रायपुर – 01 अगस्त 2026
गुरु पूर्णिमा पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षकों का किया सम्मान, विद्यार्थियों को दिए संस्कार और धैर्य के मंत्र।
सांसद ने ज्ञान और शिक्षा के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि विषय पढ़ाना और जानकारी देना ज्ञान है, जबकि शिष्टाचार, बड़ों का आदर और सही-गलत की पहचान कराना वास्तविक शिक्षा है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों से आत्मीय संबंध बनाएं ताकि बच्चे अपनी समस्याएं खुलकर साझा कर सकें।
रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल शनिवार को भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ, जिला रायपुर द्वारा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ व सेवानिवृत्त शिक्षकों, युवा अध्यापकों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
अपने गुरुओं की उपस्थिति से भावुक हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि माता-पिता जीवन के पहले शिक्षक होते हैं और उसके बाद बच्चा अपना सर्वाधिक समय स्कूल में बिताता है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, उसका पूरा जीवन सीखने-सिखाने के लिए समर्पित होता है।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने धैर्य और सादगी अपनाने की सीख दी और दिखावे की होड़ से दूर रहने को कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि बीकॉम, बीएससी, बीबीए जैसी सामान्य पढ़ाई के लिए कर्ज लेकर बाहर जाने की आवश्यकता नहीं, जब यह सुविधा छत्तीसगढ़ में ही उपलब्ध है। विशेष कोर्सों के लिए ही बाहर जाने की सलाह दी।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू कांतिलाल जैन, ननि सभापति सूर्यकांत राठौर, अभिषेक अग्रवाल , जोन अध्यक्ष अंबर अग्रवाल, सचिन मेघानी समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।