बड़ी सड़क दुर्घटना सुबह की सैर बन गई आखिरी सफर — तीन दोस्त गए, लौटे नहीं
जांजगीर-चांपा – 28 जून 2026
सड़कें जितनी चौड़ी होगी दुर्घटनाएं उतनी ही बढ़ेगी यह आज इस बात से सच साबित हो रहा है कि तीन दोस्त निकले थे सुबह की सैर करने वह उनका आखिरी सैर हो गया।आखिर रफ्तार पर नियंत्रण कैसे किया जाय जिससे सड़क दुर्घटना रोकी जा सके।
रोज की तरह रविवार सुबह साढ़े चार बजे तीन दोस्त घर से निकले। मकसद था सेहत — सुबह की ताजी हवा और कुछ कदम। लेकिन भारत-माला सड़क पर वो कदम जिंदगी के आखिरी कदम साबित हुए।
जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोंगरी स्थित भारतमाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर मॉर्निंग वॉक के लिए निकले तीन लोगों को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने कुचल दिया और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों की पहचान दलहरण दास वैष्णव 62 वर्ष, केदार बरेट 52 वर्ष और संतु यादव 70 वर्ष के रूप में हुई है। हादसा सुबह 5 से 6 बजे के बीच हुआ।
तीनों के शव सड़क पर 5 से 10 मीटर की दूरी पर बिखरे मिले। टक्कर की भीषणता ने इलाके को हिला कर रख दिया। वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा ने बताया कि अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और तीनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा गया।
आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
जानकारी के अनुसार दलहरण दास वैष्णव सेवा सहकारी समिति में शाखा प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त थे। केदार बरेट और संतु यादव किसान थे। तीनों पक्के दोस्त थे और रोज एक साथ मॉर्निंग वॉक पर जाते थे। उनकी एक साथ हुई मौत से डोंगरी और कोरबी गाँव में शोक की लहर है।
एक सवाल जो हर बार उठता है —
भारतमाला जैसी चौड़ी और आधुनिक सड़कें बनाई जाती हैं तेज रफ्तार के लिए। लेकिन उसी सड़क के किनारे पैदल चलने वालों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं। न फुटपाथ, न रोशनी, न स्पीड कैमरा।
सड़क बनी — इंसान की जान सस्ती हो गई।
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