भरोसे का संकट:विश्वास और व्यवस्था के बीच उलझता छात्र आक्रोश
न्यूज-डेस्क /10 अगस्त 2026
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की गड़बड़ियों को लेकर सरकार और छात्रों के बीच चल रहा गतिरोध अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सरकार की तमाम कोशिशों और तीसरे दौर की लंबी मैराथन बैठकों के बाद भी समाधान न निकल पाना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासनिक व्यवस्था और युवाओं की उम्मीदों के बीच भरोसे का भारी संकट पैदा हो गया है। सरकार का यह दावा कि उसने छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली हैं, अपनी जगह एक सकारात्मक कदम हो सकता है, लेकिन सीबीआई जांच की जिद पर अड़े छात्रों का सड़क पर उतरना यह बताने के लिए काफी है कि जब तक न्याय का ढरारा पूरी तरह पारदर्शी नहीं दिखता, तब तक आधे-अधूरे समझौतों से बात बनने वाली नहीं है।
यह पूरा घटनाक्रम केवल एक परीक्षा या एक विभाग का मामला नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के भविष्य की छटपटाहट है जो अपनी मेहनत के बल पर मुकाम हासिल करना चाहते हैं। सरकार ने जेपीएससी (JPSC) में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए ईडी (ED) की सिफारिश करने, फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन और आईआईटी-आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल कर सुधार समिति बनाने जैसे बड़े और कड़े फैसले लिए हैं। जेपीएससी के तीन सदस्यों का इस्तीफा और सीआईडी के समन जैसी कार्रवाई इस बात का संकेत है कि आंच ऊपर तक पहुंच रही है। इसके बावजूद, जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा की सीबीआई जांच पर अटका पेंच दोनों पक्षों के बीच संवादहीनता को और गहरा कर रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह कहना बिल्कुल सही है कि समस्याओं का समाधान संवाद से होता है, लाठी-डंडों से नहीं, और युवाओं को न्याय दिलाया जाएगा। लेकिन संवाद तभी सार्थक होता है जब दोनों छोर के बीच अविश्वास की दीवारें गिरें। जब तक जांच एजेंसियों की निष्पक्षता को लेकर छात्रों के मन में संदेह रहेगा, तब तक हर प्रशासनिक कदम पर सवाल उठते रहेंगे।
आज जरूरत इस बात की है कि सरकार और छात्र दोनों ही जिद छोड़कर जमीनी और व्यावहारिक समाधान की ओर बढ़ें। युवाओं की ऊर्जा देश और राज्य की असली ताकत है, उसे सड़कों पर संघर्ष करने के बजाय यदि व्यवस्था को सुधारने में लगाया जाए, तो यह झारखंड के हित में सबसे बड़ा कदम होगा। सरकार को चाहिए कि वह छात्रों के हर जायज संदेह को पूरी पारदर्शिता के साथ दूर करे, ताकि राज्य का युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त हो सके।
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