहा कि अब हर नागरिक को गौ रक्षा के लिए ‘गोविंद’ बनना होगा।
गौरक्षा आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में गौरक्षा को लेकर समय-समय पर कई जन आंदोलन हुए हैं।
आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती ने भी गौरक्षा आंदोलन को दिशा दी थी।
गौ माता राष्ट्रमाता आंदोलन, कामधेनु गौ रक्षा समिति जैसे प्रयासों ने इस विचारधारा को और बल दिया।
आज यह आंदोलन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र गौरव का प्रतीक बन गया है।
संपर्क:
ओम बिशेन
गौ रक्षक समिति, बिलासपुर

बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने समाजसेवी ताराचंद माहेश्वरी की अभिनव पहल

शाला प्रवेश उत्सव में सुकन्या खाता खुलवाकर दिया शिक्षोपयोगी उपहार

बेमेतरा, 30 जून / Janchoupal36 विशेष रिपोर्ट
शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव सोच के साथ समाजसेवी ताराचंद माहेश्वरी ने एक प्रेरणा दायी पहल करते हुए शासकीय प्राथमिक शाला भोईना भाठा में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव को बालिकाओं के लिए उत्सव की तरह बना दिया। उन्होंने 10 से 12 नवप्रवेशी बालिकाओं को सजी-धजी कार में बिठाकर बैंड-बाजे के साथ स्कूल प्रवेश कराया, जो पूरे गांव के लिए आकर्षण का केंद्र बना।
श्री माहेश्वरी ने इस अवसर पर इन बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाते खुलवाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी। उन्होंने कहा,
“यह पहल बालिकाओं में शिक्षा के प्रति उत्साह जगाने और उनके माता-पिता को छोटी बचत के माध्यम से भविष्य संवारने की दिशा में एक छोटा कदम है।”
इसके साथ ही उन्होंने सभी नवप्रवेशी बालिकाओं को स्कूल बैग भी भेंट किए।
शिक्षा अधिकारियों और समाजसेवियों ने बढ़ाया उत्साह
इस अवसर पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार खरे ने कहा कि प्रवेश उत्सव जैसे आयोजन बच्चों में भयमुक्त वातावरण का निर्माण करते हैं। उन्होंने शासन की ओर से वितरित निःशुल्क गणवेश और पाठ्यपुस्तकों का भी वितरण किया।
ब्रह्मकुमारी शशि दीदी ने बच्चों को शांत चित्त से लगनपूर्वक पढ़ाई करने की प्रेरणा दी। वहीं, लायंस क्लब द्वारा बच्चों को पारितोषिक प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
पर्यावरण संरक्षण की भी पहल
कार्यक्रम के अंत में शाला परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
उपस्थित गणमान्य अतिथिगण:
इस कार्यक्रम में पार्षद नीतू कोठारी, सरपंच स्मृति ज्योति गायकवाड़, शारदा तिवारी, लायंस क्लब अध्यक्ष श्रीमती राघव, प्रफुल्ल शर्मा, डॉ. शिवेंद्र त्रिपाठी, रामानंद त्रिपाठी, नंदलाल शर्मा, घनश्याम अग्रवाल, विनोद राघव, संतोष चांडक, सौरभ तिवारी, शाला की प्रधानपाठिका श्रीमती प्रतिमा देशलहरे, शिक्षिकाएँ कल्पना सोनी, रंजना ठाकुर, शबनम खान, आरती पाण्डेय, ब्रजेश शर्मा, दिग्विजय धृतलहरे सहित बड़ी संख्या में पालक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
👉 यह समाचार महिला शिक्षा, सामाजिक दायित्व और बालिकाओं के सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण है।

🪔 भगवान की माया – भाग 1..वन में विष्णु और नारद: एक विचित्र यात्रा की शुरुआत

(भाग 1 पर चिंतन हेतु):
“क्या मनुष्य अपने संकल्प पर सदा अडिग रह पाता है?”
“क्या आकर्षण से बच पाना संभव है, चाहे वह देवर्षि ही क्यों न हो?”
👉 janchoupal36.com पर श्रृंखलाबद्ध रूप से प्रकाशित पांच भागों में दूसरा भाग कल

घना वन था। हरे-भरे वृक्षों के बीच पक्षियों की चहचहाहट गूंज रही थी, और मंद पवन की सरसराहट किसी पुरानी वीणा की धुन-सी प्रतीत हो रही थी। उस शांत व रमणीय वातावरण में दो दिव्य व्यक्तित्व विचरण कर रहे थे — भगवान विष्णु और उनके प्रिय भक्त देवर्षि नारद।
नारद जी अपने कमंडल और वीणा के साथ प्रसन्नचित्त होकर “नारायण-नारायण” का जाप करते हुए चल रहे थे। वे अपने प्रभु के साथ संवाद कर रहे थे, कुछ प्रश्न पूछ रहे थे, कभी भक्ति की बातें कर रहे थे। मार्ग में कहीं जल की धारा कलकल करती मिलती, तो कहीं मोरों की नृत्य करती टोलियां दिखाई पड़तीं। वातावरण अत्यंत आनंददायक था।
अचानक चलते-चलते भगवान विष्णु एक वृक्ष के नीचे बैठ गए।
उन्होंने हल्की मुस्कान के साथ कहा –
“भई नारद, अब हम थक गए हैं। प्यास बहुत लगी है। लगता है गला सूख गया है। कहीं से जल मिल जाए तो तुम ले आओ, हमसे अब चला नहीं जाता।”
जैसे ही नारद जी ने यह सुना, वे तुरंत सजग हो उठे।
“प्रभु! आपके रहते प्यास! यह कैसे सहन हो सकता है? मैं अभी लाता हूँ!”
वे तेजी से दौड़ पड़े — एक उत्साही सेवक की भांति, जो अपने आराध्य की सेवा को सर्वोपरि समझता है।
भगवान विष्णु मुस्कराए। उनकी आँखों में एक रहस्य झलक रहा था। वे शांत स्वर में बोले –
“माया, अब समय आ गया है। नारद को सत्य से परिचय कराओ।”
उनकी माया — जो संसार का सबसे बड़ा रहस्य है, जो समय को मोड़ सकती है, चेतना को ढक सकती है, जीवन को भ्रम का खेल बना सकती है — सक्रिय हो उठी।
नारद जी थोड़ी ही दूर गए होंगे कि उन्हें एक अनजान-सा गांव दिखाई दिया। उस गांव के बाहर एक कुआं था, जहां कुछ युवतियां पानी भर रही थीं। उस दृश्य में कुछ विशेष था — मानो समय कुछ पल ठहर गया हो।
कुआं, स्त्रियां, घड़े — सब सामान्य था, लेकिन जैसे ही एक कन्या पर उनकी दृष्टि पड़ी, उनका मन कांप उठा। वे कुछ क्षणों के लिए भूल गए कि वे कौन हैं, कहां जा रहे हैं और किस उद्देश्य से निकले थे। वह कन्या उनके लिए एक प्रश्न बनकर खड़ी हो गई — एक आकर्षण, एक रहस्य।

माया का पहला परदा गिर चुका था…आगे

🙏 “भगवान की माया” कथा के भाग 1 से 5 तक — एक रोचक, भावनात्मक और विचारोत्तेजक शैली में, ताकि पाठक कहानी को ठीक से समझ सकें🙏दीपक पांडेय 🙏

पंवरजली ग्राम पंचायत में गौवंश संरक्षण को लेकर जागरूकता बैठक आयोजित

गौधाम निर्माण और जन-सहयोग से जुड़े पहलुओं पर हुई चर्चा | Janchoupal 36 विशेष रिपोर्ट

स्थान – ग्राम पंचायत पंवरजली, विधानसभा पंडरिया, जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन को प्राथमिकता दिए जाने के क्रम में, ग्राम पंचायत पंवरजली में आज एक विशेष बैठक आयोजित की गई। यह बैठक दामापुर चौकी पुलिस द्वारा आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्रीय किसानों, ग्रामीणों और ग्राम प्रमुखों की सक्रिय भागीदारी रही।

बैठक में गौ सेवा एवं संरक्षण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस चौकी प्रभारी विनोद खाड़े ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा कि गौवंश की रक्षा समाज और संस्कृति की सेवा है। उन्होंने पशुधन को खुले में नहीं छोड़ने, उनकी उचित देखभाल और सरकारी योजनाओं के लाभ उठाने की अपील की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा हाल ही में घोषित गौ-संवर्धन अभियान का हवाला देते हुए, यह भी बताया गया कि गौ-अभ्यारण्य को अब “गौधाम” के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा बेमेतरा जिले के झालम में 50 एकड़ और कवर्धा में 120 एकड़ भूमि पर गौधाम निर्माण की योजना पर कार्य प्रगति पर है।

बैठक में ग्रामीणों को गौशालाओं, चारा भंडारण, चिकित्सा सुविधा, और अन्य सहायताओं के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर हरेंद्र सिंह राजपूत, सुरेश सिंह, अशोक सिंह, लाला सिंह, नरेश सिंह, संजय सिंह, रामजी, रामखेलावन साहू, मनोज सिंह, लालू साहू, रामनाथ साहू, मनोज साहू, मोहन साहू, संतोष साहू, नरेंद्र सिंह सहित अनेक ग्रामीणों ने उपस्थित होकर समर्थन जताया।

ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन की इस पहल की सराहना की और भविष्य में गौ सेवा के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

इस प्रकार की बैठकें गौवंश सुरक्षा व ग्रामीण सहभागिता को मजबूत करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही हैं, और राज्य में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में कदम हैं।


औचक निरीक्षण में दिखा प्रशासनिक एकजुटता का परिचय: बेमेतरा के विकास हेतु कलेक्टर ने स्वीकृत किए 1.80 करोड़

बेमेतरा। Janchoupal36:_
आज बेमेतरा नगर में कलेक्टर रणवीर शर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य नगर की समस्याओं का जमीनी स्तर पर आकलन कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख रूप से बस स्टैंड की गंदगी और अव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया गया। कलेक्टर ने स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। वहीं पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कलेक्टर को बताया कि नगर की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए प्रशासन का सहयोग आवश्यक है।

पालिका अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि अव्यवस्थित दुकानों को सुनियोजित ढंग से व्यवस्थापन के तहत लाया जाए, जिस पर कलेक्टर ने सहमति जताते हुए संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके पश्चात दोनों अधिकारी मोहभट्ठा उद्यान पहुंचे और वहां की पेयजल, बैठने की सुविधा और हरित संरक्षण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पौधों को किसी प्रकार की क्षति न हो और सफाई एवं नागरिक सुविधाओं में कोई कमी न रहे।

नगर सौंदर्यीकरण एवं विकास को लेकर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने राशि की मांग रखी, जिस पर कलेक्टर रणवीर शर्मा ने तत्परता दिखाते हुए 1.80 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। यह राशि मुआवजा और नगर विकास, सौंदर्यीकरण और व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण में व्यय की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर की सड़कों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों का भी दौरा किया और नागरिक सुविधाओं जैसे सफाई, पेयजल, रोशनी आदि की स्थिति का जायजा लिया।

कलेक्टर व पालिका अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगर को स्वच्छ, सुंदर और नागरिकों के अनुकूल बनाया जाए।
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि नगर पालिका जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनका समाधान प्रशासनिक सहयोग से प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।


प्रस्तुति: जनचौपाल 36 | संपर्क: www.janchoupal36.com
मो.09826157101

कांटा लगा’ फेम शेफाली जरीवाला का आकस्मिक निधन, 42 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

मनोरंजन/मुंबई | जनचौपाल 36

बॉलीवुड की जानी-मानी डांसर और एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला, जिन्होंने ‘कांटा लगा’ एल्बम सॉन्ग से घर-घर में अपनी पहचान बनाई थी, अब इस दुनिया में नहीं रहीं। महज 42 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके चलते उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

शेफाली को जब तक अस्पताल ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर सामने आते ही इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके लाखों चाहने वाले इस अप्रत्याशित घटना से स्तब्ध हैं।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शेफाली को उनके घर पर अचानक बेचैनी की शिकायत हुई थी। परिजन और करीबी उन्हें फौरन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर्स ने बताया कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट पहले ही आ चुका था और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया।

कूपर अस्पताल में पोस्टमार्टम

उनके पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेजा गया है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के कारणों की विस्तृत जानकारी मिल सके।

‘कांटा लगा’ से मिली थी पहचान

साल 2002 में आई ‘कांटा लगा’ म्यूजिक वीडियो से शेफाली ने रातोंरात लोकप्रियता हासिल की थी। महज 19 वर्ष की उम्र में उन्होंने जो ख्याति पाई, वह आज भी एक मिसाल मानी जाती है। इसके बाद वह कई रियलिटी शोज और इवेंट्स में भी नजर आईं।

मनोरंजन जगत में शोक की लहर

फिल्म और टीवी इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों और निर्देशकों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी है। शेफाली जरीवाला अपने आत्मविश्वास, नृत्यकला और खूबसूरती के लिए जानी जाती थीं। उनका यूं अचानक चले जाना सभी के लिए बेहद दुखद है।


🕯️ जनचौपाल 36 की ओर से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि।

भारत की कृषि अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल: FY12 से FY24 तक GVA तीन गुना बढ़ा, GDP में बना अहम स्तंभ

नई दिल्ली।
भारत की कृषि अर्थव्यवस्था ने एक नई ऊंचाई को छू लिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2012 (FY12) से लेकर वित्त वर्ष 2024 (FY24) के बीच कृषि का सकल मूल्य वर्धन (GVA) ₹4,800 हजार करोड़ से भी अधिक हो गया है, जो कि इस अवधि में तीन गुना वृद्धि को दर्शाता है।

🌾 कृषि क्षेत्र में ग्रोथ के मुख्य स्तंभ:

इस उल्लेखनीय वृद्धि में अनाज उत्पादन, पशुधन पालन, फल-फूलों की खेती, और अन्य कृषि-गतिविधियों का प्रमुख योगदान रहा है।

  • अनाज और दलहन की पैदावार में निरंतर सुधार हुआ।
  • पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में तकनीकी नवाचार और सरकारी योजनाओं से तेजी आई।
  • फल-फूलों की खेती ने बाजार को नया आयाम दिया।

🍌 फलों की खेती में बड़ा बदलाव:

केले ने आम को पीछे छोड़ते हुए अब फलों की कुल GVO (Gross Value Output) में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। यह उपभोक्ता मांग, निर्यात क्षमता और उत्पादन तकनीक में सुधार का परिणाम है।

🏆 उत्तर प्रदेश सबसे आगे:

राज्यवार कृषि GVO की बात करें तो उत्तर प्रदेश ने सबसे अधिक हिस्सेदारी दर्ज की है, जो राज्य की मजबूत कृषि व्यवस्था और व्यापक भूमि उपयोग को दर्शाता है।

📊 कृषि का GDP में योगदान:

कृषि अब भी भारत की अर्थव्यवस्था में एक मजबूत स्तंभ बना हुआ है, जो राष्ट्रीय GDP में 16% तक योगदान देता है। यह क्षेत्र ग्रामीण आजीविका, रोजगार, और आर्थिक विविधता (Economic Diversification) के लिए बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है।


🌍 भविष्य की संभावनाएं:

एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कृषि सहित 9 प्रमुख सेक्टर ऐसे हैं जो भारत के वैश्विक विकास मानचित्र को बदल सकते हैं, जिनकी संयुक्त संभावित आर्थिक क्षमता 738 बिलियन डॉलर तक आँकी जा रही है। कृषि क्षेत्र इस बदलाव का प्रमुख वाहक बनकर उभर सकता है, यदि सिंचाई, भंडारण, निर्यात और तकनीक पर सही दिशा में निवेश किया जाए।


निष्कर्ष:
भारत की कृषि अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार से प्रेरित एक उभरता हुआ विकास इंजन बन गई है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में भारत के आर्थिक नेतृत्व को और मजबूती दे सकता है।

📰 Source: सरकारी आंकड़े एवं कृषि मंत्रालय रिपोर्ट
🖊️ Janchoupal36 News Desk