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छत्तीसगढ़ के प्रयाग में जल्द गूंजेगी ट्रेन की सीटी!

15 अगस्त को राजिम में पहली मेमू ट्रेन की संभावित शुरुआत, दशकों का सपना साकार होने की कगार पर

राजिम/रायपुर, छत्तीसगढ़ | जनचौपाल 36
छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर बसा त्रिवेणी संगम राजिम – जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है – अब रेल सेवा से सीधे जुड़ने जा रहा है। 15 अगस्त 2025, स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक दिन पर, राजिम रेलवे स्टेशन पर पहली मेमू ट्रेन के पहुंचने की पूरी तैयारी हो चुकी है। यह क्षण न केवल स्थानीय जनता के लिए गर्व का विषय है, बल्कि प्रदेश के परिवहन इतिहास में भी मील का पत्थर साबित होगा।
दशकों का सपना अब होगा साकार
लंबे समय से राजिम वासियों का सपना था कि ट्रेन सेवा पुनः प्रारंभ हो। कभी इस क्षेत्र में ट्रेनें चला करती थीं, लेकिन वर्षों से सेवा बंद पड़ी थी। अब, रेलवे विभाग और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से यह सपना हकीकत बनने जा रहा है। अब तक बसों और निजी वाहनों से सफर करने वाले श्रद्धालुओं, व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को एक नया और सुगम विकल्प मिलने जा रहा है।

धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण
राजिम को धार्मिक नगरी के रूप में राष्ट्रीय पहचान प्राप्त है। यहाँ की पवित्र पैरी, सोंढूर और महानदी के त्रिवेणी संगम पर प्रत्येक वर्ष लगने वाला राजिम कुंभ लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यहाँ राजा हरिहर, कुलेश्वरनाथ, श्रीरामचंद्र और विष्णुमंदिर जैसे प्राचीन मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व है।
इतना ही नहीं, राजनीतिक इतिहास में भी राजिम एक निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। कभी अविभाजित मध्यप्रदेश की राजनीति इसी भूमि से नियंत्रित की जाती थी। अब यह ऐतिहासिक स्थान पुनः देश की रेल मानचित्र पर लौट रहा है।

ब्रॉड गेज ट्रैक पर दौड़ेगी मेमू ट्रेन
रेलवे विभाग के अनुसार, अभनपुर से राजिम के बीच मीटर गेज को ब्रॉड गेज में बदलने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 30 जून को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण सिन्हा ने ट्रैक का निरीक्षण किया, और अब अंतिम स्वीकृति के लिए रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) की हरी झंडी का इंतजार है। अनुमति मिलते ही ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस पर नई आज़ादी का अनुभव
इस ऐतिहासिक ट्रेन सेवा की शुरुआत स्वतंत्रता दिवस पर होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है। राजिम रेलवे स्टेशन को सजाया-संवारा जा रहा है, और स्थानीय लोग स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। यह दिन उन बुजुर्गों के लिए भावुक कर देने वाला होगा, जिन्होंने वर्षों पहले स्टेशन पर स्टीम इंजन की सीटी सुनी थी।
जनजीवन पर पड़ेगा सकारात्मक असर
राजिम तक ट्रेन सेवा से क्षेत्रीय व्यापार को बल मिलेगा। रायपुर से राजिम का सफर अब सस्ता, आरामदायक और समय बचाने वाला हो जाएगा। छात्र, नौकरीपेशा लोग, तीर्थयात्री और व्यापारी – सभी वर्ग लाभान्वित होंगे।
जनचौपाल 36 की विशेष टिप्पणी:
“रेल सिर्फ एक साधन नहीं होती, वह विकास और विश्वास की पटरियों पर दौड़ती है। राजिम में ट्रेन की वापसी, अतीत के गौरव को वर्तमान के विकास से जोड़ने का प्रतीक है। यह इतिहास का एक नया अध्याय है – जो सीटी की गूंज के साथ शुरू होगा।”

“अर्पण अभियान”: बेमेतरा पुलिस ने लौटाए 13.5 लाख की 90 गुम मोबाइल, परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

बेमेतरा/18 जुलाई 2025 –JANCHOUPAL36

बेमेतरा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘‘अर्पण – एक आस आपकी अमानत आपके पास’’ के अंतर्गत गुम हुए मोबाइल फोन उनके rightful मालिकों को सौंपे गए। इस पहल के तहत कुल 90 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत करीब 13 लाख 50 हजार रुपये आँकी गई है, को बरामद कर संबंधित परिजनों को सुपुर्द किया गया।
यह अभियान आईजी दुर्ग रेंज श्री राम गोपाल गर्ग (भा.पु.से.) एवं एसएसपी बेमेतरा श्री रामकृष्ण साहू (आईपीएस) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह, एसडीओपी बेरला श्री विनय कुमार, एसडीओपी बेमेतरा श्री मनोज तिर्की, डीएसपी श्री राजेश कुमार झा के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।
पुलिस ने CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) पर दर्ज शिकायतों और स्थानीय गुमशुदगी रिपोर्टों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए 60 मोबाइल CEIR से और 30 मोबाइल अन्य माध्यमों से बरामद किए। सत्यापन के बाद इन्हें औपचारिक रूप से उनके मालिकों को सौंपा गया।
प्राप्तकर्ताओं की प्रतिक्रिया
अपने खोए मोबाइल वापस पाकर नागरिकों के चेहरे पर संतोष और मुस्कान लौट आई। कई लोगों ने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन बेमेतरा पुलिस के इस प्रयास ने उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया। लोगों ने एसएसपी और पुलिस टीम के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह पहल विश्वास बहाल करने वाली है।
एसएसपी श्री रामकृष्ण साहू ने अपील की कि नागरिक अपने खोए हुए मोबाइल की रिपोर्ट नजदीकी थाने, साइबर सेल या www.ceir.gov.in पोर्टल पर जल्द से जल्द दर्ज करें, ताकि उनकी अमानत उन्हें शीघ्र वापस मिल सके।
इस अभियान में जुटी रही विशेष टीम
मोबाइल बरामदगी में उप निरीक्षक मयंक मिश्रा (प्रभारी साइबर सेल), प्र.आर. रविन्द्र तिवारी, प्र.आर. मोहित चेलक, लोकेश सिंह, आर. विनोद सिंह, पीला राम साहू, जयकिशन साहू, नुरेश वर्मा, मोती जायसवाल, संजय पाटिल और रेखन साहू की उल्लेखनीय भूमिका रही।
कार्यक्रम के दौरान रक्षित निरीक्षक प्रवीण खलखो एवं अन्य पुलिस स्टाफ भी उपस्थित रहे।


कृषि महाविद्यालय ढोलिया में एक दिवसीय रक्तदान शिविर सम्पन्न — छात्र-छात्राओं की सहभागिता सराहनीय

बेमेतरा, 18 जुलाई 2025 | जनचौपाल 36 संवाददाता

रेवेन्द्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, ढोलिया में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में शुक्रवार को एक दिवसीय रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर जिला स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम के सहयोग से महाविद्यालय परिसर में संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि यह महाविद्यालय में आयोजित पहला रक्तदान शिविर था, जिसने विद्यार्थियों में सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व को नई दिशा दी।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना और समाज में मानवता की सेवा की भावना को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “नियमित रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद को जीवनदान देता है, बल्कि रक्तदाता की सेहत के लिए भी लाभकारी होता है। इससे शरीर में आयरन की संतुलित मात्रा बनी रहती है और दिल की सेहत बेहतर होती है।”
इस आयोजन में महाविद्यालय के 20 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। पूरे शिविर के दौरान छात्रों का उत्साह देखते ही बनता था। एनएसएस प्रभारी के कुशल संयोजन और स्वास्थ्य विभाग की टीम के सहयोग से शिविर का संचालन व्यवस्थित ढंग से हुआ।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर इस मानवीय पहल को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।


वरिष्ठता के आधार पर श्रमिकों की वापसी हो – BMS की चेतावनी, उल्लंघन पर 350 श्रमिकों की तत्काल नियुक्ति की माँग

पंडरिया, छत्तीसगढ़ | 18 जुलाई 2025: JANCHOUPAL36

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया में मेंटेनेंस सत्र 2025-26 की शुरुआत से पहले श्रमिकों की वापसी को लेकर कारखाना प्रबंधन और भारतीय मजदूर संघ (BMS) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। यह समझौता 12 से 15 जुलाई तक चले “टूल डाउन” आंदोलन के बाद संभव हो सका।
मुख्य मांग – वरिष्ठता के आधार पर वापसी:
समझौते के तहत स्पष्ट रूप से यह तय किया गया है कि मेंटेनेंस सत्र के लिए श्रमिकों की वापसी वरिष्ठता (Seniority) के आधार पर की जाएगी। यह प्रावधान सभी श्रमिकों पर समान रूप से लागू होगा। BMS की यह प्रमुख माँग थी, जिससे संगठन श्रमिकों के अधिकार और निष्पक्षता सुनिश्चित करना चाहता है।

अनियमितता पर सख्त रुख:
BMS ने समझौते में यह शर्त भी जोड़ी है कि यदि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात पाया गया, तो संगठन के 350 पंजीकृत सदस्यों को तत्काल कार्य पर नियुक्त किया जाना अनिवार्य होगा। अन्यथा, संगठन द्वारा फिर से उग्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई है।

BMS की चेतावनी:
भारतीय मजदूर संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि समझौते का पालन नहीं होता या नियमों का उल्लंघन होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कारखाना प्रबंधन और शासन-प्रशासन की होगी। संगठन ने कहा कि श्रमिकों की गरिमा और अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25: राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों को किया सम्मानित

बिल्हा देश का सबसे स्वच्छ छोटा शहर घोषित, अंबिकापुर-पाटन-विश्रामपुर ने सुपर लीग में पाया स्थान

📌 जनसंपर्क विभाग समाचार
दिनांक : 17 जुलाई 2025
स्थान : नई दिल्ली/रायपुर(छत्तीसगढ़)

भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों ने फिर एक बार राष्ट्रीय पटल पर शानदार प्रदर्शन किया है। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय पुरस्कार वितरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल, राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, और विजेता निकायों के महापौर तथा अध्यक्षगण उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी पुरस्कृत नगरीय निकायों को बधाई देते हुए कहा कि, “यह सफलता स्वच्छता के प्रति जनता की सहभागिता और स्थानीय प्रशासन के समर्पण का परिणाम है।”

प्रमुख उपलब्धियाँ:
🏆 नगर पंचायत बिल्हा — 20,000 से कम आबादी श्रेणी में देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित।
🥈 बिलासपुर नगर निगम — 3 लाख से 10 लाख आबादी श्रेणी में देश में दूसरा स्थान।
🥉 कुम्हारी नगर पालिका परिषद — 20,000 से 50,000 की आबादी में देश का तीसरा स्थान।

🌟 रायपुर नगर निगम राज्य की राजधानी — छत्तीसगढ़ का “प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर” पुरस्कार।

नई श्रेणी – स्वच्छता सुपर लीग (SSL) में भी छत्तीसगढ़ का बजा डंका:
अंबिकापुर, पाटन, और विश्रामपुर ने स्वच्छता सुपर लीग (SSL) में स्थान प्राप्त किया है।
SSL में वे शहर शामिल किए गए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में कम-से-कम एक बार शीर्ष तीन में रहे हों और वर्तमान वर्ष में टॉप 20% में स्थान पाया हो।📸

🇮🇳 राष्ट्रपति ने दिए स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार“पारंपरिक जीवनशैली से सीखें — आधुनिक चक्रीय अर्थव्यवस्था को मिल सकती है मजबूती” — राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली, 17 जुलाई 2025(photo image source PIB)✍️ Janchoupal36
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज राजधानी दिल्ली में आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार वितरण समारोह में विभिन्न शहरों को स्वच्छता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए सम्मानित किया। यह कार्यक्रम आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया था।
दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छ सर्वेक्षण – 2024 की उपलब्धि
राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि वर्ष 2024 का स्वच्छ सर्वेक्षण दुनिया का सबसे बड़ा नागरिक आधारित सर्वेक्षण रहा, जिसमें—
विभिन्न राज्य सरकारें
शहरी स्थानीय निकाय
14 करोड़ से अधिक नागरिकों ने
भाग लिया।
राष्ट्रपति ने इसे “शहरी भारत के बदलते चेहरे का प्रतीक” बताया।
स्वच्छता का भारतीय दर्शन — गांधी से लेकर आज तक
राष्ट्रपति ने कहा—
“हमारी संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना सदियों से स्वच्छता को जीवन का अभिन्न अंग मानती आई है। महात्मा गांधी ने कहा था – ‘ईश्वर की भक्ति के बाद स्वच्छता आती है।’”
उन्होंने स्वयं के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अधिसूचित क्षेत्र परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने स्वच्छता कार्यों की निगरानी करते हुए जनसेवा की शुरुआत की थी।
“वृत्ताकार अर्थव्यवस्था” : आधुनिक समाधान, प्राचीन प्रेरणा से
राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा—
“हमारी पारंपरिक जीवनशैली, विशेषकर आदिवासी समुदायों की, कम संसाधनों में सामंजस्यपूर्ण जीवन का आदर्श है। इसी से ‘कम करें – पुनः उपयोग करें – पुनर्चक्रण करें’ जैसी अवधारणाएं विकसित हुईं।”
उन्होंने कहा कि चक्राकार अर्थव्यवस्था (Circular Economy) की आधुनिक प्रणाली को हमारे सांस्कृतिक व्यवहारों से मजबूती मिल सकती है।
अपशिष्ट प्रबंधन: स्रोत पृथक्करण है पहला और जरूरी कदम
राष्ट्रपति मुर्मू ने शून्य-अपशिष्ट बस्तियों और स्कूल स्तरीय मूल्यांकन पहल की सराहना करते हुए कहा—
“प्रत्येक परिवार और हितधारक को यह समझना होगा कि कचरा प्रबंधन की शुरुआत हमारे अपने घर से होती है।”
प्लास्टिक और ई-कचरा — चुनौती भी, अवसर भी
राष्ट्रपति ने प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से उत्पन्न संकट पर चिंता जताई और कहा कि—
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में एकल-उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया।
विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) के तहत निर्माताओं, ब्रांड मालिकों और आयातकों को जवाबदेह बनाया गया है।
“निर्माण और उपभोग की श्रृंखला के हर हिस्से को जिम्मेदार बनाना आवश्यक है।”
“स्वच्छ भारत से विकसित भारत तक” – 2047 का संकल्प
समापन वक्तव्य में राष्ट्रपति ने कहा—
“स्वच्छता केवल स्वास्थ्य या शहर की सुंदरता नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक आंदोलन है। यदि हम निरंतर प्रयास करें, तो वर्ष 2047 तक भारत दुनिया के सबसे स्वच्छ देशों में शामिल होगा।”
📌 मुख्य बिंदु संक्षेप में:
विषयविवरण🎖 पुरस्कारस्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में उत्कृष्ट शहरों को सम्मान🧍‍♂️ प्रतिभागी14 करोड़ नागरिक, शहरी निकाय, राज्य सरकारें🌿 परंपराआदिवासी जीवनशैली से प्रेरित चक्रीयता प्रणाली🧼 स्कूल पहलबच्चों में स्वच्छता को जीवन मूल्य बनाने की पहल🚯 कचराप्लास्टिक/E-Waste नियंत्रण पर बल🎯 लक्ष्यवर्ष 2047 तक स्वच्छ और विकसित भारत
📰 Janchoupal36 – जनचेतना की आवाज़, आपके शहर से, आपके सवालों तक।

विधानसभा में सियासी टकराव : पीएम आवास और मनरेगा पर विपक्ष का हमला, विजय शर्मा ने दिया करारा जवाब

नेता प्रतिपक्ष ने लगाए सवालों की झड़ी, उपमुख्यमंत्री ने कहा _“वर्तमान सरकार में सुशासन भी है और सुदर्शन भी”

रायपुर, 16 जुलाई 2025 | छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र – तीसरा दिन
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को भी तीखी नोकझोंक और तगड़ा राजनीतिक मंथन देखने को मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा भुगतान को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया, लेकिन उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तथ्यों और तीखे जवाबों से विपक्ष की घेराबंदी को पलटवार में तब्दील कर दिया।
सवाल नंबर 1: पीएम आवास योजना – पूर्णता का मापदंड क्या है?
डॉ. महंत ने सवाल उठाया — “क्या प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में आवास तभी पूर्ण माना जाता है जब शौचालय और मनरेगा कार्य जुड़ते हैं, या इनके बिना भी उसे पूर्ण घोषित कर दिया जाता है?”
जवाब में डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने स्पष्ट किया:
“आवास निर्माण की प्रक्रिया तीन किस्तों में होती है। अंतिम किस्त तभी जारी की जाती है जब निरीक्षण के बाद निर्माण कार्य संतोषजनक पाया जाता है। लेंटर लेवल के बाद भुगतान होता है और आवास को पूर्ण माना जाता है।”
सवाल नंबर 2: कबीरधाम में बैगा जनजाति से वसूली पर क्या कार्रवाई होगी?
महंत ने गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा — “क्या कबीरधाम जिले में बैगा जनजाति से आवास निर्माण में अवैध वसूली की शिकायतों पर कलेक्टर को निलंबित किया जाएगा?”
विजय शर्मा ने जवाब दिया:
“शिकायतें मिली हैं, जांच कराई जाएगी। पिछली सरकार के कार्यकाल में इन योजनाओं की बर्बादी हुई। अब विष्णुदेव साय सरकार में पारदर्शिता और जवाबदेही है।”
सवाल नंबर 3: दिव्यांग और अल्पसंख्यकों को कितना आवास मिला?
महंत ने आंकड़ों की मांग करते हुए पूछा — “आपकी सरकार ने दिव्यांगों और अल्पसंख्यकों को कितने आवास दिए?”
डिप्टी सीएम का जवाब:
“अब तक 5 दिव्यांगों और 14 अल्पसंख्यकों को आवास दिए गए हैं। हम पात्रता के आधार पर आगे भी आवंटन करेंगे।”
सवाल नंबर 4: मनरेगा भुगतान में देरी – जशपुर और बीजापुर का क्या होगा?
विपक्ष ने आरोप लगाया कि बीजापुर में केवल 38% भुगतान हुआ और जशपुर जैसे जिलों में मजदूरी रुकी हुई है।
विजय शर्मा ने जवाब में कहा:
“30 जून तक लेबर पेमेंट जारी कर दिया गया है। फिर भी जहां समस्याएं हैं, उनकी पुनः जांच की जाएगी।”
सियासी गर्मी: “लेटलतीफी आपकी सरकार की थी” – विजय शर्मा का पलटवार
नेता प्रतिपक्ष महंत ने अपनी बात रखते हुए कहा — “मेरे पास दस्तावेज़ और फोटो हैं, जिन्हें सदन के पटल पर रखने की अनुमति दी जाए।”
इस पर डिप्टी सीएम ने तल्ख टिप्पणी की —
“मुझे दुख हुआ कि नेताप्रतिपक्ष ने मुझे ‘घुमाने वाला’ कहा। जबकि इन्हीं की सरकार ने आवास योजना की कई फाइलों को लौटा दिया था, जिसके प्रमाण मेरे पास हैं। आज हम उन्हीं योजनाओं को जमीन पर ला चुके हैं जिन्हें कांग्रेस ने धूल खाने के लिए छोड़ दिया था।”
उपमुख्यमंत्री का संदेश: “यह सरकार सुशासन और सुदर्शन दोनों देती है”
विजय शर्मा ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा —
“वर्तमान सरकार किसी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में सुशासन भी है और सुदर्शन भी। यदि किसी के पास प्रमाण हैं तो सामने लाएं, निष्पक्ष जांच होगी।”
हंगामे के बीच सत्र स्थगित
विजय शर्मा के करारे जवाबों से कांग्रेस विधायक आक्रोशित हो गए। सदन में शोर-शराबा, नारेबाजी और टकराव के बाद अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
विश्लेषण: सवाल अपनी जगह, लेकिन जवाबों में आत्मविश्वास
विधानसभा की यह बहस बताती है कि विपक्ष योजनाओं की ज़मीनी स्थिति पर सवाल उठाने की भूमिका में है, जबकि सत्ता पक्ष तथ्यों के साथ जवाब देने में पीछे नहीं हट रहा।

उत्कृष्टता अलंकरण समारोह : जनसेवा सर्वोपरि, लोकहित ही संसद का धर्म – राज्यपाल डेका

JANCHOUPAL36

रायपुर, 16 जुलाई 2025 | विधानसभा परिसर
1. आयोजन का उद्देश्य व स्वरूप
छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित ‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह’ में जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित किया गया। इस गरिमामय आयोजन में विधानसभा की गरिमा, लोकतंत्र की मजबूती और जनसेवा की भावना को प्रतिष्ठा दी गई।
2. सम्मानित जनप्रतिनिधि व पत्रकार
उत्कृष्ट विधायक सम्मान श्रीमती भावना बोहरा
श्री लखेश्वर बघेल
उत्कृष्ट संसदीय रिपोर्टिंग के लिए सम्मानित पत्रकार: डॉ. राकेश कुमार पाण्डेय
श्री योगेश मिश्रा
श्री विश्वप्रकाश पुरेना
3. अतिथि एवं विशिष्ट उपस्थिति
समारोह में छत्तीसगढ़ की राजनैतिक और विधायी व्यवस्था के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे:
राज्यपाल : श्री रमेन डेका (मुख्य अतिथि)
मुख्यमंत्री : श्री विष्णु देव साय
उपमुख्यमंत्री : श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा
विधानसभा अध्यक्ष : डॉ. रमन सिंह
नेता प्रतिपक्ष : डॉ. चरणदास महंत
संसदीय कार्य मंत्री : श्री केदार कश्यप
सांसद : श्रीमती ज्योत्सना महंत, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री विजय बघेल
सम्मानित परिजन : श्रीमती वीणा सिंह (विधानसभा अध्यक्ष की धर्मपत्नी), श्रीमती कौशल्या साय (मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी)
4. पुस्तिका विमोचन
इस अवसर पर छठवीं विधानसभा के नव-निर्वाचित विधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम पर केंद्रित विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
5. राज्यपाल का संबोधन
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा:
“छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की पहली ऐसी संस्था है जहां गर्भगृह में प्रवेश करते ही विधायक स्वतः निलंबित माने जाते हैं — यह एक अनुकरणीय आत्म-अनुशासन है।”
उन्होंने पत्रकारों को लोकतंत्र की पारदर्शिता और जवाबदेही का मजबूत स्तंभ बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
साथ ही उन्होंने राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से ऊपर उठकर लोकहित व लोककल्याण को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
6. विधानसभा अध्यक्ष का वक्तव्य
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा:
“छत्तीसगढ़ विधानसभा सद्भाव और संवाद का आदर्श उदाहरण है।”
“इस बार 50 नए विधायक चुने गए हैं, फिर भी जनहित और सहयोग की छत्तीसगढ़िया परंपरा बनी रही।”
7. मुख्यमंत्री का वक्तव्य
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा:
“यह दिन गर्व और प्रेरणा का प्रतीक है। विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है।”
“संसदीय रिपोर्टिंग एक संवेदनशील कार्य है — मीडिया ने जनजागरूकता में अहम भूमिका निभाई है।”
उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा की अनुशासन प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श बताया।
8. नेता प्रतिपक्ष का वक्तव्य
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा:
“सदन में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं रहे।”
उन्होंने डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में सदन के सौहार्दपूर्ण संचालन की सराहना की।
9. संचालन व धन्यवाद ज्ञापन
स्वागत भाषण: श्री दिनेश शर्मा (विधानसभा सचिव)
धन्यवाद ज्ञापन: श्री केदार कश्यप (संसदीय कार्य मंत्री)

🛑 एनएचएम कर्मचारियों की चेतावनी: 15 दिन में समाधान नहीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल!

📍 बेमेतरा | 16 जुलाई 2025 | जनचौपाल 36 विशेष रिपोर्ट
राज्य की स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ माने जाने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारी अब सड़कों पर उतर आए हैं।
अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर बुधवार को बेमेतरा में NHM कर्मचारियों ने कलेक्टोरेट का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
‘कोरोना योद्धा’ रहे इन संविदा कर्मचारियों ने ताली-थाली बजाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।
🔴 मुख्य मांगे क्या हैं?
20 वर्षों से लंबित नियमितीकरण (Regularisation)
ग्रेड-पे, मेडिकल लीव, और वेतन विसंगति सुधार
27% लंबित वेतन वृद्धि
कार्य की स्थायित्व और मानव गरिमा की पुनर्प्राप्ति
📣 धरना-रैली और ज्ञापन सौंपा गया मुख्यमंत्री के नाम
धरना स्थल से रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय तक प्रदर्शन किया गया, जहां कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान ताली-थाली बजाकर “कोरोना योद्धा को इंसाफ दो”, “हम भी सरकारी कर्मचारी हैं” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।
🗣️ क्या बोले संघ पदाधिकारी?
पूरन दास (जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता, एनएचएम संघ):
“हम 100 से ज़्यादा बार सरकार से लिखित मांग कर चुके हैं।
लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं।
यदि 15 दिनों के भीतर कोई हल नहीं निकला तो हम प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इसकी पूरी ज़िम्मेदारी शासन की होगी।”
बृजेश दुबे और प्रमोद साहू (जिला संगठन प्रमुख):
“प्रधानमंत्री की गारंटी योजना में स्पष्ट है कि एनएचएम संविदा कर्मचारियों का समाधान होगा।
लेकिन राज्य सरकार टालमटोल कर रही है। हम अब और प्रतीक्षा नहीं करेंगे।”
😷 ‘कोरोना योद्धा’ अब बन गए आंदोलनकारी
इनमें से अधिकतर कर्मचारी वही हैं जिन्होंने कोरोना काल में जान हथेली पर रखकर काम किया था।
ग्रामीण स्वास्थ्य से लेकर वैक्सीनेशन तक, इन कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ की व्यवस्था को भयावह संकट से बाहर निकाला था।
🗣️ “हमें ताली-थाली बजाकर सम्मानित किया गया, अब उसी से विरोध कर रहे हैं” — यामिनी खुटेल, ANM
📌 यदि हड़ताल हुई तो क्या असर होगा?
NHM कर्मचारियों के जिम्मे हैं:
ग्रामीण क्षेत्र की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
टीकाकरण, रक्त जांच, फील्ड विज़िट्स
आशा कार्यकर्ताओं और ANM का पर्यवेक्षण
यदि इनकी संगठित हड़ताल होती है तो पूरे प्रदेश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो सकती हैं।
👥 उपस्थित प्रमुख कर्मचारी:
मनीष शर्मा, दिनेश गंगबेर, यामिनी खुटेल, डॉ डोमन यादव, रेशमी बंजारे, डॉ तृप्ति दुबे, राजकमल ताम्रकार, प्रियंका यादव, अमर वर्मा, डॉ अभिषेक यादव, देवेन्द्र जायसवाल और दर्जनों NHM कर्मी।
🗞️ जनचौपाल 36 की टिप्पणी:
❝ जब ताली और थाली कभी सम्मान का प्रतीक हो, और वही असंतोष की आवाज बन जाए —
तो यह सरकार के लिए आत्ममंथन का समय होता है।
NHM कर्मचारी कोई बोनस नहीं, सम्मान और सुरक्षा मांग रहे हैं। ❞
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🌾 राज्य में बेमेतरा सबसे आगे! 113% बीज वितरण और 119% डीएपी उपलब्धता के साथ कृषि में रचा रिकॉर्ड

बेमेतरा | 16 जुलाई 2025 | जनचौपाल 36 विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले ने खरीफ सीजन 2025 में कृषि क्षेत्र में राज्य स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जहां बाकी ज़िलों में मानसून की चिंता और खाद-बीज की किल्लत की चर्चाएं हैं, वहीं बेमेतरा ने 113% बीज वितरण और 119% डीएपी खाद उपलब्धता जैसी उल्लेखनीय उपलब्धियों से पूरे प्रदेश में मिसाल कायम की है।
📊 कृषि में बेमिसाल प्रदर्शन — एक नज़र में:
मापदंड2025 की उपलब्धिवृद्धि/लक्ष्य पूर्तिबीज वितरण22,375 क्विंटल113.33%डीएपी खाद भंडारण6,724 मी. टन119%एसएसपी खाद आपूर्ति2,921 मी. टन154% (वृद्धि)एनपीके खाद आपूर्ति553 मी. टन130% (वृद्धि)
🧑‍🌾 कलेक्टर की निगरानी और कृषि विभाग की सक्रियता
जिला कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा द्वारा कृषि कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने सहकारी समितियों को समयबद्ध खाद-बीज वितरण, भंडारण प्रबंधन और कृषकों को आधुनिक खेती के लिए जागरूक करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
🗣️ “खाद की हर बोरियों की निगरानी हो रही है — किसानों तक समय पर पहुँचे, यह हमारी प्राथमिकता है” — कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा
🔄 डीएपी की जगह एसएसपी और एनपीके — विकल्प भी मजबूत
इस बार डीएपी की मांग अधिक होने के बावजूद प्रशासन ने स्मार्ट विकल्प तैयार कर रखे थे —
✅ सिंगल सुपर फास्फेट (SSP) — जिसमें 16% फास्फोरस + 11% सल्फर होता है
✅ एनपीके मिश्रित खाद — जो संतुलित पोषण देती है फसलों को
वर्तमान में बेमेतरा की समितियों में SSP और NPK भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं।
🚜 धान की रोपाई तेज़ी पर — किसान आत्मविश्वास से भरे
जिले में अच्छी वर्षा और समय पर खाद-बीज की उपलब्धता ने किसानों को इस बार पूरी तरह से समय पर बोनी और रोपाई करने का अवसर दिया है।
खासकर छोटे किसानों के बीच भरोसा बढ़ा है कि सरकार की योजनाएं धरातल तक पहुँची हैं।
👨‍🌾 “पहली बार ऐसा हुआ कि बिना लाइन में लगे खाद मिल गया” — रामाधार साहू, किसान, नवागांव
👩‍🌾 “SSP के फायदे जो अमले ने बताए, उससे नई जानकारी मिली” — गीता नेताम, महिला किसान, देवकर
📣 कलेक्टर की अपील:
किसान भाई अपनी समितियों से खाद शीघ्र उठाएं
डीएपी के स्थान पर एसएसपी व एनपीके का वैज्ञानिक उपयोग करें
जागरूक और टिकाऊ खेती की ओर बढ़ें

🗣️ जनचौपाल 36 की टिप्पणी:
❝ जब आंकड़े सिर्फ रिपोर्ट नहीं बल्कि ज़मीन पर बदलाव का प्रमाण है — बेमेतरा के लिए एक प्रशासनिक सफलता है।
बेमेतरा की यह पहल कृषि आत्मनिर्भरता और संतुलित उर्वरक प्रयोग की दिशा में पूरे राज्य को रास्ता दिखा रही है। ❞
📌 रिपोर्ट: जनचौपाल 36 टीम | संपर्क: janchoupal36@gmail.com