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Sunday, October 25, 2026
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Advantage Assam 2.0: असम सीएम हिमंत ने सियोल में दक्षिण कोरियाई सीईओ को किया निवेश के लिए आमंत्रित

असम के सीएम ने व्यापार जगत के नेताओं को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि जब भी हम असम में कुछ लगाने का फैसला करते हैं तो हमें भारत सरकार भी पूरा सपोर्ट करती है क्योंकि सरकार की एक्ट ईस्ट नीति है। इस नीति को पीएम मोदी ने शुरू किया है। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास करना है।

एएनआई, सियोल। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को सियोल में एडवांटेज असम रोड शो में दक्षिण कोरियाई मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित किया।

अपने संबोधन में असम के सीएम ने व्यापार जगत के नेताओं को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि जब भी हम असम में कुछ लगाने का फैसला करते हैं तो हम पूरी सुविधा देते हैं। इसके अलावा भारत सरकार भी हमें पूरा सपोर्ट करती है क्योंकि सरकार की एक्ट ईस्ट नीति है। इस नीति को पीएम मोदी ने शुरू किया है। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की कई नीतियां हैं जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में औद्योगीकरण को केंद्रित और बढ़ावा दे रही हैं।

सीएम ने कहा कि असम के पास लोकेशन का फायदा है। मैं आप सभी को आमंत्रित करना चाहूंगा कि कृपया 25 और 26 फरवरी को असम आएं। दो दिनों में एडवांटेज असम शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। असम सरकार ने भारतीय उच्चायोग के साथ साझेदारी में लंदन में असम निवेश रोड शो की मेजबानी की। इससे पहले, राज्य ने दुबई में इसी तरह का निवेश रोड शो आयोजित किया था। वित्त वर्ष 2023 में, असम ने अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में साल दर साल 19.5 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की।

डिजिटल होगी छत्तीसगढ़ विधानसभा, लंदन-सिंगापुर में मैनेजमेंट सीखेंगे मंत्री-विधायक

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधानसभा का एक-एक सेकेंड विपक्ष के लिए होता है। जितने प्रश्न, ध्यानाकर्षण, शून्य काल या अन्य की सूचनाएं हैं, ये विधानसभा में प्रशासन की जवाबदेही तय करने का माध्यम हैं। इसका इस्तेमाल कर विपक्षी दल अपनी धार तेज करें।

राज्य ब्यूरो, रायपुर। छत्तीसगढ़ की विधानसभा पूरी तरह से डिजिटल होगी। विधानसभा के सदस्य यानी मंत्री-विधायकों को प्रशिक्षण के लिए लंदन-सिंगापुर ले जाने की तैयारी है। विधानसभा परिसर में पत्रकार वार्ता के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने यह जानकारी दी।

 उन्होंने बताया कि सभी विधानसभा सदस्यों का इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेंजमेंट, रायपुर (आईआईएम) में दो दिवसीय प्रशिक्षण कराया जाएगा। आईआईएम के प्रशिक्षण के बाद जरूरत के मुताबिक विधायकों की टीम बनाकर प्रशिक्षण के लिए लंदन और सिंगापुर ले जाने पर भी विचार चल रहा है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रबंधन संस्थानों में सरकार के मंत्री और विधायक सरकार चलाने के लिए मैनेजमेंट स्किल, बजट का सही इस्तेमाल, कम्युनिकेशन स्किल और पालिसी मेकिंग के तौर तरीकों को मैनेजमेंट गुरुओं से सीखेंगे।

बजट सत्र के दौरान सोमवार को ही सभी विधायक और मंत्री नया रायपुर में बन रहे विधानसभा की नई बिल्डिंग का दौरा करने भी जाएंगे। इस मौके पर विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा भी मौजूद रहे।

विपक्ष से आग्रह, सदन का करें भरपूर उपयोग

सदन में विपक्षी दलों के हंगामा होने से कार्यवाही बाधित होने के प्रश्न पर अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि विधानसभा का एक-एक सेकेंड विपक्ष के लिए होता है। जितने प्रश्न, ध्यानाकर्षण, शून्य काल या अन्य की सूचनाएं हैं, ये विधानसभा में प्रशासन की जवाबदेही तय करने का माध्यम हैं।

इसका जितना उपयोग करेंगे, उतनी ही विपक्षी दलों की धार तेज होगी। विपक्ष की अच्छाई के लिए उनसे आग्रह है कि सदन की कार्यवाही का अधिक से अधिक उपयोग करें। विधानसभा के बाहर जितना सक्रिय रहें, उससे ज्यादा भीतर सक्रिय रहें तो बेहतर होगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने की विष्णु देव साय सरकार की प्रशंसा

विष्णु देव साय सरकार और डॉ. रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में कितना अंतर पाते हैं। इस सवाल पर डॉ. सिंह ने कहा कि उनके कार्यकाल में परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं। उस समय लोगों को एक रुपये किलो चावल देने की बात हो, स्किल या इंफ्रास्ट्रक्चर की बात हो, इनमें 15 वर्षों तक काम किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 13 महीने की सरकार में रिकॉर्ड बनाया है। विष्णु देव साय सरकार ने मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में काम किया। 3,100 रुपये में धान खरीदी का विषय हो, दो साल का किसानों का बकाया बोनस, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी का मामला हो या फिर 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रुपये हर महीने देने की बात हो।

हर मामले में इस सरकार ने बेहतर काम किया। भूमिहीन मजदूरों को भी राशि मिल रही है। नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की जीत के प्रश्न पर डॉ. सिंह ने कहा कि रविवार को भारत पाकिस्तान का मैच था। उसी अंदर में जवाब दूं, तो भाजपा ने हैट्रिक लगाई है। ऐतिहासिक परिणाम रहा है।

ई-विधान पोर्टल पर मिलेगी सारी जानकारी

विधानसभा की वेबसाइट पर ई-विधान पोर्टल में बजट प्रस्तुत होने के बाद विभागवार बजट की संपूर्ण जानकारी तथा अन्य संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों को उपलब्ध कराया जाएगा। ई-विधान पोर्टल पर सभा से संबंधित पटल पर रखे जाने वाले समस्त साहित्य को उपलब्ध कराया जाएगा।

नगालैंड से रायपुर के लिए लेकर निकले दो हिमालयन भालू, एक ही पहुंचा जंगल सफारी

नंदनवन जंगल सफारी की टीम दो भालू को लेकर 18 फरवरी को नगालैंड से निकली थी। भालू की मौत हजारीबाग (झारखंड) के पास हुई है। बताया जाता है कि जिस गाड़ी में भालू को लाया जा रहा था, उसे पांच से छह जगहों पर रोका गया।

नगालैंड के दीमापुर जू और नंदनवन जंगल सफारी के बीच वन्यजीवों की अदला-बदली हुई। एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत यहां से पांच चीतल और दो ब्लैक बैग लेकर दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गई और वापसी में वहां से दो हिमालयन भालू लेकर निकली।

 मगर, टीम सिर्फ एक मादा हिमालयन भालू जंगल सफारी में तीन दिन पहले पहुंची है, जिसे क्वारेंटाइन में रखा गया है। दरअसल, नर हिमालयन भालू की रास्ते में 19 फरवरी को मौत हो गई। इस मौत को लेकर वन विभाग छुपाता रहा है। भालू की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है।

बताते चलें कि टीम दो भालू को लेकर 18 फरवरी को नगालैंड से निकली थी। भालू की मौत हजारीबाग (झारखंड) के पास हुई है। बताया जाता है कि जिस गाड़ी में भालू को लाया जा रहा था, उसे पांच से छह जगहों पर रोका गया।इस दौरान वेटनरी डॉक्टर भी मौजूद थे, फिर भी भालू की मौत हो गई।

वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि मौत डाक्टरों की लापरवाही के चलते हुई होगी। उन्होंने मांग की है कि इस संबंध में जांच-पड़ताल की जानी चाहिए। आखिर रास्ते में भालू की मौत कैसे हुई? यह वन विभाग की लापरवाही भी सामने आ सकती है।

वन्यजीव प्रेमियों में रोष

रायपुर के वन्यजीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने भालू की मौत को लेकर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि वे कौन डॉक्टर थे, जो भालू लेकर आए थे? भालू कैसे मरा, कहां मरा, कब मरा? अगर मरा तो पोस्टमार्टम कहां किया गया? पोस्टमार्टम गोपनीय तरीके से क्यों किया गया? पोस्टमार्टम में सिविल सोसायटी का प्रतिनिधि कौन था?

दोनों डॉक्टरों में से एक डॉक्टर को किसका संरक्षण मिला है कि जिसे सदन में हटाने का आदेश होने के बावजूद भी हटाया नहीं गया है। सिंघवी ने आरोप लगाया कि लापरवाही से वन्य जीवों की हो रही मौतों से वन विभाग कभी सबक नहीं लेगा।

अभी हाल ही में बारनवापारा अभयारण्य से डाक्टर की अदूरदर्शिता और नादानी के चलते एक सब-एडल्ट मादा बाइसन को पड़कर अकेले गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व भेजा गया। वहां पहुंचने पर उसकी मौत हो गई, उससे भी कोई सबक नहीं लिया। सिंघवी ने मांग की है कि जंगल सफारी और कानन पेंडारी से सफेद भालू सहित सभी वन्य प्राणियों के एक्सचेंज प्रोग्राम पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

दिल्ली के नरेला में सीवर सफाई के दौरान दर्दनाक हादसा, 2 मजदूरों की मौत, एक गंभीर

दिल्ली के नरेला में सीवर सफाई के दौरान दम घुटने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है.
विजय मोची और नंदू जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गए, बचाने गए अनिल कुमार भी चपेट में आ गए. अनिल कुमार गंभीर हालत में
अस्पताल में भर्ती हैं और अभी बयान देने की स्थिति में नहीं हैं. पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

राजधानी दिल्ली के नरेला इलाके में शुक्रवार दोपहर सीवर की सफाई के दौरान दम घुटने से दो मजदूरों की मौत हो गई. वहीं, तीसरा व्यक्ति बेहोश हो गया. यह हादसा नरेला के पॉकेट-6 स्थित मानसा देवी अपार्टमेंट के पास हुआ. जहां सफाई कार्य के दौरान तीनों मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए. फिलहाल, तीसरा व्यक्ति बयान देने में असमर्थ है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

दिनभर आराम, फिर भी खूब हो रही थकान? हो जाएं सावधान, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां

बिना काम किए भी अगर थकान और कमजोरी महसूस हो रही है तो सावधान हो जाएं. इसके लिए कई तरह की बीमारियां जिम्मेदार हो सकती हैं. ये समस्या ज्यादा दिनों रहने पर डॉक्टर से जाकर सलाह लेनी चाहिए.

Fatigue- Weakness Causes : ज्यादा काम और भागदौड़ से थकान होना काफी आम है. यह शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की हो सकती है. लेकिन अगर अच्छा-खासा आराम करने के बावजूद भी थकान और कमजोरी हो रही है तो स्थिति गंभीर है. ये किसी गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, थकान और कमजोरी के एक नहीं कई कारण हो सकते हैं. खानपान में पोषण की कमी, मानसिक तनाव, खराब लाइफस्टाइल, पर्याप्त नींद न लेना या फिर बीमारियों की वजह से ऐसा हो सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं बिना काम थकान-कमजोरी महसूस होना कितनी खतरनाक, क्या करना चाहिए..

बहुत ज्यादा थकान होने का कारण

1. पोषक तत्वों की कमी

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे लोग जिन्हें पोषक तत्व सही तरह नहीं मिल पाते हैं, उन्हें ज्यादा थकान महसूस हो सकती है. खासतौर पर शरीर में आयरन की कमी होने से हीमोग्लोबिन का लेवल घट जाता है और ऑक्सीजन की सही तरह सप्लाई नहीं हो पाती है. जिससे ज्यादा थकान महसूस होती है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में करीब 30% लोगों में आयरन की कमी है. इसके अलावा विटामिन-D और B12 की कमी से भी थकान हो सकती है.

2. डिप्रेशन (Depression)

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार, लंबे समय तक तनाव बने रहने से शरीर की एनर्जी खत्म होने लगती है. क्रॉनिक स्ट्रेस और डिप्रेशन से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है, जिससे थकान महसूस होने लगती है. इसका एक कारण यह भी है कि ज्यादा चिंता नींद को प्रभावित करने लगती है, जिससे थकान ज्यादा होने लगती है.

3. एनीमिया या थायरॉइड 

एनीमिया (Anemia) की वजह से भी ज्यादा थकान महसूस हो सकती है. दरअसल, इस बीमारी में शरीर पर्याप्त रेड ब्लड सेल्स नहीं बना पाता है और ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होने लगती है,जो थकान और कमजोरी का कारण बन सकती है. इसके अलावा थायरॉइड (Thyroid) में भी शरीर में सुस्ती और थकान हो सकती है.

थकान होने के अन्य कारण

1. स्लीप एपनिया में सोते समय बार-बार सांस रुकने से नींद प्रभावित होती है, जिस कारण थकान हो सकती है.

2. ल्यूपस, मल्टीपल स्क्लेरोसिस और रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी बीमारियों में इम्यून सिस्टम हेल्दी कोशिकाओं पर अटैक कर उनकी एनर्जी को कम कर देता है, जिससे थकान होती है.

3. हाई ब्लड शुगर की वजह से शरीर सही तरह एनर्जी का इस्तेमाल नहीं कर सकता है, जो थकान का कारण बन सकता है.