हालिया खबर देखें तो दिल्ली में राजनीति, आंदोलन और भूख हड़ताल का पारा चढ़ा हुआ है।सबकी अपनी मांगे है और सभी अपने अटल इरादों पर अडिग दिख रहे हैं।
आंदोलनकारी संगठन और केंद्र सरकार के बीच बातचीत को लेकर गतिरोध अभी भी बना हुआ है। सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास या मंत्रालय में बैठक स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि बातचीत जंतर-मंतर या किसी निष्पक्ष स्थान पर ही होनी चाहिए।
इधर, जंतर-मंतर के आसपास बढ़ती भीड़ और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने गुरुवार को कनॉट प्लेस स्थित दुकानों, कार्यालयों और रेस्तरां को शाम 6:30 बजे तक बंद रखने की एडवाइजरी जारी की। एसोसिएशन ने बताया कि यह निर्णय नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) के अधिकारियों की सलाह पर लिया गया है।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को देशभर के सभी जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन ने छात्रों की विभिन्न मांगों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवाओं, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
सीजेपी ने कहा है कि सभी जिलों में स्थानीय प्रशासन से आवश्यक अनुमति लेकर प्रदर्शन किए जाएं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मांगों का सार्वजनिक रूप से वाचन किया जाएगा। संगठन के अनुसार, प्रदर्शन से संबंधित एसओपी, प्रचार सामग्री और ज्ञापन का प्रारूप उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और इसके खिलाफ सरकार और अधिक सख्त कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ी हैं, इसलिए दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों का एक शैक्षणिक वर्ष बचाना थी।
इसी उद्देश्य से कम समय में करीब 22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई और 19 जुलाई को परिणाम भी घोषित कर दिए गए। उन्होंने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि देशभर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। वांगचुक 28 जून से सीजेपी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में अनशन पर बैठे थे।