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Monday, June 22, 2026

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस जिलाध्यक्षों का बढ़ा ‘पावर’ और राहुल गांधी का सीधा संवाद

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डिजिटल न्यूज/ कांग्रेस 22 जून 2026

खबर पर खबर एक नजर
न्यूज सोर्स (टीवी चैनल्स,सोशल मीडिया)

कांग्रेस ने अब रणनीति के तहत छत्तीसगढ़ के अभनपुर में 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।जिसमें राहुल गांधी ने साफ़ तौर पर जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों से कहा है कि वे संगठन की रीढ़ हैं और अब वे सीधे उनसे (राहुल गांधी से) संवाद कर सकते हैं। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अब संगठन में जिलाध्यक्षों का वजन और पावर काफी बढ़ने वाला है।

सिर्फ भाषण नहीं, गांवों में गुजारनी होगी रात (नया फॉर्मेट)
इस 10 दिवसीय (20 से 29 जून) आवासीय शिविर का फॉर्मेट इस बार एकदम अलग और जमीनी रखा गया है:
श्रमदान और फील्ड विजिट:
प्रशिक्षण ले रहे नेताओं को केवल लेक्चर नहीं सुनना है, बल्कि उन्हें फील्ड में जाकर ‘श्रमदान’ (स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा) करना होगा।
गांवों में रात्रि विश्राम:
नेताओं को जमीनी हकीकत समझने और लोगों से सीधे जुड़ने के लिए गांवों में एक रात बितानी होगी।

अंदर जाने को लेकर धक्का-मुक्की: गेट के बाहर फंसे रह गए चरणदास महंत
प्रशिक्षण शिविर को वैसे तो पूरी तरह ‘गोपनीय’ (closed-door) रखा गया था, लेकिन राहुल गांधी के आने की खबर पाकर पूरे प्रदेश से भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता अभनपुर पहुंच गए।

मुख्य गेट पर इतनी जबरदस्त भीड़ और धक्का-मुक्की हुई कि सुरक्षाकर्मियों को गेट बंद करना पड़ा।

इस गहमागहमी के बीच छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत काफी देर तक मुख्य गेट के बाहर ही फंसे रह गए। बाद में जानकारी मिलने पर सुरक्षाकर्मियों ने गेट खोलकर उन्हें अंदर लिया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

सड़क किनारे चाय-बिस्किट की चर्चा

अभनपुर में करीब 4 घंटे का सत्र पूरा करने के बाद जब राहुल गांधी वापस रायपुर एयरपोर्ट लौट रहे थे, तो उन्होंने रास्ते में सड़क किनारे एक आम चाय की दुकान (टपरी) पर अपनी गाड़ी रुकवाई। वहां उन्होंने छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, सचिन पायलट और भूपेश बघेल के साथ बैठकर चाय पी और बिस्किट शेयर किए, जिसकी तस्वीरें और वीडियो स्थानीय स्तर पर काफी वायरल हो रहे हैं।

NEET परीक्षा और राष्ट्रीय मुद्दों पर मंथन

शिविर में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने स्पष्ट किया कि संगठन और विचारधारा के साथ-साथ इस कैंप में NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ी और छात्रों के भविष्य जैसे ज्वलंत राष्ट्रीय मुद्दों पर भी जिला अध्यक्षों को ट्रेंड किया जा रहा है, ताकि वे जनता के बीच जाकर बीजेपी के नैरेटिव का आक्रामक जवाब दे सकें।
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