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Sunday, October 25, 2026
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने BJMTUC के कार्यों की सराहना की, राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजेश शर्मा को भेजा शुभकामना संदेश

नई दिल्ली / रायपुर, 13 अक्टूबर 2026

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) के कार्यों की सराहना की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजेश शर्मा को भेजे शुभकामना संदेश में उन्होंने…”
भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) द्वारा संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण, अधिकारों और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की है।

उन्होंने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजेश शर्मा को एक औपचारिक शुभकामना संदेश प्रेषित कर BJMTUC के संपूर्ण नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है।

विशिष्ट मुलाकात और सार्थक संवाद
उल्लेखनीय है कि गत 18 सितंबर 2026 को बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अत्यंत व्यस्त दौरों के मध्य भी रक्षा मंत्री ने सहृदयता दिखाते हुए संगठन को अपना बहुमूल्य समय प्रदान किया था। इस दौरान BJMTUC के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सनत आचार्य के साथ उनकी अत्यंत सौहार्दपूर्ण माहौल में सार्थक चर्चा हुई।

माननीय मंत्री जी ने संगठन की विभिन्न गतिविधियों एवं मजदूर कल्याण से जुड़ी योजनाओं की गहन जानकारी ली और उनके प्रति अपनी आत्मीय प्रसन्नता व्यक्त की।

माननीय रक्षा मंत्री का संदेश: प्रेरणा का स्रोत
माननीय रक्षा मंत्री जी के इस आत्मीय व उत्साहवर्धक शुभकामना पत्र के लिए गहरा आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजेश शर्मा ने कहा:
“केंद्रीय रक्षा मंत्री जी का यह संदेश हमारे पूरे संगठन, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों की महती भूमिका को रेखांकित करने वाला माननीय मंत्री जी का यह मार्गदर्शन हमें निरंतर राष्ट्रहित और श्रमिक कल्याण की दिशा में नई ऊर्जा के साथ समर्पित रहने की प्रेरणा प्रदान करेगा।”

संगठन में नई ऊर्जा का संचार
संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी दीपक पाण्डेय ने केंद्रीय रक्षा मंत्री जी के प्रति अपनी असीम कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि यह शुभकामना संदेश संगठन के लिए एक उत्प्रेरक (Catalyst) का कार्य करेगा।

उन्होंने कहा कि माननीय मंत्री जी का यह मार्गदर्शन और प्रोत्साहन BJMTUC को और अधिक सशक्त बनाएगा, जिससे संगठन आने वाले समय में देश के असंगठित व संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए और अधिक मजबूती से अपनी आवाज बुलंद कर सकेगा।

BJMTUC परिवार माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी के प्रति इस अनमोल मार्गदर्शन और समय देने के लिए हृदय की गहराइयों से आभार प्रकट करता है।

बस किराया 40% से ज्यादा बढ़ा, भाजपा सरकार पर भड़के विकास उपाध्याय

रायपुर, 14 अक्टूबर 2026

“महंगाई की मार से बेहाल आम आदमी, जनता की जेब पर सीधा हमला”
भाजपा सरकार में महंगाई लगातार आम आदमी की कमर तोड़ रही है। एक ओर युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, दूसरी ओर रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें महंगी होती जा रही हैं। अब बसों का किराया 40 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ाने के फैसले ने जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने इसे आम जनता की जेब पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी के बाद व्यापार और रोजगार पर पड़े असर से लोग पहले ही परेशान हैं। ऐसे में किराया बढ़ने से रोजाना बसों में सफर करने वाले मजदूरों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ेगा।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब रोजगार के अवसर नहीं बढ़ रहे और महंगाई लगातार बढ़ रही है, तो आम आदमी घर कैसे चलाएगा? उन्होंने मांग की कि सरकार जनता पर आर्थिक बोझ डालने के बजाय महंगाई पर नियंत्रण और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए।

450 से अधिक आदिवासी जेल में, रिहाई पर सिर्फ समिति का खेल? विकास उपाध्याय ने BJP सरकार को घेरा

ब्रेकिंग न्यूज़ | छत्तीसगढ़ 14/10/2026

छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद 450 से अधिक आदिवासियों की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। रिहाई की दिशा में ठोस कार्रवाई के बजाय एक बार फिर नई समिति के गठन की तैयारी की खबरों के बीच पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।

विकास उपाध्याय ने सवाल उठाया है कि एक ओर बड़े नक्सली नेताओं के आत्मसमर्पण पर सरकार की ओर से स्वागत और पुनर्वास की सुविधाओं की चर्चा होती है, वहीं दूसरी ओर जेलों में बंद उन आदिवासियों की रिहाई को लेकर सरकार मौन क्यों है, जिन्हें बेगुनाह बताया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव के समय आदिवासियों से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद भी सैकड़ों आदिवासी आज जेलों में बंद हैं। अब रिहाई के नाम पर फिर से समिति गठित करने की बात सामने आ रही है, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

“क्या समिति पर समिति बनाना ही सरकार की नीति बन गई है? इन आदिवासियों को न्याय और सम्मान के साथ जीने का अधिकार कब मिलेगा?” उपाध्याय ने पूछा।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि जेलों में बंद आदिवासियों के मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध समीक्षा कराई जाए और जिनकी रिहाई कानूनन उचित हो, उन्हें तत्काल न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

छत्तीसगढ़ में नशे का कारोबार फल-फूल रहा, भाजपा सरकार नाकाम : विकास उपाध्याय

रायपुर, 14 अक्टूबर 2026

भाजपा सरकार में नशे का कारोबार फल-फूल रहा, छत्तीसगढ़ को नशे का गढ़ बनने से रोकने में सरकार नाकाम : पूर्व विधायक विकास उपाध्याय

छत्तीसगढ़ में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार नशे का कारोबार बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आखिर छत्तीसगढ़ में नशे का सामान कहां से आ रहा है और किन रास्तों से प्रदेश में पहुंच रहा है?

उन्होंने कहा कि चारों तरफ भाजपा शासित राज्यों की सीमाएं होने के बावजूद छत्तीसगढ़ में नशे का कारोबार कैसे फल-फूल रहा है? सरकार अब अधिकारियों की टास्क फोर्स बनाकर छत्तीसगढ़ को नशामुक्त करने की बात कह रही है, लेकिन सवाल यह है कि अब तक नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के संरक्षण में नशे का कारोबार चलने की शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सरकार केवल टास्क फोर्स बनाने की घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि नशे के कारोबार के पूरे नेटवर्क, तस्करों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार नशामुक्त छत्तीसगढ़ बनाने की बात करती है, तो फिर प्रदेश में नशे का कारोबार लगातार चर्चा में क्यों है? छत्तीसगढ़ के युवाओं को नशे से बचाने के लिए सरकार को जवाब देना होगा

जशपुर में 16 मृतकों के परिजनों को मिलेगी 64 लाख रुपये की सहायता, CM विष्णुदेव साय सरकार ने दी मंजूरी

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत उपलब्ध करा रही है। इसी कड़ी में जशपुर जिले में विभिन्न दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले 16 लोगों के निकटतम वारिसों के लिए कुल 64 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक पात्र परिवार को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे।कलेक्टर कार्यालय जशपुर की ओर से जारी आदेश के अनुसार, छत्तीसगढ़ राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत इन प्रकरणों को मंजूरी मिली है। इनमें कुएं, तालाब, नदी, बांध और अन्य जलस्रोतों में डूबने से हुई मौत के मामले शामिल हैं।

कुनकुरी से फरसाबहार तक कई क्षेत्रों के मामले शामिल

जारी आदेश के मुताबिक, कुनकुरी तहसील के ग्राम बेमताटोली में मनीषा बाई की कुएं में डूबने से मृत्यु के मामले में ललकू राम के आवेदन पर 4 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जशपुर तहसील के ग्राम बाहमनपुर में बीकांत तिर्की की तालाब में डूबने से मृत्यु के प्रकरण में बरनाबास तिर्की को 4 लाख रुपये की सहायता मंजूर की गई है।

फरसाबहार तहसील के ग्राम सिंगिबहार में सरस्वती बाई की तालाब में डूबने से मृत्यु के मामले में अनूप राम के आवेदन पर भी 4 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह, मनोरा तहसील के ग्राम पटिया (अंगराकटोना) में लच्छू राम की बांध के पानी में डूबने से मृत्यु के प्रकरण में मधुरा राम को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे।

मनोरा तहसील के ग्राम रेमने में बलदेव राम की ईब नदी में डूबने से मृत्यु के मामले में जगमाईत बाई के आवेदन पर 4 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। तपकरा तहसील के ग्राम साजबहार (कंडरापानी) में शबनम तिग्गा की तालाब में डूबने से मृत्यु के प्रकरण में संतोष तिग्गा को इतनी ही राशि मिलेगी। वहीं, मनोरा तहसील के ग्राम लिटिम में मोनिका एक्का की कुएं में डूबने से मृत्यु के मामले में ओंकार एक्का के आवेदन पर 4 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।

नदी, कुएं और तालाब में डूबने से हुई मौतों के मामले

फरसाबहार तहसील के ग्राम कोनपारा में नरेन्द्र डनसेना की डेम के पानी में डूबने से मृत्यु के मामले में राम प्रसाद डनसेना के आवेदन पर 4 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पत्थलगांव तहसील के ग्राम गोडीकला में विनोद महंत की कुएं में डूबने से मृत्यु के प्रकरण में देवकुंवर को सहायता राशि मिलेगी।

फरसाबहार तहसील के ग्राम गारीघाट (किनकेला टोला) में सागरमती बाई की कुएं में डूबने से मृत्यु के मामले में जयपाल साय के आवेदन पर 4 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। मनोरा तहसील के ग्राम डड़गांव में सफदर अंसारी की लावा नदी में डूबने से मृत्यु के प्रकरण में चमन खातून को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे।

इसके अलावा, मनोरा तहसील के ग्राम गुल्लू में मनोज खलखो की नदी में डूबने से मृत्यु के मामले में अनिता खलखो के आवेदन पर 4 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। फरसाबहार तहसील के ग्राम भालूमुंडा में शिवानी शाह की नदी में डूबने से मृत्यु के प्रकरण में शीतल शाह को भी इतनी ही सहायता राशि मिलेगी।

तीन अन्य मामलों में भी 4-4 लाख रुपये मंजूर

मनोरा तहसील के ग्राम गेधा में पटला राम की तालाब में डूबने से मृत्यु के मामले में बिहनी बाई के आवेदन पर 4 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। फरसाबहार तहसील के ग्राम कुंहारबहार में अमीन राम की कुएं में डूबने से मृत्यु के प्रकरण में फूलमेत बाई को सहायता मिलेगी।

इसी तहसील के ग्राम माटीपहाड़छर्री में संकुंद्रो साय की कुएं में डूबने से मृत्यु के मामले में पदना बाई के आवेदन पर 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है।

प्रभावित परिवारों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता

राज्य सरकार का कहना है कि दुर्घटनाओं और आपदाओं में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों को निर्धारित नियमों के अनुसार समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से पात्र मामलों में सहायता राशि स्वीकृत की जा रही है।

परिवार के किसी सदस्य की असामयिक मृत्यु से हुई क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन आर्थिक सहायता से प्रभावित परिवारों को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने और अपनी आजीविका को दोबारा व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। जशपुर जिले में 16 मामलों के लिए 64 लाख रुपये की स्वीकृति इसी प्रयास का हिस्सा है।

छत्तीसगढ़ में बस का सफर हुआ महंगा, किराया बढ़ोतरी पर डिप्टी CM अरुण साव ने बताई वजह, साधारण बसों के किराए में 40% तक वृद्धि

 छत्तीसगढ़ :  यात्री बसों का सफर अब पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। राज्य में बस किराए की नई दरें लागू होने के बाद इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किराया बढ़ाने के फैसले के पीछे पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों और ट्रांसपोर्टरों की मांग को वजह बताया है। सरकार ने इस बढ़ोतरी को मामूली बताया है, लेकिन उपलब्ध दरों के अनुसार साधारण बसों के प्रति किलोमीटर किराए में करीब 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसका असर रोजाना बस से सफर करने वाले यात्रियों के बजट पर पड़ सकता है।

पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों और ट्रांसपोर्टरों की मांग का हवाला

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बस किराया बढ़ोतरी पर कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही ट्रांसपोर्टर भी लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किराए में मामूली वृद्धि की है।सरकार का तर्क है कि परिवहन संचालन से जुड़ी लागत और बस संचालकों की मांग को देखते हुए किराया संशोधित करना जरूरी था। हालांकि, नई दरों के बाद यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए पहले से अधिक रकम खर्च करनी होगी।

8 अक्टूबर को जारी हुईं नई किराया दरें

जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग ने 8 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी कर यात्री बसों की नई किराया दरें निर्धारित कीं। नई व्यवस्था में साधारण, डीलक्स, वातानुकूलित और स्लीपर समेत अलग-अलग श्रेणियों की बसों के किराए में बदलाव किया गया है।उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, साधारण बसों का प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये से बढ़ाकर 1.75 रुपये कर दिया गया है। इस हिसाब से प्रति किलोमीटर दर में 50 पैसे की वृद्धि हुई है, जो पुरानी दर के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत है। साधारण बसों में शुरुआती पांच किलोमीटर के लिए 10 रुपये किराया निर्धारित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

रोजाना बस से सफर करने वालों पर पड़ेगा असर

बस किराए में बढ़ोतरी का असर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है, जो रोजाना आवागमन के लिए यात्री बसों पर निर्भर रहते हैं। खासकर उन लोगों का यात्रा खर्च बढ़ सकता है, जिन्हें काम या पढ़ाई के लिए रोज एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ता है।ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों तक पहुंचने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग बस सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में नई किराया दरों के कारण उनके नियमित खर्च में बदलाव हो सकता है। हालांकि, वास्तविक अतिरिक्त खर्च यात्रा की दूरी और बस की श्रेणी पर निर्भर करेगा।

डीलक्स और एसी बसों के किराए में भी बदलाव

नई किराया व्यवस्था में केवल साधारण बसें ही नहीं, बल्कि डीलक्स, वातानुकूलित और स्लीपर बसों के लिए भी संशोधित दरें तय की गई हैं। अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों को अब संबंधित नई दरों के अनुसार किराया देना होगा।हालांकि, इन सभी श्रेणियों में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, इसका स्पष्ट विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। इसलिए अलग-अलग बसों के किराए में हुई वृद्धि का आकलन संबंधित अधिसूचना की पूरी दर सूची के आधार पर ही किया जा सकता है।

सरकार ने बताया मामूली इजाफा, यात्रियों के खर्च पर रहेगी नजर

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किराया वृद्धि को परिवहन लागत और ट्रांसपोर्टरों की मांग से जोड़कर समझाया है। दूसरी ओर, साधारण बसों की प्रति किलोमीटर दर में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी का आंकड़ा सामने आने के बाद यात्रियों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को लेकर चर्चा हो रही है।नई दरों के लागू होने के बाद यात्रियों को अपनी यात्रा की दूरी और बस की श्रेणी के अनुसार अधिक किराया देना पड़ सकता है। किराया संशोधन का पूरा असर जानने के लिए परिवहन विभाग की अधिसूचना में दी गई सभी श्रेणियों की दरों को देखना जरूरी है।

नवरात्रि व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज? फल से लेकर साबूदाना-मखाना तक, जानें खानपान के जरूरी नियम

 Fasting Food Rules: नवरात्रि का पर्व शुरू हो चुका है और देशभर में भक्त माता दुर्गा की आराधना में जुटे हैं। इन नौ दिनों में बड़ी संख्या में लोग उपवास रखते हैं और अपनी खानपान की आदतों में बदलाव करते हैं। हालांकि, व्रत के दौरान क्या खाना चाहिए और किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए, इसे लेकर कई लोगों के मन में सवाल रहते हैं। ऐसे में व्रत के लिए सही खाद्य पदार्थों का चुनाव करना जरूरी है, ताकि पूजा-पाठ के साथ शरीर को भी पर्याप्त ऊर्जा मिल सके।

दिन की शुरुआत फल और दूध से करें

नवरात्रि के व्रत में सुबह की शुरुआत फल और दूध से की जा सकती है। सेब, केला, पपीता, संतरा, अनार, अमरूद और नारियल जैसे फल अच्छे विकल्प हैं। इनके अलावा दूध, दही और छाछ को भी खानपान में शामिल किया जा सकता है।फल शरीर को जरूरी पोषक तत्व देते हैं, जबकि दूध और दही से प्रोटीन व कैल्शियम मिलता है। दिनभर ऊर्जा बनाए रखने के लिए अपनी भूख और सेहत के अनुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करना बेहतर रहता है।

साबूदाना, मखाना और कुट्टू से बनाएं व्रत के पकवान

व्रत के दौरान साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना खीर और साबूदाना वड़ा जैसे व्यंजन खूब पसंद किए जाते हैं। हालांकि, इन्हें बनाते समय तेल और घी की मात्रा सीमित रखना बेहतर है। मखाने को हल्का भूनकर खाया जा सकता है या दूध में मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं।कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से रोटी, पूरी और पकौड़ी बनाई जाती हैं। इसके अलावा आलू, शकरकंद, लौकी, कद्दू और अरबी जैसी सब्जियां भी कई घरों में व्रत के दौरान खाई जाती हैं। ध्यान रखें कि व्रत में किन चीजों की अनुमति है, यह परिवार और क्षेत्र की परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

व्रत में किन चीजों को खाने से बचना चाहिए?

नवरात्रि के व्रत में आमतौर पर गेहूं, चावल, सामान्य आटा, दाल, चना और राजमा जैसी चीजों से परहेज किया जाता है। सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल किया जाता है। कई परिवारों में प्याज और लहसुन भी नहीं खाए जाते।खाने में जीरा और काली मिर्च जैसे मसालों का इस्तेमाल किया जा सकता है, बशर्ते वे आपकी व्रत परंपरा के अनुकूल हों। बाजार से व्रत के लिए तैयार खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी सामग्री की जानकारी भी देख लें, क्योंकि उनमें सामान्य आटा, नमक या अन्य प्रतिबंधित सामग्री हो सकती है।

पानी और तरल पदार्थों का रखें ध्यान

व्रत के दौरान शरीर में पानी की कमी न होने देना जरूरी है। यदि आपके व्रत में पानी पीने की अनुमति है, तो नियमित अंतराल पर पानी पिएं। नारियल पानी, दूध और छाछ भी विकल्प हो सकते हैं।निर्जला व्रत में पानी नहीं पिया जाता, लेकिन ऐसा उपवास हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होता। खासकर गर्मी, कमजोरी या किसी बीमारी की स्थिति में सावधानी बरतना जरूरी है। व्रत के दौरान केवल तली-भुनी चीजों और मिठाइयों पर निर्भर रहने के बजाय फल, दही और मखाने जैसे विकल्प भी शामिल करें।

डायबिटीज और दूसरी बीमारियों में बरतें सावधानी

यदि आपको डायबिटीज, किडनी से जुड़ी बीमारी है या आप गर्भवती हैं, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। लंबे समय तक भूखे रहने या खानपान में अचानक बदलाव करने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। जरूरत के अनुसार भोजन और दवाओं का समय तय करना भी जरूरी है।नवरात्रि में व्रत का पालन करते समय धार्मिक परंपराओं के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। संतुलित खानपान, पर्याप्त तरल पदार्थ और शरीर की जरूरतों के अनुसार भोजन करने से उपवास के दौरान बेहतर महसूस किया जा सकता है।

ट्रक से 735 किलो से ज्यादा गांजा बरामद, 1.13 करोड़ की संपत्ति जब्त, यूपी और झारखंड के दो आरोपी गिरफ्तार

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 मध्य प्रदेश :  शहडोल जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक ट्रक की तलाशी के दौरान 735 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब्त गांजे, ट्रक और मोबाइल फोन समेत कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे किन जगहों पर पहुंचाया जाना था।

ट्रक की तलाशी में 18 बोरियां और 81 पैकेट मिले

पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर 13 अक्टूबर को जयसिंहनगर थाना पुलिस ने संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली। इस दौरान ट्रक से 18 बोरियों और 81 पैकेटों में रखा 735 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद हुआ।पुलिस ने ट्रक चालक राहुल विश्वकर्मा, निवासी आजमगढ़, उत्तर प्रदेश और खलासी नारायण मंडल, निवासी गिरिडीह, झारखंड को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बरामद गांजे की कीमत 73.50 लाख रुपये

पुलिस के मुताबिक, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 73 लाख 50 हजार रुपये है। गांजे के अलावा ट्रक और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इन सभी की कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई है।इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने इसके स्रोत और तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की चुनौती है।

ओडिशा से गांजा लाए जाने की आशंका, सप्लाई नेटवर्क की जांच

पुलिस की कार्रवाई के बाद गांजे की खेप के संभावित स्रोत और उसकी सप्लाई के रास्ते की जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि गांजा ओडिशा से मध्य प्रदेश के रास्ते उत्तर प्रदेश या बिहार की ओर ले जाया जा रहा हो सकता है। हालांकि, इस रूट और अंतिम गंतव्य की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस तस्करी में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा और कौन लोग शामिल हैं तथा गांजे की खेप किसके निर्देश पर ले जाई जा रही थी।

एनडीपीएस एक्ट के तहत जांच जारी

जयसिंहनगर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच में गांजे की सप्लाई चेन, तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों और खेप के गंतव्य के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

कारोबारी शिवा शर्मा की मौत पर गहराया रहस्य, पोस्टमार्टम में मिलीं 10 गंभीर चोटें; प्रेमिका समेत 5 लोगों पर हत्या का आरोप

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 उत्तर प्रदेश:  राजधानी लखनऊ में करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अभी तक सुलझ नहीं पाया है। परिजनों ने शिवा की लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। इसी बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई जानकारी ने मामले को और उलझा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, शिवा के शरीर पर 10 गंभीर आंतरिक चोटें मिली हैं। ऐसे में पुलिस के सामने यह पता लगाना चुनौती बन गया है कि उनकी मौत केवल ऊंचाई से गिरने के कारण हुई या घटना से पहले उनके साथ मारपीट भी की गई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह शॉक और हेमरेज

जानकारी के मुताबिक, शिवा शर्मा की मौत चार मंजिला इमारत से नीचे गिरने के बाद हुई थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण शॉक और हेमरेज बताया गया है। हालांकि, शरीर पर मिली 10 गंभीर चोटों के बाद घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।यह आशंका भी जताई जा रही है कि शिवा को पहले चोट पहुंचाई गई और फिर वह इमारत से नीचे गिरे या उन्हें फेंका गया। हालांकि, इस आशंका की अब तक किसी आधिकारिक बयान में पुष्टि नहीं हुई है। घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मौत से पहले शरीर पर मिलीं 10 चोटें

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, शिवा के शरीर पर मिली सभी 10 चोटें उनकी मौत से पहले की बताई गई हैं। इन चोटों और मौत के कारण के बीच क्या संबंध है, इसकी पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी। फिलहाल, रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने पुलिस की जांच को अहम बना दिया है।पुलिस इस मामले में अलग-अलग पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही है। जांच का मुख्य सवाल यही है कि शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शरीर पर मिली चोटें किस तरह लगीं।

शिवा शर्मा के साथ लिव-इन में रहती थी श्रद्धा दुबे

मामले में शिवा की मां ने श्रद्धा दुबे पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। बताया जाता है कि श्रद्धा अपने पति से तलाक के बाद शिवा के साथ संबंध में रहने लगी थी। घटना वाले दिन पुलिस को सूचना मिली कि शिवा चार मंजिला इमारत से नीचे गिर गए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।शिवा की मौत के बाद से श्रद्धा दुबे के फरार होने की बात सामने आई है। परिजनों की शिकायत पर श्रद्धा समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।

श्रद्धा की गिरफ्तारी और जांच से खुल सकते हैं राज

शिवा शर्मा की मौत के मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। शरीर पर मिली चोटें, पोस्टमार्टम में दर्ज मौत का कारण और चार मंजिला इमारत से गिरने की परिस्थितियां जांच के अहम बिंदु हैं। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों की भूमिका और घटना की असल वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।

दुर्ग में 11 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर CAF आरक्षक के अपहरण और मारपीट का आरोप, महिला समेत दो गिरफ्तार

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 11 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के एक आरक्षक के अपहरण और मारपीट का मामला सामने आया है। मामले में पुलगांव पुलिस ने कोहका निवासी हरजीत कौर और कार चालक कृष्णा सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

आरक्षक ने कंट्रोल रूम में दी अपहरण की सूचना

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोजराज अग्रवाल के अनुसार, रायगढ़ की छठवीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक विजय सील ने रविवार शाम पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर अपने अपहरण की सूचना दी थी। जानकारी मिलते ही पुलगांव पुलिस की टीम गोकुल नगर पहुंची।पुलिस को मौके पर एक कार में एक महिला, चालक और दो अन्य लोग मिले। पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ खेत देखने आई थी। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों के मोबाइल नंबर और तस्वीरें दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।

11 लाख रुपये के लेन-देन से जुड़ा विवाद

आरक्षक विजय सील ने पुलिस को बताया कि उसने हरजीत कौर से ब्याज पर 11 लाख रुपये लिए थे। आरोप है कि वह पिछले करीब सात महीने से रकम लौटाने में टालमटोल कर रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।आरक्षक के अनुसार, रकम वापस लेने के लिए हरजीत कौर ने उसे दुर्ग बस स्टैंड बुलाया। वहां नाश्ता कराने के बहाने उसे कार में बैठाया गया और फिर गोकुल नगर ले जाया गया।

बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, गोकुल नगर पहुंचने के बाद आरक्षक के साथ मारपीट की गई और उसे बंधक बनाकर रखा गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए हरजीत कौर और कार चालक कृष्णा सिंह को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में कार्रवाई की जा रही है।

लेन-देन और अपहरण के सभी पहलुओं की जांच

पुलगांव पुलिस मामले में रकम के लेन-देन, कथित अपहरण और मारपीट से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना में अन्य आरोपियों की क्या भूमिका थी और वारदात किस परिस्थिति में हुई। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।