कम बारिश से कर्नाटक में सूखे के आसार, किसानों की चिंता बढ़ी; 20 जुलाई को आपात कैबिनेट बैठक
बेंगलुरु- 20 जुलाई 2026
कर्नाटक में इस बार कमजोर मॉनसून और सामान्य से कम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
राज्य के कई हिस्सों में वर्षा की भारी कमी के कारण सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 20 जुलाई को कैबिनेट की आपातकालीन बैठक बुलाई है।
बैठक में सूखे की स्थिति, किसानों की समस्याओं और राहत उपायों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष राज्य में सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
मॉनसून की देरी और कम बारिश का सीधा असर खरीफ फसलों, सिंचाई व्यवस्था और पेयजल उपलब्धता पर पड़ रहा है। कई जिलों में किसानों की बुवाई प्रभावित हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों से सूखे के कारण लोगों के पलायन की भी जानकारी सामने आई है।
सरकार सभी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जमीनी हालात की समीक्षा करेगी। बारिश के आंकड़ों और जिला प्रशासन से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराई जा सके।
राज्य सरकार ने फिलहाल सभी प्रमुख जलाशयों में उपलब्ध पानी को केवल पेयजल आवश्यकता के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सिंचाई के लिए पानी तभी छोड़ा जाएगा, जब बांधों में पर्याप्त जल उपलब्ध होगा।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सिंचाई के भरोसे बुवाई करने के बजाय वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को प्राथमिकता दें और जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई, तो खरीफ उत्पादन पर व्यापक असर पड़ सकता है और राज्य के कई जिलों में सूखे की आधिकारिक घोषणा की नौबत भी आ सकती है।
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