🚔 आवारा मवेशियों से सड़कें होंगी मुक्त!
पशुपालक ध्यान दें, नियम तोड़े तो जुर्माना और कारावास का सामना करना पड़ेगा।
🐂➡️❌ अब खुले में मवेशी छोड़ना नहीं चलेगा!
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू, पशुपालकों पर कठोर कार्रवाई की तैयारी।
बिलासपुर, 31जुलाई 2025:(जनसंपर्क छग)
बिलासपुर जिले में अब सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर मवेशियों को खुला छोड़ना गंभीर अपराध माना जाएगा। जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 को लागू करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि पशुपालकों को अपने मवेशियों को बांधकर रखना अनिवार्य होगा।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
जिले में बीते कुछ महीनों से सड़कों पर आवारा पशुओं की वजह से लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही थीं। न केवल लोगों की जानें जा रही थीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं में भी बाधा उत्पन्न हो रही थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनहानि रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह कठोर निर्णय लिया है।
कौन से कानून लागू होंगे?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 291 के तहत मवेशियों को खुले में छोड़ने पर कार्रवाई होगी।
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1) के अंतर्गत भी पशुपालकों पर सख्त जुर्माना और सजा का प्रावधान रहेगा।
इन प्रावधानों के तहत पशुपालकों को न केवल जुर्माना भरना होगा बल्कि कठोर कारावास की सजा भी दी जा सकती है।
पशुपालकों की जिम्मेदारी तय
प्रशासन ने साफ कहा है कि हर पशु मालिक को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना होगा। सड़कों पर खुले में मवेशी घूमते पाए जाने पर सीधे पशुपालक की जिम्मेदारी तय होगी।
“जनता की जान और सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी,” प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा।
👉 जनता से अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे आवारा मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने की जानकारी तुरंत पुलिस या नगर निगम को दें, ताकि समय पर कार्रवाई हो सके और हादसों से बचा जा सके।
सड़क सुरक्षा पर सख्ती: बिलासपुर जिले में खुले में मवेशी छोड़ना अब दंडनीय अपराध, पशुपालकों पर कड़ी कार्रवाई होगी


