किसान नेताओं और CJP की बैठक, साझा आंदोलन की रणनीति पर मंथन
न्यूज डेस्क 29 जुलाई 2026
शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं, युवाओं के रोजगार समस्याओं जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए थे। अब CJP इन विषयों के साथ किसानों के मुद्दों को भी अपने अभियान का हिस्सा बनाने की तैयारी में है।
राकेश टिकैत और आशुतोष रांका सहित अन्य नेताओं की मौजूदगी में किसानों, युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर हुई चर्चा।
किसान नेता राकेश टिकैत और बीजेपी के आशुतोष रांका के बीच हुई बैठक से कुछ राजनीतिक गठजोड़ का समीकरण बनने का कयास लगाए जा रहे हैं जैसे किसान युवा छात्र नवजवान की जुगलबंदी।
जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और किसान नेताओं के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के प्रमुख किसान नेता , CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका तथा दोनों संगठनों के अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए।
बैठक के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन सरकार की नीतियों को लेकर विपक्षी भूमिका निभाते हुए जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि किसानों, छात्रों और युवाओं से जुड़े विषयों पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा और विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
बैठक में मौजूद किसान नेताओं ने भी कृषि से जुड़े विषयों, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), खेती की लागत, किसानों की आय और ग्रामीण समस्याओं पर चर्चा की। वहीं CJP नेताओं ने युवाओं और छात्रों के सामने मौजूद चुनौतियों को साझा करते हुए संयुक्त जनआंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया।
मौजूदा मीडिया सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों ने भविष्य में संयुक्त कार्यक्रमों, जनसभाओं और आंदोलनों की संभावनाओं पर भी विचार किया।लेकिन किसान संगठनों और CJP के बीच समन्वय आगे भी जारी रहता है, तो आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार और कृषि से जुड़े मुद्दों पर साझा अभियान देखने को मिल सकता है।
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