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Sunday, November 1, 2026
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नीट यूजी परीक्षा मामले में अब तक क्या-क्या हुआ? जानिए बड़े खुलासे और कार्रवाई

डिजिटल डेस्क | 23 मई 2026

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ या कहे सिस्टम की घोर लापरवाही जिस कारण देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 इस समय बड़े विवादों में घिरी हुई है। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंच चुकी है और लगातार नए खुलासे हो रहे हैं।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया। एजेंसी का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका के चलते यह फैसला लिया गया। केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा से पहले सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कथित प्रश्नपत्र वायरल हुआ था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वायरल “गेस पेपर” के 100 से ज्यादा सवाल असली परीक्षा से मेल खाते थे।

अब तक इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। हाल ही में पुणे की एक महिला लेक्चरर और स्कूल हेडमिस्ट्रेस को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वही फिजिक्स पेपर लीक की मुख्य कड़ी हो सकती हैं। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 11 तक पहुंच गई है।

जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्थान के सीकर समेत कई राज्यों में एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ अभिभावकों ने लाखों रुपये देकर कथित लीक पेपर हासिल करने की कोशिश की।

विवाद बढ़ने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NTA में बड़े सुधारों और “फूलप्रूफ” दोबारा परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं कई छात्र संगठनों और मेडिकल संस्थाओं ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग उठाई है।

इस पूरे विवाद के कारण करीब 22 लाख से ज्यादा छात्रों का भविष्य फिलहाल अनिश्चितता में है। छात्र अब नई परीक्षा तिथि और आगे की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।खबर मीडिया सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित।

CJP ” का बढ़ता क्रेज:-सोशल मीडिया से निकलकर अब टी-शर्ट, बैग और मोबाइल कवर तक पहुंचा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’

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डिजिटल मीडिया | 23 मई 2026 | वायरल ट्रेंड


सोशल मीडिया पर मजाक और मीम्स से शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अब इंटरनेट की सीमाएं तोड़कर मेनस्ट्रीम मीडिया तक पहुंच गई है। इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर वायरल होने के बाद अब बड़े-बड़े न्यूज चैनल और चर्चित पत्रकार भी इस ट्रेंड को अपने शो और डिबेट में जगह देने लगे हैं।

अब कल ही मैं दुकान में बैठा था ।चर्चा में मशगूल थे की कॉकरोच पार्टी कैसे एक इतना जबरदस्त ट्रेंड पर आ गया है ,तो हम चर्चा कर ही रहे थे कि एक युवा जो 16 ,,17 साल का रहा होगा उसने तपाक से कहा की 16 मिलियन फॉलोअर हो गए हैं।

युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे इस ट्रेंड ने ऐसा माहौल बनाया है कि अब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सिर्फ एक मीम नहीं, बल्कि इंटरनेट कल्चर का हिस्सा बन चुकी है। सोशल मीडिया पर इसके मीम्स, वीडियो और पोस्ट लाखों बार शेयर किए जा रहे हैं। वहीं अब टी-शर्ट, हैंडबैग और मोबाइल कवर तक पर कॉकरोच प्रिंट दिखाई देने लगा है।

इंटरनेट पर वायरल इस ट्रेंड को लेकर कई डिजिटल प्लेटफॉर्म और न्यूज पोर्टल लगातार खबरें चला रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही है और कुछ ही दिनों में इसके सोशल मीडिया फॉलोअर्स लाखों में पहुंच गए।

सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि “कॉकरोच हर परिस्थिति में जिंदा रहने वाला जीव है”, इसी प्रतीक को लेकर इसे मजाकिया अंदाज में “जनता पार्टी” का रूप दिया गया। देखते ही देखते यह ट्रेंड इतना बड़ा बन गया कि अब बड़े न्यूज चैनलों पर भी इसकी चर्चा होने लगी है। लोग मजाक में खुद को “कॉकरोच जनता पार्टी का कार्यकर्ता” तक बताने लगे हैं।

युवा रील्स और पोस्ट में कॉकरोच प्रिंट वाली टी-शर्ट पहनकर वीडियो बना रहे हैं। कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ थीम वाले मर्चेंडाइज भी बिकने लगे हैं। यही वजह है कि इंटरनेट पर शुरू हुआ यह फनी ट्रेंड अब डिजिटल पॉप-कल्चर का नया चेहरा बनता दिखाई दे रहा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि आज के दौर में सोशल मीडिया पर हल्के-फुल्के, व्यंग्यात्मक और अलग तरह के कंटेंट तेजी से वायरल होते हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ भी उसी डिजिटल दौर का उदाहरण बन गई है, जहां एक मीम कुछ ही दिनों में राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन जाता है।

सहकार से समृद्धि रायपुर में क्षेत्रीय कार्यशाला:- सहकारिता से महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता पर जोर

रायपुर 22 मई 2026

रायपुर में आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला में “2 लाख नए एम-पैक्स, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों का गठन एवं सुदृढ़ीकरण” तथा “विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना” की प्रगति की समीक्षा की गई। कार्यशाला में बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नाबार्ड, एफसीआई, नेफेड, एनसीसीएफ और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सहकार से समृद्धि” के मंत्र के माध्यम से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के विज़न तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी के
नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय आधुनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी-
सक्षम प्रणालियों एवं किसान-केंद्रित पहलों के माध्यम से देशभर में 
सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।


छत्तीसगढ़ में आयोजित कार्यशाला में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि डेयरी सहकारी समितियाँ महिलाओं को गृहिणी से उद्यमी बनाने का माध्यम बन रही हैं। सहकारी संस्थाओं से जुड़ने पर महिलाओं को संगठित बाजार, वित्तीय समावेशन, रोजगार और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी के अवसर मिल रहे हैं।

सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि सहकारी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और “व्हाइट रेवोल्यूशन 2.0” पूर्वी एवं मध्य भारत में समृद्धि के नए अवसर पैदा करेगा।

उन्होंने कहा कि डेयरी सहकारी आंदोलन ने गुजरात जैसे राज्यों में महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।इससे ग्रामीण वित्तीय व्यवस्था मजबूत होने के साथ महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता भी बढ़ रही है।

बैठक में सहकारिता के माध्यम से डेयरी, मत्स्य पालन, अन्न भंडारण, बायोगैस, सोलर रूफटॉप, गोबरधन योजना तथा डेयरी वैल्यू एडिशन जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

वक्ताओं ने “सहकारिता में सहकार” की भावना को मजबूत करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर समन्वय और राज्यों के बीच अनुभव साझा करने पर बल दिया।

छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना ने कार्यशाला के आयोजन हेतु आभार व्यक्त करते हुए राज्य में सहकारी क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी।

त्रिस्तरीय पंचायत उप‑निर्वाचन 2026 — 17 पंच निर्विरोध, 01 जून को चार पदों पर मतदान

बेमेतरा, 22 मई 2026:-

बेमेतरा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 अंतर्गत नाम वापसी की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कुल 17 पंच निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। वहीं अब जिले के तीन विकासखंडों में एक जनपद सदस्य एवं चार पंच पदों के लिए 01 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा। इसके अलावा नामांकन प्राप्त नहीं होने के कारण सरपंच के दो पद रिक्त रहेंगे।

जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड बेरला में जनपद सदस्य निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 07 के लिए कुल 04 अभ्यर्थी मैदान में हैं। यह निर्वाचन क्षेत्र ग्राम पंचायत पतोरा, रेवे, भरचट्टी एवं सिलघट-प अंतर्गत कुल 12 मतदान केंद्रों को शामिल करता है, जहां 01 जून को मतदान होगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत कोदवा के वार्ड क्रमांक 04 में पंच पद हेतु 02 अभ्यर्थी शेष हैं।

विकासखंड बेरला अंतर्गत ग्राम पंचायत भरदा के वार्ड क्रमांक 03 एवं 10, ग्राम पंचायत कंडरका के वार्ड क्रमांक 08 तथा ग्राम पंचायत बावनलाख के वार्ड क्रमांक 09 में पंच पद पर अभ्यर्थी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

विकासखंड बेमेतरा में ग्राम पंचायत बंधी के वार्ड क्रमांक 05 में पंच पद हेतु 02 अभ्यर्थी तथा ग्राम पंचायत बेतर के वार्ड क्रमांक 08 में 03 अभ्यर्थी मैदान में हैं। वहीं ग्राम पंचायत पथर्रा के वार्ड क्रमांक 04, 06, 07, 09, 10, 11 एवं 13, ग्राम पंचायत भोइनाभाठा के वार्ड क्रमांक 04, ग्राम पंचायत रामपुर के वार्ड क्रमांक 07 तथा ग्राम पंचायत डुडां के वार्ड क्रमांक 04 में पंच निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं।

विकासखंड साजा अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरावनगर के वार्ड क्रमांक 03 में पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जबकि ग्राम पंचायत सोमईखुर्द के वार्ड क्रमांक 01 में 02 अभ्यर्थी होने के कारण मतदान कराया जाएगा। इसी प्रकार विकासखंड नवागढ़ में ग्राम पंचायत मुरता के वार्ड क्रमांक 15 तथा ग्राम पंचायत अतरगंवा के वार्ड क्रमांक 10 में पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार नवागढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत बोटेबोड़ तथा बेरला विकासखंड की ग्राम पंचायत सुरहोली में सरपंच पद हेतु कोई नामांकन प्राप्त नहीं हुआ। दोनों पंचायतों में सरपंच पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

इंटरनेट वायरल वार :- CJP की वॉर के सामने OJP की पलटवार

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CJP (कॉकरोच जनता पार्टी)के बाद OJP (ओगी जनता पार्टी)की एंट्री, इंटरनेट पर छिड़ी मजाकिया ‘पार्टी वॉर’।

वायरल डेस्क 22 मई 2026


कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) के इंटरनेट पर वायरल होने के बाद अब “ओगी जनता पार्टी” (OJP) भी चर्चा में है, जिसे CJP की आलोचना करने और उसके जवाब में बने एक व्यंग्यात्मक डिजिटल ट्रेंड के रूप में देखा जा रहा है। यह कोई पारंपरिक राजनीतिक खबर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर उभरी मीम-आधारित और सैटायर शैली की ऑनलाइन हलचल है।

CJP की सफलता इंटरनेट पर छाया

CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी सोशल मीडिया पर एक सटायर पेज है, जो भारत के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर व्यंग्य करता है। यह पेज ट्रोल और वीडियो के जरिए राजनेताओं के बयानों और फैसलों का मजाक उड़ाता है। CJP ने इंटरनेट पर जबरदस्त फॉलोइंग हासिल की थी, लेकिन बाद में इसका अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने तुरंत ‘Cockroach is Back‘ नाम से एक नया पेज शुरू कर दिया, जिसके भी लाखों फैन्स हैं। कुल मिलाकर, ऐसा नहीं लगता कि OJP आसानी से CJP के फैंस को तोड़ पाएगी।

क्या OJP अपने मकसद में कामयाब होगी

OJP ने अपने पेज पर बताया है कि उनका मुख्य मकसद हर तरह के कीड़ों (कॉकरोचों) को खत्म करना है। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरों वाला एक कोलाज भी शेयर किया है। साथ में तंज कसते हुए लिखा,
‘जिस मिट्टी के नौजवान तलवारों की धार पर बने हों, वो खुद को ‘कॉकरोच’ कहने में गर्व महसूस कर रहे हैं। यह असल में देश में बेरोजगारी का लक्षण है।’

CJP की वॉर और OJP की पलटवार

सोशल मीडिया पर व्यंग्य और ट्रोलिंग के जरिए चर्चा में आई CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है, और अब इसके जवाब में OJP यानी ओगी जनता पार्टी ने भी मैदान में उतरकर एक नई डिजिटल बहस छेड़ दी है।

CJP को भारत के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर कटाक्ष करने वाला सटायर पेज माना जा रहा है, जिसने ट्रोल, वीडियो और व्यंग्यात्मक पोस्ट के जरिए बड़ी संख्या में फॉलोअर्स जुटाए थे।

इसी बीच OJP ने अपने मकसद को “हर तरह के कीड़ों” को खत्म करने के रूप में पेश करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरों वाला कोलाज साझा किया और तंज कसते हुए CJP समर्थकों पर निशाना साधा।

इस पूरे घटनाक्रम ने इंटरनेट पर एक मजाकिया लेकिन तेज़ “वायरल डिजिटल वार” का रूप ले लिया है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे को व्यंग्य और तंज के जरिए चुनौती दे रहे हैं, हालांकि अभी तक CJP की पकड़ और फैनबेस ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 16 मई 2026 को उभरा एक भारतीय डिजिटल व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है, जो मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा बेरोजगार युवाओं की तुलना कथित तौर पर ‘कॉकरोच’ से किए जाने पर उपजे आक्रोश के विरोध में शुरू हुआ।

OJP” यह मीम-आधारित मंच युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, निराशा और व्यवस्था के प्रति असंतोष को व्यंग्य के माध्यम से सामने रखता है। इसका नाम लोकप्रिय कार्टून शो ‘ओगी एंड द कॉकरोचेस’ से प्रेरित है, जिसमें बिल्ली ओगी और कॉकरोचों के बीच हास्यपूर्ण टकराव दिखाया गया है। इसी तर्ज पर इंटरनेट पर अब ‘ओगी बनाम कॉकरोच’ के रूप में एक व्यंग्यात्मक डिजिटल जंग छिड़ गई है।

मीडिया पर चल रही ज्ञान पर आधारित
OJP ” यह नाम बचपन के लोकप्रिय कार्टून शो ‘ओगी एंड द कॉकरोचेस’ (Oggy and the Cockroaches) से प्रेरित है, जिसमें बिल्ली (ओगी) और कॉकरोचों के बीच की लड़ाई दिखाई जाती है। इसी तर्ज पर इंटरनेट पर अब ‘ओगी बनाम कॉकरोच’ की राजनीतिक जंग छिड़ गई है।

डिस्क्लेमर:यह सामग्री सोशल मीडिया पर प्रचलित व्यंग्यात्मक और मीम-आधारित जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचनात्मक है।


ज्ञानभारतम अभियान के तहत सरगुजा में मिलीं 140 वर्ष पुरानी तंत्र साधना की दुर्लभ पांडुलिपियां

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रायपुर, 21 मई 2026:

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से लगातार ऐतिहासिक और दुर्लभ पांडुलिपियां सामने आ रही हैं, जिससे प्रदेश की समृद्ध ज्ञान परंपरा के संरक्षण और डिजिटलीकरण को नई गति मिल रही है।

अम्बिकापुर के ब्रह्मपारा राममंदिर के पास रहने वाले पाण्डेय परिवार के पास तंत्र साधना से जुड़ी लगभग 140 वर्ष पुरानी चार दुर्लभ पांडुलिपियां सुरक्षित मिली हैं, जिनका अवलोकन सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा और उपायुक्त श्री आर.के. खूंटे ने उनके निवास पर पहुंचकर किया।

पांडुलिपि संरक्षक राकेश पाण्डेय ने बताया कि वनदुर्गा तंत्र साधना, भुजंग प्रपात, अथ बगलामुखी और वनदुर्गा अथर्वण रहस्य नामक ये पांडुलिपियां संवत् 1886 में उनके प्रपितामह स्वर्गीय चतुरा प्रसाद शर्मा द्वारा हस्तलिखित रूप में तैयार की गई थीं और परिवार द्वारा पीढ़ियों से सहेजकर रखी गई हैं।

संभागायुक्त श्री दुग्गा ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ज्ञानभारतम अभियान भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, लोक संस्कृति, पुरातात्त्विक धरोहरों और जनजातीय विरासत के संरक्षण का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रयास है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी सहायक है; उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रदेश में ऐसी पांडुलिपियों का मिलना ऐतिहासिक है और प्रशासन इनके वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, संरक्षण तथा डिजिटलीकरण की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है।

एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, जगदलपुर के सरगुजा प्रभारी अधिकारी श्री हरनेक सिंह ने इन पांडुलिपियों का तकनीकी दस्तावेजीकरण कर उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया, जबकि संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शारदा अग्रवाल ने जिले में चल रहे सर्वेक्षण कार्यों की प्रगति और भावी कार्ययोजना की जानकारी साझा की।

इन पांडुलिपियों की सुंदर हस्तलिपि, विशिष्ट संरचना और कलात्मक शैली तत्कालीन विद्वत्ता, साधना परंपरा और भारतीय ज्ञान संस्कृति के गौरवशाली अतीत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है।

कृषि विज्ञान केन्द्र, सुकमा कृषि संकल्प अभियान: 2026 से 6500+ किसानों ने पाया आधुनिक खेती और शासकीय योजना का लाभ —

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रायपुर, 22 मई 2026

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र, सुकमा के नेतृत्व में आयोजित “कृषि संकल्प अभियान 2026” के तहत 5 मई से 20 मई तक राज्य शासन, जिला प्रशासन, कृषि विभाग तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में जिले के तीनों विकासखंडों की 72 ग्राम पंचायतों में व्यापक जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अभियान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, जलवायु-अनुकूल खेती तथा शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर उनकी आय और उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना था।

अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने खरीफ फसल प्रबंधन, उन्नत बीज चयन, बीज उपचार, कीट व रोग नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संरक्षण, कृषि मशीनीकरण तथा जैविक व प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया और केंचुआ खाद निर्माण, नील हरित काई उत्पादन, हरी खाद, पोषण वाटिका व मृदा परीक्षण जैसी गतिविधियों की जानकारी दी गई ।

इसके साथ ही धान के अलावा अन्य खरीफ फसलों के अपनाने के लिए प्रेरित किया गया तथा मछलीपालन, पशु पालन और उद्यानिकी फसलों के माध्यम से अतिरिक्त आय के अवसरों पर विशेष जोर दिया गया।

इस अभियान कार्यक्रम के माध्यम से 6500 से अधिक किसानों ने तकनीकी प्रशिक्षण एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं—जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एग्रीस्टैक और मृदा स्वास्थ्य कार्ड—की जानकारी प्राप्त की और कृषि वैज्ञानिक एच एस तोमर के नेतृत्व में वैज्ञानिकों व किसानों के प्रतिदिन के संवाद से समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हुआ।

जानकारी कार्यक्रम के परिणामस्वरूप किसानों ने अभियान को उपयोगी बताया, आधुनिक व प्राकृतिक खेती अपनाने में रुचि दिखाई तथा शासन-प्रशासन की पहल की सराहना की।


राष्ट्र सर्वोपरि की सोच का संदेश: वीरता को नमन, राजीव गांधी को श्रद्धांजलि से प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाई लोकतांत्रिक मर्यादा

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डिजिटल डेस्क 22/05/2026
(दीपक पाण्डेय)

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो संदेशों ने देशवासियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। ये दोनों संदेश केवल औपचारिक पोस्ट नहीं थे, बल्कि उनमें राष्ट्र, संस्कृति, लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक मर्यादा के प्रति उनकी सोच स्पष्ट रूप से दिखाई दी। एक ओर उन्होंने मातृभूमि की महानता, साहस और बलिदान को नमन करते हुए संस्कृत का एक प्रेरणादायक सुभाषित साझा किया, वहीं दूसरी ओर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर लोकतांत्रिक सम्मान और राजनीतिक शिष्टाचार का परिचय दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में भारतभूमि को साधना, उपासना, साहस और शक्ति की पवित्र भूमि बताते हुए देश की प्राचीन संस्कृति और गौरवशाली विरासत का स्मरण कराया। उन्होंने संस्कृत के सुभाषित के माध्यम से कहा कि यही वह भूमि है, जहां पूर्वजों ने महान और कल्याणकारी कार्य किए तथा जहां अन्याय और अधर्म पर विजय प्राप्त की गई। प्रधानमंत्री ने कामना की कि यह पुण्यभूमि सदैव देशवासियों को सुख, समृद्धि और शक्ति प्रदान करती रहे।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया संस्कृत श्लोक केवल आध्यात्मिक संदेश नहीं था, बल्कि उसमें राष्ट्रभक्ति, आत्मगौरव और सांस्कृतिक चेतना का भाव भी झलकता है। इससे यह संदेश मिलता है कि भारत की शक्ति उसकी सभ्यता, संस्कृति और बलिदानी परंपराओं में निहित है।

इसी के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान भी प्रदर्शित किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संक्षिप्त लेकिन गरिमापूर्ण संदेश में राजीव गांधी को नमन किया। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्रियों के प्रति सम्मान व्यक्त करना भारतीय लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के इन दोनों संदेशों को देशहित, सांस्कृतिक गौरव और राजनीतिक परिपक्वता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। यही कारण है कि उनकी कार्यशैली और राष्ट्र प्रथम की भावना उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय बनाए हुए है।

“चिरायु” योजना से बेमेतरा के सैकड़ों बच्चों को मिला नया जीवन

हृदय रोग से ग्रसित 6 गंभीर रोगियों का राज्य से बाहर निःशुल्क इलाज।

बेमेतरा, 22 मई 2026

स्वास्थ्य विभाग जिला बेमेतरा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम “चिरायु” योजना के माध्यम से बेमेतरा जिले में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, बीमारियों की प्रारंभिक पहचान एवं निःशुल्क उपचार कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ अमृत लाल रोहलेडर के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री लता बंजारे के सक्रियता में सतत रूप से किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बेमेतरा ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में “4D”अर्थात जन्मजात दोष (Defects at Birth), बीमारी (Diseases), पोषण संबंधी कमियों (Deficiencies) और विकासात्मक समस्याओं एवं विकलांगता (Developmental Delays & Disabilities) की समय पर पहचान कर समुचित उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराना है।

जिले में 9 चिरायु दलों का संचालन सहायक जिला नोडल अधिकारी डॉ ऋषभ शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में बेमेतरा जिले में कुल 9 चिरायु दल प्रत्येक विकासखण्ड में दो एवं शहरी क्षेत्र में एक सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक दल में 1 पुरुष चिकित्सक, 1 महिला चिकित्सक, 1 फार्मासिस्ट तथा 1 ए.एन.एम. सम्मिलित हैं। इन प्रशिक्षित मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा प्रतिवर्ष जिले के 1300 शासकीय विद्यालयों के 1लाख 45 हजार विद्यार्थियों एवं 1200 आंगनबाड़ी केंद्रों के 61 हजार 311 बच्चों में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित कर बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है।

दो वर्षों में 163 बच्चों को मिला लाभ
चिरायु दलों द्वारा किए गए कार्यों का विवरण निम्नानुसार है:
क्र. बीमारी/जन्मजात दोष सत्र 2024-25 सत्र 2025-26
1 कटे-फटे होंठ एवं तालु 15 – 7
2 मुड़े हुए पैर 13 – 3
3 जन्मजात मोतियाबिंद 4 – 6
4 जन्मजात बधिरता 7 – 4
5 जन्मजात हृदय रोग 60 – 43
6 न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट – 1 कुल99_64

गंभीर रोगियों का राज्य से बाहर निःशुल्क इलाज
जटिल जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित कुल 06 बच्चों का इलाज राज्य शासन एवं राज्य नोडल एजेंसी के माध्यम से राशि स्वीकृत कराकर राज्य से बाहर के उच्च स्तरीय अस्पतालों में करवाया गया है।

प्रमुख सफल प्रकरण:
1. कमल वर्मा, उम्र 15 वर्ष, ग्राम मंजगांव, जटिल जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित था। बच्चे का इलाज अपोलो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल, चेन्नई में करवाया गया, जिसके लिए दो चरणों में लगभग 8 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
2. लक्ष्मी साहू, उम्र 14 वर्ष, ग्राम पेंड्रीतरई, जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित थी। बच्ची का सफल इलाज बालाजी हॉस्पिटल, रायपुर में करवाया गया।
3. चिरायु योजना के माध्यम से जन्मजात बधिरता के 3 बच्चों कंचन वर्मा निवासी – भैंसा (बेमेतरा), रिहान सिंह निवासी – दोहतरा (नवागढ़) और पांशुल शर्मा निवासी – सांकरा (बेरला) का कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक एम्स रायपुर में करवाया गया।
4. युभांश वर्मा, उम्र 4.5 माह, सुवरतला, जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित था। बच्चे का इलाज राज्य से बाहर करवाया गया, जिसके लिए 6.5 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत की गई।

सीएमएचओ बेमेतरा ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि उनके आसपास 0 से 18 वर्ष तक का कोई बच्चा जन्मजात रोग या विकृति से ग्रसित है तो वे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या चिरायु दल से संपर्क कर निःशुल्क जांच एवं उपचार का लाभ लें।

अवैध रेत परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की 4 वाहन जप्त

बेमेतरा – 21 मई 2026:-

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में 20 मई 2026 को खनिज विभाग की टीम ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान बिना किसी कागज-पत्र के रेत ले जा रहे 4 वाहनों को पकड़ा गया।

जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने हेतु कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में 20 मई 2026 को खनिज अमले द्वारा बेमेतरा क्षेत्र में विशेष जांच एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते हुए 04 वाहनों को पकड़ा गया।

खनिज विभाग की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों को जप्त कर थाना बेमेतरा की अभिरक्षा में सुरक्षार्थ खड़ा कराया है। जांच के दौरान वाहनों के पास वैध दस्तावेज एवं परिवहन संबंधी अनुमति नहीं पाई गई, जिसके चलते अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है।

खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित वाहन संचालकों के विरुद्ध खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23-ख के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण में कुल 1 लाख 22 हजार रुपये की अर्थदण्ड राशि निर्धारित कर प्रशमन की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण करने वालों के खिलाफ निरंतर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं शासन को राजस्व क्षति से बचाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है।

वाहन चालकों से अपील करते हुए खनिज विभाग ने कहा है — रेत या अन्य खनिज ले जाना है तो पहले वैध अनुमति और दस्तावेज लें, वरना सख्त कार्रवाई होगी।