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Friday, October 23, 2026
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Navratri Kanya Bhojan: नवरात्रि में घर पर करा रहे हैं कन्या पूजन? मां दुर्गा की कृपा के लिए इन 7 जरूरी नियमों का रखें ध्यान

Navratri Kanya Bhojan: नवरात्रि के दौरान देशभर में माता रानी की भक्ति का माहौल है। मंदिरों से लेकर घरों तक विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। इस पर्व में कन्या पूजन और भोज को खास महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी कन्याओं को देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि भक्त अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लेते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा के साथ किया गया यह अनुष्ठान घर में सुख-समृद्धि और शांति लाता है। यदि आप भी अपने घर में कन्या भोज कराने की तैयारी कर रहे हैं, तो पूजा से जुड़ी इन परंपराओं का ध्यान रख सकते हैं।

1. कन्याओं की संख्या का रखें ध्यान

परंपरा के अनुसार, कन्या पूजन में नौ बालिकाओं को आमंत्रित किया जाता है। इन्हें मां दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक माना जाता है। यदि नौ कन्याओं को एक साथ बुलाना संभव न हो, तो मान्यता के अनुसार तीन, पांच या सात कन्याओं को आमंत्रित करके भी पूजा की जा सकती है।

2. कन्याओं के साथ बालक को भी बुलाएं

कन्या पूजन में एक छोटे बालक को भोजन कराने की भी परंपरा है। उसे बटुक भैरव या लांगूरा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं में उसे भैरव स्वरूप से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से कई परिवार कन्याओं के साथ एक बालक को भी पूजन और भोज में शामिल करते हैं।

3. कन्याओं के पैर धोकर करें स्वागत

कन्याओं के घर पहुंचने पर उनका आदरपूर्वक स्वागत करें। परंपरा के अनुसार, सबसे पहले उनके पैर साफ पानी से धोए जाते हैं और फिर स्वच्छ कपड़े से पोंछे जाते हैं। इसके बाद उन्हें साफ आसन पर बैठाकर पूजा की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।

4. तिलक लगाकर चुनरी से करें सम्मान

कन्याओं के माथे पर रोली और अक्षत से तिलक लगाने की परंपरा है। कुछ परिवार उनके पैरों में आलता भी लगाते हैं। इसके बाद लाल चुनरी ओढ़ाकर या माथे पर बांधकर उनका सम्मान किया जाता है। इन रस्मों के जरिए कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर आदर दिया जाता है।

5. कन्या भोज में बनाएं पारंपरिक पकवान

कन्या भोजन के लिए हलवा, काले चने और पूड़ी का प्रसाद विशेष रूप से प्रचलित है। कई घरों में खीर भी बनाई जाती है। इसके अलावा बिना प्याज और लहसुन वाली आलू या छोले की सब्जी भी परोसी जा सकती है। भोजन बनाते समय साफ-सफाई और उसकी गुणवत्ता का ध्यान रखना जरूरी है।

6. भोजन के बाद दें दक्षिणा और उपहार

कन्याओं और बटुक को भोजन कराने के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा या छोटा उपहार दिया जा सकता है। इसके बाद उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेने की परंपरा भी कई परिवारों में निभाई जाती है। अंत में सभी को आदर के साथ विदा किया जाता है और अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण दिया जाता है।

7. कन्याओं को भोजन कराने से पहले देवी मां को लगाएं भोग

कन्या भोज शुरू करने से पहले तैयार किए गए पकवानों का भोग मां दुर्गा को लगाने की परंपरा है। इसके बाद कन्याओं और बटुक को भोजन परोसा जाता है। भक्त इस क्रम को पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।

श्रद्धा और सम्मान के साथ करें कन्या पूजन

नवरात्रि में कन्या पूजन केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि बालिकाओं के प्रति सम्मान और आदर व्यक्त करने का अवसर भी है। पूजा के दौरान उनकी सुविधा, स्वच्छता और सम्मान का विशेष ध्यान रखें। धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए प्रेमपूर्वक भोजन कराना इस आयोजन को और भी सार्थक बना सकता है।

Accident: शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं पर कहर बनकर टूटा धान से भरा ट्रक, 14 की मौत और 30 से अधिक घायल

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 मध्य प्रदेश :  ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों और आस्था के माहौल को मातम में बदल दिया। धान के बोरों से लदा एक बेकाबू ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा। हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का इलाज जयारोग्य अस्पताल सहित शहर के अन्य अस्पतालों में जारी है। घटना के बाद ट्रक चालक फरार हो गया।

चेकपोस्ट और बैरिकेड तोड़कर नीचे उतरा ट्रक

ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे हुआ। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता मंदिर की ओर जा रहे थे। छिनोर की तरफ से आने वाले मार्ग पर खड़ी ढलान है, जहां भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है।

इसी दौरान धान से भरा ट्रक वहां पहुंचा और पुलिस के बैरिकेड तोड़ते हुए अनियंत्रित होकर ढलान पर नीचे उतर गया। इसके बाद ट्रक मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया। रास्ते में मौजूद कई श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।

दीवार गिरने से बढ़ा हादसे का असर

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, ट्रक की टक्कर से मंदिर परिसर की दीवार भी गिर गई। इसकी चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। हादसे के बाद से चालक के फरार होने की बात सामने आई है।

नवरात्रि और अष्टमी-नवमी के चलते मंदिर में थी भारी भीड़

नवरात्रि के अवसर पर शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक थी। अष्टमी और नवमी के कारण दर्शन के लिए बड़ी तादाद में लोग पहुंच रहे थे। इसी भीड़ के बीच बेकाबू ट्रक के घुसने से हादसे ने गंभीर रूप ले लिया।

पीड़ित परिवार ने अस्पताल पहुंचाने में देरी का लगाया आरोप

हादसे के बाद एक पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि दुर्घटना करीब रात 2 बजे हुई, लेकिन घायल को सुबह 4 बजे अस्पताल ले जाया गया। इस आरोप के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। हादसे में मृतकों और घायलों की संख्या के साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

Kitchen Tips: किचन की सफाई के बाद भी आ रही है सड़न जैसी बदबू? डस्टबिन की दुर्गंध दूर करने के लिए आजमाएं ये 5 आसान तरीके

 Kitchen Tips: किचन साफ-सुथरा हो, खाना बन रहा हो और मसालों की खुशबू पूरे घर में फैली हो, लेकिन अचानक आने वाली सड़ी हुई गंध सारा माहौल बिगाड़ देती है। कई बार लोग इस परेशानी के लिए सिंक या नाली को जिम्मेदार मानते हैं, जबकि इसकी वजह किचन में रखा डस्टबिन भी हो सकता है। सब्जियों के छिलके, फलों के अवशेष और बचा हुआ खाना जमा होने से इसमें दुर्गंध पैदा होने लगती है। अच्छी बात यह है कि कुछ छोटी आदतों और आसान घरेलू उपायों से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

डस्टबिन की बदबू क्यों बनती है परेशानी?

गीले कचरे में मौजूद जैविक पदार्थ समय के साथ टूटने लगते हैं। गर्मी और नमी इस प्रक्रिया को तेज कर सकती हैं, जिससे डस्टबिन से अप्रिय गंध आने लगती है। यदि ढक्कन, तली और किनारों की नियमित सफाई न हो, तो वहां चिपके खाद्य अवशेष भी बदबू की वजह बन सकते हैं।

1. गीले और सूखे कचरे को रखें अलग

किचन में निकलने वाले सभी प्रकार के कचरे को एक ही डिब्बे में डालना परेशानी बढ़ा सकता है। सब्जियों के छिलके, फलों के टुकड़े और बचा हुआ खाना जल्दी खराब होने लगते हैं। इनके साथ कागज और दूसरे सूखे कचरे को मिलाने से सफाई करना भी मुश्किल हो सकता है।

इसलिए गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन का इस्तेमाल करें। गीले कचरे को नियमित रूप से बाहर निकालें। मांस और मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य अवशेषों को भी लंबे समय तक घर में जमा न रहने दें।

2. अखबार और बेकिंग सोडा से मिलेगी मदद

डस्टबिन में नया बैग डालने से पहले उसकी तली में अखबार की एक परत बिछा सकते हैं। इससे थोड़ा तरल रिसने पर उसे सोखने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, साफ और सूखे डस्टबिन में थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा रखने से कुछ दुर्गंध कम हो सकती है।

ध्यान रहे कि अखबार और बेकिंग सोडा डस्टबिन की धुलाई का विकल्प नहीं हैं। यदि कचरे का तरल नीचे जमा हो जाए, तो उसे तुरंत साफ करें और डिब्बे को पूरी तरह सुखाने के बाद ही दोबारा इस्तेमाल करें।

3. नींबू और संतरे के छिलकों का सही इस्तेमाल करें

नींबू और संतरे के छिलकों में प्राकृतिक सुगंध होती है, जो आसपास की गंध को कुछ समय के लिए कम महसूस करा सकती है। लेकिन इन छिलकों को लंबे समय तक डस्टबिन में छोड़ना ठीक नहीं है।

नमी के कारण छिलके भी सड़ने लगते हैं और खुद दुर्गंध पैदा कर सकते हैं। इसलिए इन्हें नियमित रूप से कचरे के साथ बाहर निकालें। किचन को ताजा रखने के लिए केवल खुशबू पर निर्भर रहने के बजाय डस्टबिन की सफाई पर ध्यान दें।

4. डस्टबिन को अंदर से धोना न भूलें

अक्सर लोग रोज कचरा बाहर निकाल देते हैं, लेकिन डस्टबिन को धोने की अनदेखी कर देते हैं। इसकी तली और दीवारों पर चिपके खाद्य अवशेष बदबू को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।

डस्टबिन को नियमित रूप से खाली करके पानी और लिक्विड डिश सोप से अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद उसे पूरी तरह सुखाएं और फिर नया बैग लगाएं। जरूरत के अनुसार सफाई अधिक बार करें, खासकर जब उसमें गीला कचरा ज्यादा जमा होता हो।

5. लौंग और कपूर की खुशबू से ज्यादा जरूरी है सफाई

लौंग में प्राकृतिक सुगंध होती है, लेकिन इसे डस्टबिन में रखने से दुर्गंध पैदा करने वाले कारण खत्म नहीं होते। इसी तरह कपूर भी गंदगी साफ करने या मक्खियों को दूर रखने का भरोसेमंद विकल्प नहीं है।

कपूर का इस्तेमाल करते समय सावधानी रखें और इसे कचरे, खाने-पीने की चीजों तथा बच्चों की पहुंच से दूर रखें। बदबू कम करने के लिए नियमित सफाई, गीले कचरे का सही निस्तारण और डस्टबिन को सूखा रखना ज्यादा प्रभावी उपाय हैं।

किचन को दुर्गंध से बचाने के लिए अपनाएं ये आदतें

  • गीले कचरे को लंबे समय तक डस्टबिन में जमा न होने दें।
  • बैग फटने या तरल रिसने पर तुरंत उसे बदलें।
  • डस्टबिन के ढक्कन, किनारों और तली को भी साफ करें।
  • धोने के बाद डिब्बे को पूरी तरह सुखाकर ही दोबारा इस्तेमाल करें।
  • सफाई के बावजूद बदबू बनी रहे, तो सिंक और नाली की भी जांच करें।

बदबू छिपाने के बजाय उसकी वजह दूर करें

किचन के डस्टबिन की दुर्गंध दूर रखने के लिए महंगे स्प्रे की जरूरत हमेशा नहीं होती। कचरे को अलग रखना, समय पर बाहर निकालना और डस्टबिन को नियमित रूप से धोना सबसे जरूरी कदम हैं। इन आसान आदतों को दिनचर्या में शामिल करके किचन को अधिक साफ और स्वच्छ रखा जा सकता है।

इस गांव में रावण दहन नहीं, होती है पूजा, दशहरे पर मनाया जाता है शोक, जानें 500 साल पुरानी परंपरा

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 देशभर में दशहरे का पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जगह-जगह रावण के पुतले जलाए जाते हैं और विजयादशमी का उत्सव मनाया जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक ऐसा गांव भी है, जहां दशहरे पर रावण का दहन करने के बजाय उनकी पूजा की जाती है। यहां के ग्रामीण इस दिन उत्सव के बजाय शोक मनाते हैं। इस अनोखी परंपरा के पीछे स्थानीय मान्यताएं और पीढ़ियों से चली आ रही आस्था जुड़ी हुई है।

विदिशा से करीब 29 किलोमीटर दूर है रावण गांव

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की नटेरन तहसील में स्थित इस गांव का नाम रावण गांव है। जिला मुख्यालय से लगभग 29 किलोमीटर दूर बसे इस गांव में रावण का एक प्राचीन मंदिर है। यहां पत्थर से बनी रावण की करीब 10 फीट लंबी लेटी हुई प्रतिमा स्थापित है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस प्रतिमा को लगभग 500 साल पुराना बताया जाता है।

दशहरे पर रावण दहन नहीं, होती है विधि-विधान से पूजा

देश के दूसरे हिस्सों में जहां दशहरे पर रावण के पुतले जलाए जाते हैं, वहीं रावण गांव में इस दिन अलग ही परंपरा देखने को मिलती है। यहां ग्रामीण रावण की पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर में आरती, हवन और भंडारे जैसे धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।स्थानीय लोग रावण को अपना इष्ट देवता मानते हैं। यही वजह है कि दशहरे पर रावण दहन की परंपरा में शामिल होने से वे परहेज करते हैं। उनके लिए यह दिन रावण के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर होता है।

शुभ कार्य से पहले लंकेश को दिया जाता है पहला निमंत्रण

रावण गांव की परंपराएं केवल दशहरे तक सीमित नहीं हैं। यहां शादी जैसे मांगलिक अवसरों पर भी रावण को विशेष महत्व दिया जाता है। ग्रामीणों की मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पहला निमंत्रण रावण को दिया जाना चाहिए।इस परंपरा को गांव के लोग अपनी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा मानते हैं। पीढ़ियों से चली आ रही इस मान्यता का आज भी पालन किया जाता है।

तालाब में गड़ी तलवार को चंद्रहास मानते हैं ग्रामीण

गांव के रावण मंदिर के पास स्थित एक तालाब में पत्थर की तलवार गड़ी हुई है। स्थानीय लोग इसे रावण की पौराणिक चंद्रहास तलवार से जोड़कर देखते हैं। उनके बीच रावण को विद्या और वीरता का प्रतीक मानने की परंपरा प्रचलित है।

आस्था और परंपरा से जुड़ी है रावण गांव की पहचान

रावण गांव की यह परंपरा दशहरे को लेकर प्रचलित मान्यताओं से अलग है। यहां रावण को केवल रामायण के एक पात्र के रूप में नहीं, बल्कि पूजनीय व्यक्तित्व के तौर पर देखा जाता है। यही कारण है कि विजयादशमी के दिन गांव में रावण दहन के बजाय पूजा-पाठ और शोक की परंपरा निभाई जाती है।यह अनोखी मान्यता दिखाती है कि भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में धार्मिक परंपराएं और लोक आस्थाएं किस तरह विविध रूपों में जीवित हैं।

रायपुर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 150 किलो मिठाई और 10 किलो पनीर नष्ट, चार दुकानों के लाइसेंस निलंबित

 रायपुर : खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर की गई जांच में लापरवाही उजागर हुई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने शहर के चार प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, जहां साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के सुरक्षित रखरखाव में गंभीर खामियां मिलीं। कार्रवाई के दौरान करीब 150 किलो मिठाई और 10 किलो पनीर नष्ट कराया गया। साथ ही, चारों प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर कम से कम तीन दिन तक दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

तेलीबांधा की तीन दुकानों समेत ढाबे पर कार्रवाई

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की यह कार्रवाई नियंत्रक दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में की गई। निरीक्षण के दौरान टीम ने तेलीबांधा स्थित न्यू जनता स्वीट्स, मां अंबे स्वीट्स और स्वीट हट एंड बेकरी के अलावा पचपेड़ी नाका स्थित रायपुर ढाबा की जांच की।

गंदगी और खाद्य सामग्री के रखरखाव में मिली खामियां

जांच के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों में स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन नहीं पाया गया। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने में भी लापरवाही सामने आई। इन खामियों को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही करीब 150 किलो मिठाई और 10 किलो पनीर नष्ट करवा दिया।

तीन दिन तक दुकानें बंद रखने के निर्देश

विभाग ने चारों प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इसके साथ ही कम से कम तीन दिन तक दुकानें बंद रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन कराना है।

छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए जरूरी आदेश, 31 अक्टूबर तक पूरे करने होंगे तनाव प्रबंधन और योग निद्रा के 2 कोर्स

 छत्तीसगढ़ :  शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के मुताबिक, सभी सरकारी कर्मचारियों को 31 अक्टूबर 2026 तक आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर दो निर्धारित पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। इस आदेश के दायरे में राजपत्रित और अराजपत्रित, दोनों श्रेणियों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।

तनाव प्रबंधन और योग निद्रा का प्रशिक्षण अनिवार्य

अक्टूबर महीने के लिए निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन और स्ट्रेस मैनेजमेंट थ्रू मेडिटेशन एंड योग निद्रा नाम के दो पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। इन दोनों कोर्स को मिशन कर्मयोगी के तहत संचालित किया जा रहा है।सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों को कार्यस्थल पर तनाव से निपटने के तरीके सिखाना, मानसिक एकाग्रता बढ़ाना और कामकाज के दौरान बेहतर संतुलन विकसित करने में मदद करना है।

सभी विभागों को जारी किए गए निर्देश

सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत संबंधित अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का निर्धारित समयसीमा में प्रशिक्षण पूरा कराना सुनिश्चित करना होगा।

कार्यकुशलता बढ़ाने पर जोर

मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता में सुधार करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को तनाव प्रबंधन, ध्यान और योग निद्रा से जुड़ी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।सरकारी निर्देश के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को 31 अक्टूबर 2026 तक दोनों पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे।

आज मां कालरात्रि की पूजा का विशेष दिन, जानें सप्तमी तिथि का शुभ मुहूर्त और आज के पंचांग की खास बातें

 पंचांग : आज 18 अक्टूबर, 2026 रविवार, के दिन आश्विन महीने की शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि है. इस तिथि पर भगवान सूर्य का शासन है. सभी तरह के शुभ काम के साथ विवाह आदि कार्यों के लिए यह तिथि अच्छी मानी जाती है.

18 अक्टूबर का पंचांग :

  1. विक्रम संवत : 2083
  2. मास : आश्विन
  3. पक्ष : शुक्ल पक्ष सप्तमी
  4. दिन : रविवार
  5. तिथि : शुक्ल पक्ष सप्तमी
  6. योग : सुकर्म
  7. नक्षत्र : पूर्वाषाढ़ा
  8. करण : वणिज
  9. चंद्र राशि : धनु
  10. सूर्य राशि : तुला
  11. सूर्योदय : 06:24:00 AM
  12. सूर्यास्त : 05:48:00 PM
  13. चंद्रोदय : 01:11 PM
  14. चंद्रास्त : 11:25 PM
  15. राहुकाल : 16:23 से 17:48
  16. यमगंड : 12:06 से 13:31

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा धनु राशि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र धनु राशि में 13:20 से लेकर 26:40 तक फैला है. इसके शासक ग्रह शुक्र है और देवता वरुण है. पूर्वाषाढ़ का मतलब होता है, विजय से पूर्व. इस नक्षत्र में किसी भी बड़े काम की तैयारी करना अच्छा रहता है. इस नक्षत्र में माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ रहता है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 16:23 से 17:48 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

आज का मीन राशिफल: मान-सम्मान में होगा इजाफा, सेहत रहेगी अच्छी, जानें दिनभर का हाल

मेष- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए नवें भाव में होगा. आज आपको अपने गुस्से पर काबू रखने की जरूरत है. क्रोध किसी भी काम या संबंध को बिगाड़ने का कारण बन सकता है. शरीर में स्फूर्ति का अभाव रहेगा. मानसिक अस्वस्थता की स्थिति में मन कोई काम करने के लिए प्रेरित नहीं होगा. किसी धार्मिक या मांगलिक प्रसंग में आपकी उपस्थिति रहेगी. तीर्थ यात्रा पर जाना हो सकता है. नौकरी या व्यवसाय के स्थान या घर पर किसी से मनमुटाव होगा.

वृषभ- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए आठवें भाव में होगा. काम में विलंब से सफलता मिलेगी. शारीरिक अस्वस्थता के कारण आप हताशा की भावना का अनुभव करेंगे. काम के बोझ से थकान और बेचैनी रहेगी. प्रवास में विघ्न आने की आशंका बनी रहेगी. आप नए काम शुरू न करें. खान-पान का ध्यान रखें. योग और ध्यान से आप मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं. प्रेम जीवन में अपने प्रिय से किसी बात पर मतभेद न हो, इसका ध्यान रखें.

मिथुन- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए सातवें भाव में होगा. आज का दिन आनंद-प्रमोद में गुजरेगा. शारीरिक और मानसिक रूप से आप खुशी का अनुभव करेंगे. मित्रों और परिजनों के साथ प्रवास या पर्यटन स्थल पर घूमने-फिरने का आनंद उठा सकेंगे. स्वादिष्ट भोजन का स्वाद ले सकेंगे. नए वस्त्रों की खरीदी भी होगी. वाहन सुख भी मिलेगा. आपके मान-सम्मान और लोकप्रियता में भी वृद्धि होने के संकेत हैं.

कर्क- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए छठे भाव में होगा. आज आपको सफलता और आनंद की प्राप्ति होगी. घरेलू वातावरण सुख और शांति वाला होगा. नौकरी में लाभ हो सकता है. आप विरोधियों को परास्त कर सकेंगे. आपके काम की कद्र होगी. मित्रों के साथ आनंद के पल बिता सकेंगे. जीवनसाथी के साथ आपके विचार मिलेंगे. आप घर की जरूरतों पर पैसा खर्च कर सकते हैं. प्रेम जीवन में संतुष्टि रहेगी. अपने प्रिय के साथ समय बिताना आपको अच्छा लगेगा.

सिंह- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पांचवें भाव में होगा. आज रचनात्मक और कला संबंधी काम के लिए दिन श्रेष्ठ है. आप लेखन, फोटोग्राफी, संगीत या नृत्य में रुचि ले सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को आज कोई नया काम मिल सकता है. व्यापार में भागीदार के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे. विद्यार्थी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे. स्नेहीजनों और मित्रों के साथ मुलाकात होगी. शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. मानसिक एकाग्रता के लिए अपने गुस्से पर संयम रखें.

कन्या- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए चौथे भाव में होगा. आज आपको विरोध का सामना करने के लिए तैयार रहना पड़ेगा. शारीरिक स्वास्थ्य कमजोर रहेगा. चिंता का बोझ रहने से मानसिक बेचैनी का अनुभव होगा. परिवार के सदस्यों के साथ विवाद हो सकता है. माता के स्वास्थ्य के संबंध में चिंता होगी. पढ़ाई के लिए अनुकूल समय नहीं है. स्थायी संपत्ति, वाहन से संबंधित समस्याएं हो सकती है. अनावश्यक रूप से कहीं धन खर्च हो सकता है.

तुला- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए तीसरे भाव में होगा. आपका दिन शुभ फलदायी होगा. परिजनों और भाई-बंधुओं के साथ अच्छे संबंध रहेंगे. जीवनसाथी के साथ घर की समस्या पर चर्चा होगी. किसी छोटे धार्मिक स्थल पर जाने का सफल आयोजन होगा. धन लाभ के योग हैं. विदेश से अच्छे समाचार मिलेंगे. यात्रा का आयोजन होगा. नए काम के लिए दिन शुभ है. शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे. पूंजी निवेशकों के लिए दिन अच्छा है. आज का दिन भाग्यवृद्धि का है. आप समय पर सभी काम कर पाएंगे.

वृश्चिक- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दूसरे भाव में होगा. आज परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. सगे-संबंधियों और मित्रों का आगमन होगा. स्वादिष्ट भोजन मिलेगा. धार्मिक काम के पीछे धन खर्च होगा. आभूषणों तथा सुगंधित पदार्थों की खरीदारी होगी. अपनी वाणी के प्रभाव से अन्य लोगों को मोहित कर सकेंगे. धन लाभ होगा. कुटुंबजनों के साथ सुखद चर्चा होगी. विद्यार्थियों को निश्चितरूप से सफलता मिलेगी. आज किसी नए काम की शुरुआत भी हो सकती है.

धनु- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पहले भाव में होगा. आज व्यापारियों को विशेष लाभ होगा. विदेश से जुड़े व्यापार में लाभ मिलेगा. घर पर कोई मांगलिक काम हो सकता है. स्नेहीजनों और मित्रों का मिलन आनंदित करेगा. आर्थिक लाभ होगा. जीवनसाथी से सुख और आनंद मिलेगा. समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी. सुरुचिपूर्ण भोजन मिलेगा. स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. कार्यस्थल पर आपके काम समय पर पूरे होंगे. विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा रहेगा. अपनी पढ़ाई पर फोकस कर सकेंगे.

मकर- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए बारहवें भाव में होगा. आज धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों में रुचि रहने से व्यस्तता रहेगी तथा खर्च भी होगा. कोर्ट-कचहरी से संबंधित काम आएंगे. व्यावसायिक काम में बाधा होगी. परिजनों के साथ विवाद हो सकता है. शारीरिक स्फूर्ति तथा मानसिक प्रसन्नता में कमी का अनुभव होगा. परिश्रम के अनुसार फल नहीं मिलने से निराशा का भी अनुभव होगा,हालांकि दोपहर बाद आपकी मानसिक स्थिति में परिवर्तन होगा.

कुंभ- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए ग्यारहवें भाव में होगा. आज आप नए काम की शुरुआत या उसकी योजना बना सकेंगे. नौकरी या व्यवसाय में लाभ की प्राप्ति होगी. मित्र आपकी प्रगति में सहायक होंगे. आर्थिक लाभ की दृष्टि से आज का दिन बहुत अच्छा रहेगा. रमणीय स्थलों पर जाने का मौका मिलेगा. समाज में ख्याति बढ़ेगी. संतान की प्रगति होगी. पत्नी तथा पुत्र से शुभ समाचार मिलेगा. अविवाहितों के रिश्ते की कहीं बात चल सकती है.

मीन- 18 अक्टूबर, 2026 रविवार के दिन धनु राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दसवें भाव में होगा. आपका दिन अत्यंत शुभ फलदायी है. आज आपके सभी कामों में सफलता मिलेगी. अधिकारियों की कृपादृष्टि के कारण प्रसन्नता भरा दिन रहेगा. व्यापारियों को व्यापार में सफलता मिलेगी. पिता तथा बड़े-बुजुर्गों से लाभ होगा. कुटुंब में आनंद का वातावरण रहेगा. आरोग्य अच्छा रहेगा. सरकार से लाभ होगा. मान-सम्मान में वृद्धि होगी. पदोन्नति के योग हैं. सांसारिक जीवन आनंदमयी रहेगा.

जांजगीर-चांपा की युवती ने नीदरलैंड के युवक से रचाई शादी, कलेक्ट्रेट में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मिला विवाह प्रमाण पत्र

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में भारत और नीदरलैंड के दो युवाओं का विवाह चर्चा का विषय बना हुआ है। पामगढ़ विकासखंड के भुईगांव की रहने वाली 25 वर्षीय युवती क्रिस्टीना नथेनियल ने नीदरलैंड के 32 वर्षीय युवक क्रिस्टियन एंड्रीयश वरबूम के साथ विवाह किया है। दोनों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर विवाह अधिकारी के समक्ष कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उन्हें विवाह प्रमाण पत्र भी जारी किया गया।

विदेश से आए युवक और छत्तीसगढ़ की युवती के इस विवाह के दौरान दोनों परिवारों के सदस्य मौजूद रहे। विवाह की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी के चेहरों पर खुशी नजर आई। जिले के एक छोटे से गांव की युवती और विदेशी युवक के इस रिश्ते ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है।

नीदरलैंड से छत्तीसगढ़ पहुंचा दूल्हा

इस विवाह की खास बात यह है कि दूल्हा नीदरलैंड का निवासी है, जबकि दुल्हन जांजगीर-चांपा जिले के भुईगांव की रहने वाली है। दोनों ने परिवार की सहमति और मौजूदगी में अपने रिश्ते को विवाह का रूप दिया। कलेक्ट्रेट में विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त करने के दौरान परिजन भी साथ रहे।

कौन हैं दूल्हा और दुल्हन?

विवाह प्रमाण पत्र में दर्ज जानकारी के मुताबिक, दूल्हे का नाम क्रिस्टियन एंड्रीयश वरबूम है। उनकी उम्र 32 वर्ष है और वे नीदरलैंड के निवासी हैं। उनके पिता का नाम विलेम डीर्क वरबूम बताया गया है।

वहीं, दुल्हन क्रिस्टीना नथेनियल 25 वर्ष की हैं। वह छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड स्थित भुईगांव की निवासी हैं। उनके पिता का नाम हनोल नथेनियल है।

कलेक्ट्रेट में तीन गवाहों की मौजूदगी में संपन्न हुआ विवाह

दोनों ने जांजगीर-चांपा जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में विवाह की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। विवाह अधिकारी प्रमोद गुप्ता के समक्ष तीन गवाहों की उपस्थिति में धारा 5 के तहत आवश्यक घोषणा की गई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद विवाह अधिकारी ने दोनों को प्रमाण पत्र जारी किया।

कलेक्ट्रेट परिसर में विवाह के दौरान ली गई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। इसके बाद यह विवाह जिले में चर्चा का विषय बन गया।

नीदरलैंड में नौकरी के दौरान हुई थी मुलाकात

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, क्रिस्टीना नथेनियल नौकरी के सिलसिले में नीदरलैंड में रह रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात क्रिस्टियन एंड्रीयश वरबूम से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो समय के साथ प्रेम संबंध में बदल गई।

एक-दूसरे को समझने और साथ जीवन बिताने का निर्णय लेने के बाद दोनों ने विवाह करने का फैसला किया। बताया गया है कि इस रिश्ते को परिवारों की सहमति भी मिली। इसके बाद दोनों ने छत्तीसगढ़ पहुंचकर विवाह की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।

भुईगांव की युवती और नीदरलैंड के युवक के इस विवाह ने एक बार फिर दिखाया कि अलग-अलग देशों और पृष्ठभूमियों से आने वाले लोग भी आपसी समझ और सहमति के आधार पर जीवनसाथी बनने का निर्णय ले सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भूकंप से कांपी धरती, 3.5 रही तीव्रता; सिंगरौली में भी महसूस हुए झटके

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर क्षेत्र में शनिवार सुबह भूकंप के हल्के झटके दर्ज किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई। इस प्राकृतिक हलचल का असर मध्यप्रदेश के सिंगरौली क्षेत्र में भी महसूस किया गया।

सुबह 4:36 बजे दर्ज हुई भूकंपीय गतिविधि

एजेंसी से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह 4 बजकर 36 मिनट 27 सेकंड पर भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र अंबिकापुर से करीब 140 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित था। भूकंप की तीव्रता कम होने के बावजूद क्षेत्र में आए इन झटकों को लेकर भूकंपीय गतिविधि दर्ज की गई है।

सिंगरौली तक महसूस हुआ कंपन

अंबिकापुर क्षेत्र में आए भूकंप के झटके मध्यप्रदेश के सिंगरौली में भी महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है। भूकंप की तीव्रता 3.5 दर्ज की गई है। घटना से संबंधित नुकसान या अन्य प्रभावों के बारे में फिलहाल कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।