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एनएमडीसी का ‘समर कैंप’ — बस्तर के बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण

दंतेवाड़ा के 17 गांवों में शुरू हुई अनूठी पहल।

बस्तरन्यूज/छत्तीसगढ़ – 24/05/2026

जनजातीय समुदायों के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एनएमडीसी ने 20 मई से 15 जून 2026 तक दंतेवाड़ा जिले के 17 गांवों में ‘समर कैंप’ ग्रीष्मकालीन शिविर का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत गर्मी की छुट्टियों में लगभग 1700 बच्चों को अनुभवात्मक शिक्षण, रचनात्मकता और खेलकूद से जोड़ा जा रहा है।वर्तमान में, एनएमडीसी समर कैंप में प्रत्येक गांव से प्रतिदिन 30 से 40 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है।

सीखना, खेलना, खिलना — हर दिन तीन से चार घंटे का जादू
शिविर में बच्चे प्रतिदिन पठन-पाठन, क्राफ्टवर्क और संगीत कार्यशालाओं में भाग लेते हैं। इसके बाद फ्रिसबी, कबड्डी और खो-खो जैसे खेलों का आनंद लेते हैं और अंत में स्वास्थ्यवर्धक स्वल्पाहार के साथ दिन का समापन होता है। वर्तमान में प्रत्येक गांव से प्रतिदिन 30 से 40 बच्चे उपस्थित हो रहे हैं।

‘वोस्का’ के साथ मिलकर बन रहा बेहतर कल
शिक्षा और सामुदायिक विकास में कार्यरत संस्था वोस्का (WOSCA) के सहयोग से यह शिविर बस्तर की अगली पीढ़ी के लिए एक सुरक्षित और उत्साहजनक वातावरण तैयार कर रहा है। जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में रचनात्मक शिक्षण के अवसर सीमित हैं, वहाँ एनएमडीसी की यह पहल बच्चों की क्षमता और आकांक्षाओं में जमीनी स्तर पर निवेश कर रही है।

समुदाय का उत्साह — परिवारों की बढ़ती भागीदारी
बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय हितधारकों की ओर से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
जिन गांवों में समर कैंप शुरू किए गए हैं, वहां बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय हितधारकों (stakeholders) की ओर से बेहद उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है और सामुदायिक भागीदारी निरंतर  बढ़ रही है।

एनएमडीसी आने वाले हफ्तों में इस पहल का और विस्तार करते हुए समुदाय के सभी सदस्यों को दंतेवाड़ा के बच्चों की इस गर्मी को यादगार बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

आईना वही रहता है चेहरे बदल जाते हैं : खुद पर नियंत्रण खोने से पहले — ये संकेत पहचान लें

लाइफ स्टाइल 24 मई 2026

जीवन में एक सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि आईना कभी झूठ नहीं बोलता — वह वही दिखाता है जो सामने होता है, बिना किसी लाग-लपेट के, बिना किसी दिखावे के। लेकिन हम इंसान? हम रोज़ बदलते हैं।

क्या आपको कभी ऐसा लगता है कि जीवन आपके हाथ से निकलता जा रहा है? कि जो चाहते हैं वह नहीं हो रहा? कि दूसरों की उम्मीदें पूरी करते-करते आप खुद को ही भूल गए हैं?

यह एहसास अचानक नहीं आता — यह धीरे-धीरे बनता है। और जब तक हमें पता चलता है, तब तक हम काफी गहरे जा चुके होते हैं। इसीलिए जरूरी है कि संकट के शुरुआती संकेतों को पहले ही पहचाना जाए।

पहला संकेत — जब आप हमेशा दूसरों को खुश करने में लगे रहते हैं और खुद की जरूरतें नजरअंदाज होने लगती हैं। दूसरा संकेत — जब आपकी अपनी कोई राय नहीं बचती और आप बस दूसरों के अनुसार चलने लगते हैं। तीसरा संकेत — जब आप यह सोचना बंद कर देते हैं कि “मुझे क्या चाहिए?”

इन संकेतों को नज़रअंदाज़ मत करें। ये कमज़ोरी की निशानी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है जो आपका मन आपको दे रहा है। जिस तरह शरीर में दर्द एक संकेत है कि कुछ ठीक नहीं, उसी तरह मन की बेचैनी भी एक संकेत है कि आप खुद से दूर होते जा रहे हैं। इस बेचैनी को दबाएं नहीं — इसे समझें।

सबसे पहला कदम यह है कि दिन में कुछ पल खुद के साथ बिताएं। न मोबाइल, न शोर, न किसी की राय — बस आप और आपके विचार। यह एकांत कमज़ोरी नहीं है, यह आत्मशक्ति का पहला द्वार है। जब आप खुद से बात करना सीख लेते हैं, तो दुनिया की कोई भी परिस्थिति आपको डिगा नहीं सकती।

याद रखें — आप भी उस बीज की तरह हैं जिसमें पूरा जंगल छुपा है। बस जरूरत है खुद को पहचानने की, खुद को समय देने की और खुद पर भरोसा रखने की। जीवन की हर समस्या का समाधान बाहर नहीं, आपके भीतर ही है — बशर्ते आप उसे ढूंढने की हिम्मत रखें। जीवन को दिशा देने का अधिकार सबसे पहले आपका खुद का है।

इंसान का ठहरा हुआ मन ही होता है, जीवन की सबसे बड़ी समस्याओं का हल

रविवारीय लेख 24 मई 2026

इंसान का दिमाग एक अद्भुत यात्री है — कभी वह आसमान की ऊंचाइयों को छूना चाहता है, सपने बुनता है, कल्पनाओं के पंख फैलाता है; और कभी वही दिमाग जमीन की गहराइयों में उतर जाता है, चिंताओं की खाइयों में डूब जाता है, अनजाने भय से घिर जाता है। लेकिन जो इंसान इन दोनों के बीच संतुलन साध लेता है — न बहुत ऊपर, न बहुत नीचे — वही जीवन की असली शांति को पा लेता है।

ठीक वैसे ही जैसे ध्यान मुद्रा में बैठा इंसान किसी शांत झील के किनारे प्रकृति के बीच खुद को स्थिर कर लेता है, या सुबह की सुनहरी धूप में एकांत में बैठकर मन को ठहरा लेता है। और यह ठहराव कोई कमज़ोरी नहीं — यह उस मिट्टी की मटकी जैसा है जिसमें बिना हलचल के दही जम जाती है। जब दिमाग न आसमान में भटके, न जमीन में धंसे — बल्कि अपने भीतर टिक जाए — तभी असली विवेक जन्म लेता है।

आज की जिंदगी में हम सब किसी न किसी समस्या से घिरे हैं। कोई रिश्तों की उलझन में है, कोई करियर की चिंता में, कोई मन की बेचैनी में। हर कोई चाहता है कि उसकी समस्या जल्द से जल्द हल हो जाए। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जितनी जल्दबाज़ी हम करते हैं, समस्याएं उतनी ही और उलझती जाती हैं? असल में समाधान की चाबी हमारे बाहर नहीं, हमारे मन के ठहराव में छुपी है।

दूध में जामन लगाकर जब बिना हलचल के रख दिया जाए — तो दही जम जाती है। लेकिन अगर उसे बार-बार हिलाते रहें, तो दही कभी नहीं जमती। हमारा मन भी ठीक ऐसा ही है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम हर समस्या को जल्दी सुलझाना चाहते हैं। हम उतावले हो जाते हैं, जल्दबाज़ी करते हैं — और इसीलिए समस्याएं और उलझती जाती हैं। भागता हुआ मन समस्याओं में ले जाता है, और ठहरा हुआ मन समाधान की तरफ।

जीवन की जो सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण समस्याएं हैं — रिश्ते, करियर, स्वास्थ्य, मानसिक शांति — इन सबका हल जल्दबाज़ी से नहीं, बल्कि धीमी और गहरी सोच से निकलता है। “स्लो थिंकिंग” कमज़ोरी नहीं है — यह सबसे बड़ी ताकत है।

इसीलिए सदियों से अध्यात्म में ध्यान, मौन, एकांत और स्वाध्याय पर जोर दिया गया है। इनका एकमात्र उद्देश्य यही है कि मन ठहर जाए। और जब मन ठहरता है, तो विवेक जागता है — और विवेक ही जीवन को सही राह दिखाता है।

अपने लिए तो सभी जीते हैं जो औरों के लिए जिये वही जिन्दगी है।इस रविवार कुछ पल खुद के लिए निकालें। शोर बंद करें। मन को ठहरने दें। आपके भीतर ही वह समाधान है जिसे आप बाहर ढूंढ रहे हैं।

बीज की तरह है इंसान की क्षमता — बस सही मिट्टी और धैर्य चाहिए

रविवारीय 24 मई 2026

आपने कभी गौर किया है कि एक नन्हा सा बीज आगे चलकर विशाल वट वृक्ष का आकार ले लेता है।क्या आपने कभी देखा है कि एक छोटा-सा बीज जमीन के अंदर अंधेरे में दबा रहता है, फिर भी एक दिन विशाल वृक्ष बन जाता है? यह सब अचानक सा नहीं होता।ठीक यही कहानी हर इंसान की भी है। हम सबके भीतर असीमित क्षमता है — बस उसे पहचानने और उसे सही दिशा देने की जरूरत है।

जीवन में कुछ भी एकदम से न अच्छा होता है, न बुरा। जिस तरह बीज को वृक्ष बनने में समय लगता है, उसी तरह जीवन को सही आकार लेने में भी समय लगता है। हम अक्सर रातोंरात बदलाव चाहते हैं — और जब वह नहीं होता, तो निराश हो जाते हैं। लेकिन असल सवाल यह है कि क्या हम उस बीज को सही मिट्टी दे रहे हैं?

अपनी क्षमताओं को पहचानने की शुरुआत तब होती है जब हम दूसरों को खुश करने की दौड़ से बाहर निकलते हैं। जब हम हर बात में दूसरों की राय को ही अपनी राय मान लेते हैं, तो धीरे-धीरे अपनी खुद की आवाज़ खो देते हैं। और जब अपनी आवाज़ खो जाती है, तो क्षमता भी कहीं दब जाती है।
संकट तब अचानक नहीं आता — वह धीरे-धीरे आता है।

जो इंसान शुरुआत में ही उसके संकेत पहचान ले, वह बड़ी मुसीबत से बच सकता है। इसलिए खुद से पूछें — क्या मैं अपने जीवन की दिशा खुद तय कर रहा हूं? या बस बहाव में बह रहा हूं?
याद रखें — संभव और असंभव के बीच की दीवार सिर्फ आपका विश्वास है। जो इंसान अपनी क्षमता पर भरोसा करता है, वही दीवारें तोड़ता है।

51000 युवाओं की नियुक्ति: रोजगार मेले में पीएम मोदी ने सौंपे नियुक्ति पत्र

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विकसित भारत की यात्रा में युवाशक्ति की अहम भूमिका: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली | 24 मई 2026

19 वें रोजगार मेले के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मेले में विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नव नियुक्त 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में नियुक्त इन युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह रोजगार मेला युवाशक्ति को नए अवसर प्रदान करने की सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न पांच देशों की राजनयिक यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, संयुक्त अरब अमीरात और इटली के साथ क्रमशः सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित प्रौद्योगिकी, ऊर्जा साझेदारी और रक्षा-विज्ञान के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते हुए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां विशेष रूप से भारत के युवाओं को रोजगार और वैश्विक अनुभव दिलाने के उद्देश्य से की गई हैं। श्री मोदी ने कहा, “भारत के युवाओं और तकनीकी प्रगति को लेकर पूरी दुनिया उत्साहित है और आज वैश्विक समुदाय भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहता है।”

प्रधानमंत्री ने जहाज निर्माण एवं एमआरओ तंत्र में लगभग 75,000 करोड़ रुपये के निवेश, पीएलआई योजना से रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन तथा क्रिटिकल मिनरल्स जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसरों का विस्तृत उल्लेख किया।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप तंत्र बन चुका है, जिसमें 2.3 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं और यह बदलाव अब महानगरों से निकलकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।

प्रधानमंत्री ने नव नियुक्त कर्मचारियों से व्यापार सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि “विकसित भारत का निर्माण ऐसे युवाओं के प्रयासों से होगा जो अपने काम को देशसेवा का माध्यम मानते हैं।”

उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक विकसित भारत का संकल्प इन्हीं युवाओं के परिश्रम और समर्पण से साकार होगा।स्रोत: न्यूज़ नमो ऐप

भारत-अमेरिका : व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी और द्विपक्षीय सहयोग की दिशा में नई प्रगति

नई दिल्ली | 24 मई 2026

अमेरिकी विदेश मंत्री महामहिम श्री मार्को रुबियो ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस उच्चस्तरीय मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समग्र प्रगति की समीक्षा की।

विदेश मंत्री रुबियो ने प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न आयामों — रक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकियों, व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, शिक्षा तथा जन-जन संबंधों — में हुई निरंतर प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति सहित विभिन्न क्षेत्रीय एवं वैश्विक विषयों पर अमेरिकी दृष्टिकोण भी साझा किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक शांति प्रयासों के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि भारत संवाद और कूटनीति के माध्यम से संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर है। उन्होंने विदेश मंत्री रुबियो से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करने का अनुरोध किया और दोनों देशों के बीच निरंतर उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की आकांक्षा व्यक्त की।

बैठक के पश्चात प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर कहा — “अमेरिकी विदेश मंत्री श्री मार्को रुबियो से मिलकर हमें बेहद खुशी हुई। हमने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति और क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक हित के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।”

यह भेंट दोनों देशों के मध्य गहराते रणनीतिक संबंधों और साझा वैश्विक दायित्वों की पुष्टि करती है।
स्रोत: न्यूज़ नमो ऐप


बेमेतरा पुलिस को मिली हाईटेक फॉरेंसिक मोबाइल वैन, अपराध अनुसंधान होगा और पुख्ता

बेमेतरा /23 मई 2026

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग द्वारा अपराध अनुसंधान को वैज्ञानिक और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में बेमेतरा जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्र एवं राज्य सरकार की आधुनिक पुलिसिंग पहल के तहत करीब 65 लाख रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक हाईटेक फॉरेंसिक मोबाइल वैन को पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू (IPS) ने आज पूजा-अर्चना के पश्चात हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।

डीआईजी श्री साहू ने कहा कि इस वैन की तैनाती से जिले में अपराध विवेचना निश्चित रूप से और मजबूत होगी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत सात वर्ष या अधिक सजा वाले गंभीर अपराधों में घटनास्थल पर फॉरेंसिक विशेषज्ञ की उपस्थिति और वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रहण अनिवार्य किया गया है। अब साक्ष्य संग्रहण की वीडियोग्राफी भी होगी, जिससे जांच की विश्वसनीयता और बढ़ेगी।

अत्याधुनिक तकनीक और उपकरण से सुसज्जित नवीन स्वरूप में हाईटेक फॉरेंसिक मोबाइल वैन जिला में हुआ तैनात

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव ने बताया कि पहले फॉरेंसिक जांच के लिए साक्ष्य अन्य जिलों की प्रयोगशालाओं में भेजने पड़ते थे, जिससे रिपोर्ट आने में देरी होती थी। अब जिले में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से जांच प्रक्रिया त्वरित होगी और दोषसिद्धि दर में भी वृद्धि होगी।

वैज्ञानिक अधिकारी श्रीमती आकांक्षा सिंह ने बताया कि इस वैन में GPS सिस्टम, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन किट, नार्कोटिक्स परीक्षण उपकरण, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, बैलिस्टिक जांच, GSR परीक्षण किट तथा लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिनसे घटनास्थल पर ही प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच और साक्ष्य संरक्षण संभव होगा।

कार्यक्रम का संचालन DSP (मुख्यालय) राजेश कुमार झा ने किया। इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी, अभियोजन अधिकारी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

डायल-112 टीम नवागढ़ बनी फरिश्ता, फंदे से उतारकर बचाई 27 वर्षीय युवक की जान

बेमेतरा /23 मई 2026

घटना नवागढ़ की है, जहां कभी-कभी कुछ पल ही जिंदगी और मौत के बीच का फासला तय करते हैं — और ऐसे ही एक नाजुक पल में बेमेतरा जिले की डायल-112 टीम नवागढ़ समय रहते फरिश्ता बनकर पहुँची और एक युवक को मौत के मुँह से वापस खींच लाई।

घटना नवागढ़ के तिलका पारा क्षेत्र की है। डायल-112 टीम को पारिवारिक विवाद की सूचना मिलते ही जवान तत्काल मौके पर पहुँचे। वहाँ पहुँचते ही एक महिला घर से बाहर चीखते हुए निकली कि उसका बेटा फाँसी लगा रहा है। स्थिति की गंभीरता भाँपते हुए आरक्षक विजय कुमार घृतलहरे और चालक रविशंकर साहू बिना एक पल गँवाए घर के अंदर दौड़ पड़े।

अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था — लगभग 27 वर्षीय एक युवक पंखे में पर्दे का फंदा बनाकर झूल रहा था। जवानों ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए युवक को नीचे उतारा और डायल-112 वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ पहुँचाया, जहाँ उसका उपचार किया गया।

इस सराहनीय कार्य पर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू (IPS) ने पूरी टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस विभाग में सेवा करना गर्व और जिम्मेदारी दोनों है। जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने भी टीम को शुभकामनाएँ दीं।

बेमेतरा पुलिस की अपील है — किसी भी आपात स्थिति में बिना संकोच 112 डायल करें। हम हर पल आपकी सेवा में तत्पर हैं।

श्री लक्ष्मीनारायण पुरुषोत्तम महायज्ञ —राम चरितमानस की पावन कथा से ग्राम बोधाईकुंडा बना अयोध्या धाम

कबीरधाम /23 मई 2026 /पवन तिवारी

जब किसी गाँव की गली-गली में दीपक जलें, घर-घर के दरवाजों पर कलश सजें और हवाओं में मंत्रोच्चार की गूँज हो — तो समझ लीजिए, वहाँ भगवान स्वयं विराजमान हैं। ऐसा ही अलौकिक दृश्य इन दिनों कबीरधाम जिले के ग्राम बोधाईकुंडा में देखने को मिल रहा है, जहाँ श्री लक्ष्मीनारायण पुरुषोत्तम महायज्ञ का भव्य आयोजन सम्पन्न हो रहा है।

प्रातःकाल से ही गूँजते हैं मंत्र
पंडित अरुण शर्मा के कुशल संयोजन में आयोजित इस महायज्ञ में प्रतिदिन प्रातःकाल यज्ञनारायण भगवान की भँवरी और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ परिक्रमा की जाती है। यज्ञ की पावन अग्नि में आहुतियाँ देते श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है।

कथा सुनने उमड़ रही है भीड़
दोपहर 3 बजे से श्री राम चरितमानस की कथा का अमृतपान कराया जा रहा है। चित्रकूट धाम की सुप्रसिद्ध कथावाचक सुश्री विद्या दुबे अपनी मधुर वाणी, भजनों और गीतों से श्रोताओं को भावविभोर कर रही हैं। प्रचंड गर्मी के बावजूद ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों की उमड़ती भीड़ इस आयोजन की लोकप्रियता और जनआस्था का जीवंत प्रमाण है।

संध्या में बदल जाता है गाँव का रूप
संध्या आरती-वंदन के पश्चात ग्राम बोधाईकुंडा का दृश्य मनमोहक हो उठता है — हर घर के दरवाजे पर लोटे के कलश पर दीपक टिमटिमाते हैं। दीपों की इस माला को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो साक्षात अयोध्या धाम उतर आया हो इस गाँव में।

रात को राम लीला का भव्य मंचन
धार्मिक उत्सव को और रंगीन बनाने के लिए आयोजक परिवार द्वारा प्रतिरात्रि 8 बजे से राम लीला का भी भव्य मंचन किया जा रहा है। आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस लीला का आनंद लेने पहुँच रहे हैं।

ग्राम बोधाईकुंडा का यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को एकता, श्रद्धा और संस्कृति के सूत्र में पिरोने का एक पावन प्रयास है।

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो का भारत दौरा: द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश

नई दिल्ली, 23 मई 2026

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार को भारत की चार दिवसीय यात्रा पर पहुँचे। कोलकाता में उनके आगमन पर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने उनका औपचारिक स्वागत किया।

इस यात्रा को ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल की सबसे अहम कूटनीतिक पहलों में से एक माना जा रहा है। रुबियो आज दोपहर नई दिल्ली पहुँचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।

24 मई (रविवार)को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें व्यापार, रक्षा और तकनीकी सहयोग के मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी। इसी शाम अमेरिकी दूतावास में स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी रुबियो शिरकत करेंगे।

25 मई (सोमवार) को उनका कार्यक्रम देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा रहेगा। सुबह वे आगरा में एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगे, जबकि दोपहर में जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

यात्रा के अंतिम दिन 26 मई (मंगलवार) को हैदराबाद हाउस में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा, जिसके पश्चात रुबियो स्वदेश रवाना हो जाएंगे।

इस पूरी यात्रा में व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा सहयोग, ऊर्जा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे विषयों पर भारत-अमेरिका के बीच नई साझेदारी को मजबूत करने की कोशिश होगी।