23.1 C
Raipur
Tuesday, October 27, 2026
Home Blog Page 260

बेमेतरा: जिला कांग्रेस कमेटी ने रायपुर-जबलपुर मार्ग पर किया चक्का जाम

📢 प्रेस विज्ञप्ति (Janchoupal36.com)

बेमेतरा, 22 जुलाई 2025 – छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर राज्य की बिगड़ती आर्थिक स्थिति और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सोमवार को बेमेतरा जिला कांग्रेस कमेटी ने रायपुर-जबलपुर बायपास मार्ग पर दोपहर 12 से 2 बजे तक चक्का जाम आंदोलन किया।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सभा को पूर्व कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे ने संबोधित करते हुए कहा:
“भाजपा की डबल इंजन सरकार अडानी-अंबानी के इशारे पर विपक्षी दलों को दबाने में जुटी है। देश में सैन्य शासन जैसे हालात बनाए जा रहे हैं। लेकिन कांग्रेस जन-जन की आवाज बनकर इन षड्यंत्रों का विरोध करेगी।”भाजपा अपनी कमजोरियों को छिपाने पूरे देश में विपक्ष को दबा कर शासन चलाना चाहती है जो हम कभी नहीं होने देंगे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा:
“भाजपा संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का हनन कर रही है। जांच एजेंसियां आज भाजपा की एजेंट बन गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को झूठे मामले में फंसाना, भाजपा की राजनीति का निम्नतम स्तर है।”चैतन्य बघेल को फंसा कर भाजपा पूर्व सीएम भूपेश बघेल की आवाज दबाना चाह रही है,क्योंकि श्री बघेल जी भाजपा के खिलाफ आवाज उठाते है उनकी नाकामियां गिनाते हैं।भाजपा आज प्रदेश में दमनकारी नीतियां चलाकर कांग्रेस को कमजोर करना चाह रही जो हम होने नहीं देंगे।
सभा को पूर्व मंत्री गुरु रुद्रकुमार और पूर्व संसदीय सचिव गुरु दयाल सिंह बंजारे सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।

चक्का जाम कार्यक्रम में जिले भर से कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए और शांतिपूर्ण व प्रभावशाली प्रदर्शन कर इसे सफल बनाया।
🔹 कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल नेता व कार्यकर्ता:
ललित विश्वकर्मा(महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी )सुरेंद्र तिवारी, सुमन गोस्वामी(अध्यक्ष शहर जिला कांग्रेस कमेटी) लुकेश वर्मा, राम बिहारी राजपूत, संतोष वर्मा, हरीश साहू, शशि प्रभा गायकवाड़, बाल कुमारी ध्रुव, सुशील जोशी, रवि परगनिया, शुभम वर्मा, मिथिलेश वर्मा, चंद्रप्रकाश साहू, विजय बघेल, झम्मन बघेल, प्राणीश चौबे, अविनाश तिवारी, ओम दाऊ, कविता साहू, मनोज शर्मा, रीता पांडे, रश्मि मिश्रा, रूबी सलूजा, रमा साहू, रवि रजक, प्रतिभा गीर, रीना साहू, शत्रुघ्न साहू, जोगिंदर छाबड़ा, पप्पू साहब, दीपक दिनकर, सनत धर दीवान, प्रांजल तिवारी, राजा चौबे, अजय राज सेन, शुभम गंधर्व, नवाज खान, सुनील नामदेव, राजा साहू, सिद्दीक खान, सुमित राजपूत, अर्पित परगनिहा, विक्की साहू, जयंत जांगड़े, प्रवीण शर्मा, प्रतीक दुबे, ऋतिक तिवारी, वैभव मिश्रा, सहदेव साहू, सीताराम यदु, प्रकाश साहू, बलवंत साहू, लाला कटारे, नितेश वैष्णव, भारत पटेल, दिल हरण साहू, बहल वर्मा, ऋषि वर्मा, मोहित वर्मा, भाव सिंह राज, राजेंद्र वर्मा, राम ठाकुर, धरम वर्मा, चंद्रप्रकाश शीतलानी, नवीन ताम्रकार, प्रकाश ठाकुर, रामखिलावन साहू, नरेंद्र धीवर, राजकुमार सेन, गुड्डू सेन, गोविंदा राजपूत, चितरेन वर्मा, गौरीशंकर शर्मा, टोनू देवांगन, भागवत साहू, टूमन साहू, राजेश नायक, दिनेश जोशी, बसंत जोशी, राजकुमार बंजारे, बोधन साहू, देवा गर्ग, राजू रजक, भीखम साहू, ओमप्रकाश साहू, यौवन डिंडोरे, कौनैन अली, राहुल आदि।
🖊 रिपोर्ट – Janchoupal36.com
📍 बेमेतरा कार्यालय
📆 22 जुलाई 2025


🎬 सैयारा: स्टार किड्स के बिना बॉलीवुड में तहलका

जबरदस्त ओपनिंग और रिकॉर्ड ब्रेकिंग कमाई
सैयारा का मतलब तारों में एक नन्हा तारा

Janchoupal36.com

18 जुलाई 2025 को रिलीज़ हुई यह फिल्म अहान पांडे और अनीत पड्डा की डेब्यू फिल्म है, जिसने पहले दिन ही ₹20–21.25 करोड़ की कमाई से बॉक्स ऑफिस पर धमाका किया — यह किसी भी स्टार‑किड की अब तक की सबसे बड़ी डेब्यू ओपनिंग माना जा रहा है।
चालू सप्ताह के पहले तीन दिनों में फिल्म ने लगभग ₹83 करोड़ (नेट) की कमाई की, जिससे कबीर सिंह जैसे बड़े स्टार फिल्मों को पीछे छोड़ दिया गया है ।
विश्व स्तर पर ओपनिंग वीकेंड पर ₹119 करोड़ (ग्रॉस) के आंकड़े सामने आए, जिससे यह डेब्यू फिल्मों एवं रोमांटिक फिल्मों के लिए सबसे बड़ा ग्लोबल ओपनिंग बन चुकी है।
बिना स्टार बैकग्राउंड के सफलता
अहान और अनीत किसी फ़िल्मी परिवार से नहीं आते, फिर भी कड़े प्रतिस्पर्धा में बिना किसी भारी‑भरकम प्रचार के, सीमित प्रचार अभियान के बावजूद यह बंपर सफलता संभव हुई।
बिना किसी बड़े सितारे या फ्रैंचाइज़ी सपोर्ट के, सिर्फ कहानी, संगीत और ऑडियंस से जुड़ाव की वजह से इसने विरोधाभासी समीकरण को पलट दिया।
समीक्षाओं और संगीत की भूमिका
आलोचकों ने फिल्म की भावनात्मक गहराई, विजुअल क्वालिटी, और संगीत (खासकर टाइटल ट्रैक और “Tum Ho Toh”) की जमकर तारीफ की है, हालांकि पटकथा थोडी़ क्लिच्ड बताई गई है।
फिल्म की संगीतात्मक अपील ने दर्शकों को खास तौर पर आकर्षित किया, जिससे आशिकी 2 जैसे पुराने रोमांटिक म्यूजिकल्स की याद दिलाई जा रही है।
वायरल रिएक्शन्स और इसकी व्यापक पहुंच
सोशल मीडिया पर दर्शकों की भावुक प्रतिक्रियाएं वायरल हो रही हैं: कुछ लोग थिएटर में रोते हुए, कुछ IV drip के साथ फिल्म देखते हुए सामने आए। ये वीडियो दिखाते हैं कि फिल्म ने कितनी गहराई से दर्शकों को छुआ है ।
फिल्म से जुड़ी वायरल कंट्रोवर्सी—जैसे क्रिटिक्स द्वारा A Moment to Remember के क्लोन होने का आरोप—के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर यह पूरी तरह से सफल रही कमाई में कोई गिरावट नहीं आई ।
🔍 सारांश टेबल
पहलू विवरण ओपनिंग दिन
(Day 1)₹20–21.25 करोड़
नेटओपनिंग वीकेंड (3 दिन)₹83 करोड़
नेटवर्ल्डवाइड ओपनिंग वीकेंड₹119 करोड़।
फिल्म की कुल बजट लगभग ₹45 करोड़ ।
रिकॉर्ड ब्रेक सबसे बड़ी ओपनिंग किसी भी डेब्यू फिल्म के लिए
स्टार किड्स अहान पांडे स्टार किड नहीं, अनीत पड्डा भी नई रोम‑ड्रामा सफलतासंगीत, कहानी और आउट‑ऑफ‑प्रमोशन स्ट्रेटेजी की वजह से सोशल मीडिया प्रभाव भावुक रिएक्शन्स, वायरल वीडियोस द्वारा व्यापक चर्चा।
इस प्रकार, ‘सैयारा’ ने साबित कर दिया कि मजबूत कहानी, आकर्षक संगीत और सच्ची भावनाएं यदि सही पैकेजिंग के साथ पेश की जाएं, तो बड़े सितारों के बिना भी बॉलीवुड में धूम मचाई जा सकती है।

महाराष्ट्र में ‘मराठी बनाम हिंदी’ विवाद: भाषाई अस्मिता बनाम राष्ट्रवाद की टकराहट

Janchoupal36.com विशेष रिपोर्ट | (घटना मुंबई)

मुंबई, देश की आर्थिक राजधानी, एक बार फिर भाषा के नाम पर टकराव का गवाह बनी है। लोकल ट्रेन में महिलाओं के बीच हुए विवाद ने ‘मराठी बनाम हिंदी’ की बहस को फिर से हवा दे दी है। यह टकराव महज एक सीट से शुरू हुआ, लेकिन बात भाषा की अस्मिता तक पहुंच गई।
शुक्रवार शाम सेंट्रल रेलवे की एक लोकल ट्रेन के लेडीज़ कोच में मराठी और हिंदी भाषी महिलाओं के बीच तीखी बहस हुई। वीडियो में एक महिला दूसरी से मराठी में कहती सुनाई दे रही है – “हमारे मुंबई में रहना है, तो मराठी बोलो, नहीं तो बाहर निकलो।”
यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और बहस देश भर में फैल गई है।
क्या यही है राष्ट्रवाद?
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या किसी राज्य में रहने के लिए वहाँ की स्थानीय भाषा बोलना आवश्यक है? क्या यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान में मिले भाषाई अधिकारों का उल्लंघन नहीं है?
भारत की आज़ादी को 75 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन हम अब भी भाषावाद, जातिवाद, क्षेत्रवाद और संप्रदायवाद जैसी विघटनकारी सोचों में उलझे हुए हैं। यह घटना यह दर्शाती है कि विकास की दौड़ में हम अभी भी मानसिक रूप से पीछे हैं। जहाँ विकसित देश अर्थव्यवस्था और राष्ट्रवाद के मूल्यों पर ध्यान देते हैं, वहीं भारत में आज भी “वाद” हावी है – चाहे वह जातिवाद हो, भाषावाद या क्षेत्रवाद।
बढ़ता भाषाई असंतुलन
महाराष्ट्र में मराठी भाषा को राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गर्व के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। वहीं मुंबई जैसे महानगर में हिंदी भाषी लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह सामाजिक बदलाव कुछ स्थानीय समूहों को असुरक्षा की भावना से भर देता है, जिससे वे इसे ‘संस्कृति पर आक्रमण’ के रूप में देखने लगते हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल कुछ अन्य वीडियो में भी उत्तर भारतीयों को निशाना बनाया गया। यह स्पष्ट संकेत है कि भाषा को लेकर संघर्ष अब केवल वैचारिक या सांस्कृतिक नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक स्थानों तक पहुँच गया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि भाषा के नाम पर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न सहन नहीं किया जाएगा।
समाधान की जरूरत
भारत संविधान के आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को मान्यता देता है। हिंदी और मराठी दोनों ही भारत की समृद्ध भाषाएँ हैं। ऐसे में भाषा को विवाद का नहीं, संवाद का माध्यम बनाना चाहिए।
विशेषकर रेलवे तो राष्ट्रीय धरोहर है जहां प्रतिदिन लघुभारत सफर करता है।
मुंबई पूरे देश से आए लोगों का शहर है। यह विविधता इसकी ताकत है, कमजोरी नहीं। हमें एक दूसरे की भाषा का सम्मान करना चाहिए, न कि उसका तिरस्कार। एकजुट भारत के लिए भाषाओं के बीच पुल बनाना होगा, दीवार नहीं।
यह जानकारी एक चिंतनशील विचारमात्र है”
जहां जनता की बात वहां janchoupal36.com



विद्युत समस्याओं को लेकर कांग्रेस का भिभौरी में जोरदार प्रदर्शन, विद्युत कार्यालय का किया घेराव

📍Janchoupal36.com/बेमेतरा, 21 जुलाई 25

बेमेतरा विधानसभा अंतर्गत नगर पंचायत भिभौरी में बिजली कटौती, अनियमित बिलिंग और जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव करते हुए विरोध रैली निकाली। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्री आशीष छाबड़ा ने किया।
प्रदर्शन के दौरान श्री छाबड़ा ने जनता को संबोधित करते हुए कहा:
“भाजपा की सरकार को सत्ता संभाले हुए अभी दो वर्ष भी नहीं हुए, लेकिन चार बार बिजली दरों में वृद्धि कर जनता पर बोझ डाला गया है। भिभौरी, बेरला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन चार से छह घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। ऊपर से अनाप-शनाप बिजली बिल भेजे जा रहे हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार किसानों को न तो समय पर खाद दे पा रही है, न ही बिजली, बल्कि जनता को लूटने में जुटी है।
“यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस इससे भी बड़ा जन आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।”
प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि शामिल रहे जिनमें प्रमुख हैं:
रामेश्वर देवांगन (बेरला ब्लॉक अध्यक्ष), रवि परगनिया (जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि), ललित विश्वकर्मा (महामंत्री), शुभम वर्मा, नवाज खान, चन्द्र विजय धीवर, नेतराम निषाद, निहाल परगनिया, रवि साहू, निलेश वर्मा, प्रकाश यादव, मोहित धीवर, बुद्धदेव नेवल, वीणा साहू, विक्की साहू, राजेन्द्र वर्मा, दुर्गेश साहू, किशन साहू, भूषण साहू, सुमित राजपूत, प्रवीण शर्मा, जयंत जांगड़े, बबली सोनवानी, कृष्णा चतुर्वेदी, दिगंबर परगनिया, लोकनाथ यादव, रमेश पाटिल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नगरवासी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय के आगमन को लेकर तैयारियों का जायज़ा

जनचौपाल36.कॉम


कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने किया स्थल निरीक्षण, दी आवश्यक निर्देश

बेमेतरा, 21 जुलाई 2025:
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आगामी 28 जुलाई को नगर पंचायत दाढ़ी में प्रस्तावित हितग्राही सम्मेलन कार्यक्रम को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस संबंध में जिला कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने आज कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मुख्य मंच निर्माण, हितग्राही दीर्घा, सुरक्षा व्यवस्था, वाहन पार्किंग, बैरिकेडिंग, वीआईपी बैठक, विभागीय स्टॉल, आवागमन व्यवस्था, एवं आपात सेवाओं से संबंधित तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय और व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाए ताकि हितग्राहियों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कलेक्टर श्री शर्मा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समन्वयपूर्वक कार्य करें और समयसीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर लें।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:

  • मुख्यमंत्री विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत लाभान्वित हितग्राहियों से भेंट करेंगे।
  • हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव और उनके जीवन में आए बदलावों के अनुभव जानेंगे।
  • जिले में पूर्ण हुए विकास कार्यों का लोकार्पण और नए कार्यों का भूमि पूजन भी प्रस्तावित है।

यह सम्मेलन न केवल शासन की योजनाओं के सार्थक क्रियान्वयन की झलक देगा, बल्कि आमजन से संवाद का भी एक सशक्त माध्यम बनेगा। जनभागीदारी और प्रशासनिक प्रतिबद्धता के साथ यह आयोजन जिले के लिए गौरव का क्षण होगा।

बिना टैक्स पेट्रोल की कीमत: क्या आप जानते हैं असली सच?

📌 जनचौपाल 36 विश्लेषण डेस्क
🗓️ जुलाई 2025
पेट्रोल और डीजल आज हर भारतीय के जीवन में रोटी, कपड़ा और मकान की तरह अनिवार्य बन चुके हैं। परिवहन, कृषि, उद्योग और घरेलू कार्यों में इनका इतना व्यापक उपयोग है कि इनके दामों में मामूली बढ़ोतरी भी आम आदमी के बजट को हिला देती है। लेकिन सवाल यह है कि जो हम पेट्रोल पंप पर 100 या उससे अधिक रुपये लीटर तक पेट्रोल खरीदते हैं, उसकी वास्तविक कीमत कितनी है? और उस पर कितना टैक्स लगाया जाता है?
📉 पेट्रोल की कीमत का बुनियादी ढांचा
पेट्रोल की कीमतें चार मुख्य घटकों से मिलकर बनती हैं:
क्रूड ऑयल की बेसिक लागत (Basic Crude Price)
ऑयल कंपनियों की प्रोसेसिंग लागत
सरकार द्वारा लगाए गए टैक्स (केंद्र + राज्य)
डीलर कमीशन और अन्य चार्जेस
🧾 आंकड़ों के आधार पर पेट्रोल की कीमत (दिल्ली उदाहरण)
घटककीमत (₹ प्रति लीटर)क्रूड ऑयल की कीमत₹ 40.00प्रोसेसिंग लागत (OMCs द्वारा)₹ 5.66बफर/इंफ्लेशन मार्जिन₹ 10.00डीलर प्राइस₹ 55.66डीलर कमीशन₹ 3.77केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी₹ 19.90राज्य सरकार का VAT (दिल्ली)₹ 15.39खुदरा बिक्री मूल्य (Retail Price)₹ 94.72
💡 निष्कर्ष:
यदि केंद्र व राज्य सरकार के सभी टैक्स हटा दिए जाएं, तो एक लीटर पेट्रोल की कीमत मात्र ₹ 55.66 होगी। यानी, आज आप जो पेट्रोल ₹ 95 के आस-पास खरीद रहे हैं, उसमें से लगभग ₹ 35-40 केवल टैक्स और चार्जेस के रूप में अदा कर रहे हैं।
📊 क्यों हैं हर राज्य में अलग-अलग दाम?
भारत में पेट्रोल-डीजल GST के दायरे से बाहर हैं, इसलिए हर राज्य की अपनी वैट दर होती है। जैसे महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों में वैट 25-30% तक है, वहीं दिल्ली में अपेक्षाकृत कम (17-18%) है। इसी कारण हर राज्य में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं।
🛢️ क्या GST में शामिल होने से राहत मिलेगी?
यदि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, और अधिकतम टैक्स दर 28% हो (जो अभी कई राज्यों में 40% तक है), तो ग्राहक को 15-20 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता पेट्रोल-डीजल मिल सकता है। लेकिन यह केंद्र और राज्य सरकारों की आय का प्रमुख स्रोत है, इसलिए इस पर सहमति बनना मुश्किल है।
🧠 क्या आपने कभी सोचा…
पेट्रोल पंप डीलर को पेट्रोल ₹55.66 में मिलता है लेकिन वह उसे ₹95 में बेचता है, क्योंकि टैक्स वही वसूलता है जो सरकार तय करती है।
पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए टैक्स से सरकारों को हर साल लाखों करोड़ रुपये की कमाई होती है।
2023-24 में भारत सरकार को पेट्रोल-डीजल से लगभग ₹4.5 लाख करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
✅ निष्कर्ष:
पेट्रोल की असल कीमत ₹55.66 प्रति लीटर है। शेष राशि सरकार द्वारा लगाए गए टैक्स और चार्जेस हैं। यह जानकारी न केवल उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह ईंधन मूल्य निर्धारण की पारदर्शिता और कर नीति पर सार्वजनिक चर्चा की आवश्यकता को भी उजागर करती है।
✍️ जनचौपाल 36 :एक सम्भावित जानकारी
📍 सूत्र: खबर स्त्रोत ,एक आम आदमी की सोच।

22 जुलाई को बेमेतरा में चक्का जाम और विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव:जिला कांग्रेस कमेटी

बेमेतरा | 20 जुलाई 2025
जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा ने 22 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक बेमेतरा-कवर्धा बायपास मार्ग पर ग्राम चोरभट्टी के पास चक्का जाम करने का ऐलान किया है। यह विरोध प्रदर्शन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुपुत्र चैतन्य बघेल की दुर्भावनापूर्ण गिरफ्तारी के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने इसे विपक्ष की आवाज़ को दबाने की साजिश बताया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने सभी कार्यकर्ताओं को इस विरोध प्रदर्शन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश जारी किया है। साथ ही आम नागरिकों से भी आह्वान किया गया है कि वे भाजपा सरकार की दमनकारी नीतियों और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ इस चक्का जाम में भाग लें।
बिजली दरों में चौथी बार वृद्धि पर भी विरोध
चक्का जाम के पश्चात कांग्रेस कार्यकर्ता बेमेतरा विद्युत संभाग कार्यालय का भी घेराव करेंगे। यह घेराव दोपहर 2 बजे से प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य भाजपा सरकार द्वारा चौथी बार विद्युत टैरिफ में वृद्धि और बेतरतीब बिजली बिलों का विरोध करना है। कांग्रेस नेताओं ने इसे आम जनता पर आर्थिक बोझ बताते हुए भाजपा शासन की जनविरोधी नीतियों की आलोचना की।
संविदा शिक्षकों की हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन
पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी स्वामी आत्मानंद स्मृति संविदा शिक्षक संघ की प्रदेशव्यापी हड़ताल का पूर्ण समर्थन करती है।
उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार ने इन स्कूलों को शिक्षा विभाग में विलय कर दिया है, तो संविदा शिक्षकों को भी शासकीय सेवकों की तरह वेतन और भत्तों की सुविधाएं दी जानी चाहिए।
छाबड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से दूर करने का षड्यंत्र कर रही है। उन्होंने कहा, “भाजपा नहीं चाहती कि गांव-कस्बों के गरीब बच्चे अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्राप्त करें, इसलिए स्वामी आत्मानंद स्कूलों को कमजोर किया जा रहा है।”
जिला कांग्रेस कमेटी ने शिक्षकों की दो प्रमुख मांगों — नियमित वेतन भुगतान और संविलियन — को न्यायोचित बताते हुए इसके लिए संघर्ष में साथ देने का भरोसा दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र की ईडी गिरफ्तारी”कांग्रेस का विरोध: किया भाजपा-ईडी का पुतला दहन,

कांग्रेस का हल्ला बोल: सदन से सड़क तक संघर्ष की चेतावनी

बेमेतरा, 19 जुलाई 2025 | जनचौपाल36.कॉम
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुपुत्र चैतन्य बघेल की ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा की गई कथित दुर्भावनापूर्ण गिरफ्तारी के विरोध में आज बेमेतरा का माहौल सियासी उबाल से भर गया। जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा ने अध्यक्ष आशीष छाबड़ा के नेतृत्व में शहर के हृदयस्थल पुराना बस स्टैंड चौक पर भाजपा व ईडी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया।
आशीष छाबड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार अब विपक्ष की आवाज दबाने के लिए ईडी, सीबीआई जैसी संस्थाओं को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। चैतन्य बघेल का ‘अपराध’ केवल यह है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र हैं। कोई ठोस साक्ष्य न होने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार किया गया — यह लोकतंत्र का सीधा अपमान है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उसी दिन जब भूपेश बघेल विधानसभा में अदानी समूह द्वारा जंगलों की कटाई को लेकर सवाल उठाने वाले थे, ठीक उसी समय उनके पुत्र की गिरफ्तारी कर, उन्हें मानसिक रूप से विचलित करने की साजिश रची गई।
कांग्रेस का ऐलान: सदन से सड़क तक संघर्ष करेंगे
पुतला दहन कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को कुचलने की कोशिश है। पूरे प्रदेश में भाजपा द्वारा विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के ऐसे कई उदाहरण हैं, जिनमें जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया।
आशीष छाबड़ा ने दो टूक कहा:
“भूपेश बघेल इस संघर्ष में अकेले नहीं हैं। पूरा कांग्रेस परिवार, जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा उनके साथ खड़ी है। हम सत्य के साथ हैं और अन्याय के विरुद्ध हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे।”
भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
ललित विश्वकर्मा (प्रभारी महामंत्री, जिला कांग्रेस)सुमन गोस्वामी शहर कांग्रेस लुकेश वर्मा (अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस)शकुंतला मंगत साहू, रवि परगनिहा, जोगिंदर छाबड़ा, कविता साहू, रीता पांडेय, अविनाश तिवारी, मनोज शर्मा, मिथलेश वर्मा, नवीन ताम्रकार, राजू साहू, शत्रुघ्न साहू, हरीश साहू, राशि प्रभा गायकवाड, मिनटा नामदेव और कई अन्य युवा व वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।
निष्कर्ष:
बेमेतरा में यह प्रदर्शन केवल एक स्थानीय राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक संदेश है — कि विपक्ष का मनोबल तोड़ा नहीं जा सकता। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव मोर्चा खोलेगी।


सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में दिशा समिति की बैठक, विकास कार्यों को गति देने पर जोर

न्यूज़ आर्टिकल | जनचौपाल 36

बलौदाबाजार-भाटापारा, 20 जुलाई 2025
रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि “विकास योजनाएं केवल कागज़ों तक सीमित न रहें, ज़मीन पर दिखें।” इसी उद्देश्य से उन्होंने कई ठोस निर्देश अधिकारियों को दिए —
🔹 अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने डिजिटल पहुंच को ग्रामीण विकास की रीढ़ बताया।
🔹 गुडेलिया गांव को सांसद आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य गांवों को भी इस दिशा में जोड़ा जाएगा।
🔹 ई-श्रम पोर्टल में कम पंजीकरण पर चिंता जताते हुए श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ने हेतु विशेष अभियान चलाने को कहा।
🔹 ESIC अस्पताल की स्थापना हेतु 200 बेड के अस्पताल की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।
🔹 CSR व DMF मद से सभी नगरपालिकाओं को 5 और नगर पंचायतों को 3 अतिरिक्त कर्मचारी दिए जाएंगे, जिससे स्थानीय सेवा वितरण में सुधार आएगा।
🔹 “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, तालाबों, सड़कों और खाली जमीनों तक ले जाकर फलदार पौधे लगाने पर बल दिया।
🔹 अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास सिमगा और अहिल्दा में अधोसंरचना सुधार के निर्देश दिए।
🔹 प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी धीमी गति से चल रही योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने पर फोकस किया गया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि यह केवल बैठक नहीं, बल्कि जमीनी सच्चाइयों की समीक्षा और समाधान की शुरुआत है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से समन्वय के साथ काम करने की अपील की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य सरकार के मंत्री श्री टंक राम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अश्विनी शर्मा, श्री अशोक जैन, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, जिला पंचायत CEO सुश्री दिव्या अग्रवाल समेत अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
सांसद श्री अग्रवाल का स्पष्ट संदेश:
“जन योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, यही मेरा संकल्प है।”


♟️ विश्व शतरंज दिवस पर भारत की चमक: राजस्थान बना देश का नया ‘शतरंज हब’

जयपुर | 20 जुलाई 2025
आज 20 जुलाई को दुनियाभर में विश्व शतरंज दिवस मनाया जा रहा है और भारत में इसका उल्लास विशेष रूप से राजस्थान में देखा जा रहा है। प्रदेश में पहली बार ₹15 लाख इनामी राशि वाला राज्य स्तरीय ओपन टूर्नामेंट जयपुर में आयोजित किया गया है, जिसमें 200 से अधिक युवा और अनुभवी खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

शतरंज महासंघ के अनुसार, राजस्थान अब देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है जहाँ बाल शतरंज खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहरा रहे हैं। कोटा, उदयपुर, बीकानेर और अलवर जैसे शहरों से निकले युवा अब अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में जगह बना रहे हैं।

देशभर में आयोजनों की धूम:
दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में GM (ग्रैंड मास्टर) सत्र
स्कूली स्तर पर प्रतियोगिताएँ और ऑनलाइन क्विज
AI आधारित शतरंज सिखाने वाले एप्स पर उपयोग में बढ़ोतरी

विचार:
शतरंज अब सिर्फ खेल नहीं, बच्चों की सोच को आकार देने वाला मंच बन चुका है। इसे शिक्षा नीति में शामिल करने की माँग भी बढ़ रही है।