21.1 C
Raipur
Tuesday, October 27, 2026
Home Blog Page 267

पंडरिया में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के स्वागत की तैयारियाँ शुरू, 6 जुलाई को होगा विशेष दौरा

पंडरिया/कबीरधाम:_जन_चौपाल36

📢 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के आगामी 6 जुलाई रविवार को पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में प्रथम आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। इस अवसर को भव्य और सफल बनाने के उद्देश्य से भाजपा मंडल कुण्डा की एक अहम बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष श्री बालमुकुंद चंद्रवंशी ने की तथा संचालन प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सीताराम साहू की उपस्थिति में हुआ। बैठक में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं।
🚃🚃🚃🚃🚃5 निशुल्क सेवा बसों का होगा शुभारंभ
विधायक भावना बोहरा द्वारा छात्राओं के लिए संचालित की जा रही 5 निशुल्क सेवा बसों का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सुबह 11:00 बजे, पीएम स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय परिसर, पंडरिया से हरी झंडी दिखाकर करेंगे।
🧕महिलाओं को मिलेगा ‘महतारी अलंकरण’ सम्मान
इस मौके पर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को ‘महतारी अलंकरण सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण कर नागरिकों को विकास की नई सौगात दी जाएगी।
👏कई वरिष्ठ नेता रहेंगे उपस्थित
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय, विधायक भावना बोहरा सहित अनेक वरिष्ठ भाजपा नेता व जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
बैठक में प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला मंत्री ओम यदु, सुरेश दुबे, रामाधार शर्मा, रामकुमार चंद्राकर, डी.के. मिश्रा, महेंद्र धृतलहरे, हरेकृष्ण शुक्ला, मनहरण साहू, सुमन गुप्ता, अमन खनूजा, ध्वजाराम चंद्राकर, अनुराग तिवारी, श्रवण साहू, पिल्लू साहू, शशांक शर्मा, दिलीप चंद्रवंशी समेत बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भाग 3🪔 भगवान की माया वीणा से हल तक: नारद की नई दुनिया

अब प्रस्तुत है — “भगवान की माया” कथा का भाग 3, जो नारद जी के जीवन के उस मोड़ को दर्शाता है जहाँ ईश्वर-भक्ति पीछे रह जाती है और संसार का मोह जीवन का केंद्र बन जाता है।

Janchoupal 36

कहानी गतांक से आगे… शादी के बाद नारद जी का जीवन बिल्कुल बदल चुका था।
जो हाथ कभी वीणा थामे “नारायण-नारायण” की गूंज से त्रिलोक को आलोकित करते थे —
अब वे हल पकड़कर खेतों की मेड़ों पर पसीना बहा रहे थे।
गांव के लोग कहते —
“देखो, जो देवता सा दिखता है, अब हमारी तरह मिट्टी में रमा है।”
पर नारद जी को अब यह जीवन ही प्रिय लगने लगा था।
पत्नी का स्नेह, बच्चों की किलकारियां, खेतों की हरियाली —
यह सब किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता था।
🌱 सुबह होते ही वे हल लेकर निकल जाते।
खेत में कभी बीज बोते, कभी पानी देते, कभी निराई-गुड़ाई करते।
पसीने से लथपथ नारद अब तपस्वी नहीं, किसान हो चुके थे।
और जब फसलें लहलहातीं —
तो उनकी आंखों में वही चमक होती, जो पहले प्रभु के ध्यान में आती थी।
🏡 गृहस्थी का विस्तार
समय बीतता गया…
एक के बाद एक वर्षों में, उनकी गृहस्थी फलने-फूलने लगी।
👨‍👩‍👧‍👦 चार संताने हुईं — दो पुत्र और दो पुत्रियां।
नारद जी अब अपने बच्चों की पढ़ाई, पालन-पोषण, संस्कार और शादी की चिंता में रमे रहते।
घर में अनाज के कोठार भरते थे, पशु थे, समृद्धि थी —
पर… वीणा अब धूल खा रही थी।
“नारायण-नारायण” अब केवल एक भूली हुई ध्वनि थी।
पत्नी कभी पूछती —
“आप तो कहते थे, आप भजन करते थे, भगवान के बहुत निकट थे। अब क्यों नहीं करते?”
नारद जी हँसते और कहते —
“अब भगवान मेरी मेहनत में है, मेरे खेत में है, मेरे बच्चों में है।”
पर यह भी तो माया थी —
जो उन्हें कार्य में ईश्वर का दर्शन करवा रही थी, पर ईश्वर से दूर ले जा रही थी।
⚠️ एक भविष्य की आहट…
सबकुछ सामान्य लग रहा था —
लेकिन समय कभी स्थिर नहीं रहता।
माया अपने अगले रंग की तैयारी कर रही थी…
जिस जीवन को नारद जी ने अपना सबकुछ समझ लिया था,
जिसमें उन्होंने भक्ति को भुला दिया था,
अब वही जीवन परीक्षा के सबसे कठिन दौर से गुजरने वाला था।
🌀 अंतिम चिंतन (भाग 3 के अंत पर):
“क्या सुख की परछाईं ही दुःख की भूमिका होती है?”
“जब जीवन बहुत सहज लगे, तब क्या कोई अदृश्य तूफान पास आता है?”





सरकारी दफ्तरों में तबादलों की हलचल, छत्तीसगढ़ में लिस्ट जल्द

ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 14 से 30 जून तक मंगाए गए थे आवेदन, हजारों कर्मियों ने की थी अर्जी

रायपुर, 3 जुलाई 2025 | छत्तीसगढ़ में लंबे समय से प्रतीक्षित कर्मचारियों के तबादलों को लेकर अब स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के ट्रांसफर की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है और अब कभी भी विभागवार ट्रांसफर लिस्ट जारी की जा सकती है। इस खबर ने शासकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के बीच उत्सुकता और हलचल बढ़ा दी है।
राज्य शासन ने 14 जून से 30 जून 2025 के बीच तबादले के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसमें हजारों की संख्या में कर्मचारियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से आवेदन किया। अब इन आवेदनों की विभागीय स्तर पर समीक्षा पूरी हो चुकी है और अंतिम मंजूरी के बाद सूची सार्वजनिक की जाएगी।
इन विभागों की सूची पहले आ सकती है
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस, पंचायत, लोक निर्माण (PWD) समेत कई बड़े विभागों की तबादला सूचियां प्राथमिकता में हैं। इन विभागों में स्थानांतरण को लेकर सबसे अधिक आवेदन आए हैं, इसलिए इनके नाम पहले जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
कर्मचारियों को तबादला नीति के अनुरूप राहत की उम्मीद
राज्य सरकार की तबादला नीति के अनुसार, पारदर्शिता और वरिष्ठता के आधार पर तबादले किए जा रहे हैं। विशेष ध्यान उन कर्मचारियों को दिया गया है, जो लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं या पारिवारिक, स्वास्थ्य अथवा सेवा शर्तों के आधार पर स्थानांतरण की मांग कर रहे थे।
सरकारी आदेश कभी भी हो सकता है जारी
राज्य सचिवालय के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, अब विभागीय अनुमोदन की अंतिम प्रक्रिया चल रही है और 4 जुलाई से 10 जुलाई के बीच में विभिन्न विभागों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की जा सकती है। सभी कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को इसके लिए तैयार रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
क्या कहते हैं कर्मचारी संगठन?
कई कर्मचारी संगठनों ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही, ऐसे कर्मचारियों की प्राथमिकता तय की जाए, जिनके स्थानांतरण लंबे समय से लंबित हैं या जिनकी पारिवारिक परिस्थितियाँ विशेष ध्यान की मांग करती हैं।
📌 जन चौपाल 36 आपके लिए लाता है विश्वसनीय और त्वरित अपडेट।
✍️ रिपोर्ट: दीपक पाण्डेय
📍स्थान: रायपुर, छत्तीसगढ़
📞 संपर्क: 9826157101 | 🌐 www.janchoupal36.com

बागेश्वर धाम में पंडाल हादसा: एक श्रद्धालु की मौत, आठ घायल

👉3 जुलाई 2025, छतरपुर (मध्य प्रदेश):
बागेश्वर धाम, गढ़ा गांव (Civil Line थाना क्षेत्र के तहत) में गुरुवार सुबह करीब 7 बजे एक बड़ा हादसा घटा। बाबा धीरेन्द्र शास्त्री के जन्मदिन (4 जुलाई) उत्सव के मौके पर सुबह की आरती समाप्त होते ही हवाओं और बारिश के चलते लगाये गए टेंट (पंडाल) में पानी भर गया। अचानक दबाव के कारण टेंट का एक भारी लोहे का एंगल टूट गया और गिरकर कई लोगों को कुचल दिया।

🔹दम तोड़ा:

मृतक की पहचान लाला श्यामलाल कौशल, आयु लगभग 60 वर्ष, निवासी सिकंदरपुर, बस्ती (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई, जो दर्शन तथा जन्मोत्सव में सम्मिलित होने के लिए आए थे। घटनास्थल पर ही सिर पर चोट लगने से उनकी मृत्यु हो गई ।

🔹घायलों की जानकारी:

करीब 8 श्रद्धालु घायल हुए, जिनमें से चार को गंभीर चोटें आईं। मृतक के परिवार में मौजूद छह लोग (पत्नी सौम्या, दो बेटियाँ – पारुल और उन्नति, ससुर राजेश, पड़ोसी आर्यन एवं कमला) भी घायल हुए हैं ।

🔹पुलिस एवं प्रशासन की प्रतिक्रिया:

बामीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रुतिया ने बताया कि पंडाल में तेज हवा और बारिश का पानी जमा होने के कारण वह बॉक्स टेंशन नहीं सह पाया और ढह गया। क्षणिक भगदड़ मची, कई श्रद्धालु दबे, जिन्हें सजग जनता और मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बाहर निकाला ।

🔹मृतक का परिवार क्या कहता है:

राजेश (पुत्रवधू का पति) ने बताया कि वे परिवार सहित कल रात से ही दर्शन हेतु वहां रुके थे। जैसे ही बारिश शुरू हुई, वे पंडाल के नीचे चले गए, लेकिन अचानक ढहने से बड़े बाबा की जान चली गई और चार अन्य गंभीर घायल हो गए ।

🔹मेडिकल और कानूनी कार्रवाई:

घायलों को तुरंत जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतक शव का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल की मोर्चरी में करवाया गया। घटना की गहन जांच हेतु थाना प्रभारी ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और यह देखा जा रहा है कि कहीं सुरक्षा व्यवस्थाओं में लापरवाही तो नहीं हुई ।


समय 3 जुलाई 2025, सुबह ~7:00 बजे
स्थान बागेश्वर धाम, गढ़ा गांव, छतरपुर
मृतक लाला श्यामलाल कौशल, सिकंदरपुर, बस्ती (UP)
घायलों की संख्या 8 (4 गंभीर, 4 मामूली)
कारण बारिश और तेज हवा से पानी भरने के कारण पंडाल ढह गया
प्रतिक्रिया पुलिस जांच, पोस्टमार्टम पूरा, अस्पताल में इलाज जारी

2_भगवान की माया🪔पानी की तलाश या प्रेम का प्रारंभ?

अब प्रस्तुत है — “भगवान की माया” कथा का भाग 2, जो कथा को और गहराई, रोमांच और भावनात्मकता की ओर ले जाता है।

“क्या प्रेम मार्ग से भक्ति छिन जाती है?”
“क्या संसार का सुख, वैराग्य के शिखर से ऊपर है?”
“या यह सब केवल एक स्वप्न है?”

पानी की तलाश या प्रेम का प्रारंभ?

वह एक क्षण… और सब कुछ बदल गया।
नारद जी, जो जल की तलाश में निकले थे, अब अपने उद्देश्य को भूल चुके थे। कुएं पर खड़ी वह युवती उनके मन और बुद्धि पर छा गई थी। उसकी सरलता, उसकी आंखों की भाषा, उसका संयमित सौंदर्य — सब कुछ किसी अनकहे मंत्र की तरह उनके भीतर उतरने लगा।
“नारायण… नारायण…” के उच्चारण अब उनके होंठों पर नहीं रहे। अब वे केवल उस कन्या को ही देख रहे थे। उसे भी यह भान हो गया था कि कोई देवदूत-सा व्यक्ति उसे निहार रहा है। वह जल्दी-जल्दी अपना घड़ा भरकर, अपनी सहेलियों को पीछे छोड़कर घर की ओर लपकी।
लेकिन क्या नारद जी पीछे रह सकते थे?
नहीं। वे भी चल पड़े… उसी ओर… उसी मार्ग पर।
वह कन्या घर के भीतर चली गई, लेकिन नारद जी बाहर द्वार पर खड़े हो गए और पूर्व की भांति “नारायण… नारायण…” का उच्च स्वर लगाने लगे — पर अब उसमें वैराग्य नहीं था, अनुराग था।
गृहस्वामी बाहर आया।
जैसे ही उसने नारद जी को देखा, वह समझ गया कि कोई दिव्य आत्मा उसके द्वार पर आई है। वह श्रद्धा से भर उठा। उसने उन्हें अंदर बुलाया, उनके चरण धोए, स्वच्छ आसन पर बैठाया, आदर से जल पिलाया और भोजन कराया।
तब उसने झुककर पूछा —
“स्वामी, मेरे भाग्य कि आप मेरे द्वार पधारे। कहिए, क्या सेवा करूं?”
नारद जी शांत स्वर में बोले —
“आपकी कन्या… मैं उससे विवाह करना चाहता हूँ।”
गृहस्वामी चकित रह गया।
एक योगी, एक साधु, एक त्रिलोक भ्रमण करने वाला ब्रह्मचारी — विवाह की बात कर रहा है?
लेकिन वह नारद जी की महिमा जानता था। वह हर्षित भी हुआ — उसकी कन्या को एक महान संत का साथ मिलेगा।
उसने सहर्ष स्वीकृति दे दी।
कुछ ही दिनों में शुभ मुहूर्त पर कन्या का विवाह नारद जी से संपन्न हो गया। गांव में उत्सव का माहौल था। एक दिव्य युगल का मेल, जो संसार और वैराग्य के बीच एक नया सेतु बनने जा रहा था।
विवाह के बाद नारद जी को उसी गांव में एक उपजाऊ भूमि दी गई।
अब नारद, देवर्षि नहीं — एक गृहस्थ किसान बन चुके थे।
🔔 भावना की परतें:
वीणा अब किसी कोने में टंगी थी।
“नारायण… नारायण…” अब गूंजता नहीं था।
हल और कुदाल ने हाथ थाम लिए थे।
प्रेम ने भक्ति को ढक लिया था।
माया ने एक और परदा गिरा दिया था।



ऑनलाइन ऑर्डर के डिब्बे से हो सकती है साइबर ठगी, ध्यान रखें ये बातें!

Janchoupal36 डिजिटल डेस्क
आजकल अमेज़ॉन, फ्लिपकार्ट, मीशो, स्नैपडील जैसे ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स से लाखों लोग रोज़ाना सामान मंगवा रहे हैं। सामान मंगवाते वक्त हम डिलीवरी पैकेट खोलकर उत्पाद निकाल लेते हैं और डिब्बा सीधे कूड़ेदान में फेंक देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह आदत आपकी निजी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है?

दरअसल, इन डब्बों पर ग्राहक का पूरा पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी प्रिंट होती है। यही जानकारी आपकी डिजिटल पहचान का आधार बन सकती है। जब आप इस डिब्बे को लापरवाही से फेंकते हैं, तब वह किसी गलत हाथ में भी पड़ सकता है।
कैसे हो सकता है फ्रॉड?
साइबर अपराधी ऐसे डिब्बों को उठाकर उसमें दर्ज आपकी व्यक्तिगत जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।
आपकी पहचान का उपयोग कर फर्जी अकाउंट बनाए जा सकते हैं।
मोबाइल नंबर और मेल आईडी से फिशिंग अटैक या साइबर फ्रॉड हो सकता है।
यहां तक कि KYC फ्रॉड और उधार ऐप्स के धोखाधड़ी में भी आपकी जानकारी का दुरुपयोग संभव है।
क्या करें ऐसे डिब्बों का?
डिब्बा फेंकने से पहले उस पर चिपकी हुई शिपिंग लेबल को पूरी तरह फाड़ दें या काली स्याही से छिपा दें।
चाहें तो पैकिंग लेबल को जला दें या कतर-ब्योंत कर अलग-अलग हिस्सों में फेंकें।
किसी अनजान व्यक्ति को ऐसा डिब्बा देने से बचें, भले ही वह पैसे का लालच दे।
सावधानी ही सुरक्षा है
साइबर अपराध के इस डिजिटल युग में, सिर्फ मोबाइल या पासवर्ड ही नहीं, बल्कि आपके ऑर्डर बॉक्स तक को सतर्कता से संभालने की जरूरत है। एक छोटी सी लापरवाही बड़ी परेशानी में बदल सकती है।
✍️ रिपोर्ट: जनचौपाल टीम | संपर्क: janchoupal36.com

15 जुलाई से UPI पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव: अब असफल ट्रांजैक्शन पर तुरंत मिलेगा रिफंड

Janchoupal36.com

📍 नई दिल्ली, 3 जुलाई 2025
डिजिटल पेमेंट को लेकर सरकार और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की ओर से आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। 15 जुलाई 2025 से यूपीआई ट्रांजैक्शन फेल होने पर पैसे तुरंत वापस मिलेंगे। इससे पहले तक, किसी ट्रांजैक्शन के असफल होने के बाद रिफंड आने में कई घंटे या कभी-कभी दिन भी लग जाते थे।
✳ क्या है नया नियम?
NPCI द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब यदि कोई UPI ट्रांजैक्शन किसी तकनीकी कारण से फेल होता है और ग्राहक के खाते से पैसा कट जाता है, तो वह राशि तुरंत वापिस कर दी जाएगी। इससे ग्राहक को न तो बैंक के चक्कर लगाने होंगे और न ही शिकायत दर्ज करानी पड़ेगी।
✅ उपभोक्ताओं को मिलेंगी ये नई सुविधाएं:
तत्काल रिफंड सुविधा
असफल लेनदेन की स्थिति में पैसे तुरंत ग्राहक के खाते में वापस लौट आएंगे।
गलत UPI आईडी या नंबर पर भुगतान? अब रिकवरी आसान
यदि गलती से किसी गलत VPA या नंबर पर ट्रांजैक्शन हो जाता है, तो उसकी रिकवरी भी बैंक द्वारा जल्द की जाएगी।
चार्ज बैक प्रक्रिया में सहजता
अब चार्ज बैक (पेमेंट विवाद) के मामलों में NPCI की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। बैंक स्वतंत्र रूप से मामलों की समीक्षा कर समाधान कर सकेंगे।
🏦 क्यों है ये बदलाव जरूरी?
डिजिटल पेमेंट का दायरा देशभर में तेजी से बढ़ रहा है। हर दिन लाखों UPI ट्रांजैक्शन होते हैं, जिनमें से कुछ तकनीकी खामी या नेटवर्क समस्या के चलते असफल हो जाते हैं। अब तक ऐसे मामलों में ग्राहकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। यह बदलाव ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाएगा और डिजिटल इंडिया को और मजबूत करेगा।
📊 देशभर में हर महीने 1,000 करोड़ से अधिक UPI ट्रांजैक्शन
NPCI के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर महीने 1000 करोड़ से अधिक UPI ट्रांजैक्शन होते हैं, जिसमें करोड़ों रुपये की राशि असफल लेनदेन के रूप में अटकती है। इस निर्णय से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
📌 जन चौपाल 36 विशेष:
यह नया नियम न केवल तकनीकी पारदर्शिता लाएगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था में आम नागरिक का भरोसा भी बढ़ाएगा।
🖋️ रिपोर्ट: दीपक पाण्डेय
📲 www.janchoupal36.com

डिजिटल इंडिया पहल के 10 वर्ष पूर्ण: प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गौरव

Janchoupal36.com
नई दिल्ली, 1 जुलाई 2025 | PIB रिपोर्ट

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल इंडिया पहल के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूरे होने पर गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को देश के 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक इच्छाशक्ति और तकनीकी विकास की मिसाल बताया।
प्रधानमंत्री ने MyGovIndia द्वारा एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा किए गए एक थ्रेड को साझा करते हुए लिखा:
“आज ऐतिहासिक दिन है, हम #डिजिटलइंडिया के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं!
दस साल पहले, डिजिटल इंडिया की शुरुआत देश को डिजिटल रूप से सशक्त और तकनीकी रूप से उन्नत समाज में बदलने की पहल के रूप में हुई थी।
एक दशक बाद, हम एक ऐसी यात्रा के साक्षी हैं जिसने अनगिनत लोगों के जीवन को प्रभावित किया है और सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत की है।
भारत ने 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक संकल्प से प्रेरित होकर डिजिटल भुगतान में कई प्रगति की है।
स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को भी इस पहल से गहरा लाभ हुआ है।
यह पोस्ट परिवर्तन और उसके पैमाने की एक झलक प्रस्तुत करता है!”

प्रधानमंत्री ने इसे भारत के डिजिटल रूपांतरण की क्रांतिकारी यात्रा बताया।
अगला दशक और भी अधिक परिवर्तनकारी होगा। हम डिजिटल गवर्नेंस से ग्लोबल डिजिटल नेतृत्व की ओर, India-first से India-for-the-world की ओर बढ़ रहे हैं।
डिजिटल इंडिया, केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गया है, यह लोगों का आंदोलन बन गया है। यह एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और भारत को दुनिया के लिए एक विश्वसनीय इनोवेशन भागीदार बनाने के लिए अहम है।

डिजिटल इंडिया के दस वर्षों में देश ने डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस, हेल्थटेक, एजुकेशन टेक्नोलॉजी और ग्रामीण डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
🔗 स्रोत: प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB), भारत सरकार
🖊️ “Janchoupal36 डेस्क”]

“बस्तर विकास को मिली नई रफ्तार”

फोरलेन रोड और फ्लाईओवर को मिली केंद्र से स्वीकृति, सांसद महेश कश्यप के प्रयास लाए रंग

बस्तर/छत्तीसगढ़, 2 जुलाई 2025: बस्तर की विकास गाथा को नई दिशा और रफ्तार मिलने जा रही है। क्षेत्रीय सांसद माननीय महेश कश्यप के सतत प्रयासों का बड़ा परिणाम सामने आया है। जगदलपुर से सुकमा मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा तथा महाराणा प्रताप चौक, जगदलपुर में फ्लाईओवर का निर्माण भी होगा।

यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद महेश कश्यप को पत्र लिखकर दी है। उन्होंने बताया कि बस्तर सांसद के पत्र पर कार्रवाई करते हुए उनके मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को वार्षिक योजना वर्ष 2024-25 में शामिल कर डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की स्वीकृति दे दी है।

क्या कहा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने:

गडकरी जी ने अपने पत्र में बताया कि—

“मेरे मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30, रायपुर-जगदलपुर (किमी 81.500 से 298.000) कुल 216.5 किमी तथा जगदलपुर-सुकमा कांटा मार्ग (किमी 14.200 से 184.800) कुल 170.6 किमी को फोरलेन सहित पेव्ड शोल्डर के साथ विकसित करने की योजना को स्वीकृति दे दी गई है।”

बस्तर को मिलेगा ट्रैफिक जाम से निजात

जगदलपुर के मुख्य चौराहे महाराणा प्रताप चौक पर प्रस्तावित फ्लाईओवर से शहर को ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही बस्तर से सुकमा की यात्रा सुगम और सुरक्षित बनेगी।

सांसद महेश कश्यप का निरंतर प्रयास

सांसद बनने के बाद से ही महेश कश्यप लगातार बस्तर के बुनियादी ढांचे के सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत हैं। 20 दिसंबर 2024 को उन्होंने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर उक्त मांग की थी, जिस पर अब केंद्र से सकारात्मक निर्णय मिला है।

डीपीआर का कार्य शुरू

गडकरी जी ने आश्वासन दिया है कि नियुक्त डीपीआर कंसल्टेंट द्वारा क्षेत्र का सर्वेक्षण कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।


जन चौपाल 36 विशेष
बस्तर के लोगों के लिए यह एक बड़ी सौगात है, जिससे न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा मिलेगी। आने वाले समय में यह परियोजना बस्तर की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन उन्नति में मील का पत्थर साबित हो सकती है।


छत्तीसगढ़ के 34 लाख लोगों का राशन कार्ड हुआ ब्लॉक, सरकार ने लिया बड़ा फैसला

सरकार के द्वारा कोई अतिरिक्त समय बढ़ाने की कोई सूचना जारी नहीं होने के साथ ही फर्जी राशन कार्ड पर लगेगी रोक

रायपुर, 2 जुलाई 2025 | जनचौपाल36 विशेष
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत बड़ा कदम उठाया है। सरकार के निर्देश पर लगभग 34.95 लाख राशनकार्डधारकों के कार्ड 1 जुलाई से ब्लॉक कर दिए गए हैं, क्योंकि उन्होंने निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी ई‑KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की थी।

यह निर्णय केंद्र सरकार की “एक राष्ट्र, एक राशनकार्ड” योजना के अनुपालन में लिया गया है, जिसमें हर लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक ई‑KYC अनिवार्य की गई थी। सरकार ने इसके लिए 30 जून 2025 तक की समय-सीमा दी थी।

📌 क्या है मामला?

छत्तीसगढ़ में लगभग 2.73 करोड़ लाभार्थियों को सस्ती दरों पर राशन वितरित किया जाता है। इनमें से लगभग 34.95 लाख लाभार्थियों ने 30 जून तक ई‑KYC नहीं कराया, जिसके चलते उनके राशन कार्ड स्वतः ब्लॉक कर दिए गए हैं। अब ये लाभार्थी सरकारी राशन दुकानों से राशन प्राप्त नहीं कर पाएंगे।

📢 खाद्य विभाग ने दी चेतावनी

राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने पहले ही स्पष्ट किया था कि ई‑KYC अनिवार्य है और समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने वालों को राशन सेवा से वंचित कर दिया जाएगा। विभाग ने ई‑KYC के लिए मोबाइल ऐप्स, राशन दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से सुविधा दी थी।

🔁 अब क्या करें?

जिन लोगों के राशन कार्ड ब्लॉक हो चुके हैं, वे जल्द से जल्द नजदीकी राशन दुकान या CSC केंद्र में जाकर ई‑KYC प्रक्रिया पूरी करें। ई‑KYC पूरी होने के बाद कार्ड को दोबारा सक्रिय किया जा सकता है, लेकिन इसकी समय-सीमा और प्रक्रिया पर सरकार की ओर से फिलहाल कोई नया निर्देश नहीं आया है।


👉 आमजन से अपील:

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते सभी परिवारजनों का ई‑KYC कराएं, ताकि राशन संबंधी किसी भी असुविधा से बचा जा सके।


🖊️ रिपोर्ट: दीपक पाण्डेय
📍 जनचौपाल36 न्यूज़ डेस्क, बेमेतरा
📞 संपर्क: deepakpandey6127@gmail.com