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Friday, June 5, 2026

बेमेतरा में खनिज माफिया पर प्रशासन का ‘वज्रपात’: टिपनी में मचा हड़कंप, 7 गाड़ियां ज़ब्त

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बेमेतरा:10/04/2026

बेमेतरा जिला वैसे तो खनिज माफियाओं का सुरक्षित अड्डा था जहां राजनैतिक संरक्षण में अवैध खनन होते रहा है। लेकिन अभी जिला प्रशासन सख्ती के मूड में है।जिले में अवैध उत्खनन का काला खेल लंबे समय से चल रहा था, लेकिन आज प्रशासन ने सूचना और शिकायत के आधार पर जो तेवर दिखाए, उसने माफियाओं के पसीने छुड़ा दिए। ग्राम टिपनी (थानखमरिया) की धरती आज उस वक्त गरज उठी जब खनिज विभाग की टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के मौके पर दबिश दी।

मौके का मंजर: भागने की भी नहीं मिली मोहलत
ग्रामीणों की उपस्थित पर जब प्रशासनिक टीम थानखमरिया के टिपनी क्षेत्र पहुँची, तो नज़ारा चौंकाने वाला था। हरे-भरे खेतों के बीच मिट्टी और मुरूम का सीना बेदर्दी से चीरा जा रहा था। जेसीबी के पंजे ज़मीन खोद रहे थे और हाईवा कतार में खड़े थे। जैसे ही प्रशासन की गाड़ियों का काफिला धूल उड़ाते हुए मौके पर पहुँचा, वहां अफरा-तफरी मच गई। चालक और गुर्गे भागने की फिराक में थे, लेकिन विभागीय टीम की घेराबंदी से उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया गया।

सिर्फ मुरूम ही नहीं, रेत और गिट्टी का भी खेल
जांच में खुलासा हुआ कि यह खेल सिर्फ एक जगह सीमित नहीं था। टीम ने न केवल अवैध मुरूम उत्खनन कर रही एक जेसीबी और दो हाईवा को ज़ब्त किया, बल्कि सड़कों पर दौड़ रहे उन ‘यमदूतों’ को भी रोका जो बिना रॉयल्टी पर्ची के रेत और गिट्टी ढो रहे थे। कार्रवाई का आलम यह था कि शाम होते-होते 7 भारी वाहनों को कानून के शिकंजे में कस लिया गया।

पंचों के सामने खुली पोल
आमतौर पर ऐसी कार्रवाइयों पर मिलीभगत के आरोप लगते हैं, लेकिन कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के सख्त निर्देश थे कि सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। गांव के पंचों और ग्रामीणों की मौजूदगी में नपाई हुई, पंचनामा बना और अवैध खुदाई के साक्ष्यों को कैमरे में कैद किया गया।

ग्रामीणों ने दबी जुबान में बताया कि यह अवैध कारोबार रातों-रात इलाके की शक्ल बदल रहा था।वहीं खनिज विभाग का कहना है,
“जिले में अवैध उत्खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई तो बस एक शुरुआत है, रडार पर कई और इलाके भी हैं।”

थाने में कतारबद्ध खड़ी ‘जब्त’ गाड़ियां
देर शाम तक बेमेतरा और थानखमरिया थाना परिसर ज़ब्त किए गए वाहनों से भर चुके थे। इन 7 गाड़ियों पर अब खनिज अधिनियम के तहत भारी जुर्माना और कानूनी गाज गिरना तय है।

अब देखना है कि ,
प्रशासन की यह कार्रवाई तो काबिल-ए-तारीफ है, लेकिन सवाल अब भी वही है—क्या यह दबिश केवल एक दिन की हेडलाइन बनेगी या खनिज माफियाओं की कमर सच में टूटेगी? फिलहाल, टिपनी की शांत हवाओं में आज प्रशासन के इकबाल की गूंज साफ़ सुनाई दे रही है।

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