सोशल मीडिया की चिंगारी, पथराव हुआ भारी -टीआई समेत कई पुलिसकर्मी घायल
बिलासपुर- 29 अगस्त 2026
बिलासपुर में सोशल मीडिया की चिंगारी से सड़क पर संग्राम: दो गुटों में पथराव।
शुक्रवार रात कहासुनी और गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद मारपीट और फिर जमकर ईंट-पत्थरबाजी में बदल गया। देखते ही देखते सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए।
सोशल मीडिया पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर को शुक्रवार देर रात हिंसा की आग में झोंक दिया। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज और मसानगंज इलाके में दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया।
कैसे भड़की हिंसा?
पुलिस के मुताबिक मामला सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट का नहीं है।
सोशल मीडिया पर कथित तौर पर हिंदू विरोधी और गाय को लेकर आपत्तिजनक कमेंट किया गया था। इसके साथ ही दोनों पक्षों में पहले से पुरानी रंजिश चली आ रही थी।
उपद्रवियों ने सिटी कोतवाली थाने के साथ-साथ आसपास के घरों और दुकानों में भी तोड़फोड़ की।
पुलिस पर भी हमला, आंसू गैस छोड़नी पड़ी
हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज करना पड़ा। जब भीड़ नहीं मानी तो आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
इस पथराव में तारबाहर थाना प्रभारी (TI) रवि तिवारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों और दोनों पक्षों के 3 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनीश सिंह देर रात तक सिटी कोतवाली में डटे रहे और खुद हालात का जायजा लिया।
एसएसपी रजनीश सिंह ने बताया – “दो लोगों में निजी विवाद हुआ, पुराने विवाद में एक व्यक्ति ने दूसरे को पत्थर मारा, जिसके बाद दोनों पक्षों ने अपने लोगों को बुला लिया और पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने तत्काल नियंत्रित किया।”
स्थिति को देखते हुए 300 से 400 जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। मुंगेली और जांजगीर-चांपा से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। पूरा इलाका छावनी में तब्दील है और संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग चल रही है।
प्रशासन की अपील और आगे की कार्रवाई
कलेक्टर और एसएसपी ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। कलेक्टर ने कहा – “बिलासपुर की पहचान आपसी भाईचारे और सौहार्द से है, इसे खराब करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
पुलिस ने साफ किया है कि उपद्रवियों की पहचान वीडियो फुटेज और CCTV से की जा रही है। एसएसपी ने चेतावनी दी है – “जो भी आरोपी होगा, सबकी गिरफ्तारी होगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।” साथ ही भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
— जनचौपाल_36 की टिप्पणी:
बिलासपुर की यह घटना बताती है कि कैसे सोशल मीडिया की एक छोटी सी टिप्पणी सड़क पर बड़ा बवाल बन जाती है। पुरानी रंजिश में सोशल मीडिया ने पेट्रोल का काम किया। जरूरत है कि युवा सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी समझें और प्रशासन भी ऐसे भड़काऊ कंटेंट पर तुरंत एक्शन ले।
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