डिजिटल डेस्क/नई दिल्ली _सौरभ पाण्डेय
भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) ने अपने राष्ट्रीय सांगठनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए श्रम और समाज को देखने के नजरिए में एक नई वैचारिक चेतना को स्थान दिया है। संगठन की राष्ट्रीय समिति ने दीपक पांडे को ‘राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी’ के पद पर नियुक्त किया है, जिनका उद्देश्य संगठन के मूल सिद्धांतों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।
राष्ट्र निर्माण में ‘अदृश्य श्रम’ की पहचान
संगठन का मानना है कि श्रम केवल कारखानों तक सीमित नहीं है। नवनियुक्त मीडिया प्रभारी दीपक पांडे के अनुसार, समाज का हर व्यक्ति जो अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभा रहा है, वह वास्तव में एक ‘मजदूर’ (श्रमसाधक) है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि ट्रेड यूनियन की सदस्यता से इतर, सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना ही सबसे बड़ा श्रम है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण: समाज और मानव शरीर का अंतर्संबंध
विज्ञप्ति में दीपक पांडे के उस विशेष दृष्टिकोण को प्रमुखता दी गई है जहाँ वह समाज की तुलना मानव रक्त से करते हैं। उनका कहना है:
“जिस प्रकार रक्त में मौजूद श्वेत और लाल कणिकाएं बिना थके शरीर की सुरक्षा और पोषण सुनिश्चित करती हैं, ठीक वैसे ही समाज का हर घटक एक-दूसरे का पूरक है। कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता, वह केवल समाज रूपी शरीर को जीवंत रखने के लिए किया गया सहयोग है।”
संगठन का संकल्प
BJMTUC के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेश शर्मा द्वारा की गई यह नियुक्ति इस बात का संकेत है कि संगठन अब संगठित और असंगठित क्षेत्रों के साथ-साथ बौद्धिक और वैचारिक स्तर पर भी ‘श्रम की गरिमा’ को स्थापित करेगा। इस नियुक्ति की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय श्रम मंत्रालय को भी साझा की गई है।
इस नियुक्ति की प्रतिलिपि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, भाजपा के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी और मुख्य श्रम आयुक्त को प्रेषित की गई है।
संगठन को विश्वास है कि दीपक पांडे के इस व्यापक दृष्टिकोण और संचार कौशल से भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल न केवल श्रमिकों के हितों की रक्षा करेगी, बल्कि समाज के हर वर्ग को ‘श्रम की गरिमा’ (Dignity of Labour) के सूत्र में पिरोने का कार्य भी करेगी। उनकी नियुक्ति पर देशभर के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हर्ष व्यक्त किया है।


