बेटियों की सेहत को मिला सबसे बड़ा सुरक्षा कवच, 1.49 लाख किशोरियों को लगा एचपीवी टीका
रायपुर 03 अगस्त 2026
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसरों में शामिल है।
छत्तीसगढ़ में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।
केंद्र सरकार के एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत प्रदेश की 1.49 लाख से अधिक किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करने में प्रभावी माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार समय पर एचपीवी टीकाकरण और जागरूकता के माध्यम से इस बीमारी के अधिकांश मामलों को रोका जा सकता है।
इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रदेशभर में पात्र किशोरियों तक टीकाकरण पहुंचाने के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चला रहा है।
अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचकर किशोरियों तथा उनके अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर के जोखिम और टीकाकरण के लाभों की जानकारी दे रही हैं।
विभाग का लक्ष्य है कि पात्र आयु वर्ग की कोई भी किशोरी जानकारी के अभाव में इस जीवनरक्षक टीके से वंचित न रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है।
किशोरावस्था में लगाया गया एचपीवी टीका संक्रमण के खतरे को कम करता है और आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना भी काफी घटा देता है।
इसलिए इसे बीमारी के उपचार से अधिक प्रभावी बचाव का माध्यम माना जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे 14 वर्ष की पात्र आयु वर्ग की बेटियों का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं।
आज लगाया गया यह टीका भविष्य में गंभीर बीमारी से सुरक्षा का मजबूत आधार बन सकता है। पात्र बालिकाओं के लिए एचपीवी टीका प्रदेश के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों एवं निर्धारित टीकाकरण केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है।
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