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Sunday, October 25, 2026
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सलाखों के पीछे मां की आराधना, 52 महिलाओं समेत 760 बंदी रख रहे नौ दिन का व्रत

 रायपुर। ढोलक की थाप और मंजीरों की ताल पर जसगीत गाते बंदी, साथ में गूंजते मां दुर्गा के जयकारे। नवरात्र के दौरान रायपुर सेंट्रल जेल में ऐसा ही दृश्य देखने को मिल रहा है। जेल की चारदीवारी के भीतर बंदी पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में शामिल होकर अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं।

इस बार जेल में 760 बंदियों ने पूरे नौ दिनों का उपवास रखा है। इनमें 52 महिला बंदी भी शामिल हैं। व्रत रखने के साथ बंदी माता की आराधना में समय बिता रहे हैं।

पूजा के साथ जसगीतों की गूंज

सेंट्रल जेल में नवरात्र के अवसर पर प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा हो रही है। इस दौरान बंदी ढोलक और मंजीरे बजाकर जसगीत गाते हैं। सामूहिक भजन-कीर्तन और जयकारों से परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

पूजा में शामिल बंदी अपनी श्रद्धा के अनुसार आराधना कर रहे हैं। नौ दिनों के उपवास का संकल्प लेने वाले बंदियों के लिए यह पर्व जेल के भीतर भी धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहने का अवसर बना है।

चारदीवारी के भीतर भी पर्व की झलक

बाहर घरों और पंडालों में चल रही देवी आराधना की तरह जेल परिसर में भी नवरात्र की झलक दिखाई दे रही है। यहां पूजा, उपवास और जसगीतों के माध्यम से बंदी इस पर्व में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में पहली बार होगा अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच, मुख्यमंत्री साय ने जताई प्रसन्नता

भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को मिला आमंत्रण

मुख्यमंत्री  साय ने महिला दर्शकों के लिए निःशुल्क प्रवेश का दिया सुझाव, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने जताई सहमति

प्रदेश में महिला क्रिकेट को मिलेगी नई पहचान, बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने की मिलेगी प्रेरणा रू मुख्यमंत्री  साय

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बढ़ रहे आगे: मुख्यमंत्री

रायपुर-छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच का आयोजन होने जा रहा है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच आयोजित होने वाले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को लेकर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज महानदी मंत्रालय भवन में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की और उन्हें भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए प्रदेश में पहली बार आयोजित होने जा रहे इस अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबले के लिए क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों को बधाई दी और सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच का आयोजन होना प्रदेश की खेल यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। देश और दुनिया की श्रेष्ठ महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ की धरती पर खेलते देखना विशेष रूप से हमारी बेटियों और युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी अनुभव होगा। ऐसे आयोजनों से उनमें यह विश्वास और मजबूत होगा कि उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर वे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 मुकाबले को लेकर प्रदेश की महिलाओं, युवाओं और खेलप्रेमियों में विशेष उत्साह रहेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन में महिलाओं की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला दर्शकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के इस सुझाव पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने सहमति व्यक्त की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और हमारी बेटियां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रही हैं। ऐसे में महिला खिलाड़ियों के मुकाबलों को देखने के लिए अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को स्टेडियम तक लाना स्वयं में प्रेरणा का माध्यम बनेगा। जब हमारी बेटियां अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को मैदान पर आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा के साथ खेलते देखेंगी, तो उनमें भी खेलों को अपने भविष्य और करियर के रूप में अपनाने का उत्साह बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा लक्ष्य केवल अच्छे खिलाड़ी तैयार करना ही नहीं, बल्कि प्रदेश में ऐसी मजबूत खेल संस्कृति विकसित करना है, जिसमें बच्चों और युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए परिवार और समाज से भी प्रोत्साहन मिले। बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य के गांवों, कस्बों, आदिवासी एवं दूरस्थ अंचलों से अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि इन प्रतिभाओं को बेहतर खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों और श्रेष्ठ खिलाड़ियों को करीब से देखने तथा उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। इससे प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण और मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबला छत्तीसगढ़ में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को नई ऊंचाई देगा। इससे प्रदेश की उभरती महिला क्रिकेट प्रतिभाओं को नई प्रेरणा मिलेगी और भविष्य में छत्तीसगढ़ से भी अधिक संख्या में खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तेजी से अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। बेहतर खेल अधोसंरचना, खिलाड़ियों के लिए बढ़ती सुविधाएं और खेलों के प्रति युवाओं का उत्साह प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का आधार बन रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में विभिन्न खेलों की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन छत्तीसगढ़ में हो और प्रदेश देश के प्रमुख खेल केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए।

मुख्यमंत्री  साय ने भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों को आगामी मुकाबले के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और आपसी सद्भाव का भी माध्यम हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों और खेलप्रेमियों से इस ऐतिहासिक मुकाबले को उत्सव की तरह मनाने और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अध्यक्ष  मोहन दास, डायरेक्टरविजय शाह, पूर्व अध्यक्ष मुकुल तिवारी, सचिव  विंटेश अग्रवाल,  जी. एस. मूर्ति,  विनय बजाज सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

बलौदाबाजार में दर्दनाक हादसा, सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई बाइक, तीन सगे भाइयों की मौत

 बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। रायपुर-पलारी मार्ग पर घोटिया मोड़ के पास सोमवार देर रात तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई।

हादसा इतना गंभीर था कि बाइक सवार तीनों सगे भाई प्रेम धीवर, राज धीवर और खिलेश्वर धीवर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, हादसे में घायल प्रेम धीवर ने बलौदाबाजार अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर हालत में राज धीवर और खिलेश्वर धीवर को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया था। हालांकि, डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद दोनों भाइयों को भी बचाया नहीं जा सका।

एक ही परिवार के तीन भाइयों की मौत से परिजनों में मातम पसरा है। पलारी थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के खतरों को लेकर चिंता बढ़ा दी

कल रायपुर में क्रिकेट का रोमांच, स्मृति मंधाना की कप्तानी में जिम्बाब्वे से भिड़ेगी टीम इंडिया, बल्लेबाजी के अंदाज पर दिया बड़ा बयान

कल रायपुर में क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर होगा, जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 मुकाबले में मैदान पर उतरेगी। इस मैच से पहले टीम की कप्तान स्मृति मंधाना ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि कप्तानी की जिम्मेदारी उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज पर कोई असर नहीं डालेगी। मंधाना के मुताबिक, फील्डिंग के दौरान उनका ध्यान टीम की कप्तानी पर रहेगा, लेकिन बल्लेबाजी के लिए उतरते ही उनका पूरा फोकस रन बनाने पर होगा। उन्होंने यह भी बताया कि 15 साल की उम्र में उनके कोच ने उन्हें खुद को कप्तान समझकर बल्लेबाजी करने की सलाह दी थी।

भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहला टी-20 मुकाबला 16 अक्टूबर को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। भारतीय टीम के लिए यह सीरीज आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले अपनी तैयारियों को परखने और टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने का मौका है। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि कप्तान स्मृति मंधाना के नेतृत्व में भारतीय टीम रायपुर में कैसा प्रदर्शन करती है और क्या टीम जीत के साथ सीरीज का आगाज कर पाती है।

शिवरीनारायण को 63 करोड़ रुपये से अधिक के नए पुल की सौगात, STP और नगरपालिका बनाने की दिशा में भी पहल

 छत्तीसगढ़ :  धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले नगर शिवरीनारायण के विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। बुधवार, 14 अक्टूबर को तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का शुभारंभ करते हुए उन्होंने महानदी पर 63 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नया पुल बनाने का ऐलान किया। इसके अलावा नगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने, राम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की संभावनाओं के अध्ययन के लिए सर्वे कराने की घोषणा भी की।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दे रही है। इन पहलों का उद्देश्य शिवरीनारायण को बेहतर संपर्क व्यवस्था, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना है।

महानदी पर नए पुल से बेहतर होगी कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण की धार्मिक महत्ता और आसपास के क्षेत्रों की आवश्यकताओं को देखते हुए आवागमन की सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है। महानदी पर प्रस्तावित पुल के निर्माण से स्थानीय निवासियों के साथ आसपास के गांवों के लोगों को भी आने-जाने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

पुल बनने से क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से इसे बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से स्वच्छता और नदी संरक्षण पर जोर

शिवरीनारायण में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी स्थापित करने की भी घोषणा की गई है। इस संयंत्र के माध्यम से गंदे पानी का शोधन किया जा सकेगा। इससे नगर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और महानदी में प्रदूषण कम करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

धार्मिक महत्व वाले इस नगर में स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार स्थानीय नागरिकों के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।

शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने के लिए होगा सर्वे

मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण को नगरपालिका का दर्जा देने की संभावनाओं पर भी बात की। इसके लिए आवश्यक सर्वे कराने की घोषणा की गई है। सर्वे के माध्यम से नगर की वर्तमान स्थिति, भविष्य की जरूरतों और विकास की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।

फिलहाल नगरपालिका बनाने की प्रक्रिया में सर्वे की घोषणा हुई है। अंतिम निर्णय संबंधित अध्ययन और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।

राम वनगमन पर्यटन परिपथ से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिवरीनारायण के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत इसके विकास पर जोर दिया। शिवरीनारायण को माता शबरी की भक्ति और भगवान श्रीराम की वनयात्रा से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम को भांजे के रूप में सम्मान देने की विशिष्ट परंपरा रही है। इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय व्यापार, रोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।

उन्होंने श्रीरामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके माध्यम से अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

महोत्सव में गौपूजन और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती

तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने गौमाता की पूजा की और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री ने महोत्सव और शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए माता शबरी की धरती पर पहुंचने को सौभाग्य बताया। उन्होंने शिवरीनारायण में प्रतिदिन होने वाली संध्या आरती की परंपरा की सराहना की और कहा कि धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति तथा विरासत से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार गठन के बाद पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया था। उनके अनुसार, इनमें से लगभग साढ़े 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिदिन करीब 1,600 आवासों का निर्माण पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 6 हजार आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं, पीएम-जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।

किसानों के लिए धान खरीदी और तेंदूपत्ता संग्रहण का जिक्र

किसानों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को सुविधा देने के लिए प्रदेश में 250 से अधिक नए धान खरीदी केंद्र शुरू किए गए हैं।

उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किए जाने की जानकारी भी दी। सरकार के अनुसार, इन कदमों का उद्देश्य किसानों और वन उपज संग्राहकों को आर्थिक सहायता देना है।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रही आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उनके मुताबिक, इस योजना से महिलाओं को घरेलू जरूरतों को पूरा करने और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल रही है।

बस्तर में 421 बंद स्कूल फिर शुरू होने का दावा

बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने नियद नेल्लानार योजना और अग्रणी बस्तर अभियान के माध्यम से दूरस्थ इलाकों तक सुविधाएं पहुंचाने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में पहले बंद हो चुके 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं और विकास योजनाओं के विस्तार के माध्यम से बस्तर में स्थायी शांति और विकास का आधार मजबूत करना है।

शिवरीनारायण के विकास को नई दिशा देने की तैयारी

महानदी पर प्रस्तावित पुल, एसटीपी की स्थापना, धार्मिक पर्यटन के विस्तार और नगरपालिका बनाने के लिए सर्वे जैसी घोषणाओं से शिवरीनारायण के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन पहलों का वास्तविक असर इनके क्रियान्वयन, परियोजनाओं की समयसीमा और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगा।

सारंगढ़ में भाजपा ने बदला मंडल अध्यक्ष, निखिल बानी को मिली नई जिम्मेदारी

 सारंगढ़ : छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ में आगामी नगरपालिका चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक फेरबदल किया है। पार्टी ने निखिल बानी को सारंगढ़ मंडल का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रदेश भाजपा कार्यालय की ओर से 14 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जारी हुआ नियुक्ति आदेश

भाजपा की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है। आदेश पर प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन मार्कण्डेय के हस्ताक्षर हैं। निखिल बानी को मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद स्थानीय संगठन में बदलाव देखने को मिला है।

जय कुमार बानी की जगह निखिल बानी को मिली कमान

इससे पहले जय कुमार बानी सारंगढ़ मंडल अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे। अब पार्टी ने उनकी जगह निखिल बानी को यह दायित्व सौंपा है। इस बदलाव को दिसंबर में प्रस्तावित नगरपालिका चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

नगरपालिका चुनाव से पहले संगठन में फेरबदल

सारंगढ़ में दिसंबर में नगरपालिका चुनाव होने हैं। ऐसे में मंडल अध्यक्ष का बदला जाना स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नए अध्यक्ष के सामने संगठन को सक्रिय रखने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और चुनावी तैयारियों को गति देने जैसी चुनौतियां रहेंगी।

नए नेतृत्व के सामने संगठन को मजबूत करने की चुनौती

निखिल बानी की नियुक्ति के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया और संगठन की आगामी रणनीति पर नजर रहेगी। हालांकि, इस बदलाव के पीछे पार्टी की ओर से कोई विस्तृत वजह सामने नहीं आई है। ऐसे में इसे किसी विशेष कारण से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि नए नेतृत्व के तहत मंडल स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है।

Railway Bonus 2026: रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस, 11.40 लाख कर्मियों को मिलेगा लाभ

 Railways Diwali Bonus 2026: केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार, पात्र रेलकर्मियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) दिया जाएगा। इस पर सरकार करीब 2,009 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बोनस का लाभ रेलवे के 11,40,770 कर्मचारियों को मिलने की बात कही गई है।

11.40 लाख से अधिक रेलकर्मियों को मिलेगा फायदा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 14 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी दी। इस निर्णय के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 78 दिनों के बोनस का भुगतान किया जाएगा। रेलवे में कर्मचारियों के योगदान और कार्य प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर साल यह बोनस दिया जाता है। आम तौर पर इसका भुगतान दुर्गा पूजा और दशहरे के आसपास किया जाता है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?

इस योजना के दायरे में रेलवे के कई विभागों और श्रेणियों के कर्मचारी शामिल हैं। इनमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर यानी गार्ड, स्टेशन मास्टर, पर्यवेक्षक, टेक्नीशियन, हेल्पर, प्वॉइंट्समैन और मंत्रालयी कर्मचारी शामिल हैं। पात्रता की शर्तों के अनुसार इन कर्मचारियों को निर्धारित बोनस राशि का भुगतान किया जाएगा।

कितनी मिलेगी बोनस की रकम?

बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है। इसी आधार पर 78 दिनों के बोनस की गणना की जाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 17,951 रुपये मिलेंगे।

कैसे की जाती है बोनस की गणना?

प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस की राशि निकालने के लिए निर्धारित अधिकतम मासिक वेतन को 12 महीने और बोनस के दिनों से गुणा करके 365 से भाग दिया जाता है।

गणना इस प्रकार है:

7,000 × 12 × 78 ÷ 365 = लगभग 17,951 रुपये

बोनस देने का क्या है उद्देश्य?

रेलवे कर्मचारियों को यह राशि उनके योगदान को प्रोत्साहित करने और परिचालन दक्षता में सुधार के उद्देश्य से दी जाती है। सरकार के इस फैसले से लाखों पात्र कर्मचारियों को त्योहारों के दौरान अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।

सुकमा के कॉन्वेंट स्कूल में धार्मिक प्रतीक पहनने पर विवाद, 15 साल से पढ़ा रही शिक्षिका ने दिया इस्तीफा

 छत्तीसगढ़ :  सुकमा जिले के कोंटा स्थित मदर टेरेसा ज्योति कॉन्वेंट स्कूल में एक शिक्षिका को धार्मिक प्रतीक पहनकर आने के कारण स्कूल में प्रवेश नहीं दिए जाने का मामला सामने आया है। नवरात्र के दौरान लाल कपड़े और दीक्षा माला पहनकर पहुंची शिक्षिका लक्ष्मी प्रसना को कथित तौर पर विद्यालय में आने से रोक दिया गया। इस घटना से आहत होकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया। मामले की जानकारी मिलने पर हिंदू संगठनों ने स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।

15 साल से विद्यालय में पढ़ा रही थीं शिक्षिका

मिली जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी प्रसना पिछले 15 वर्षों से कोंटा के मदर टेरेसा ज्योति कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षण कार्य कर रही थीं। नवरात्र के दौरान वह लाल कपड़े और दीक्षा माला पहनकर स्कूल पहुंचीं। आरोप है कि धार्मिक प्रतीक धारण करने के कारण उन्हें विद्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस घटना से नाराज शिक्षिका ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

हिंदू संगठनों ने स्कूल के सामने किया प्रदर्शन

शिक्षिका के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने मामले पर नाराजगी जताई। बड़ी संख्या में लोग विद्यालय के बाहर एकत्र हुए और नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्कूल में बड़ी संख्या में हिंदू विद्यार्थी पढ़ते हैं। ऐसे में धार्मिक परंपराओं और आस्था से जुड़े प्रतीकों को पहनने पर रोक लगाना उचित नहीं है।

अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, प्राचार्य ने जताई गलती

विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी एस. के. दीप और स्थानीय थाना प्रभारी शिवानंद तिवारी विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। इस बीच विद्यालय के प्राचार्य ने भी हुई गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होने देने की बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिवरीनारायण धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

शिवरीनारायण / रायपुर शारदीय नवरात्रि की पंचमी तिथि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिवरीनारायण पहुंचकर भगवान श्री शिवरीनारायण जी के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की।शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान शिवरीनारायण धाम में दर्शन और अनुष्ठान का विशेष महत्व है।यात्रा के दौरान महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने मुख्यमंत्री को इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल के महत्व से अवगत कराया। मंदिर ट्रस्ट कमेटी के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री का शाल और श्रीफल भेंटकर स्वागत किया गया। 

इसके उपरांत उन्होंने गोमाता की भी पूजा-अर्चना की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ श्रीमती साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व सांसद कमलादेवी पाटले, विधायक अम्बेश जांगड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।मुख्य बिंदु:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शारदीय नवरात्रि की पंचमी पर शिवरीनारायण धाम में टेका माथा।प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए की प्रार्थना।केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और वित्त मंत्री ओपी चौधरी सहित कई गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सहसपुर लोहारा कॉलेज को दी 50 लाख के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उच्च शिक्षा के लिए अधोसंरचना मजबूत करने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के शासकीय गजानंद माधव मुक्तिबोध महाविद्यालय, सहसपुर लोहारा में 30 लाख रुपए की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन किया।

इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय में 15 लाख रुपए की लागत से बाउंड्रीवॉल तथा 5 लाख रुपए की लागत से बालिका शौचालय निर्माण कराने की घोषणा की। महाविद्यालय में आयोजित युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उन्हें अनुशासन, मेहनत और आधुनिक तकनीक के उपयोग से भविष्य संवारने के लिए प्रेरित किया।

अनुशासन और मेहनत से बनाएं भविष्य – उप मुख्यमंत्री शर्मा

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने युवा शक्ति संवाद में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि युवा अपने लक्ष्य तय करें, अनुशासन में रहें और परिणाम की चिंता छोड़ मेहनत पर ध्यान दें। आधुनिक तकनीक सीखें, लेकिन उसके अधीन न हों। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज करियर बनाने का महत्वपूर्ण केंद्र है। विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

शर्मा ने बताया कि कवर्धा क्षेत्र के स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जा रहे हैं। अब महाविद्यालयों में भी डिजिटल बोर्ड के माध्यम से पीएससी, एसएससी और यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

आधुनिक शिक्षा के साथ अपना ज्ञान और कौशल बढ़ाना जरूरी

तकनीक और नवाचार पर बात करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युवाओं को आधुनिक एआई टूल्स जैसे चौटजीपीटी, क्लॉड, परप्लेक्सिटी और सोशल मीडिया की तकनीकी समझ होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इन तकनीकों का सही उपयोग कर इनका मास्टर बनें, न कि तकनीक को खुद का मास्टर बनने दें। आधुनिक तकनीक की समझ के साथ अपना ज्ञान और कौशल बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मेहनत और तैयारी हमारे हाथ में हैं, इसलिए परिणाम की चिंता करने के बजाय प्रयासों पर ध्यान देना चाहिए।

निरंतर अभ्यास, अनुशासन और धैर्य से ही सफलता का रास्ता बनता है। उन्होंने महाविद्यालय को विद्यार्थियों का अपना संस्थान बताते हुए कहा कि जिस तरह दीपावली पर हम अपने घर को संवारते हैं, उसी तरह विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिलकर कॉलेज को बेहतर बनाने में योगदान देना चाहिए।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म में आने और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि अनुशासन जीवन में आगे बढ़ने की मजबूत नींव है। उन्होंने प्राचार्य और प्राध्यापकों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से नियमित पढ़ाई करने, अपनी रूचि पहचानने और लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगरपालिका कवर्धा के अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, साकम्बरी बोर्ड के सदस्य  संतोष पटेल जी,  लाला राम साहू, जनपद पंचायत लोहारा की अध्यक्ष दुर्गा ठाकुर, नगरपालिका लोहारा की अध्यक्ष  सरिता मिश्रा, जिला पंचायत सभापति  मनीराम साहू, नगरपालिका लोहारा के उपाध्यक्ष हेमंत साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे।