बेमेतरा छत्तीसगढ़ 06/02/2026
छग सर्व ब्राह्मण समाज ने दी चेतावनी: “बर्दाश्त नहीं होगा अपमान”
बेमेतरा छत्तीसगढ़ से सर्व ब्राह्मण समाज ने इस फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उपप्रांताध्यक्ष लेखमणी पाण्डेय, जिलाध्यक्ष जितेंद्र शुक्ला और अन्य पदाधिकारियों (दीपक पाण्डेय, डॉ. शिवेन्द्र त्रिपाठी, डॉ. शिरिष शर्मा) ने संयुक्त बयान जारी कर फिल्म पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की है।
छग सर्व ब्राह्मण समाज के मुख्य बिंदु:
मौलिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग: अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी विशेष वर्ग को टारगेट करना गलत है।
जातिवादी भेदभाव: फिल्म के शीर्षक से समाज में वैमनस्य और भेदभाव बढ़ने की आशंका है।
सम्मान को ठेस: पंडित शब्द सदैव पूजनीय रहा है, उसे ‘घूसखोर’ विशेषण देना समाज का अपमान है।
ज्वाला का प्रश्न: क्या कुंठित मानसिकता से मिट जाएगा इतिहास?
फिल्म के बहाने ब्राह्मण समाज को निशाना बनाए जाने पर ज्वाला ने गहरा रोष व्यक्त किया। ज्वाला ने तीखे स्वर में पूछा, “ज्योतिपति जी, क्या कुछ लोग अपनी कुंठित मानसिकता के चलते देश के इतिहास की चूलें हिला देंगे? ईसा पूर्व से लेकर देश की आज़ादी तक जिस समाज का लहू और मेधा इस मिट्टी में मिली है, क्या उसे चंद फिल्मी दृश्य मिटा पाएंगे?”
ज्योतिपति का ऐतिहासिक प्रत्युत्तर: साक्ष्यों की कसौटी पर सच
ज्वाला के तमतमाते सवालों का जवाब देते हुए ज्योतिपति ने इतिहास के उन स्वर्णिम पृष्ठों को खोला, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के विमर्श से ओझल कर दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की रक्षा और शासन की बागडोर सदियों तक ब्राह्मण राजवंशों के हाथों में रही:
शुंग वंश (185-73 ईसा पूर्व): मौर्य साम्राज्य के बाद वैदिक संस्कृति के पुनरुत्थान का काल।
सातवाहन वंश (60 ई.पू. – 240 ईस्वी): दक्षिण पथ के स्वामी, जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं को भारत की सीमाओं से दूर रखा।
वाकाटक और कदंब वंश: कला, साहित्य और धर्म के संरक्षक।
सिंध का ब्राह्मण वंश (632-712 ईस्वी): महाराजा दाहिर जैसे योद्धा, जिन्होंने 600-700 ईस्वी तक विदेशी घुसपैठियों के सामने दीवार बनकर भारत को सुरक्षित रखा।
राष्ट्रीय स्तर पर विरोध जारी:
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका और FIR की मांग
फिल्म के टाइटल को जातिसूचक बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका कर्ताओं का तर्क है कि ‘पंडित’ शब्द को ‘भ्रष्टाचार’ और ‘रिश्वतखोरी’ जैसे नकारात्मक शब्दों के साथ जोड़ना समाज की गरिमा को कलंकित करने जैसा है। मांग की गई है कि फिल्म मेकर्स के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए।


