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डिंडौरी में ज़मीन के नीचे से आती रहस्यमयी आवाज़, लोग बोले – भूगर्भीय हलचल या अलौकिक शक्ति?

Janchoupal36.com हिंदी न्यूज आर्टिकल,

📍 डिंडौरी, मध्यप्रदेश | जून 2025
डिंडौरी जिले के ग्राम पंचायत मिंगड़ी में बीते कुछ दिनों से रात के समय सुनाई दे रही एक रहस्यमयी आवाज ने स्थानीय लोगों के बीच भय और आशंका का माहौल पैदा कर दिया है। यह आवाजें प्रायः रात 3 बजे के आसपास सुनाई देती हैं और इन्हें सुनने वालों का दावा है कि यह आवाज चक्की के घूमने, पृथ्वी के कंपन या किसी अधूरे विस्फोट जैसी प्रतीत होती है।
👂 “ज़मीन के नीचे से कुछ चलने की आवाज आती है”
ग्रामीणों का कहना है कि यह आवाजें जमीन के नीचे से आती प्रतीत होती हैं। कई लोगों ने इसे “जैसे कोई बहुत भारी चीज़ ज़मीन के अंदर चल रही हो” ऐसा बताया।
इस अज्ञात ध्वनि को लेकर अब स्थानीय प्रशासन, पुलिस, और भूगर्भीय विशेषज्ञों को सूचित किया गया है।
🧭 भूगर्भीय हलचल की संभावना?
प्रारंभिक अनुमानों में विशेषज्ञों ने संभावना जताई है कि यह ध्वनि किसी प्रकार की भूगर्भीय हलचल, ज्वालामुखीय गतिविधि, अथवा प्राकृतिक गैस उत्सर्जन के कारण हो सकती है। हालांकि, अभी तक इस पर कोई स्पष्ट वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है।
🛐 ग्रामीणों में डर और आस्था
जहां एक ओर युवा पीढ़ी इसे भूगर्भ से जुड़ी प्रक्रिया मान रही है, वहीं बुज़ुर्ग और आदिवासी समुदायों में इसे देवताओं का संकेत, या प्राकृतिक शक्ति का प्रकोप माना जा रहा है। कई जगह लोग पूजा-अर्चना कर रहे हैं और गाँव में सुरक्षा हेतु सामूहिक जागरण की व्यवस्था भी की जा रही है।
📣 प्रशासन सतर्क
डिंडौरी जिला प्रशासन ने इस संबंध में एक फील्ड टीम को क्षेत्रीय सर्वेक्षण के लिए भेजा है। भूविज्ञान विभाग को भी जांच हेतु रिपोर्ट सौंपी गई है।
“हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, यदि यह कोई भूगर्भीय सक्रियता है तो समय रहते इसकी पहचान कर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी,”
— डिंडौरी कलेक्टर कार्यालय से आधिकारिक बयान
🔎 क्या यह पहली घटना है?
नहीं। भारत के कई राज्यों, जैसे उत्तराखंड के मंगलाछु ताल, हिमाचल के कुल्लू क्षेत्र, और गुजरात के कुछ गांवों में भी इस प्रकार की रात में रहस्यमयी ध्वनियाँ सुनाई देने की घटनाएँ पहले सामने आ चुकी हैं।
🔚 क्या है निष्कर्ष?
इस समय मिंगड़ी गाँव की रहस्यमयी ध्वनियाँ एक गंभीर जाँच का विषय हैं। जब तक भूगर्भीय परीक्षण नहीं हो जाता, तब तक यह कहना कठिन है कि यह प्राकृतिक घटना है या कोई अन्य वैज्ञानिक/प्राकृतिक प्रक्रिया।
जनता प्रशासन इस घटना पर लगातार नज़र बनाए हुए है। अधिक जानकारी, साक्षात्कार और प्रशासनिक रिपोर्ट के साथ अगला अपडेट जल्द।
✍️ रिपोर्ट – मीडिया सूत्र से जनचौपाल 36


🕉️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिली “धर्म चक्रवर्ती” की उपाधि

🗓️ जन चौपाल 36/30जून 2025

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जैन संत आचार्य श्री 108 विद्यानंद जी महाराज की 100वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में “धर्म चक्रवर्ती” की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 28 जून 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में भव्य समारोह के दौरान प्रदान किया गया।

इस विशेष अवसर पर पीएम मोदी ने इसे “प्रसाद” की तरह स्वीकार करते हुए कहा,
“मैं खुद को इस सम्मान का पात्र नहीं मानता, लेकिन जो कुछ संतों से प्राप्त होता है, वह प्रसाद होता है। यह उपाधि मैं मां भारती के चरणों में समर्पित करता हूं।”

यह उपाधि उन्हें अहिंसा, संयम, और सत्य जैसे भारतीय जीवन मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने के योगदान हेतु प्रदान की गई। जैन परंपरा में “धर्म चक्रवर्ती” उपाधि उच्चतम आध्यात्मिक सम्मान मानी जाती है।

विशेष बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी को यह उपाधि आधुनिक भारत में प्रथम बार किसी राजनीतिक नेता के रूप में दी गई, जिससे यह ऐतिहासिक बन गई।
📌 कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु:
स्थान: विज्ञान भवन, नई दिल्ली
तिथि: 28 जून 2025
उपाधि: धर्म चक्रवर्ती
प्रसंग: आचार्य विद्यानंद जी महाराज की शताब्दी वर्ष
आयोजक: जैन समाज के प्रमुख संत-मुनि और संस्थाएं
📰 जन चौपाल 36 – संस्कृति, सम्मान और समाचार का समर्पित मंच।

📷 सम्बंधित चित्र: कार्यक्रम स्थल, आचार्य विद्यानंद जी की तस्वीर और पीएम मोदी को उपाधि ग्रहण करते हुए

पीएम मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कवर्धा-बेमेतरा में दिखा उत्साह

📻 मन की बात | Janchoupal36
🗓️ दिनांक: 29 जून 2025, रविवार

बेमेतरा/कवर्धा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 123वां एपीसोड आज पूरे देशभर की तरह छत्तीसगढ़ के बेमेतरा और कवर्धा जिलों में भी उत्साहपूर्वक सुना गया।
🔹 मुख्य बिंदु:
✅ 123वां एपिसोड – लोकतंत्र, अंतरिक्ष और पर्यावरण पर प्रधानमंत्री का संदेश
✅ बेमेतरा में जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं की विशेष भागीदारी
✅ कवर्धा के ग्राम अतरिया में बूथ स्तर तक कार्यक्रम की सीधी सुनवाई
✅ गगनयान मिशन और अंतरिक्ष यात्री शुशांत शुक्ला को प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं
✅ लोकतंत्र रक्षकों को श्रद्धांजलि, पर्यावरण संरक्षण का आह्वान
बेमेतरा में सामूहिक रूप से सुना गया प्रसारण
नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, ज़िला भाजपा अध्यक्ष अजय साहू, पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस आयोजन में शामिल हुए।
पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा,
“प्रधानमंत्री ने आपातकाल की विभीषिका को याद किया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही गगनयान मिशन में गए शुशांत शुक्ला को शुभकामनाएँ दीं और पर्यावरण संरक्षण में जन सहभागिता का आह्वान किया।”
📍 उपस्थित प्रमुख चेहरे:
युगल देवांगन, राजू देवांगन, विकास तंबोली, नीतू कोठारी, आकीब मलकानी, देवराम साहू, अमरीका निर्मलकर, कमलेश वर्मा, नीलू शर्मा, संदीप यादव, वैभव तिवारी, भानु साहू, धनेंद्र साहू व अन्य कार्यकर्ता।

कवर्धा: बूथ स्तर पर भी कार्यक्रम की गूंज
ग्राम अतरिया (बूथ क्र. 227) में मन की बात का सीधा प्रसारण बुथ प्रभारी हरेंद्र सिंह राजपूत के संयोजन और ज़िला अध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी व मंडल अध्यक्ष बालमुकुंद चंद्रवंशी के निर्देशन में हुआ।
📍 उपस्थित गण:
जगदीश साहू, चंद्र कुमार साहू, लवकुमार साहू, मनोज मल्लाह, रवि साहू, महेंद्र यादव, मयंक मल्लाह, कान्हा मल्लाह, हेमकुमार साहू, नर्मदा मल्लाह, अरुण साहू, गोपी साहू, परमानंद यादव आदि।



🟦 मन की बात: योग, आत्मनिर्भरता, पर्यावरण और राष्ट्रीय चेतना का संदेश

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नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में इस बार भारत की सांस्कृतिक धरोहर, योग, स्वास्थ्य, पर्यावरण, खेल और महिलाओं की आत्मनिर्भरता जैसे व्यापक विषयों को गहराई से छुआ। उन्होंने देशवासियों से इन क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए आत्मनिर्भर भारत और एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लक्ष्य की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया।
🔷 योग: भारत से विश्व तक की यात्रा
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की 10वीं वर्षगांठ पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि आज योग भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है।
विशाखापट्टनम के समुद्र तट पर तीन लाख लोगों ने सामूहिक योग किया।
2000 से अधिक आदिवासी छात्रों ने 108 मिनट तक 108 सूर्य नमस्कार कर प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
भारतीय सेना, आईटीबीपी के जवानों से लेकर दिल्ली के लोग यमुना तट पर योग करते देखे गए।
बड़नगर, गुजरात में 2121 लोगों ने एक साथ भुजंगासन किया।
दुनिया भर से न्यूयॉर्क, लंदन, टोक्यो, पेरिस जैसी जगहों से योग की तस्वीरें साझा की गईं, जो भारत की “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को दर्शाती हैं।
🔷 महिलाएं: आत्मनिर्भर भारत की अग्रदूत
मोदी ने महिलाओं के प्रयासों को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बताते हुए भद्राचलम (तेलंगाना) की महिलाओं की सफलता का उल्लेख किया।
एरी सिल्क को टैग मिलने पर मेघालय को बधाई देते हुए स्वदेशी उत्पादों जैसे खादी, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट को अपनाने की अपील की।
उन्होंने ग्राहकों से “भारत में बना हुआ उत्पाद खरीदें” और व्यापारियों से “भारत में बने उत्पाद बेचें” की भावना को सशक्त करने को कहा।
🔷 पर्यावरण संरक्षण: जनभागीदारी से नई पहल
प्रधानमंत्री ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए पर्यावरण रक्षा को भावी पीढ़ियों की सुरक्षा बताया।
महाराष्ट्र के एक मॉडल की प्रशंसा की, जहां कचरा प्रबंधन के माध्यम से जल स्रोतों की शुद्धता पर काम हुआ।
“प्रकृति की सेवा, आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा है।”
🔷 खेल और फिटनेस
उन्होंने बोडोलैंड के खिलाड़ियों को फुटबॉल में मिली सफलता पर बधाई दी और युवाओं से “फिट इंडिया” का हिस्सा बनने का आग्रह किया।
“स्वस्थ भारत, श्रेष्ठ भारत” के मंत्र को दोहराया।
🔷 धार्मिक यात्राएं: सांस्कृतिक एकता का प्रतीक
कैलाश मानसरोवर यात्रा का पुनः शुभारंभ
3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत
हाल ही में हुई भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना का जीवंत प्रमाण बताया।
🔷 संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
प्रधानमंत्री ने देश पर थोपे गए आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए उसे “संविधान हत्या दिवस” बताया और उन सभी देशभक्तों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा में योगदान दिया।
🟢 संपादकीय टिप्पणी
प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ न केवल एक संवाद है, बल्कि भारत के मूल्यों, परंपराओं और आधुनिक विकास की दिशा को जोड़ने वाली सेतु भी है। इसमें योग से लेकर अंतरिक्ष तक, पर्यावरण से लेकर अर्थव्यवस्था तक, और अध्यात्म से लेकर महिला सशक्तिकरण तक—हर पहलू में आत्मनिर्भर भारत की झलक मिलती है।
🖋️ रिपोर्ट: जन चौपाल संवाददाता | स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
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🛻 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के सपने को साकार कर रहा भारतीय ऑटो सेक्टर

📍 नई दिल्ली।janchoupal36.com
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसमें भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर की भूमिका बेहद अहम बनती जा रही है। सरकार की नीति, उद्योग जगत की प्रतिबद्धता और नवाचारों के सहारे यह क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
1. तेज़ी से बढ़ता उत्पादन और निर्यात:
भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बन चुका है। साल 2023-24 में भारत में 2.6 करोड़ से अधिक वाहन निर्मित हुए, जिनमें से लाखों वाहनों का निर्यात भी हुआ। इससे न केवल विदेशी मुद्रा आयी, बल्कि Make in India को भी बल मिला।
2. इलेक्ट्रिक व्हीकल क्रांति:
ई-मोबिलिटी को लेकर भारत ने तेज़ रफ्तार पकड़ी है। FAME-II योजना, EV चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और PLI स्कीम्स के माध्यम से सरकार ने ईवी सेक्टर को प्रोत्साहित किया है। 2024 में EV रजिस्ट्रेशन में 45% की वृद्धि दर्ज की गई।
3. रोजगार सृजन और स्टार्टअप को बल:
ऑटो सेक्टर से जुड़े 35 मिलियन से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। वहीं, ईवी और ऑटो टेक्नोलॉजी से जुड़े 500+ स्टार्टअप्स भारत में सक्रिय हैं, जो नवाचार और स्थानीय निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं।
4. हरित भविष्य की दिशा में कदम:
ईंधन की बचत, प्रदूषण नियंत्रण और Net Zero लक्ष्य की दिशा में ऑटो सेक्टर योगदान दे रहा है। CNG वाहनों, हाइब्रिड टेक्नोलॉजी और ईवी अपनाने से भारत वैश्विक पर्यावरणीय नेतृत्व में भी आगे बढ़ रहा है।
5. सरकार का सहयोग:
सरकार द्वारा उद्योग अनुकूल नीतियां, GST दरों में सुधार, ब्याज दरों में सहूलियत, और औद्योगिक गलियारों की स्थापना जैसे कदम इस क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ला रहे हैं।
👉 निष्कर्ष:
भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर अब केवल वाहनों के उत्पादन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आर्थिक विकास, रोजगार, निर्यात और पर्यावरणीय स्थिरता का आधार बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के संकल्प में यह सेक्टर अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
🖋️ सूत्र: नमो ऐप | पीआईबी | भारी उद्योग मंत्रालय

छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति की ओर कदम, प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से रोशन हुए 94 घर

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रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत छत्तीसगढ़ में हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब तक राज्य के 12 जिलों के 94 घरों में सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इस योजना के माध्यम से न केवल आम नागरिकों को मुफ्त बिजली की सुविधा मिल रही है, बल्कि वे अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर उसे बेचकर आमदनी भी अर्जित कर रहे हैं।
कोरबा जिले के निवासी अशोक अग्रवाल ने योजना का लाभ लेते हुए अपने घर की छत पर तीन किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित किया है। इसका नतीजा यह हुआ कि उनका बिजली बिल शून्य हो गया है और उन्होंने अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में देकर आय भी शुरू कर दी है। अशोक अग्रवाल बताते हैं कि यह पहल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है और भविष्य के लिए एक स्थायी समाधान प्रदान कर रही है।
राज्य शासन और केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित यह योजना नागरिकों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित कर रही है। साथ ही, यह नवाचार छत्तीसगढ़ को सौर ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित करने की ओर एक मजबूत कदम है। योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ आर्थिक संबल भी देना है।
जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आने वाले महीनों में इस योजना के तहत और अधिक घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे, जिससे बिजली की मांग पर दबाव कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
🟢 विशेष बातें:
अब तक 12 जिलों में 94 घरों को जोड़ा गया योजना से
घरेलू उपभोक्ताओं को निःशुल्क सोलर पैनल
बिजली बिल में राहत और अतिरिक्त बिजली से आमदनी
छत्तीसगढ़ में हरित ऊर्जा को बढ़ावा

शासकीय पं. जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेमेतरा में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत 175 पौधे रोपे गए

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बेमेतरा, 28 जून 2025 –
शासकीय पं. जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बेमेतरा के प्रांगण में आज एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 175 पौधों का रोपण किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बेमेतरा विधानसभा के विधायक श्री दीपेश साहू जी ने इस पुनीत कार्य की शुरुआत करते हुए कहा,

“सौभाग्य की बात है कि मैं इसी महाविद्यालय का पूर्व छात्र हूं। मैं आश्वस्त करता हूं कि इस महाविद्यालय की चहुँमुखी प्रगति के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा। आने वाले समय में यह महाविद्यालय शिखर पर पहुंचेगा और नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।”

विधायक श्री साहू ने कॉलेज परिसर का भ्रमण भी किया और वृक्षारोपण के कार्य में भाग लिया।

इस अभियान में विशेष सहयोग देने वालों में सहयोग संस्था बेमेतरा के अध्यक्ष एवं सदस्य डॉ. सुभाष चौबे, सुशील शर्मा, संजय त्रिपाठी, पद्म जैन, डॉ. अविनाश तिवारी, बंटी अरोरा, धर्मेंद्र शर्मा, पार्षद नीतू कोठारी, तथा महाविद्यालय प्रशासन की प्राचार्या डॉ. वीणा त्रिपाठी के साथ डी. आर. साहू, राजकुमार त्रिपाठी, देवेंद्रधर द्विवेदी, जितेंद्र बारले, भोलाराम साहू, डी.पी. जंघेल, श्वेता साहू एवं आशुतोष शुक्ला आदि उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि वर्ष 2010 में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी के नेतृत्व में महाविद्यालय परिसर के 11 एकड़ भूमि में 10,000 पेड़ लगाए गए थे, जिनसे आज आसपास के क्षेत्रवासियों को शुद्ध और प्राकृतिक वायु का लाभ मिल रहा है।

कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और मातृत्व के सम्मान में हर व्यक्ति को एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करना है।

— जन_ चौपाल 36

कोलकाता लॉ कॉलेज में छात्रा से गैंगरेप: पूर्व छात्र सहित तीन गिरफ्तार, कॉलेज प्रशासन पर उठे सवाल

कोलकाता, 28 जून 2025_मीडिया सूत्र से (janchoupal36.com):
दक्षिण कोलकाता के कसबा इलाके में स्थित साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ गैंगरेप की शर्मनाक घटना सामने आई है। पुलिस के अनुसार यह वारदात कॉलेज परिसर में 25 जून की शाम 7:30 बजे से रात 10:50 बजे के बीच घटी। पीड़िता की शिकायत पर कसबा थाने में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है मामला?
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह कॉलेज परिसर में किसी शैक्षणिक कार्य के लिए रुकी हुई थी। इसी दौरान तीन युवकों ने उसका रास्ता रोका और जबरन कॉलेज भवन के एक सुनसान हिस्से में ले जाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों में एक पूर्व छात्र तथा दो वर्तमान छात्र शामिल हैं। पीड़िता को गहन मानसिक और शारीरिक आघात के बाद मेडिकल जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस की तत्परता से तीनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान कॉलेज स्टाफ व सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से की गई। फिलहाल तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस ने आईपीसी की धारा 376D (गैंगरेप), 342 (ग़ैरक़ानूनी रूप से रोकने), और 506 (धमकी) के तहत केस दर्ज किया है।
कॉलेज प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कॉलेज में सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं थे और शाम के समय किसी भी प्रकार की निगरानी की व्यवस्था नहीं थी। छात्र संघों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से जवाबदेही की मांग की है और छात्रा को न्याय दिलाने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू
घटना को लेकर विपक्षी दलों ने भी राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बंगाल में बहस छिड़ गई है। कई सामाजिक संगठनों ने विरोध मार्च की घोषणा की है।
(नोट: यह रिपोर्ट जांच की प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है, जैसे-जैसे मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ेगी, तथ्य और स्पष्ट हो सकते हैं। पीड़िता की गोपनीयता का सम्मान रखते हुए उसका नाम उजागर नहीं किया गया है।)

8 साल बाद लौटी पत्नी को देख पति ने मनाया जश्न, खुशी में पी शराब… और हो गई मौत

– मुरादाबाद के रामनगर खागूवाला गांव की दिल दहला देने वाली घटना

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश _मीडिया सूत्र_(janchoupal36.com):
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक दिल को छू लेने वाली मगर बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहां एक पति की वर्षों पुरानी आरज़ू पूरी तो हुई, लेकिन खुशी में डूबी वह घड़ी उसकी ज़िंदगी की आखिरी घड़ी साबित हुई।
जानकारी के अनुसार, ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के रामनगर खागूवाला गांव निवासी 28 वर्षीय राजकुमार की पत्नी करीब 8 साल पहले किसी बात से नाराज़ होकर मायके चली गई थी। तब से राजकुमार हर दिन उसकी वापसी का इंतज़ार कर रहा था। गुरुवार की रात उसकी यह प्रतीक्षा समाप्त हुई, जब उसकी पत्नी अचानक ससुराल लौट आई।
पत्नी को देखकर राजकुमार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने खुशी में बाजार से शराब मंगवाई और खुद ही जश्न मनाने बैठ गया। लेकिन यही खुशी कुछ ही पलों में मातम में तब्दील हो गई। अत्यधिक मात्रा में शराब के सेवन से राजकुमार की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण अत्यधिक शराब सेवन ही पाया गया है।
इस संबंध में वरिष्ठ उप निरीक्षक यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह वाकई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मामला है। वर्षों से जिस क्षण की प्रतीक्षा थी, वही खुशी उसकी जान ले गई।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए गहरा आघात है, बल्कि समाज के लिए भी यह सोचने की बात है कि कभी-कभी अति-उत्साह और असंयमित खुशी भी जानलेवा साबित हो सकती है।

बेमेतरा में आईजीपी श्री राम गोपाल गर्ग का वार्षिक निरीक्षण: अनुशासन, परेड प्रदर्शन और संवाद का सशक्त उदाहरण

27 जून 25 बेमेतरा janchoupal 36

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दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) श्री राम गोपाल गर्ग (भा.पु.से.) ने आज जिला बेमेतरा का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने रक्षित केंद्र में परेड की सलामी ली और पुलिस बल के अनुशासन, दक्षता और सजगता का निरीक्षण किया।

परेड और उत्कृष्टता का प्रदर्शन
रक्षित केंद्र बेमेतरा में आयोजित परेड में जवानों ने अनुशासन, सजगता और कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। टोलीवार ड्रिलों के माध्यम से पुलिस कर्मियों ने एक सशक्त पुलिसिंग छवि प्रस्तुत की।
परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को नगद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर परेड कमांड की जिम्मेदारी रक्षित निरीक्षक श्री प्रवीण खलखो ने निभाई, जबकि सहायक उप निरीक्षक उदलराम टंडेकर सेकंड इन कमान रहे।
🗣️आईजीपी ने कहा – “अनुशासन ही पुलिस की बुनियाद”
आईजीपी श्री गर्ग ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन ही किसी भी पुलिस बल की नींव होती है। थानों और चौकियों में आम जनता की शिकायतों पर संवेदनशीलता से कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे पुलिस की सकारात्मक छवि बनी रहे।


🔍🔎गहन निरीक्षण और संसाधनों की समीक्षा
आईजीपी महोदय ने शस्त्रागार, स्टोर शाखा, मैगजीन भवन, नारकोटिक मालखाना, बीडीएस टीम, डॉग स्क्वॉड सहित तमाम संसाधनों का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉग स्क्वॉड की देखरेख एवं ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
वाहनों की स्थिति, रख-रखाव और टूल किट की जांच कर वाहन शाखा को सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
🎤पुलिस सम्मेलन: संवाद और समाधान
पुलिस सम्मेलन के दौरान आईजीपी श्री गर्ग ने पुलिस अधिकारियों और जवानों से सीधा संवाद कर उनकी व्यक्तिगत व विभागीय समस्याएं सुनीं और उनके यथोचित निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों का मनोबल और कार्यक्षमता तभी बनी रह सकती है, जब उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए।
नशा मुक्ति शपथ🍻❌👍 और सामाजिक जागरूकता पर बल
आईजीपी महोदय ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को “नशा मुक्त जीवन” की शपथ दिलाने और “जिंदगी को हाँ, नशे को ना” का संदेश समाज में फैलाने को कहा।
उन्होंने स्कूल, कॉलेज और ग्रामीण अंचलों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
👌साइबर प्रहरी अभियान एवं डिजिटल पुलिसिंग की ओर अग्रसरता
उन्होंने त्रिनयन ऐप, सशक्त ऐप और साइबर प्रहरी अभियान की महत्ता बताते हुए स्मार्ट पुलिसिंग को मजबूती देने के लिए सभी रजिस्टरों और रिकॉर्ड को डिजिटल करने तथा शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया।
🏋️मानसिक एवं शारीरिक फिटनेस पर विशेष संदेश
आईजीपी ने पुलिस बल को मानसिक रूप से सजग और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए योग, व्यायाम और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “एक अनुशासित, फिट और खुश पुलिस कर्मी ही बेहतर सेवा दे सकता है।”
उपस्थित अधिकारीगण
इस वार्षिक निरीक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह, एसडीओपी श्री मनोज तिर्की, श्री विनय कुमार, डीएसपी श्री राजेश झा, डीएसपी श्रीमती संतोषी ग्रेस, रक्षित निरीक्षक श्री प्रवीण खलखो, पीआरओ श्री प्रशांत शुक्ला समेत सभी थाना/चौकी प्रभारी एवं पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
🔵 विशेष अपील:
पुलिस बल से जुड़ी किसी भी सूचना, सहयोग या शिकायत के लिए नागरिक सीधे नजदीकी थाना अथवा टोल फ्री नंबर 18002331905 पर संपर्क करें।